प्रयागराज के लालापुर थाना क्षेत्र स्थित घूरी गांव की निवासी अनीता देवी को उनकी बेटी, दामाद और देवरानी ने घर से बाहर निकाल दिया। रहने और खाने का सहारा छिन जाने के कारण अनीता देवी ने 21 मई 2026 को आत्महत्या करने का प्रयास किया। आत्महत्या के लिए जा रही अनीता देवी को रास्ते में भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के एक कार्यकर्ता से मदद मिली। कार्यकर्ता की सूचना पर किसान सेवक दीपक तिवारी ने महिला को लालापुर थाने पहुंचाया, जहां अनीता देवी ने अपनी बेटी, दामाद और देवरानी के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस जब महिला को उनके घर छोड़ने गई, तो बेटी ने आक्रामक रुख अपनाया। आरोप है कि उसने पुलिसकर्मियों को धक्का दिया और पत्थर उठाकर उन पर हमला करने की कोशिश की। इसके साथ ही बेटी ने अपनी मां को गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी भी दी। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी मौजूद बताया गया है। किसान सेवक दीपक तिवारी ने शासन-प्रशासन से इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने और साथ ही उन लोगों पर रोक लगाने की भी अपील की है, जो इस मामले को बेवजह तूल दे रहे हैं।
प्रयागराज के लालापुर थाना क्षेत्र स्थित घूरी गांव की निवासी अनीता देवी को उनकी बेटी, दामाद और देवरानी ने घर से बाहर निकाल दिया। रहने और खाने का सहारा छिन जाने के कारण अनीता देवी ने 21 मई 2026 को आत्महत्या करने का प्रयास किया। आत्महत्या के लिए जा रही अनीता देवी को रास्ते में भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के एक कार्यकर्ता से मदद मिली। कार्यकर्ता की सूचना पर किसान सेवक दीपक तिवारी ने महिला को लालापुर थाने पहुंचाया, जहां अनीता देवी ने अपनी बेटी, दामाद और देवरानी के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस जब महिला को उनके घर छोड़ने गई, तो बेटी ने आक्रामक रुख अपनाया। आरोप है कि उसने पुलिसकर्मियों को धक्का दिया और पत्थर उठाकर उन पर हमला करने की कोशिश की। इसके साथ ही बेटी ने अपनी मां को गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी भी दी। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी मौजूद बताया गया है। किसान सेवक दीपक तिवारी ने शासन-प्रशासन से इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने और साथ ही उन लोगों पर रोक लगाने की भी अपील की है, जो इस मामले को बेवजह तूल दे रहे हैं।
- प्रयागराज के लालापुर थाना क्षेत्र स्थित घूरी गांव की निवासी अनीता देवी को उनकी बेटी, दामाद और देवरानी ने घर से बाहर निकाल दिया। रहने और खाने का सहारा छिन जाने के कारण अनीता देवी ने 21 मई 2026 को आत्महत्या करने का प्रयास किया। आत्महत्या के लिए जा रही अनीता देवी को रास्ते में भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के एक कार्यकर्ता से मदद मिली। कार्यकर्ता की सूचना पर किसान सेवक दीपक तिवारी ने महिला को लालापुर थाने पहुंचाया, जहां अनीता देवी ने अपनी बेटी, दामाद और देवरानी के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस जब महिला को उनके घर छोड़ने गई, तो बेटी ने आक्रामक रुख अपनाया। आरोप है कि उसने पुलिसकर्मियों को धक्का दिया और पत्थर उठाकर उन पर हमला करने की कोशिश की। इसके साथ ही बेटी ने अपनी मां को गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी भी दी। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी मौजूद बताया गया है। किसान सेवक दीपक तिवारी ने शासन-प्रशासन से इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने और साथ ही उन लोगों पर रोक लगाने की भी अपील की है, जो इस मामले को बेवजह तूल दे रहे हैं।1
- प्रयागराज के जसरा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) से सामने आई तस्वीरों ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां सीएचसी की बाउंड्री के बाहर कबाड़ और कचरे के ढेर में सरकारी दवाइयां, जांच किट और अन्य चिकित्सा सामग्री बेतरतीब हालत में पड़ी मिलीं। रविवार को स्थानीय लोगों की नजर इस पर पड़ने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई, और इन तस्वीरों व वीडियो के सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने से सरकारी दावों की जमीनी हकीकत उजागर हुई। क्षेत्रीय लोगों का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन गरीब मरीजों के हक को लूट रहा है। उनका कहना है कि प्रदेश सरकार जहां गरीब और जरूरतमंद मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं जसरा सीएचसी में मरीजों को सरकारी दवाएं देने के बजाय बाहर मेडिकल स्टोर से महंगी दवाएं खरीदने पर मजबूर किया जाता है। इतना ही नहीं, अस्पताल में जांच सुविधाएं उपलब्ध होने के बावजूद मरीजों को निजी पैथोलॉजी सेंटरों पर भेजा जाता है। सूत्रों के अनुसार, शासन से मुफ्त इलाज और जांच के लिए भेजी गई दवाइयां व किट स्टोरों में पड़ी-पड़ी खराब हो जाती हैं और बाद में उन्हें चुपचाप फेंक दिया जाता है। आरोप यह भी है कि निजी मेडिकल स्टोर और पैथोलॉजी सेंटरों को फायदा पहुंचाने के लिए कमीशनखोरी का संगठित खेल चल रहा है, जिसके चलते गरीब मरीजों के नाम पर आने वाली सरकारी सुविधाएं कबाड़ में फेंकी जा रही हैं। इस पूरे प्रकरण ने स्वास्थ्य विभाग की पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे क्षेत्र में भारी आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि गरीब और असहाय मरीज इलाज के नाम पर आर्थिक शोषण झेलने को मजबूर हैं, जबकि सरकारी संसाधनों की खुलेआम बर्बादी की जा रही है। लोगों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी डॉक्टरों, कर्मचारियों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि समय रहते इस नेटवर्क पर कार्रवाई नहीं हुई तो सरकारी अस्पतालों पर जनता का भरोसा पूरी तरह टूट जाएगा। अब सबकी निगाहें स्वास्थ्य विभाग पर टिकी हैं कि वह इस गंभीर मामले में सख्त कदम उठाता है या फिर यह मामला भी अन्य शिकायतों की तरह कागजों और फाइलों में दबकर रह जाएगा।2
- रविवार को प्रयागराज जिले में भीषण गर्मी और तेज धूप का व्यापक असर देखा गया, जहाँ दोपहर के समय तापमान लगभग 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया। शहर से करीब 15 किलोमीटर दूर घूरपुर क्षेत्र समेत पूरे प्रयागराज में इस तीव्र गर्मी के कारण सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित रहा। तेज धूप और गर्म हवाओं के चलते दोपहर में सड़कें पूरी तरह सुनसान दिखीं, और लोग केवल आवश्यक कार्यों के लिए ही घरों से बाहर निकले। बाजारों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर भी सामान्य दिनों की तुलना में भीड़ काफी कम दर्ज की गई। गर्मी के बढ़ते प्रकोप के कारण लोगों को उमस और लू जैसी स्थितियों का सामना करना पड़ा। चिकित्सकों ने इस स्थिति के मद्देनजर लोगों को दोपहर के समय घरों से बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और धूप से अपना बचाव करने की विशेष सलाह दी है।1
- जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज द्वारा गोसंरक्षण और सनातन संस्कृति के संरक्षण को लेकर निकाली जा रही 81 दिवसीय जन जागरण यात्रा का सोमवार को प्रयागराज के मेजारोड में भव्य स्वागत किया गया। यात्रा के मेजारोड पहुंचने पर अभिषेक सिंह अंशु के आवास पर श्रद्धालुओं, संत समाज और क्षेत्रीय नागरिकों ने पूज्य स्वामी जी का जोरदार अभिनंदन किया। इस अवसर पर विधि-विधान से चरण पादुका पूजन एवं सम्मान समारोह का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति रही और पूरा वातावरण भक्ति एवं उत्साह से ओतप्रोत नजर आया। अपने संबोधन में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने भारतीय संस्कृति में गौ माता के विशेष महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गोसंरक्षण केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से भी अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि गोवंश ही गांवों की अर्थव्यवस्था, कृषि व्यवस्था और भारतीय परंपरा का आधार रहा है। स्वामी जी ने गौ संरक्षण के मुद्दे पर सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि जब गाय को माता माना जाता है, तो उसे केवल पशु के रूप में दर्ज करना उचित नहीं है, और गोवंश की उपेक्षा राष्ट्रहित के विरुद्ध है। उन्होंने लोगों से गौमाता के सम्मान और संरक्षण के लिए समाज को संगठित होकर आगे आने का आह्वान किया। शंकराचार्य ने अंशु सिंह को क्षेत्र में जनसहयोग जुटाने की जिम्मेदारी भी सौंपी, जिसमें हर घर से ₹1, ₹2 या ₹5 तक का सहयोग एकत्र कर गौ रक्षा के कार्य में लगाने की बात कही गई। उन्होंने बताया कि इस 81 दिवसीय जन जागरण यात्रा के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न जिलों, धार्मिक स्थलों, गोशालाओं और ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है, तथा जनसभाएं, धर्म सभाएं और जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित कर समाज को गोसंरक्षण के प्रति प्रेरित किया जा रहा है। कार्यक्रम के आयोजक अंशु सिंह ने कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य समाज को गोसंरक्षण के लिए जागरूक करना और सरकार का ध्यान इस महत्वपूर्ण मुद्दे की ओर आकर्षित करना है। इस दौरान भारी संख्या में लोग मौजूद रहे, जिनमें क्षेत्र के समाजसेवी दिलावर सिंह, पूर्व चेयरमैन सिरसा श्यामकृष्ण यादव उर्फ पप्पू समेत कई गणमान्य लोग शामिल थे। अन्य उपस्थित लोगों में लल्लन शुक्ला, देशराज सिंह, संदीप सिंह सीपू, दर्शन तिवारी, रामबाबू मिश्रा, महेश राज यादव, नीरज सिंह यादव, जितेन्द्र शर्मा, नियाज अहमद, विशाल पटेल, शिवाकांत द्विवेदी, राहुल पटेल, विनोद शर्मा, गोरे लाल, आशीष सिंह, संजू सिंह, अवधेश यादव, राजेश तिवारी, अमित तिवारी, सुरेश यादव सहित भारी संख्या में सपाई उपस्थित थे। अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों एवं श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया।1
- प्रयागराज जिले के मेजा क्षेत्र के अकोढा गांव कस्बे में स्थित प्रसिद्ध शिव मंदिर में बीती रात अज्ञात चोरों ने चोरी की वारदात को अंजाम दिया, जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया है। चोरों ने सुनसान मौके का फायदा उठाकर मंदिर परिसर के अंदर रखे दानपात्र और घंटा को निशाना बनाया। इस दौरान, उन्होंने प्याऊ के घड़े को भी तोड़ दिया और उसमें रखी नकदी लेकर फरार हो गए। सोमवार सुबह जब श्रद्धालु मंदिर पहुंचे तो उन्होंने मंदिर का घंटा टूटा हुआ देखा, जिससे मौके पर अफरातफरी मच गई। गांव के गुड्डू यादव महाकाल और उनके साथी छोटू इस मंदिर की देखरेख और व्यवस्था संभालते हैं। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोगों की भीड़ मंदिर परिसर में जमा हो गई। लोगों ने इस धार्मिक स्थल पर हुई चोरी को लेकर गहरी नाराजगी व्यक्त की और पुलिस से जल्द से जल्द मामले का खुलासा करने की मांग की। सूचना मिलने पर 112 पीआरबी की टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है।1
- प्रयागराज के जसरा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) से सामने आई तस्वीरों और वीडियो ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रदेश सरकार जहां गरीब मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं सीएचसी जसरा के परिसर के बाहर कबाड़ और कचरे के ढेर में सरकारी दवाइयां, जांच किट और चिकित्सा सामग्री बेतरतीब हालत में पड़ी मिलीं, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और सोशल मीडिया पर बवाल मच गया। रविवार को स्थानीय लोगों ने सीएचसी जसरा की बाउंड्री के बाहर दवाओं और मेडिकल सामग्री के ढेर को देखा तो वे दंग रह गए। आरोप है कि जिन दवाओं और जांच किटों को गरीब मरीजों तक पहुंचना चाहिए था, वे धूल और कचरे में सड़ती पाई गईं। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि अस्पताल में आने वाले मरीजों को सरकारी दवाइयां देने के बजाय बाहर महंगे मेडिकल स्टोर से दवाएं खरीदने को मजबूर किया जाता है, और जांच सुविधाएं होने के बावजूद निजी पैथोलॉजी सेंटरों पर भेजा जाता है। यह भी आरोप है कि मुफ्त इलाज और जांच के लिए भेजी गई दवाइयां व किट स्टोरों में पड़ी-पड़ी खराब हो जाती हैं और फिर चुपचाप फेंक दी जाती हैं, ताकि निजी मेडिकल स्टोर और पैथोलॉजी सेंटरों को फायदा पहुंचाने के लिए कमीशनखोरी का संगठित खेल चलता रहे। इस पूरे मामले से स्वास्थ्य विभाग की पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं। गरीब और असहाय मरीज आर्थिक शोषण झेलने को मजबूर हैं, जबकि सरकारी संसाधनों की खुलेआम बर्बादी की जा रही है। क्षेत्र में भारी आक्रोश व्याप्त है और लोगों ने पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी डॉक्टरों, कर्मचारियों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर कार्रवाई नहीं हुई तो सरकारी अस्पतालों पर जनता का भरोसा टूट जाएगा। अब सभी की निगाहें स्वास्थ्य विभाग पर टिकी हैं कि वह इस गंभीर मामले में क्या सख्त कदम उठाता है।1
- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के मेजा में स्थित प्रसिद्ध पहाड़ी महादेव मंदिर से जुड़ा एक मामला सामने आया है। मंदिर के संत ने कुछ लोगों द्वारा मंदिर की जमीन पर किए जा रहे कब्जे को लेकर अपनी बात कही है।1
- प्रयागराज के धूमनगंज थाना क्षेत्र स्थित कसारी-मसारी उप डाकघर को दूसरे डाकघर में विलय करने के फैसले पर स्थानीय जनता ने कड़ा विरोध शुरू कर दिया है। लगभग 5000 खाताधारकों ने मीडिया क्लब में एक प्रेस वार्ता आयोजित कर इस डाकघर के स्थानांतरण पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। खाताधारकों ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील की है कि कसारी-मसारी उप डाकघर को यथावत स्थिति में रखा जाए। उनकी मुख्य चिंता यह है कि इस डाकघर के अधिकांश खाताधारक बुजुर्ग, पेंशनधारी और वाकर के सहारे चलने वाली महिलाएं हैं, जिन्हें डाकघर के दूर स्थानांतरित होने से भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। लोगों ने बताया कि उन्होंने पहले सांसद, विधायक और अन्य अधिकारियों से भी गुहार लगाई थी, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। जनता ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे धरना-प्रदर्शन और अनशन जैसे विरोध-प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे।2