सीतापुर में दरोगा से 15 लाख की साइबर ठगी, 5 दिन तक रखा डिजिटल अरेस्ट में सीतापुर में साइबर अपराध का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां साइबर ठगों ने पीटीसी सीतापुर में तैनात दरोगा नारायण सिंह को ही अपना शिकार बना लिया। ठगों ने खुद को CBI और जांच एजेंसियों से जुड़ा अधिकारी बताकर उन्हें 20 फरवरी से 25 फरवरी तक डिजिटल अरेस्ट में रखा। ठगों ने दरोगा को यह कहकर डराया कि उनके खिलाफ पाकिस्तान के अफजल फौजी से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ है। इस डर का फायदा उठाकर ठगों ने उनसे दो बार में करीब 15 लाख रुपये RTGS के जरिए अपने खातों में ट्रांसफर करा लिए। पीड़ित दरोगा ने 7 मार्च को दिल्ली साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद मामला सीतापुर साइबर सेल को भेजा गया। जांच के दौरान साइबर टीम ने ठगों के खातों में ट्रांसफर की गई रकम में से 95 हजार रुपये पर होल्ड लगवा दिया है। पुलिस अब तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर साइबर ठगों की तलाश में जुटी हुई है।
सीतापुर में दरोगा से 15 लाख की साइबर ठगी, 5 दिन तक रखा डिजिटल अरेस्ट में सीतापुर में साइबर अपराध का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां साइबर ठगों ने पीटीसी सीतापुर में तैनात दरोगा नारायण सिंह को ही अपना शिकार बना लिया। ठगों ने खुद को CBI और जांच एजेंसियों से जुड़ा अधिकारी बताकर उन्हें 20 फरवरी से 25 फरवरी तक डिजिटल अरेस्ट में रखा। ठगों ने दरोगा को यह कहकर डराया कि उनके खिलाफ पाकिस्तान के अफजल फौजी से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ है। इस डर का फायदा उठाकर ठगों ने उनसे दो बार में करीब 15 लाख रुपये RTGS के जरिए अपने खातों में ट्रांसफर करा लिए। पीड़ित दरोगा ने 7 मार्च को दिल्ली साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद मामला सीतापुर साइबर सेल को भेजा गया। जांच के दौरान साइबर टीम ने ठगों के खातों में ट्रांसफर की गई रकम में से 95 हजार रुपये पर होल्ड लगवा दिया है। पुलिस अब तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर साइबर ठगों की तलाश में जुटी हुई है।
- सीतापुर में साइबर अपराध का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां साइबर ठगों ने पीटीसी सीतापुर में तैनात दरोगा नारायण सिंह को ही अपना शिकार बना लिया। ठगों ने खुद को CBI और जांच एजेंसियों से जुड़ा अधिकारी बताकर उन्हें 20 फरवरी से 25 फरवरी तक डिजिटल अरेस्ट में रखा। ठगों ने दरोगा को यह कहकर डराया कि उनके खिलाफ पाकिस्तान के अफजल फौजी से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ है। इस डर का फायदा उठाकर ठगों ने उनसे दो बार में करीब 15 लाख रुपये RTGS के जरिए अपने खातों में ट्रांसफर करा लिए। पीड़ित दरोगा ने 7 मार्च को दिल्ली साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद मामला सीतापुर साइबर सेल को भेजा गया। जांच के दौरान साइबर टीम ने ठगों के खातों में ट्रांसफर की गई रकम में से 95 हजार रुपये पर होल्ड लगवा दिया है। पुलिस अब तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर साइबर ठगों की तलाश में जुटी हुई है।1
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- अवैध रूप से रातों रात मिट्टी का खनन , खनन माफिया का छाया आतंक1
- बाराबंकी पुलिस ने बीएसएनएल कर्मियों की यूजर आइडी व पासवर्ड संचार आधार ऐप के माध्यम से फर्जी व धोखाधड़ी/कूटरचित दस्तावेजों के जरिये स्वैपिंग करके लोगों के वीआईपी नंबरों को ट्रेस व इनएक्टिव वीआईपी नंबरों को पुनः चालू कर सोशल मीडिया के माध्यम से ऊंचे दामों पर बेचने वाले 02 साइबर अपराधियों को साइबर थाना बाराबंकी पुलिस द्वारा गिरफ्तारी के सम्बन्ध में अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी, बाराबंकी की बाइट1
- बाराबंकी के फतेहपुर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम बरोलिया में खेत में बकरियां घुसने को लेकर हुए विवाद में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। धारदार हथियार और लाठी-डंडों से हुए हमले में घायल युवक को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, बरोलिया निवासी 45 वर्षीय सतीश वर्मा मंगलवार शाम अपने खेत में काम कर रहे थे। इसी दौरान गांव के कई बकरियां उनके खेत में लगी बांस की नर्सरी में घुसकर पौधे चरने लगीं। सतीश ने इसका विरोध किया, जिसके बाद दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने उस समय मामला शांत करा दिया था। घायल सतीश की पत्नी पुष्पा वर्मा ने बताया कि कहासुनी के बाद जब उनके पति खेत से घास लेने घर से निकले, तो रास्ते में गांव के मुस्लिम, सरताज, मुस्ताक, सुहैल और अन्ना समेत दो महिलाओं ने उन्हें घेर लिया। हमलावरों ने धारदार हथियार, ईंट और लाठी-डंडों से सतीश के सिर और शरीर पर कई वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े। बताया जा रहा है कि घटना के बाद हमलावर अवैध असलहा लहराते हुए मौके से फरार हो गए। आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल सतीश को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फतेहपुर भेजा गया, जहां से गंभीर हालत देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया था जहा से लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। घटना के बाद गांव में सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस ने घायल की पत्नी की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। एएसपी विकास चंद्र त्रिपाठी व सीओ जगतराम कनौजिया ने घटनास्थल का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। एएसपी विकास चंन्द्र त्रिपाठी ने बताया कि मारपीट का मामला सामने आया है, तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- रवि रावत की रिपोर्ट लोकेशन फतेहपुर बाराबंकी के फतेहपुर में मंगलवार रात अग्रवाल ट्रैक्टर एजेंसी के प्रांगण में श्री श्याम संकीर्तन का भव्य आयोजन किया गया। फतेहपुर कोतवाली के निकट स्थित इस एजेंसी में समाजसेवी सुनील कुमार अग्रवाल द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत बाबा श्याम के पूजन और आरती के साथ हुई। इसके बाद श्याम भजन गायक आकाश गुप्ता और प्रखर शर्मा सहित अन्य कलाकारों ने एक से बढ़कर एक भजन प्रस्तुत किए। 'हारे का सहारा बाबा श्याम हमारा' और 'खाटू वाले श्याम' जैसे भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे। भजनों की मधुर धुन और भक्तिमय माहौल ने पूरे परिसर को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। संकीर्तन के दौरान श्रद्धालु भक्ति में लीन होकर तालियां बजाते और भजनों पर झूमते नजर आए। कई श्रद्धालुओं ने बाबा श्याम के जयकारे लगाए, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। आयोजक सुनील कुमार अग्रवाल ने बताया कि बाबा श्याम की कृपा से यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है, जिसका उद्देश्य लोगों में भक्ति, प्रेम और सद्भाव का संदेश फैलाना है। कार्यक्रम का समापन आरती और प्रसाद वितरण के साथ किया गया। इस अवसर पर समस्त खेतान परिवार, क्षेत्र के कई गणमान्य लोग और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।1
- सीतापुर जिले के तंबौर क्षेत्र में प्रेम के लिए मजहब की दीवार तोड़ने का एक अनोखा मामला सामने आया है। ककरहा गांव की रहने वाली रिजवाना का महराजगंज निवासी आशुतोष यादव के साथ पिछले करीब दो वर्षों से प्रेम संबंध चल रहा था। दोनों एक-दूसरे से शादी करना चाहते थे, लेकिन पारिवारिक सहमति नहीं मिलने के कारण उन्हें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। बताया जा रहा है कि युवती ने अपनी इच्छा से सनातन धर्म स्वीकार कर लिया और अपना नाम बदलकर पूजा रख लिया। इसके बाद दोनों ने एक मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विवाह कर लिया। इस शादी में दोनों परिवार मौजूद नहीं थे। ऐसे में राष्ट्रीय बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने उनकी मदद की और विवाह की पूरी प्रक्रिया संपन्न कराई। शादी के बाद दोनों दंपति वहां से सुरक्षित स्थान के लिए रवाना हो गए। घटना के बाद यह विवाह पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग इसे प्रेम के लिए मजहब की दीवार तोड़ने की कहानी के रूप में देख रहे हैं।1