बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के पटजीरवा में नदी कटाव की समस्या ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं, जिससे कई घरों और खेतों पर खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों ने जल संसाधन विभाग से तत्काल कटाव रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी का कटाव लगातार बढ़ता जा रहा है और अगर जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो बड़ी आफत आ सकती है। कई घरों और खेतों पर कटाव का खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने जल संसाधन विभाग से मांग की है कि वे इस गंभीर समस्या को तुरंत संज्ञान में लें और कटाव रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाएं। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि जल संसाधन विभाग के अधिकारी इस गंभीर समस्या के प्रति लापरवाह रवैया अपनाए हुए हैं। ग्रामीणों का सवाल है कि क्या विभाग के अधिकारी गहरी नींद में हैं? ग्रामीणों की मांग है कि विभाग को तुरंत जागना होगा और इस समस्या का समाधान निकालना होगा, नहीं तो बड़ी आफत आ सकती है।
बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के पटजीरवा में नदी कटाव की समस्या ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं, जिससे कई घरों और खेतों पर खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों ने जल संसाधन विभाग से तत्काल कटाव रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी का कटाव लगातार बढ़ता जा रहा है और अगर जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो बड़ी आफत आ सकती है। कई घरों और खेतों पर कटाव का खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने जल संसाधन विभाग से मांग की है कि वे इस गंभीर समस्या को तुरंत संज्ञान में लें और कटाव रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाएं। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि जल संसाधन विभाग के अधिकारी इस गंभीर समस्या के प्रति लापरवाह रवैया अपनाए हुए हैं। ग्रामीणों का सवाल है कि क्या विभाग के अधिकारी गहरी नींद में हैं? ग्रामीणों की मांग है कि विभाग को तुरंत जागना होगा और इस समस्या का समाधान निकालना होगा, नहीं तो बड़ी आफत आ सकती है।
- बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के पटजीरवा में नदी कटाव की समस्या ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं, जिससे कई घरों और खेतों पर खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों ने जल संसाधन विभाग से तत्काल कटाव रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी का कटाव लगातार बढ़ता जा रहा है और अगर जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो बड़ी आफत आ सकती है। कई घरों और खेतों पर कटाव का खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने जल संसाधन विभाग से मांग की है कि वे इस गंभीर समस्या को तुरंत संज्ञान में लें और कटाव रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाएं। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि जल संसाधन विभाग के अधिकारी इस गंभीर समस्या के प्रति लापरवाह रवैया अपनाए हुए हैं। ग्रामीणों का सवाल है कि क्या विभाग के अधिकारी गहरी नींद में हैं? ग्रामीणों की मांग है कि विभाग को तुरंत जागना होगा और इस समस्या का समाधान निकालना होगा, नहीं तो बड़ी आफत आ सकती है।1
- बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में एक नई राजनीतिक लहर उठ रही है। समाज के सभी जाति और धर्म के लोग एक स्वर में प्रशांत किशोर को सत्ता में लाने की मांग कर रहे हैं। बांकापुर में लोग जन सुराज के विधायक की मांग कर रहे हैं। यह एक स्पष्ट संकेत है कि बिहार की जनता एक नए राजनीतिक विकल्प की तलाश में है। प्रशांत किशोर की जन सुराज पहल को व्यापक समर्थन मिल रहा है और यह बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत दे रहा है।1
- Hardik Pandya ka tric ko lekar Delhi capital maidan putri hai1
- मझौलिया सीडीपीओ पद पर नई सीडीपीओ सोमवार के दिन पदभार ग्रहण की। सोमबार के दिन मझौलिया की नई सीडीपीओ श्रीमति स्वेता ने योगदान किया।वे इसके पूर्व पूर्वी चंपारण के चकिया में पदस्थापित थीं।मौके पर पूर्व सीडीपीओ पूनम कुमारी ने चार्य दिया।आईसीडीएस कार्यालय में आयोजित एक समारोह में पर्यवेक्षिकाओं की एक मंडली ने नम आंखों के बीच निर्वतमान सीडीपीओ को बिदायी दी तथा उनके उल्लेखनीय कार्यों का बखान किया।बिदायी समारोह की अध्यक्षता प्रधान सहायक विजय कुमार ने की।पर्यवेक्षिका रीता कुमारी, गीता कुमारी और रुचि कुमारीं ने विदाई गीत गाकर माहौल को गमगीन बना दिया।इस अवसर पर कार्यपालक सहायक निर्मल कुमार प्रखंड समन्वयक नवीन कुमारके अलावे एलएस रंजना कुमारीं, किरण कुमारीं, जया कुमारीं, पूजा कुमारी आदि मुख्य रूप से शामिल रहे।3
- India beat Zimbabwe to prepare for Sri Lanka tour #INDvsSL #upcoming #cricket1
- फेसबुक रील पर धमकी भरा कमेंट, सरपंच रजिया तबस्सुम ने बैरिया थाने में दिया आवेदन बैरिया। मलाही बलुआ पंचायत की सरपंच एवं अनुमंडल सरपंच महासंघ की अध्यक्ष रजिया तबस्सुम ने फेसबुक रील पर कथित धमकी भरा कमेंट किए जाने के मामले में सोमवार के दिन बैरिया थाना में आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने बताया कि उनके फेसबुक आईडी से आदर्श विद्यालय निकेतन के उद्घाटन कार्यक्रम की एक रील पोस्ट की गई थी। इसी पोस्ट पर वार्ड संख्या 18 निवासी गुड्डू गुप्ता ने कथित तौर पर अपने फेसबुक आईडी "RDX गुड्डू गुप्ता" से टिप्पणी की, जिसमें लिखा गया कि, "क्या मैडम आप रात को भी नहीं चल सकती है?"। रजिया तबस्सुम का कहना है कि वह जनप्रतिनिधि होने के नाते लगातार क्षेत्र में लोगों से मिलती-जुलती हैं और सामाजिक कार्यक्रमों में भाग लेने के कारण देर शाम या रात में भी घर लौटती हैं। उन्होंने आवेदन में उल्लेख किया है कि पूर्व में भी अज्ञात हमलावरों द्वारा उन पर रात में गोली चलाई जा चुकी है, जिसकी सनहा बैरिया थाना में दर्ज है। उन्होंने गुड्डू गुप्ता के पुराने आपराधिक इतिहास का हवाला देते हुए कई लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं और निष्पक्ष जांच कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, बैरिया थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार ने बताया कि आवेदन प्राप्त हुआ है और मामले की जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।1
- बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया स्थित मीना बाजार में प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान दुकानदारों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रशासन जब अतिक्रमण हटाने के लिए पहुंचा तो कई दुकानदार सड़क पर बैठ गए और कार्रवाई का विरोध करने लगे। इस दौरान मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे। प्रदर्शन के कारण कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। हालांकि, प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी रखी, जबकि दुकानदारों ने अपनी आजीविका प्रभावित होने की बात कहते हुए विरोध दर्ज कराया। पूरे घटनाक्रम का वीडियो अब सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। दुकानदारों का कहना है कि अचानक की गई इस कार्रवाई से उनकी रोजी-रोटी पर असर पड़ेगा।1
- हाईकोर्ट स्टे के दावे के बीच मीना बाजार पर बुलडोजर, आत्मदाह की चेतावनी से बेतिया में हड़कंप पश्चिम चंपारण के बेतिया से बड़ी खबर सामने आई है, जहां शहर के ऐतिहासिक मीना बाजार में सड़क चौड़ीकरण और अतिक्रमण हटाने के अभियान के तहत जिला प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई शुरू कर दी। भारी पुलिस बल, दंडाधिकारी और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में करीब 85 चिन्हित दुकानों पर ध्वस्तीकरण अभियान चलाया गया। जैसे ही बुलडोजर दुकानों की ओर बढ़ा, वर्षों से यहां कारोबार कर रहे व्यापारियों का विरोध तेज हो गया और पूरा इलाका तनाव का केंद्र बन गया। कार्रवाई के दौरान कई दुकानदार प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सड़क पर उतर आए। कुछ व्यापारियों ने अपने शरीर पर पेट्रोल डालकर आत्मदाह की चेतावनी दे दी, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। वहीं कई दुकानदार एक दुकान के अंदर खुद को बंद कर बाहर से ताला लगा बैठे। इसके बाद प्रशासन ने जेसीबी मशीन से दुकान का गेट और ताला तोड़कर उन्हें बाहर निकाला और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई आगे बढ़ाई। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारी दुकानदारों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई, हालांकि सुरक्षा व्यवस्था के बीच अभियान जारी रहा। व्यापारियों का आरोप है कि उनकी कई दुकानों से जुड़े मामले पटना हाईकोर्ट में लंबित हैं। उनका दावा है कि कुछ दुकानों पर हाईकोर्ट से स्थगन आदेश (स्टे) प्राप्त है, जबकि कई मामलों की अगली सुनवाई 13 अगस्त को निर्धारित है। इसके बावजूद प्रशासन ने न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार किए बिना बुलडोजर चला दिया। व्यापारियों ने इसे न्यायिक प्रक्रिया की अनदेखी बताते हुए कार्रवाई का कड़ा विरोध किया। दुकानदारों का कहना है कि उन्हें ये दुकानें पूर्व राज व्यवस्था के समय विधिवत पट्टे पर आवंटित की गई थीं और वे वर्षों से नियमित रूप से टैक्स एवं अन्य सरकारी शुल्क जमा करते आ रहे हैं। उनका आरोप है कि सड़क चौड़ीकरण के नाम पर केवल छोटे और गरीब व्यापारियों को निशाना बनाया जा रहा है, जबकि सड़क के दूसरी ओर पर्याप्त खाली भूमि उपलब्ध है, जहां से भी सड़क का विस्तार किया जा सकता है। व्यापारियों ने प्रशासन पर मनमानी, दबंगई और तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि बिना पुनर्वास और वैकल्पिक व्यवस्था के उनकी रोजी-रोटी छीनने की कोशिश की जा रही है। प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने मीडिया के सामने कथित तौर पर पटना हाईकोर्ट के स्टे आदेश और अपनी दुकानों से संबंधित पट्टा दस्तावेज भी दिखाए। उनका कहना है कि उनके पूरे परिवार की आजीविका इन दुकानों पर निर्भर है और बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए दुकानों को तोड़ना उनके भविष्य के साथ अन्याय है। व्यापारियों का यह भी दावा है कि प्रभावित लोगों में विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े लोग भी शामिल हैं। स्थिति को देखते हुए पूरे मीना बाजार क्षेत्र में भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है और प्रशासन किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क है। वहीं बेतिया सदर एसडीएम विकास कुमार ने प्रशासन की कार्रवाई को पूरी तरह नियमानुसार बताते हुए कहा कि सभी दुकानदारों को पहले ही नोटिस जारी कर दुकानें खाली करने के निर्देश दिए गए थे। लगातार चेतावनी देने के बावजूद निर्देशों का पालन नहीं किया गया, जिसके कारण सड़क चौड़ीकरण और शहर के विकास कार्य को आगे बढ़ाने के लिए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है। बाइट: रिंकी गुप्ता, अध्यक्ष, व्यवसायी संघ एवं भाजपा नेता। बाइट: वसी अहमद, कांग्रेस नेता एवं पूर्व विधानसभा प्रत्याशी। बाइट: विकास कुमार, एसडीएम, बेतिया। फिलहाल एक ओर जिला प्रशासन इस कार्रवाई को शहर के विकास, सड़क चौड़ीकरण और बेहतर यातायात व्यवस्था के लिए आवश्यक बता रहा है, वहीं दूसरी ओर व्यापारी इसे अपने अधिकारों, आजीविका और न्यायिक प्रक्रिया की अनदेखी करार देते हुए आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं। बुलडोजर कार्रवाई के बाद बेतिया का ऐतिहासिक मीना बाजार तनाव के साए में है और पूरा घटनाक्रम जिले में चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है।1