जहानाबाद : रामलखन सिंह यादव कॉलेज में शिक्षकों-कर्मचारियों का धरना, प्रबंधन पर लगाए गंभीर आरोप। जहानाबाद - रामलखन सिंह यादव कॉलेज में सोमवार को शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। कॉलेज परिसर में आयोजित इस धरने के दौरान कर्मचारियों ने प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी समस्याओं के समाधान की मांग की। धरना पर बैठे कर्मचारियों का आरोप था कि कॉलेज में लंबे समय से कई प्रकार की अनियमितताएं व्याप्त हैं, जिससे शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने प्रभारी प्राचार्य संजय कुमार और सचिव चंद्रप्रकाश प्रसाद की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की। हालांकि, ये आरोप धरना दे रहे कर्मचारियों द्वारा लगाए गए हैं। धरने का नेतृत्व कर रहे प्रोफेसर राजेश्वर प्रसाद ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं और मांगों की लगातार अनदेखी की जा रही है। कई बार संबंधित अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराने के बावजूद कोई ठोस पहल नहीं की गई, जिसके कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। उन्होंने कॉलेज में नई प्रबंधन समिति के गठन, विभिन्न नियुक्तियों की निष्पक्ष जांच, नियमित प्राचार्य की नियुक्ति तथा सरकार द्वारा स्वीकृत बकाया अनुदान राशि के भुगतान की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि कॉलेज के समुचित विकास, शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार और कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। उनका मानना है कि प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होने से कॉलेज का वातावरण बेहतर होगा और छात्रों को भी इसका लाभ मिलेगा। धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी शामिल हुए। सभी ने एकजुट होकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की और कॉलेज प्रशासन तथा संबंधित अधिकारियों से शीघ्र हस्तक्षेप की अपील की। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि संबंधित अधिकारी उनकी समस्याओं का समाधान कर कॉलेज में बेहतर शैक्षणिक एवं प्रशासनिक माहौल सुनिश्चित करेंगे।
जहानाबाद : रामलखन सिंह यादव कॉलेज में शिक्षकों-कर्मचारियों का धरना, प्रबंधन पर लगाए गंभीर आरोप। जहानाबाद - रामलखन सिंह यादव कॉलेज में सोमवार को शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। कॉलेज परिसर में आयोजित इस धरने के दौरान कर्मचारियों ने प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी समस्याओं के समाधान की मांग की। धरना पर बैठे कर्मचारियों का आरोप था कि कॉलेज में लंबे समय से कई प्रकार की अनियमितताएं व्याप्त हैं, जिससे शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने प्रभारी प्राचार्य संजय कुमार और सचिव चंद्रप्रकाश प्रसाद की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की। हालांकि, ये आरोप धरना दे रहे कर्मचारियों द्वारा लगाए गए हैं। धरने का नेतृत्व कर रहे प्रोफेसर राजेश्वर प्रसाद ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं और मांगों की लगातार अनदेखी की जा रही है। कई बार संबंधित अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराने के बावजूद कोई ठोस पहल नहीं की गई, जिसके कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। उन्होंने कॉलेज में नई प्रबंधन समिति के गठन, विभिन्न नियुक्तियों की निष्पक्ष जांच, नियमित प्राचार्य की नियुक्ति तथा सरकार द्वारा स्वीकृत बकाया अनुदान राशि के भुगतान की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि कॉलेज के समुचित विकास, शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार और कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। उनका मानना है कि प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होने से कॉलेज का वातावरण बेहतर होगा और छात्रों को भी इसका लाभ मिलेगा। धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी शामिल हुए। सभी ने एकजुट होकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की और कॉलेज प्रशासन तथा संबंधित अधिकारियों से शीघ्र हस्तक्षेप की अपील की। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि संबंधित अधिकारी उनकी समस्याओं का समाधान कर कॉलेज में बेहतर शैक्षणिक एवं प्रशासनिक माहौल सुनिश्चित करेंगे।
- माननीय विधायक प्रशांत किशोर को जीत की बहुत बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं।1
- हुलासगंज थाना क्षेत्र के नारायणपुर गांव के बधार से मोटर पंप तथा गांव के पास खड़ी टोटो से बैट्री की हुई चोरी हुलास गंज थाना क्षेत्र में नहीं थम रहा है चोरों का उत्पात नारायण पुर गांव से मोटर पंप सहित बैट्री की हुई चोरी हुलास गंज थाना क्षेत्र के विभिन्न गांवों से लगभग दो दर्जन से अधिक ट्रांसफार्मर की चोरी की घटना के बाद अब चोरों ने चोरी का पैटर्न बदल दिया है। अब बधार में धान रोपनी को लेकर चल रहे मोटर पंप की चोरी धड़ल्ले से जारी है इसी क्रम में रविवार की रात में नारायणपुर गांव के बधार से एक मोटर पंप को चोरो ने गायब कर दिया ।जब पंप मालिक घर पर खाना खाने गया हुआ था। घटना रात 11:00 के आसपास की बताई जाती है।इस समय गांव के बगल में खड़ी गांव के ही एक टोटो की बैटरी को भी चोरों ने गायब कर दिया इस संबंध में कमलेश यादव एवं सविंदर यादव द्वारा हुलासगंज थाना में अज्ञात चोरों के खिलाफ प्राथमिक की दर्ज कराई है।1
- पटना जिले के बिहटा चौक के पास पशु तस्करी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की, मवेशियों से भरा एक कंटेनर ट्रक को पुलिस ने किया जब्त, मामले में चार लोगो को हिरासत में लेकर पुलिस कर रही है पूछताछ, पशुओं से भरी कंटेनर ट्रक यूपी से जा रही थी पश्चिम बंगाल, मौके पर जुटी रही लोगो की भीड़1
- सहार प्रखंड में बिजली संकट के खिलाफ जन आंदोलन शुरू नियमित आपूर्ति की मांग तेज भोजपुर जिले के सहार परखंड के अमरुआ पंचायत से बिजली की लगातार कटौती कम आपूर्ति और लोग वोल्टेज की समस्या को लेकर पंचायतवार जन आंदोलन की शुरुआत की गई, बैठक में ग्रामीण किसानों और जनप्रतिनिधियों ने बिजली व्यवस्था में शीघ्र सुधार की मांग की तथा ऊर्जा मंत्री बिहार सरकार को सामूहिक हस्ताक्षर युक्त आवेदन भेजा ग्रामीणों ने कहा कि हम अनियमित बिजली आपूर्ति से खेती विद्यार्थियों की पढ़ाई और घरेलू कार्य और छोटे व्यवसाय प्रभावित हो रहे हैं साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि जल्द से सुधार नहीं हुआ तो चरण वध आंदोलन किया जाएगा, धर्मेंद्र कुमार की खास रिपोर्ट1
- बाबा नागेशवर धाम नौबतपुर शिव मंदिर 🙏🏻🌺1
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- जहानाबाद : वार्ड संख्या 9 में पानी को लेकर फूटा आक्रोश, जहानाबाद-एकंगरसराय मार्ग रहा जाम । जहानाबाद -शहर के वार्ड संख्या 9 में लगातार बनी पेयजल समस्या को लेकर सोमवार को लोगों का आक्रोश सड़क पर देखने को मिला। पानी की किल्लत से परेशान ग्रामीणों ने आदर्श कॉलोनी के समीप जहानाबाद-एकंगरसराय मुख्य मार्ग को जाम कर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और शीघ्र समाधान की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि क्षेत्र में लंबे समय से पेयजल संकट बना हुआ है। कई बार संबंधित अधिकारियों और नगर प्रशासन को इसकी जानकारी दी गई, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि नियमित जलापूर्ति नहीं होने के कारण उन्हें पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। इसके साथ ही घरेलू कार्य भी बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। सड़क जाम के कारण मुख्य मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। कई यात्री जाम में फंसे रहे। स्कूली बच्चों, नौकरीपेशा लोगों और अन्य राहगीरों को भी आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। जाम के दौरान कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह बाधित रहा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही नियमित जलापूर्ति बहाल नहीं की गई और समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकाला गया तो वे और बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उनका कहना था कि भीषण गर्मी और बारिश की कमी के बीच पानी की समस्या ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और जल्द समाधान का आश्वासन दिया। प्रशासन के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने सड़क जाम समाप्त कर दिया। इसके बाद मार्ग पर यातायात धीरे-धीरे सामान्य हुआ और लोगों ने राहत की सांस ली।1