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आज 5 जुलाई की शाम करीब 7:30 बजे बहराइच जनपद के नानपारा क्षेत्र में अचानक हुई बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत पहुँचाई है। इस बारिश के साथ चली तेज़ हवाओं ने भी लोगों को सुकून दिया। पिछले एक हफ्ते से नानपारा क्षेत्र के निवासी भयंकर गर्मी से जूझ रहे थे और काफी परेशान थे, लेकिन इस आकस्मिक वर्षा ने किसानों और आम नागरिकों, दोनों को खुशहाल कर दिया है। भीषण गर्मी से मिली इस राहत को लेकर आम जनमानस ने अपनी खुशी व्यक्त की है।
DHARAM RAJ VISHWAKARMA
आज 5 जुलाई की शाम करीब 7:30 बजे बहराइच जनपद के नानपारा क्षेत्र में अचानक हुई बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत पहुँचाई है। इस बारिश के साथ चली तेज़ हवाओं ने भी लोगों को सुकून दिया। पिछले एक हफ्ते से नानपारा क्षेत्र के निवासी भयंकर गर्मी से जूझ रहे थे और काफी परेशान थे, लेकिन इस आकस्मिक वर्षा ने किसानों और आम नागरिकों, दोनों को खुशहाल कर दिया है। भीषण गर्मी से मिली इस राहत को लेकर आम जनमानस ने अपनी खुशी व्यक्त की है।
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- आज 5 जुलाई की शाम करीब 7:30 बजे बहराइच जनपद के नानपारा क्षेत्र में अचानक हुई बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत पहुँचाई है। इस बारिश के साथ चली तेज़ हवाओं ने भी लोगों को सुकून दिया। पिछले एक हफ्ते से नानपारा क्षेत्र के निवासी भयंकर गर्मी से जूझ रहे थे और काफी परेशान थे, लेकिन इस आकस्मिक वर्षा ने किसानों और आम नागरिकों, दोनों को खुशहाल कर दिया है। भीषण गर्मी से मिली इस राहत को लेकर आम जनमानस ने अपनी खुशी व्यक्त की है।1
- बहराइच के चिलवरिया के पास सुबह करीब 05:00 बजे एक सड़क दुर्घटना में वाराणसी कैंट डिपो की एक रोडवेज बस (संख्या UP78HT4651) सीमेंट से भरी ट्रैक्टर ट्राली से टकरा गई। बस, जो गोंडा से बहराइच की ओर आ रही थी, आगे चल रही ट्रैक्टर ट्राली से टकराने के बाद ट्राली पलट गई। इस हादसे में रोडवेज बस में सवार 11 लोग घायल हो गए, जिन्हें तत्काल इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। घायलों में से 05 का इलाज अभी भी चल रहा है, जबकि बाकी 06 लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। घायलों में एक महिला की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिसका समुचित इलाज जारी है। वहीं, ट्रैक्टर ट्राली के चालक को अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटनास्थल पर बहराइच के जिलाधिकारी श्री अक्षय त्रिपाठी और पुलिस अधीक्षक श्री विश्वजीत श्रीवास्तव मौके पर मौजूद रहे। बताया गया है कि घटनास्थल पर शांति व्यवस्था कायम है।1
- बहराइच से हुज़ूर मुहद्दिसे कबीर का एक नया शॉर्ट वीडियो जारी किया गया है। यह वीडियो हुज़ूर मुहद्दिसे कबीर से संबंधित है, और इसे बहराइच से साझा किया गया है।1
- आज दिनांक 05.07.2026 को सुबह करीब 05.00 बजे बहराइच के चिलवरिया के पास एक भीषण सड़क हादसा हुआ। वाराणसी कैंट डिपो की रोडवेज बस (संख्या UP78HT4651), जो गोंडा से बहराइच की ओर आ रही थी, उसके आगे चल रही सीमेंट से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकरा गई। इस टक्कर से ट्रैक्टर-ट्रॉली पलट गई, और उसके चालक को अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। रोडवेज बस में सवार कुल 11 लोग घायल हुए, जिन्हें तत्काल इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। इनमें से 05 घायलों का इलाज अभी भी जारी है, जबकि 06 को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। बताया गया है कि घायलों में एक महिला की हालत गंभीर है, जिसका समुचित इलाज किया जा रहा है। घटना की सूचना मिलने पर बहराइच के जिलाधिकारी श्री अक्षय त्रिपाठी और पुलिस अधीक्षक श्री विश्वजीत श्रीवास्तव मौके पर पहुँचे। मौके पर शांति व्यवस्था कायम है।1
- बहराइच जिले में एक महत्वपूर्ण घटना का खुलासा हुआ है, जहाँ हरदी थाना क्षेत्र के कटकुय्या गाँव स्थित मंदिर में माँ दुर्गा की प्रतिमा खंडित करने का मामला पुलिस ने मात्र 24 घंटे के भीतर सुलझा लिया है। यह घटना 2/3 की रात को घटित हुई थी, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। पुलिस की जाँच में राहुल गिरी, जो रामचंद्र गिरी के पुत्र और कटकुय्या गाँव के निवासी हैं, को इस मामले का आरोपी पाया गया। आरोपी राहुल गिरी ने गाँव वालों के सामने मंदिर प्रांगण में ही अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उसने बताया कि उसने शराब के नशे में यह प्रतिमा तोड़ी थी। राहुल गिरी ने यह भी स्वीकार किया कि उससे पहले भी इस तरह की गलती हो चुकी है। इस मामले का पर्दाफाश हरदी थाना प्रभारी आलोक सिंह ने किया। यह घटना तहसील महसी के हरदी थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत कटकुय्या से संबंधित है।1
- उत्तर प्रदेश के बहराइच जनपद के मटेरा क्षेत्र में बिजली व्यवस्था को लेकर स्थानीय लोगों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि बिजली विभाग की घोर लापरवाही के कारण उन्हें 24 घंटे में मुश्किल से केवल 10 घंटे ही बिजली मिल पा रही है, जबकि शेष समय में लगातार कटौती की जा रही है। मटेरा पावर हाउस से जुड़े उपभोक्ता बताते हैं कि क्षेत्र में बिना किसी पूर्व सूचना के घंटों बिजली काट दी जाती है, जिससे भीषण गर्मी और उमस के बीच आम जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित हो रहा है। इस अनियमित बिजली आपूर्ति के कारण पेयजल संकट, बच्चों की पढ़ाई, व्यापारिक गतिविधियाँ और किसानों के कार्य भी बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद बिजली विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। फिलहाल, वे विभाग से नियमित और निर्बाध बिजली आपूर्ति की मांग कर रहे हैं। इस पूरे मामले पर सभी की निगाहें बिजली विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं, और यह सवाल उठ रहा है कि आखिर कब तक मटेरा की जनता को इस बिजली संकट का सामना करना पड़ेगा और क्या विभाग इस समस्या का स्थायी समाधान करेगा।1
- जनपद बहराइच के थाना सुजौली व रेंज निशानगाड़ा अंतर्गत सरयू नहर में एक मगरमच्छ के हमले में एक महिला की मौत हो गई। मृतका की पहचान मोहकमपुरवा, ग्राम पंचायत चफरिया निवासी 55 वर्षीय केतकी पत्नी रमेश के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि केतकी शनिवार शाम पड़ोसी गांव हजारीपुरवा में एक रिश्तेदार की शादी में शामिल होने के लिए घर से निकली थीं। रातभर घर न लौटने पर परिजन परेशान थे। रविवार सुबह लगभग 9 बजे, सरयू नहर के 10 नंबर पुल से करीब 600 मीटर दूर रमपुरवा गांव के पास ग्रामीणों ने नहर में एक मगरमच्छ को महिला का शव मुंह में दबाए देखा। शोर मचाने पर आसपास के लोग दौड़े, जिसके बाद ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रमपुरवा विनोद वर्मा ने ग्रामीणों की मदद से शव को मगरमच्छ के चंगुल से छुड़ाकर बाहर निकाला। शव पर मगरमच्छ के हमले के स्पष्ट निशान थे; मगरमच्छ उसका एक पैर खा चुका था और शरीर पर कई गहरे जख्म थे। महिला का शव उसके घर से करीब 3 किलोमीटर दूर बरामद हुआ। घटना की सूचना मिलने पर थानाध्यक्ष प्रकाश चंद्र शर्मा ने एसआई मारकंडे मिश्रा और सत्तार को मौके पर भेजा। लेखपाल अरुण कुमार और ग्राम प्रधान चफरिया अजीज अहमद ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर शव की शिनाख्त की। पुलिस टीम ने लेखपाल और ग्राम प्रधान की मौजूदगी में शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सूचना मिलते ही परिजन घटनास्थल पर पहुँचे और रोते-बिलखते रहे। ग्रामीणों ने वन विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है, क्योंकि सूचना देने के बाद भी वन विभाग का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं पहुँचा। ग्रामीणों का कहना है कि कतर्नियाघाट क्षेत्र में बारिश के बाद से मगरमच्छ के हमलों की घटनाएँ बढ़ गई हैं।1