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उदयपुर के सलूंबर से जीतू भाई कटारा जंतर-मंतर के लिए रवाना हो गए हैं।
Suraj. sadana. toda
उदयपुर के सलूंबर से जीतू भाई कटारा जंतर-मंतर के लिए रवाना हो गए हैं।
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- उदयपुर के सलूंबर से जीतू भाई कटारा जंतर-मंतर के लिए रवाना हो गए हैं।1
- आसपुर पंचायत समिति की ग्राम पंचायत रामगढ़ में सोमवार शाम हुई पहली हल्की बारिश ने स्थानीय सफाई व्यवस्था और पानी निकासी के दावों की पोल खोलकर रख दी है। एक निजी स्कूल के सामने मुख्य सड़क पर भारी जलभराव होने के कारण ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को आने-जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। स्थिति इतनी खराब हो गई कि सड़क पर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया, जिसके चलते स्कूल की छुट्टी होने पर विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें बसों के माध्यम से रवाना किया गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि थोड़ी सी बारिश में भी इस स्थान पर जलभराव की स्थिति बन जाती है और इस मामले में प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। नियमित सफाई व्यवस्था न होने से नाराज ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से इस समस्या का कोई समाधान नहीं निकाला गया है। पूर्व पंचायत समिति सदस्य भूरालाल पाटीदार ने बताया कि यह सड़क डूंगरपुर, मसाना और आसपुर ग्राम पंचायतों को जोड़ने वाला एक बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है, लेकिन इसके बावजूद लंबे समय से बनी हुई इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया। ग्राम विकास अधिकारी के अनुसार, स्कूल के सामने पहले एक अस्थाई नाला हुआ करता था, लेकिन वह जमीन खातेदारी की होने के कारण उसे बंद कर दिया गया। बाद में वहां प्लॉट विकसित हो जाने से गांव और ग्राम पंचायत के बारिश का पानी निकलने का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया, जिस वजह से अब सारा पानी स्कूल के सामने आकर जमा हो जाता है। ग्रामीणों की इस शिकायत के बाद जिला कलेक्टर को मामले से अवगत कराया गया, जिसके बाद जिला परिषद के अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया। अधिकारियों का मानना है कि इस क्षेत्र को ऊंचा उठाकर निर्माण कार्य कराया जाना आवश्यक है और इसके लिए इस मार्ग को एक्शन प्लान में शामिल कर लिया गया है ताकि भविष्य में इसका स्थायी समाधान हो सके। रामगढ़ के ग्राम विकास अधिकारी धनराज मीणा ने बताया कि फिलहाल सरपंच को मौके पर भेजकर स्कूल के पास से अस्थाई रूप से जल निकासी की व्यवस्था की गई है, जिससे जमा पानी को हटाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि समस्या के स्थायी समाधान के लिए वित्तीय स्वीकृति मिलते ही आवश्यक निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।2
- उदयपुर के ऋषभदेव ब्लॉक में आने वाली केसरियाजी से सराड़ा जाने वाली सड़क की हालत बेहद खराब है। इस मार्ग की जर्जर स्थिति को देखते हुए इस ओर तुरंत ध्यान देने की गुहार लगाई गई है।1
- डूंगरपुर जिला पुलिस ने 'ऑपरेशन म्युल हंटर' के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए देशव्यापी और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय साइबर ठगी गिरोह के मुख्य सरगना घनश्याम कलाल को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी दुबई में रहकर भारत के विभिन्न राज्यों में 160 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी के नेटवर्क को चला रहा था। पुलिस अधीक्षक डूंगरपुर मनीष कुमार के निर्देशन में गठित टीम इस शातिर अपराधी पर नजर रखे हुए थी। जैसे ही पुलिस को सूचना मिली कि 33 वर्षीय आरोपी घनश्याम कलाल (निवासी सीमलवाड़ा, थाना धंबोला) दुबई से बैंकॉक, नेपाल और भूटान के रास्ते भारत में प्रवेश कर चुका है, उसकी निगरानी बढ़ा दी गई और 20 जुलाई 2026 को उदयपुर के बलीचा के पास घेराबंदी कर उसे दबोच लिया गया। यह गिरोह मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों, गरीब परिवारों और कॉलेज के विद्यार्थियों को अपना निशाना बनाता था। आरोपी और उसके साथी इंडसइंड बैंक, एचडीएफसी बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, एसबीआई और बैंक ऑफ बड़ौदा जैसे बैंकों में करीब 450 से अधिक फर्जी (म्युल) खाते खुलवाते थे। खाता खुलने के बाद बैंक किट, डायरी, पासबुक, चेकबुक, एटीएम/डेबिट कार्ड, सिम और नेट बैंकिंग की आईडी-पासवर्ड आरोपी खुद रख लेते थे। इन खातों का उपयोग दुबई, जॉर्जिया और कुवैत में बैठे साइबर ठग टेलीग्राम और व्हाट्सएप के जरिए क्रिप्टो करेंसी, शेयर मार्केट, ऑनलाइन ट्रेडिंग और सट्टेबाजी के नाम पर ठगी के लिए करते थे। ठगी की रकम आने पर बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत से पैसे निकालकर आपस में कमीशन बांट लिया जाता था। इस रैकेट के शिकार धंबोला थाना क्षेत्र के लालशंकर रोत ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि आरोपियों ने फ्री पैन कार्ड और खाते का झांसा देकर उनका बैंक किट व सिम ले लिया, जिससे 81,69,707 रुपये का संदिग्ध लेन-देन किया गया। इस घटना में विक्रम, महावीर सिंह, घनश्याम कलाल और बैंककर्मी कौशल प्रजापत शामिल थे। इसी तरह, सागवाड़ा थाना क्षेत्र के अशोक कुमार डांगी के खाते का गलत इस्तेमाल कर 11,88,760 रुपये का संदिग्ध लेन-देन किया गया, जिसमें आरोपी इलेश पटेल उर्फ निलेश कलाल शामिल था। पुलिस इस पूरे मामले में बैंक कर्मी कौशल प्रजापत और इलेश पटेल सहित 5 आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है, और मुख्य सरगना घनश्याम कलाल की गिरफ्तारी से इस बड़े गिरोह पर करारी चोट पहुंची है।1
- बांसवाड़ा के बाद अब डूंगरपुर जिले में भी शौर्य फाउंडेशन की ओर से युवाओं को नौकरी का झांसा देकर लाखों की ठगी करने का मामला सामने आया है। सरकारी स्कूलों में नौकरी दिलाने के नाम पर अभ्यर्थियों से डेढ़-डेढ़ लाख रुपये ठग लिए गए। ठगी के शिकार हुए इन अभ्यर्थियों को बाद में न तो कोई मानदेय दिया गया और न ही उनकी राशि वापस लौटाई गई। इस ठगी से परेशान पीड़ित युवाओं ने मंगलवार सुबह 11 बजे जिला कलक्टर से मुलाकात कर शौर्य फाउंडेशन के फाउंडर और उसके एजेंटों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इसके साथ ही अपनी मांगों को लेकर पीड़ित युवाओं ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन भी किया।1
- प्रतापगढ़ जिले के धरियावद में ग्राम पंचायत गोठड़ा के ग्राम खेड़ी मांगरोल में बिलानाम सरकारी भूमि पर हो रहे अतिक्रमण को हटाने की मांग को लेकर सोमवार को सैकड़ों ग्रामीणों ने इकट्ठा होकर धरियावद तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीण लालूराम मीणा ने बताया कि ग्राम खेड़ी मांगरोल की आराजी नंबर 27 की भूमि वर्तमान में बिलानाम सरकारी जमीन है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस जमीन पर किसी व्यक्ति विशेष द्वारा अवैध रूप से कब्जा करके पक्की बाउंड्री का निर्माण करवाया जा रहा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस कब्जे को जल्द से जल्द रुकवाया जाए और इस भूमि का उपयोग सरकारी कार्यों के लिए किया जाए। ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि इस भूमि से अतिक्रमण को जल्द नहीं हटाया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। इस दौरान ज्ञापन सौंपने वालों में बदीया गमेती, रामलाल, धीरजमल, रूपा, रुपसी, गणेश, ईश्वर, लालूराम, आसुराम, कन्हैयालाल, गौतमलाल, प्रकाश, दिनेश, खातूराम और अर्जुन सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।2
- जंतर-मंतर पर चंद्रशेखर आजाद रावण।1
- डूंगरपुर के सदर थाना क्षेत्र के स्टोडा गांव में खेत में पानी पिलाने के दौरान जहरीले सांप के डसने से 68 वर्षीय बुजुर्ग देवीलाल सेगा पारंगी की मौत हो गई। मृतक तीन बच्चों के पिता थे। घटना के समय देवीलाल अपने खेत में बाजरे की फसल में ट्यूबवेल से पानी दे रहे थे, तभी एक जहरीले जानवर ने उनके हाथ पर काट लिया। पिता द्वारा घटना की जानकारी देने पर उनके बेटे मुकेश और अरविंद तुरंत उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे और भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवाया है और जांच शुरू कर दी है। मृतक के बेटे मुकेश ने पुलिस को रिपोर्ट दी है कि उनके पिता की मौत कृषि कार्य के दौरान जहरीले जानवर के काटने से हुई है और उन्हें इस मौत पर कोई शक नहीं है। सदर थाने के एएसआई रमेश चंद मामले की जांच में जुटे हैं।4