*विश्व क्षय रोग दिवस की पूर्व संध्या पर जागरूकता का आह्वान, टीबी मुक्त भारत अभियान को मिलेगा नया बल* सेन्दडा ब्यावर शीतल कुमारी प्रजापत ब्यावर, 23 मार्च। विश्व क्षय रोग दिवस की पूर्व संध्या पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इस अवसर पर उन्होंने क्षय रोग (टीबी) के प्रति जागरूकता बढ़ाने और जनभागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया। डॉ. संजय गहलोत ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में ब्यावर जिले में 1485 टीबी मरीज उपचाराधीन हैं तथा जिले की ट्रीटमेंट सक्सेस रेट 90 प्रतिशत है, जो प्रभावी स्वास्थ्य सेवाओं का परिचायक है। उन्होंने बताया कि जिले में टीबी जांच हेतु 12 अत्याधुनिक मशीनें स्थापित हैं, जिससे समय पर जांच एवं उपचार संभव हो पा रहा है। टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत माननीय मुख्यमंत्री महोदय एवं माननीय उपमुख्यमंत्री श्रीमती दिया कुमारी द्वारा ब्यावर एवं जैतारण प्रवास के दौरान 100-100 टीबी मरीजों को निक्षय पोषण किट वितरित की गई। वर्तमान में जिले के सभी टीबी मरीजों को भामाशाहों के सहयोग से निक्षय पोषण किट उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में ब्यावर जिले की 36 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित कर सम्मानित किया जा चुका है, वहीं वर्ष 2025 में 110 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त किया जा चुका है, जिसकी राज्य स्तर पर घोषणा होना शेष है। डॉ. गहलोत ने जानकारी दी कि विश्व क्षय रोग दिवस के अवसर पर 24 मार्च को राजस्थान में टीबी मुक्त भारत अभियान का शुभारंभ किया जाएगा, जिससे इस दिशा में और अधिक गति मिलेगी। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. लोकेश कुमावत, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी टीबी क्लिनिक ब्यावर डॉ. अखिलेश वर्मा तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी वाजिद अख्तर भी उपस्थित रहे।
*विश्व क्षय रोग दिवस की पूर्व संध्या पर जागरूकता का आह्वान, टीबी मुक्त भारत अभियान को मिलेगा नया बल* सेन्दडा ब्यावर शीतल कुमारी प्रजापत ब्यावर, 23 मार्च। विश्व क्षय रोग दिवस की पूर्व संध्या पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इस अवसर पर उन्होंने क्षय रोग (टीबी) के प्रति जागरूकता बढ़ाने और जनभागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया। डॉ. संजय गहलोत ने पत्रकारों को जानकारी देते
हुए बताया कि वर्तमान में ब्यावर जिले में 1485 टीबी मरीज उपचाराधीन हैं तथा जिले की ट्रीटमेंट सक्सेस रेट 90 प्रतिशत है, जो प्रभावी स्वास्थ्य सेवाओं का परिचायक है। उन्होंने बताया कि जिले में टीबी जांच हेतु 12 अत्याधुनिक मशीनें स्थापित हैं, जिससे समय पर जांच एवं उपचार संभव हो पा रहा है। टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत माननीय मुख्यमंत्री महोदय एवं माननीय उपमुख्यमंत्री श्रीमती दिया कुमारी द्वारा ब्यावर एवं
जैतारण प्रवास के दौरान 100-100 टीबी मरीजों को निक्षय पोषण किट वितरित की गई। वर्तमान में जिले के सभी टीबी मरीजों को भामाशाहों के सहयोग से निक्षय पोषण किट उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में ब्यावर जिले की 36 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित कर सम्मानित किया जा चुका है, वहीं वर्ष 2025 में 110 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त किया जा चुका है, जिसकी
राज्य स्तर पर घोषणा होना शेष है। डॉ. गहलोत ने जानकारी दी कि विश्व क्षय रोग दिवस के अवसर पर 24 मार्च को राजस्थान में टीबी मुक्त भारत अभियान का शुभारंभ किया जाएगा, जिससे इस दिशा में और अधिक गति मिलेगी। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. लोकेश कुमावत, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी टीबी क्लिनिक ब्यावर डॉ. अखिलेश वर्मा तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी वाजिद अख्तर भी उपस्थित रहे।
- *विश्व क्षय रोग दिवस की पूर्व संध्या पर जागरूकता का आह्वान, टीबी मुक्त भारत अभियान को मिलेगा नया बल* सेन्दडा ब्यावर शीतल कुमारी प्रजापत ब्यावर, 23 मार्च। विश्व क्षय रोग दिवस की पूर्व संध्या पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इस अवसर पर उन्होंने क्षय रोग (टीबी) के प्रति जागरूकता बढ़ाने और जनभागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया। डॉ. संजय गहलोत ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में ब्यावर जिले में 1485 टीबी मरीज उपचाराधीन हैं तथा जिले की ट्रीटमेंट सक्सेस रेट 90 प्रतिशत है, जो प्रभावी स्वास्थ्य सेवाओं का परिचायक है। उन्होंने बताया कि जिले में टीबी जांच हेतु 12 अत्याधुनिक मशीनें स्थापित हैं, जिससे समय पर जांच एवं उपचार संभव हो पा रहा है। टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत माननीय मुख्यमंत्री महोदय एवं माननीय उपमुख्यमंत्री श्रीमती दिया कुमारी द्वारा ब्यावर एवं जैतारण प्रवास के दौरान 100-100 टीबी मरीजों को निक्षय पोषण किट वितरित की गई। वर्तमान में जिले के सभी टीबी मरीजों को भामाशाहों के सहयोग से निक्षय पोषण किट उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में ब्यावर जिले की 36 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित कर सम्मानित किया जा चुका है, वहीं वर्ष 2025 में 110 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त किया जा चुका है, जिसकी राज्य स्तर पर घोषणा होना शेष है। डॉ. गहलोत ने जानकारी दी कि विश्व क्षय रोग दिवस के अवसर पर 24 मार्च को राजस्थान में टीबी मुक्त भारत अभियान का शुभारंभ किया जाएगा, जिससे इस दिशा में और अधिक गति मिलेगी। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. लोकेश कुमावत, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी टीबी क्लिनिक ब्यावर डॉ. अखिलेश वर्मा तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी वाजिद अख्तर भी उपस्थित रहे।4
- ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) संघ ने लंबित पदोन्नतियों, वेतन विसंगतियों और अन्य मांगों को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है। जिला ब्यावर के जिलाध्यक्ष विजय प्रकाश शर्मा के नेतृत्व में चल रहे ‘पदोन्नति नहीं तो काम नहीं’ आंदोलन के तहत 8 अगस्त को जयपुर स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय के घेराव का ऐलान किया गया है। संघ का आरोप है कि पिछले 6 वर्षों से पदोन्नतियां लंबित हैं और कई बार ज्ञापन देने के बावजूद केवल आश्वासन ही मिला है। सात दिन का अल्टीमेटम भी खत्म हो चुका है, लेकिन सरकार की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। संघ ने चेतावनी दी है कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा, जिसका असर प्रदेशभर में देखने को मिल सकता है।1
- *जनहित की लड़ाई में साथ देने के लिए आभार!* आज जलदाय विभाग की अव्यवस्थाओं के खिलाफ आयोजित विरोध प्रदर्शन में पधारे कांग्रेस कार्यकर्ताओं के जोश ने यह साबित कर दिया है कि हम जनता के हक के लिए चुप नहीं बैठेंगे। मैं व्यक्तिगत रूप से उन सभी सम्मानित साथियों और आमजन का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ, जिन्होंने अपना बहुमूल्य समय निकालकर इस संघर्ष में साथ दिया। आपका यही स्नेह और समर्थन हमारी असली ताकत है। आइए, इसी ऊर्जा के साथ हम कांग्रेस पार्टी को और मजबूत बनाने और जन-सरोकार के मुद्दों को उठाने का संकल्प लें। *"संघर्ष जारी रहेगा, हक की आवाज बुलंद रहेगी!"* आभारी - *अजय शर्मा एडवोकेट* अध्यक्ष - ब्लॉक कांग्रेस कमेटी, ब्यावर हेमन्त त्रिपाठी विधानसभा अध्यक्ष आई टी सेल विभाग1
- रायपुर (ब्यावर) जोधपुर में सैंकड़ो पत्रकारों का प्रदर्शन: वरिष्ठ पत्रकार उपेंद्र सिंह राठौड़ के समर्थन में सौंपा ज्ञापन, निष्पक्ष जांच की मां आईएफडब्ल्यूजे के प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव गौड़ व जोधपुर संभाग प्रभारी विक्रम सिंह करणोत के नेतृत्व में सौंपा गया ज्ञापन जोधपुर में आईएफडब्ल्यूजे (इंडियन फेडरेशन का वर्किंग जर्नलिस्ट्स ) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और प्रदेश अध्यक्ष पत्रकार उपेंद्र सिंह के जैसलमेर स्थित प्रतिष्ठान पर एक तरफा कार्रवाई किए जाने के चलते जैसलमेर जिला कलेक्टर के खिलाफ पूरे मामले की जांच करने के लिए जोधपुर के कार्यवाहक संभाग के आयुक्त गौरव अग्रवाल को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम विभिन्न पत्रकार संगठनों के प्रतिनिधियों और पत्रकारों ने ज्ञापन सौंप कर निष्पक्ष जांच की मांग की है. जोधपुर में वरिष्ठ पत्रकार उपेंद्र सिंह राठौड़ के समर्थन में विभिन्न पत्रकार संगठनों ने एकजुट होकर संभागीय आयुक्त गौरव अग्रवाल के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। सैकड़ों की संख्या में मौजूद पत्रकारों ने जैसलमेर कलेक्टर की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग की। साथ ही कलेक्टर के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित करने की भी मांग प्रमुख रूप से रखी गई। ज्ञापन में बताया गया कि उपेंद्र सिंह राठौड़ पिछले लगभग 22 वर्षों से जैसलमेर में विधिवत अनुमति के साथ “स्वाद रेस्टोरेंट” का संचालन कर रहे थे। उन्होंने अपने निजी खर्च पर व्यवसाय विकसित किया और नियमित रूप से सभी देयकों का भुगतान भी किया। इसके बावजूद नवंबर 2025 में बिना किसी लिखित आदेश के केवल मौखिक रूप से तीन दिन में रेस्टोरेंट खाली करने के निर्देश दिए गए, जिसे पत्रकार संगठनों ने पूरी तरह मनमाना और असंवैधानिक बताया। न्यायालय के आदेश के बावजूद जारी रही कार्रवाई ज्ञापन के अनुसार, न्यायालय से स्थगन आदेश मिलने के बाद भी प्रशासनिक दबाव और कार्रवाई का सिलसिला नहीं रुका। 23 दिसंबर को प्रशासन द्वारा गैस सिलेंडर जब्त करना, किचन सील करना, लाइसेंस नवीनीकरण रोकना और ग्राहकों को हतोत्साहित करने जैसी कार्रवाई की गई। इसके बाद 18 फरवरी को सिजिग और फिर 17 मार्च को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में रेस्टोरेंट के पीछे की दीवार तोड़कर जेसीबी मशीनों से पूरे ढांचे को ध्वस्त कर दिया गया, जिससे करीब सवा करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। द्वेषपूर्ण कार्रवाई के आरोप, न्याय की मांग तेज पत्रकार संगठनों ने इसे एक स्वतंत्र और निर्भीक पत्रकार की आवाज को दबाने का प्रयास बताया। उनका कहना है कि यह कार्रवाई न केवल व्यक्तिगत द्वेष से प्रेरित प्रतीत होती है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा प्रहार है। ज्ञापन में दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और राठौड़ को आर्थिक नुकसान की भरपाई दिलाने की मांग की गई है। *सरकार को चेतावनी: 29 मार्च को जयपुर में होगा बड़ा प्रदर्शन* पत्रकारों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि इस मामले में जल्द और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की गई तो 29 मार्च को जयपुर में प्रदेशभर के पत्रकार एकजुट होकर बड़ा प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि यह एकता किसी संघर्ष के लिए नहीं, बल्कि न्याय की मांग के लिए है, लेकिन आवश्यकता पड़ने पर इसे लोकतांत्रिक जनआंदोलन का रूप दिया जाएगा। ज्ञापन के अंत में पत्रकारों ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सरकार इस गंभीर मामले में न्याय सुनिश्चित करेगी और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की स्वतंत्रता की रक्षा करेगी। साथ ही यह भी कहा गया कि समय रहते उचित कदम उठाए जाने से स्थिति को और अधिक गंभीरता होने से रोका जा सकता है। इस अवसर पर आईएफडब्ल्यूजे पत्रकार संगठन की जोधपुर जिला इकाई सलाहकार नंदू शाह, प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव गोड़ , संभाग प्रभारी विक्रम सिंह करणोत , जोधपुर प्रेस क्लब अध्यक्ष अजय अस्थाना ,सचिव शिव प्रकाश पुरोहित, जोधपुर जिला अध्यक्ष प्रदीप जोशी, जोधपुर ग्रामीण अध्यक्ष मनोज जैन, उपाध्यक्ष शरद शर्मा , वरिष्ठ पत्रकार अरुण हर्ष, रंजन दवे, चंद्र शेखर व्यास ,योगेश दवे, ललित सिंह, इम्तियाज खान ,समीर,आशीष पुरोहित, जितेंद्र डूडी,करण पूरी,लक्षित दवे,लक्ष्मण मोतीवाल,मुकेश श्रीमाली,जितेंद्र पुरोहित,पुनीत माथुर,सुमित ईश्वर सिंह, पाबू राम, मनीष दाधीच ,नरेंद्र, सिरोही से हमीर सिंह राव, हेमंत अग्रवाल, कुंदन मल राठी, महेंद्र माली, नारायण लाल माली और जगदीश कुमार सहित बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे।1
- रोहिला सेड़वा में अनोखा और भावुक नज़ारा रोहिला सेड़वा में उस समय एक अनोखा और अविस्मरणीय दृश्य देखने को मिला, जब स्वर्गीय श्री सुखराम सुथार के अंतिम संस्कार के दौरान श्मशान घाट पर कुछ अलग ही घटना घटी। जैसे ही अंतिम संस्कार की तैयारियां चल रही थीं और चिता सजाई गई, तभी एक बंदर अचानक वहां आकर चिता के ऊपर बैठ गया। उपस्थित लोग यह दृश्य देखकर हैरान रह गए। कुछ ही देर बाद जब सुखराम सुथार को मुखाग्नि दी गई, तब भी बंदर वहीं मौजूद रहा, मानो किसी गहरे संबंध या संवेदना को व्यक्त कर रहा हो। इस अनोखी घटना ने वहां मौजूद लोगों को भावुक कर दिया और पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई।1
- कावलिया खुर्द में 4 करोड़ 50 लाख की पुलिया का भूमि पूजन, ग्रामीणों को मिलेगा सुगम आवागमन का लाभ रविवार शाम 5,बजे मिली जानकारी अनुसार सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री अविनाश गहलोत ने अपने निर्वाचन क्षेत्र की ग्राम पंचायत कावलिया खुर्द में संजाड़ा प्याऊ से कावलिया खुर्द तक बनने वाली पुलिया के निर्माण कार्य का भूमि पूजन कर शुभारंभ किया। इस पुलिया का निर्माण 4 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से किया जाएगा। भूमि पूजन कार्यक्रम में ग्रामवासियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। ग्रामीणों ने इस विकास कार्य का स्वागत करते हुए खुशी जाहिर की। मंत्री अविनाश गहलोत ने कहा कि यह पुलिया विशेष रूप से बरसात के दिनों में आवागमन को सुगम, सुरक्षित और निर्बाध बनाए रखने में अहम भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिया निर्माण से क्षेत्र के लोगों को लंबे समय से हो रही परेशानियों से राहत मिलेगी और आवागमन में सुधार होगा। इस दौरान उन्होंने ग्रामवासियों से मिले स्नेह, सहयोग और उत्साह के लिए आभार व्यक्त करते हुए क्षेत्र के विकास के लिए निरंतर प्रयास जारी रखने का विश्वास दिलाया।1
- संकट के दौर में भी कारगर साबित हो रही भारत की कूटनीति! पश्चिम एशिया में युद्ध जैसे हालात के बीच भी भारत अपनी कूटनीति के दम पर जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित कर रहा है।1
- सेंदड़ा (ब्यावर) पत्रकार शीतल कुमारी प्रजापत गोचर भूमि में अवैध बालू खनन, ग्रामीणों में रोष,जिला कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन रायपुर तहसील के ग्राम कुरातियां में गोचर भूमि पर अवैध बालू रेत खनन का मामला सामने आया है । ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि खसरा संख्या 36/2 (किस्म गैर मुमकिन गोचर) भूमि से एक ठेकेदार द्वारा लगातार अवैध खनन किया जा रहा है । जिससे गांव में आक्रोश व्याप्त है। इस मामले को लेकर पूर्व वार्ड पंच सुगनसिंह ने रायपुर उपखंड अधिकारी सहित जिला कलेक्टर को भी ज्ञापन सौंप कर अवगत करवाया और कार्यवाही की मांग की गई । ज्ञापन में बताया कि उक्त भूमि पर पहले भी बालू रेत के टीले थे । जिन्हें ठेकेदार द्वारा पूर्व में भी खोदा जा चुका है। इस संबंध में ग्रामीणों ने प्रशासन को अवगत करवाया था । जिसके बाद अधिकारियों के निर्देश पर कुछ समय के लिए खनन कार्य बंद कर दिया गया था और मशीनें हटा ली गई थीं। लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि 17 मार्च 2026 की शाम को ठेकेदार ने पुनः मशीनें लाकर प्रशासनिक आदेशों की अवहेलना करते हुए रातभर बालू रेत का खनन शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि रात के समय डम्परों में भर-भरकर रेत का परिवहन किया जा रहा है और वर्तमान में भी यह सिलसिला जारी है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि संबंधित ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए । उसकी मशीनें जब्त की जाएं और उसे दंडित किया जाए । ताकि भविष्य में इस प्रकार की अवैध गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके। साथ ही ग्रामीणों ने पटवार हल्का स्तर पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं । उनका कहना है कि पटवारी को सूचना देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। बल्कि पटवारी द्वारा ठेकेदार का पक्ष लिए जाने का आरोप लगाया गया । ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि इस मामले में मिलीभगत हो सकती है। ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि यदि खनन विभाग द्वारा कोई अनुमति दी गई है । तो उसकी प्रति सार्वजनिक की जाए । जिससे स्थिति स्पष्ट हो सके।3