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रोहिला सेड़वा में अनोखा और भावुक नज़ारा रोहिला सेड़वा में उस समय एक अनोखा और अविस्मरणीय दृश्य देखने को मिला, रोहिला सेड़वा में अनोखा और भावुक नज़ारा रोहिला सेड़वा में उस समय एक अनोखा और अविस्मरणीय दृश्य देखने को मिला, जब स्वर्गीय श्री सुखराम सुथार के अंतिम संस्कार के दौरान श्मशान घाट पर कुछ अलग ही घटना घटी। जैसे ही अंतिम संस्कार की तैयारियां चल रही थीं और चिता सजाई गई, तभी एक बंदर अचानक वहां आकर चिता के ऊपर बैठ गया। उपस्थित लोग यह दृश्य देखकर हैरान रह गए। कुछ ही देर बाद जब सुखराम सुथार को मुखाग्नि दी गई, तब भी बंदर वहीं मौजूद रहा, मानो किसी गहरे संबंध या संवेदना को व्यक्त कर रहा हो। इस अनोखी घटना ने वहां मौजूद लोगों को भावुक कर दिया और पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई।
Atma Ram Saini
रोहिला सेड़वा में अनोखा और भावुक नज़ारा रोहिला सेड़वा में उस समय एक अनोखा और अविस्मरणीय दृश्य देखने को मिला, रोहिला सेड़वा में अनोखा और भावुक नज़ारा रोहिला सेड़वा में उस समय एक अनोखा और अविस्मरणीय दृश्य देखने को मिला, जब स्वर्गीय श्री सुखराम सुथार के अंतिम संस्कार के दौरान श्मशान घाट पर कुछ अलग ही घटना घटी। जैसे ही अंतिम संस्कार की तैयारियां चल रही थीं और चिता सजाई गई, तभी एक बंदर अचानक वहां आकर चिता के ऊपर बैठ गया। उपस्थित लोग यह दृश्य देखकर हैरान रह गए। कुछ ही देर बाद जब सुखराम सुथार को मुखाग्नि दी गई, तब भी बंदर वहीं मौजूद रहा, मानो किसी गहरे संबंध या संवेदना को व्यक्त कर रहा हो। इस अनोखी घटना ने वहां मौजूद लोगों को भावुक कर दिया और पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई।
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- कावलिया खुर्द में 4 करोड़ 50 लाख की पुलिया का भूमि पूजन, ग्रामीणों को मिलेगा सुगम आवागमन का लाभ रविवार शाम 5,बजे मिली जानकारी अनुसार सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री अविनाश गहलोत ने अपने निर्वाचन क्षेत्र की ग्राम पंचायत कावलिया खुर्द में संजाड़ा प्याऊ से कावलिया खुर्द तक बनने वाली पुलिया के निर्माण कार्य का भूमि पूजन कर शुभारंभ किया। इस पुलिया का निर्माण 4 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से किया जाएगा। भूमि पूजन कार्यक्रम में ग्रामवासियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। ग्रामीणों ने इस विकास कार्य का स्वागत करते हुए खुशी जाहिर की। मंत्री अविनाश गहलोत ने कहा कि यह पुलिया विशेष रूप से बरसात के दिनों में आवागमन को सुगम, सुरक्षित और निर्बाध बनाए रखने में अहम भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिया निर्माण से क्षेत्र के लोगों को लंबे समय से हो रही परेशानियों से राहत मिलेगी और आवागमन में सुधार होगा। इस दौरान उन्होंने ग्रामवासियों से मिले स्नेह, सहयोग और उत्साह के लिए आभार व्यक्त करते हुए क्षेत्र के विकास के लिए निरंतर प्रयास जारी रखने का विश्वास दिलाया।1
- रायपुर (ब्यावर) जर्जर विद्यालय भवनों के पुनर्निर्माण के लिए केंद्र सरकार ने 300 करोड़ रुपये की दी स्वीकृति मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का जताया आभार विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं आधुनिक शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध करवाना हमारी प्राथमिकता — मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश में जर्जर विद्यालय भवनों के पुनर्निर्माण के लिए केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा 300 करोड़ रुपये की स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया है। शर्मा ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए मजबूत आधारभूत संरचना का निर्माण हमारी प्राथमिकता है। हमारा उद्देश्य है कि प्रत्येक विद्यार्थी को सुरक्षित, आधुनिक और प्रेरणादायक शैक्षणिक वातावरण मिले, ताकि वे अपने सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में केंद्र सरकार के इस सहयोग से प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में गुणात्मक सुधार होगा तथा विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।1
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- राजस्थान के सीकर जिले से एक भावुक कर देने वाली खबर सामने आई है, जहां देश के वीर सपूत अग्निवीर जवान हरित जाट को पूरे सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। धोद क्षेत्र के मांडोली गांव निवासी अग्निवीर हरित जाट, उत्तराखंड के उत्तरकाशी में आई भीषण प्राकृतिक आपदा के दौरान ड्यूटी पर तैनात थे। इस आपदा में वह करीब सात महीने पहले लापता हो गए थे। सेना द्वारा लंबे समय तक सर्च ऑपरेशन चलाया गया, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल सका। इसके बाद नवंबर 2025 में सेना ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शुक्रवार को सेना के जवान उनके घर पहुंचे और परिजनों को तिरंगा सूटकेस और प्रमाण पत्र सौंपकर अंतिम सम्मान दिया। इस दौरान नेछवा से मांडोली तक करीब 5 किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। गांव के मुख्य चौक में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई, जहां जनप्रतिनिधियों और सेना के जवानों ने पुष्पचक्र अर्पित कर वीर जवान को नमन किया। सेना की 14वीं राजपूताना राइफल के जवानों ने सलामी देकर उन्हें अंतिम सम्मान दिया। इस मौके पर जनप्रतिनिधियों ने शहीद के परिवार को हर संभव सहायता देने का भरोसा दिलाया। वहीं ग्रामीणों ने गांव के सरकारी स्कूल का नाम शहीद हरित जाट के नाम पर रखने की मांग भी रखी। देश अपने इस वीर सपूत को हमेशा याद रखेगा।1