संसद में घमासान: राहुल गांधी के "जादूगर" वाले बयान पर बीजेपी का तीखा पलटवार नई दिल्ली: संसद के सत्र के दौरान आज उस वक्त भारी हंगामा देखने को मिला जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए उन्हें "जादूगर" कह दिया। यह बहस महिला आरक्षण बिल और परिसीमन (Delimitation) चर्चा के दौरान हो रही थी। बयान के मुख्य बिंदु: "जादू" से तुलना: राहुल गांधी ने अपने भाषण में नोटबंदी, ऑपरेशन बालाकोट और सिंदूर जैसे मुद्दों का जिक्र किया और इन्हें प्रधानमंत्री के "जादू" से जोड़ा। विपक्ष का हमला: उन्होंने सरकार की नीतियों पर कटाक्ष करते हुए संसदीय चर्चा को एक अलग मोड़ देने की कोशिश की। सत्ता पक्ष की प्रतिक्रिया: राहुल गांधी की इस टिप्पणी पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसदों ने कड़ा ऐतराज जताया। सदन में मौजूद वरिष्ठ मंत्रियों ने मोर्चा संभाला: राजनाथ सिंह: रक्षा मंत्री ने राहुल गांधी के शब्दों के चयन पर आपत्ति जताई और इसे सदन की गरिमा के खिलाफ बताया। किरेन रिजिजू: उन्होंने राहुल गांधी के आरोपों का तीखा विरोध किया, जिसके बाद सदन में काफी शोर-शराबा शुरू हो गया। परिणाम: हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही में बार-बार बाधा आई। बीजेपी का कहना है कि गंभीर मुद्दों पर चर्चा के बजाय विपक्ष व्यक्तिगत छींटाकशी कर रहा है, जबकि कांग्रेस इसे सरकार की विफलताओं को उजागर करने का तरीका बता रही है। सोशल मीडिया के लिए हेडलाइन सुझाव: "संसद में बवाल: राहुल गांधी ने PM को कहा 'जादूगर', राजनाथ सिंह ने किया तीखा विरोध!" "नोटबंदी और बालाकोट को राहुल ने बताया 'जादू', संसद में बीजेपी सांसदों का भारी हंगामा।"
संसद में घमासान: राहुल गांधी के "जादूगर" वाले बयान पर बीजेपी का तीखा पलटवार नई दिल्ली: संसद के सत्र के दौरान आज उस वक्त भारी हंगामा देखने को मिला जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए उन्हें "जादूगर" कह दिया। यह बहस महिला आरक्षण बिल और परिसीमन (Delimitation) चर्चा के दौरान हो रही थी। बयान के मुख्य बिंदु: "जादू" से तुलना: राहुल गांधी ने अपने भाषण में नोटबंदी, ऑपरेशन बालाकोट और सिंदूर जैसे मुद्दों का जिक्र किया और इन्हें प्रधानमंत्री के "जादू" से जोड़ा। विपक्ष का हमला: उन्होंने सरकार की नीतियों पर कटाक्ष करते हुए संसदीय चर्चा को एक अलग मोड़ देने की कोशिश की। सत्ता पक्ष की प्रतिक्रिया: राहुल गांधी की इस टिप्पणी पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसदों ने कड़ा ऐतराज जताया। सदन में मौजूद वरिष्ठ मंत्रियों ने मोर्चा संभाला: राजनाथ सिंह: रक्षा मंत्री ने राहुल गांधी के शब्दों के चयन पर आपत्ति जताई और इसे सदन की गरिमा के खिलाफ बताया। किरेन रिजिजू: उन्होंने राहुल गांधी के आरोपों का तीखा विरोध किया, जिसके बाद सदन में काफी शोर-शराबा शुरू हो गया। परिणाम: हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही में बार-बार बाधा आई। बीजेपी का कहना है कि गंभीर मुद्दों पर चर्चा के बजाय विपक्ष व्यक्तिगत छींटाकशी कर रहा है, जबकि कांग्रेस इसे सरकार की विफलताओं को उजागर करने का तरीका बता रही है। सोशल मीडिया के लिए हेडलाइन सुझाव: "संसद में बवाल: राहुल गांधी ने PM को कहा 'जादूगर', राजनाथ सिंह ने किया तीखा विरोध!" "नोटबंदी और बालाकोट को राहुल ने बताया 'जादू', संसद में बीजेपी सांसदों का भारी हंगामा।"
- Post by Afzal pathan patrakaar1
- प्रयागराज श्री नारायण आश्रम प्रांगण शिवकुटी स्थित श्री महाप्रभु पब्लिक स्कूल में नवप्रवेशी विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों के लिए एक भव्य ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्रातः 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक विद्यालय में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य नवीन विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को विद्यालय के वातावरण, शिक्षण पद्धति तथा नियमों से अवगत कराना था। इस अवसर पर विद्यालय परिवार द्वारा सभी अभिभावकों का हार्दिक स्वागत किया गया। विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. रविंदर पाल कौर बिरदी ने अपने संबोधन में अभिभावकों को विद्यालय की कार्यनीति, शिक्षण पद्धति तथा ब्लूम्स् टैक्सोनॉमी के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किस प्रकार यह पद्धति बच्चों के बौद्धिक विकास को सुदृढ़ बनाती है और उन्हें सोचने, समझने तथा रचनात्मकता विकसित करने के लिए प्रेरित करती है। साथ ही उन्होंने अभिभावकों से अपेक्षा की कि वे बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु घर पर सकारात्मक वातावरण प्रदान करें, उनके अध्ययन में रुचि लें, अनुशासन एवं नैतिक मूल्यों को बढ़ावा दें तथा विद्यालय के साथ निरंतर सहयोग बनाए रखें। उन्होंने यह भी कहा कि विद्यालय और अभिभावकों के संयुक्त प्रयास से ही बच्चों का उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित किया जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की शैक्षिक व्यवस्था, अनुशासन, सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों एवं विद्यार्थियों के समग्र विकास पर विशेष प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम के सफल संचालन में विद्यालय के शिक्षकों एवं स्टाॅफ का योगदान रहा। अतिथि अभिभावकों के लिए जलपान की भी समुचित व्यवस्था की गई। अंत में विद्यालय प्रशासन ने सभी अभिभावकों को धन्यवाद ज्ञापित किया तथा भविष्य में भी उनके सहयोग की अपेक्षा व्यक्त की। डॉ रविन्दर पाल कौर बिरदी,प्रिंसिपल,SMPPS, प्रयागराज। पवनदेव,लोकप्रिय,टीवी पत्रकार, प्रयागराज।1
- कोयला लदा ट्रक रेलिंग तोड़ते हुए अनियंत्रित होकर टोंस नदी में गिरा।1
- Post by संजय मीडिया1
- सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक युवती प्यार में धोखा मिलने के बाद अपनी भावनाओं को जाहिर करती नजर आ रही है। वीडियो में युवती काफी भावुक दिख रही है और अपने रिश्ते में हुए विश्वासघात को लेकर दुख व्यक्त कर रही है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो किसी निजी विवाद के बाद रिकॉर्ड किया गया, जिसे बाद में सोशल मीडिया पर साझा किया गया और देखते ही देखते वायरल हो गया। इस वीडियो को लेकर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग युवती के दर्द को समझने की बात कर रहे हैं, तो वहीं कुछ लोग ऐसे निजी मामलों को सार्वजनिक करने पर सवाल उठा रहे हैं। #ViralVideo #LoveAffair #Relationship Drama1
- Post by Ghatnaein News1
- प्रयागराज यमुनापार में टोंस नदी से अवैध बालू खनन जोरों पर, प्रशासन मौन प्रयागराज जनपद के यमुनापार क्षेत्र अंतर्गत कौधियारा थाना क्षेत्र अंतर्गत खुझी व खीरी थाना क्षेत्र में टोंस नदी से अवैध बालू खनन बड़े पैमाने पर फल-फूल रहा है। ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक घाटों से प्रतिदिन बड़े पैमाने पर अवैध बालू निकासी की जा रही है, जिससे नदी के अस्तित्व और पर्यावरण पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि खुझी गाँव से नचई पुत्र कमलेश, पिपरांव में अनुप , ककराही में भैरव, पिपरहटा पंप कैनाल क्षेत्र में अजय, राहुल और संजय, वहीं खरका गांव में सुरेश व सभाजीत यादव सहित अन्य लोगों द्वारा टोंस नदी के विभिन्न घाटों से लगातार बालू खनन कराया जा रहा है। खनन में जेसीबी मशीनों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का खुलेआम इस्तेमाल हो रहा है, जिससे नदी का बहाव प्रभावित हो रहा है और आसपास के खेतों में कटान का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि इस अवैध खनन को लेकर कई बार खनन अधिकारी वैभव सोनी से लिखित और मौखिक शिकायत की गई, लेकिन अब तक किसी भी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि अवैध खनन के कारण न केवल पर्यावरणीय असंतुलन पैदा हो रहा है, बल्कि सरकारी राजस्व को भी भारी नुकसान हो रहा है। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी आंख मूंदे हुए हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही अवैध खनन पर रोक नहीं लगाई गई और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। फिलहाल, खीरी थाना क्षेत्र में टोंस नदी से हो रहे इस अवैध बालू खनन को लेकर प्रशासन की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रहे है। अब देखना यह है कि जिम्मेदार विभाग कब जागता है और नदी व पर्यावरण को बचाने के लिए कोई ठोस कदम उठाता है या नहीं।1
- Post by Afzal pathan patrakaar1