प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता पर टिप्पणी की मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की कड़ी निंदा भोपाल। बिहार की राजधानी पटना में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता के संबंध में की गई टिप्पणी पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कड़ी नाराजगी जताते हुए इसकी निंदा की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राजनीतिक स्वार्थों के लिए दिवंगत व्यक्तियों के परिजनों को राजनीति में घसीटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। राजनीति में विचारों का मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन भाषा और व्यवहार में मर्यादा बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में राजनीतिक दलों और उनके नेताओं को अपने बयानों में गरिमा और संवेदनशीलता का ध्यान रखना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के इस आचरण की कठोर शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि जनता इस तरह के व्यवहार को कभी माफ नहीं करेगी।
प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता पर टिप्पणी की मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की कड़ी निंदा भोपाल। बिहार की राजधानी पटना में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता के संबंध में की गई टिप्पणी पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कड़ी नाराजगी जताते हुए इसकी निंदा की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राजनीतिक स्वार्थों के लिए दिवंगत व्यक्तियों के परिजनों को राजनीति में घसीटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। राजनीति में विचारों का मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन भाषा और व्यवहार में मर्यादा बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में राजनीतिक दलों और उनके नेताओं को अपने बयानों में गरिमा और संवेदनशीलता का ध्यान रखना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के इस आचरण की कठोर शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि जनता इस तरह के व्यवहार को कभी माफ नहीं करेगी।
- प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता पर टिप्पणी की मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की कड़ी निंदा भोपाल। बिहार की राजधानी पटना में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता के संबंध में की गई टिप्पणी पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कड़ी नाराजगी जताते हुए इसकी निंदा की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राजनीतिक स्वार्थों के लिए दिवंगत व्यक्तियों के परिजनों को राजनीति में घसीटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। राजनीति में विचारों का मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन भाषा और व्यवहार में मर्यादा बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में राजनीतिक दलों और उनके नेताओं को अपने बयानों में गरिमा और संवेदनशीलता का ध्यान रखना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के इस आचरण की कठोर शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि जनता इस तरह के व्यवहार को कभी माफ नहीं करेगी।1
- रात के अंधेरे में भी खनिज विभाग की चौकस नजर! सोन नदी घाट पर संयुक्त निरीक्षण, 200 घन मीटर रेत स्टॉक नष्ट, घड़ियाल संरक्षण क्षेत्र में खनन गतिविधियों पर निगरानी तेज, सिंगरौली- सोन नदी के घड़ियाल संरक्षण क्षेत्र में अवैध खनन एवं रेत के अवैध परिवहन पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से प्रशासन की निगरानी लगातार जारी है। इसी क्रम में 26 अक्टूबर की रात गढ़वा थाना अंतर्गत सोन घड़ियाल क्षेत्र में सोन नदी के घाटों का संयुक्त निरीक्षण किया गया। जिला खनिज अधिकारी सुश्री आकांक्षा पटेल से प्राप्त जानकारी के अनुसार, निरीक्षण अभियान में सोन नदी घड़ियाल वन अमला, पुलिस अमला तथा खनिज विभाग की संयुक्त टीम शामिल रही। टीम ने रात के समय नदी घाट क्षेत्र का बारीकी से निरीक्षण करते हुए संभावित अवैध खनन एवं रेत परिवहन के रास्तों पर निगरानी की। घाट पर नहीं मिला वाहन या मशीनरी संयुक्त निरीक्षण के दौरान नदी घाट क्षेत्र में किसी भी वाहन अथवा खनन मशीनरी की मौजूदगी नहीं पाई गई। इससे यह स्पष्ट हुआ कि निरीक्षण के समय घाट पर प्रत्यक्ष रूप से रेत के अवैध उत्खनन की गतिविधि संचालित नहीं थी। इसके बावजूद टीम ने आसपास के क्षेत्रों में रेत के भंडारण और संभावित अवैध परिवहन की स्थिति की भी जांच की। पिपरझर में मिला करीब 200 घन मीटर रेत का स्टॉक निरीक्षण के दौरान ग्राम पिपरझर में लगभग 200 घन मीटर रेत का स्टॉक पाया गया। रात के समय इस भंडारित रेत से खनिज रेत के अवैध परिवहन की आशंका को देखते हुए संयुक्त टीम ने तत्काल कार्रवाई की और रेत के स्टॉक को मौके पर ही नष्ट कर दिया। संरक्षित क्षेत्र में रात की निगरानी बनी जरूरी कदम सोन नदी का यह क्षेत्र घड़ियाल संरक्षण की दृष्टि से संवेदनशील है। ऐसे में रेत के अवैध उत्खनन, भंडारण और परिवहन की गतिविधियों पर रात के समय भी निगरानी रखना महत्वपूर्ण है। संयुक्त निरीक्षण से यह संदेश भी गया है कि नदी घाटों पर ही नहीं, बल्कि आसपास किए गए रेत भंडारण पर भी विभाग की नजर है। समीक्षात्मक रूप से देखें तो यह कार्रवाई केवल अवैध रेत मिलने पर की गई कार्रवाई नहीं, बल्कि संभावित अवैध परिवहन की श्रृंखला को उसके स्रोत पर ही रोकने का प्रयास है। वन, पुलिस और खनिज विभाग की संयुक्त निगरानी से सोन नदी के संवेदनशील घाटों में अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने की दिशा में प्रभावी दबाव बनाया जा सकता है। .........2
- सोन नदी घाट पर संयुक्त निरीक्षण, 200 घन मीटर रेत का स्टॉक नष्ट सोन नदी घाट पर संयुक्त निरीक्षण, 200 घन मीटर रेत का स्टॉक नष्ट सिंगरौली। दिनांक 26 अक्टूबर 2026 की रात गढ़वा थाना अंतर्गत सोन घड़ियाल क्षेत्र के सोन नदी घाट का सोन घड़ियाल वन अमले, पुलिस और खनिज विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान नदी घाट क्षेत्र में कोई वाहन या मशीन नहीं मिली। वहीं, ग्राम पिपरझर में लगभग 200 घन मीटर रेत का स्टॉक पाया गया। रात में उक्त स्टॉक से रेत के अवैध परिवहन की आशंका के चलते रेत को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।2
- इनके जज्बे को सलाम , काश इनको कही युद्ध में कोई अवशर मिल जाता ये भी अपनी तमन्ना पूरी कर लेते1
- घिवही में गृह प्रवेश समारोह पर पूर्व ग्राम प्रधान राम नारायण शर्मा एवं पत्रकार जितेन्द्र प्रसाद को अंगवस्त्र भेंटकर किया सम्मानित। घिवही में गृह प्रवेश समारोह पर पूर्व ग्राम प्रधान राम नारायण शर्मा एवं पत्रकार जितेन्द्र प्रसाद को अंगवस्त्र भेंटकर किया सम्मानित। घिवही निवासी छोटू चन्दवशी ने गृह प्रवेश के अवसर पर अतिथियों का किया सम्मान, पारंपरिक रीति-रिवाजों के बीच संपन्न हुआ कार्यक्रम। घिवही, सोनभद्र। सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को ग्राम पंचायत घिवही निवासी छोटू चन्दवशी के मकान के गृह प्रवेश समारोह के अवसर पर सम्मान एवं आत्मीयता का माहौल देखने को मिला। इस अवसर पर ग्राम पंचायत घिवही के पूर्व ग्राम प्रधान राम नारायण शर्मा जी एवं पत्रकार जितेन्द्र प्रसाद को अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया गया। गृह प्रवेश के इस शुभ अवसर पर छोटू चन्दवशी ने दोनों अतिथियों को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मान प्रकट किया। इस दौरान आपसी मेल-मिलाप, सम्मान और सामाजिक सौहार्द की भावना देखने को मिली। गृह प्रवेश किसी भी परिवार के जीवन का एक महत्वपूर्ण और यादगार अवसर होता है। ऐसे आयोजनों में क्षेत्र के गणमान्य लोगों एवं परिचितों को आमंत्रित कर सम्मान देना आपसी संबंधों को मजबूत बनाने और सामाजिक एकता को बढ़ावा देने का माध्यम बनता है। इस अवसर पर पूर्व ग्राम प्रधान राम नारायण शर्मा एवं पत्रकार जितेन्द्र प्रसाद को सम्मानित किए जाने की चर्चा रही। कार्यक्रम ने क्षेत्र में आपसी सद्भाव, सम्मान और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। रिपोर्ट: जितेन्द्र प्रसाद | भारत दृष्टि लाइव न्यूज़4
- गैस सिलेंडर में आग लगने से गृहस्थी जली, परिवार बाल-बाल बचा,आर्थिक सहायता की मांग दुद्धी (सोनभद्र)। विंढमगंज थाना क्षेत्र के बोम गांव के वार्ड नंबर 10 स्थित अगरिया बस्ती में सोमवार रात गैस चूल्हे पर खाना बनाते समय अचानक आग लगने से एक परिवार की गृहस्थी का सारा सामान जलकर खाक हो गया। घर के मुखिया की सूझबूझ से परिवार के सभी सदस्य समय रहते सुरक्षित बाहर निकल गए, जिससे बड़ा हादसा टल गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, अमरजीत चेरो पुत्र स्व. मोती लाल चेरो के घर पर रात करीब सवा नौ बजे उनकी 58 वर्षीय पत्नी लालती देवी गैस चूल्हे पर चावल पका रही थीं। इसी दौरान अचानक गैस सिलेंडर में आग लग गई। अमरजीत ने बताया कि आग किस कारण लगी, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। घटना के समय अमरजीत अपनी पत्नी और नातियों के साथ घर में मौजूद थे। आग लगते ही उन्होंने तत्परता दिखाते हुए पत्नी और नातियों को सुरक्षित बाहर निकाला। शोर सुनकर मौके पर ग्रामीणों की भारी संख्या पहुंच गई। ग्रामीणों ने बालू, बाल्टी और डिब्बों से पानी लाकर करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। स्थानीय लोगों ने बताया कि गनीमत रही कि आग लगने के दौरान सिलेंडर में विस्फोट नहीं हुआ, अन्यथा आसपास के इलाके में भारी तबाही हो सकती थी। आग में परिवार का खाने पीने का सामान, बिस्तर और अन्य घरेलू सामग्री पूरी तरह जल गई। हजारों रुपये के नुकसान की आशंका है, लेकिन परिवार का कोई सदस्य घायल नहीं हुआ। पड़ोसियों राय सिंह, श्रवण कुमार और राजेश कुमार ने बताया कि अमरजीत दिहाड़ी मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करते हैं। उनकी आर्थिक स्थिति पहले से कमजोर है और इस दुर्घटना ने परिवार के सामने बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। अमरजीत ने बताया कि गांव की ग्राम प्रधान नकछेदी का लगभग 10 दिन पूर्व निधन हो गया था। परिवार इस समय शोक और कर्मकांड में व्यस्त होने के कारण उनसे संपर्क नहीं हो सका है। पीड़ित परिवार और पड़ोसियों ने शासन प्रशासन, राजस्व विभाग तथा लेखपालों से मामले में संज्ञान लेते हुए पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक सहायता देने की मांग की है।1
- ये बस बगोर से रीवा जा रही है इसमें सीट से ज्यादा सवारी की गर्दी है पब्लिक परेशान है सफर करने में दिक्कत ये है कि सीधी जिले के ग्रामीण क्षेत्र से रीवा जाने के लिए दोपहर 1, 2बजे बीच दो ही बस है1
- प्रदेश सरकार द्वारा किसान कल्याण वर्ष में ‘स्वामित्व योजना’ के अंतर्गत निःशुल्क रजिस्ट्रियां की जा रही है। हम पारदर्शिता के साथ हर वर्ग के कल्याण और जनहित के लिए प्रतिबद्ध हैं। मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के माध्यम से प्रत्येक शुक्रवार नागरिकों के बीच पहुंचकर उनसे संवाद किया जा रहा है और उनकी समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है : CM डॉ मोहन यादव1