सिरसा पीपा पुल पर रात में भीषण जाम, घंटों ठप रही आवाजाही मेजा, प्रयागराज। मेजा क्षेत्र के सिरसा स्थित पीपा पुल पर गुरुवार देर रात करीब 1:00 बजे भीषण जाम लग गया। पुल के बीचो-बीच दोनों ओर से वाहनों के एक साथ आ जाने के कारण यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। जाम इतना लंबा था कि पुल के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, देर रात अचानक बढ़े दबाव और अव्यवस्थित आवागमन के चलते पुल पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। जाम में फंसे यात्रियों के बीच कहासुनी भी हो गई, जो मारपीट में बदलने की स्थिति तक पहुंच गई थी। इससे मौके पर कुछ देर के लिए तनावपूर्ण माहौल बना रहा। घटना की सूचना तत्काल डायल 112 पर पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही 112 नंबर की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद वाहनों को एक-एक कर निकलवाते हुए जाम खुलवाया। पुलिस की कार्रवाई के बाद यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो सका। स्थानीय लोगों का कहना है कि पीपा पुल पर अक्सर इस तरह की समस्या बनती रहती है। उन्होंने प्रशासन से पुल पर यातायात व्यवस्था सुदृढ़ करने और रात में पुलिस की नियमित तैनाती की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति से बचा जा सके।
सिरसा पीपा पुल पर रात में भीषण जाम, घंटों ठप रही आवाजाही मेजा, प्रयागराज। मेजा क्षेत्र के सिरसा स्थित पीपा पुल पर गुरुवार देर रात करीब 1:00 बजे भीषण जाम लग गया। पुल के बीचो-बीच दोनों ओर से वाहनों के एक साथ आ जाने के कारण यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। जाम इतना लंबा था कि पुल के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, देर रात अचानक बढ़े दबाव और अव्यवस्थित आवागमन के चलते पुल पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। जाम में फंसे यात्रियों के बीच कहासुनी भी हो गई, जो मारपीट में बदलने की स्थिति तक पहुंच गई थी। इससे मौके पर कुछ देर के लिए तनावपूर्ण माहौल बना रहा। घटना की सूचना तत्काल डायल 112 पर पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही 112 नंबर की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद वाहनों को एक-एक कर निकलवाते हुए जाम खुलवाया। पुलिस की कार्रवाई के बाद यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो सका। स्थानीय लोगों का कहना है कि पीपा पुल पर अक्सर इस तरह की समस्या बनती रहती है। उन्होंने प्रशासन से पुल पर यातायात व्यवस्था सुदृढ़ करने और रात में पुलिस की नियमित तैनाती की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति से बचा जा सके।
- मेजा, प्रयागराज। मेजा तहसील क्षेत्र के विकास खंड उरूवा अंतर्गत अरई गाँव इन दिनों चर्चा का केंद्र बना हुआ है। यहाँ एक पुराने नीम के पेड़ से अचानक निकल रहे दूधिया सफेद पदार्थ ने ग्रामीणों में कौतूहल और आस्था दोनों जगा दी है। ग्रामीणों के अनुसार, गाँव में स्थित नीम के पेड़ के तने से स्वतः ही दूध जैसा सफेद तरल पदार्थ बाहर निकल रहा है। जैसे ही यह खबर फैली, आसपास के गाँवों से लोग इसे देखने के लिए पहुँचने लगे। स्थानीय लोगों ने इसे आस्था से जोड़ते हुए पेड़ के पास अगरबत्ती व फूल चढ़ाकर पूजा-अर्चना शुरू कर दी है। ग्रामीणों ने इस पेड़ को ‘दूधिया नीम’ नाम दे दिया है और कई लोग इसे दैवीय संकेत मान रहे हैं। मौके पर पहुंचे ग्रामीण ओमप्रकाश, धीरज, संदीप, भीम, जयप्रकाश, कल्लू, श्रीयांश और रिदय ने भी इस दृश्य को देखा और अपनी आस्था व्यक्त की। उधर, इस अनोखी घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे दूर-दराज के क्षेत्रों में भी इसकी चर्चा फैल गई है। बड़ी संख्या में लोग वीडियो साझा कर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएँ दे रहे हैं। फिलहाल अरई गाँव का यह नीम का पेड़ लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है और क्षेत्र में यही चर्चा का प्रमुख विषय बना है।1
- मेजा,प्रयागराज । जनपद प्रयागराज के मेजा तहसील अंतर्गत अरई गाँव इन दिनों एक नीम के पेड़ से सफेद तरल पदार्थ निकल रहा है जो लोगों में बेहद चर्चा का विषय बना हुआ है। यहाँ एक पुराने नीम के पेड़ से अचानक निकल रहे 'रहस्यमयी श्वेत पदार्थ' ने ग्रामीणों के बीच कौतूहल और आस्था का माहौल पैदा कर दिया है। ग्रामीणों के अनुसार, गाँव में स्थित एक नीम के पेड़ के तने से दूध जैसा सफेद तरल पदार्थ (स्वेत पदार्थ) स्वतः ही बाहर निकल रहा है। जैसे ही यह खबर फैली, आसपास के इलाकों से लोगों का हुजूम इसे देखने के लिए उमड़ पड़ा। स्थानीय लोग इसे किसी दैवीय चमत्कार या भगवान का आशीर्वाद मानकर पेड़ की पूजा-अर्चना करने लगे हैं। लोगों ने पेड़ के पास अगरबत्ती और फूल चढ़ाकर इसे 'दूधिया नीम' का नाम दे दिया है। क्या कहता है विज्ञान? हालांकि जनमानस में इसे चमत्कार माना जा रहा है, लेकिन वनस्पति विज्ञान (Botany) के नजरिए से इसके पीछे ठोस वैज्ञानिक कारण हो सकते हैं: * बैक्टेरियल वेटवुड (Bacterial Wetwood): यह एक सामान्य स्थिति है जिसे 'स्लाइम फ्लक्स' भी कहा जाता है। जब पेड़ के तने के अंदर बैक्टीरिया पनपते हैं, तो वे आंतरिक दबाव पैदा करते हैं, जिससे सफेद या मटमैला तरल बाहर निकलने लगता है। * पौधे का दबाव: कभी-कभी जमीन में अत्यधिक नमी या पोषक तत्वों के असंतुलन के कारण पेड़ के जाइलम (Xylem) ऊतकों से रस का रिसाव होने लगता है। * कीटों का प्रभाव: तने के अंदर मौजूद कुछ कीट भी इस तरह के रिसाव का कारण बन सकते हैं। सामाजिक प्रभाव अरई गाँव में इस घटना ने विज्ञान और आस्था के बीच एक बहस छेड़ दी है। जहाँ बुजुर्ग और श्रद्धालु इसे प्रकृति का संकेत मान रहे हैं, वहीं जागरूक युवा और विशेषज्ञ इसे एक प्राकृतिक प्रक्रिया के रूप में देख रहे हैं। प्रशासन और कृषि वैज्ञानिकों का अक्सर ऐसे मामलों में यह सुझाव होता है कि इस तरह के पदार्थ का सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है, क्योंकि इसमें बैक्टीरिया की अधिकता होती है। निष्कर्ष: मेजा के अरई गाँव की यह घटना हमारी लोक संस्कृति और प्रकृति के प्रति हमारी संवेदनशीलता को दर्शाती है। चमत्कार हो या विज्ञान, इस नीम के पेड़ ने निश्चित रूप से गाँव को चर्चा के केंद्र में ला खड़ा किया है। देखिए पूरी वीडियो1
- प्रयागराज जिले के बसवार फायरिंग कांड को लेकर 50 बालू मजदूरों की रैली, आरोपियों पर कार्रवाई की मांग अखिल भारतीय किसान मजदूर सभा के नेतृत्व में शुक्रवार को बसवार फायरिंग कांड के विरोध में करीब 50 बालू मजदूरों ने रैली निकालकर थाना घूरपुर पहुंचकर प्रदर्शन किया। मजदूरों ने एसीपी कौंधियारा श्री अब्दुल सलाम खान को तहरीर सौंपते हुए नामजद आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की। मजदूरों द्वारा दी गई तहरीर में (1) चंदू निषाद, (2) नितिन निषाद, (3) रतन निषाद, (4) रामजी निषाद, (5) सुखलाल पासी, (6) लक्ष्मन सिंह, (7) धनराज पासी समेत करीब 30 अन्य लोगों पर फायरिंग करने और घटना में शामिल होने का आरोप लगाया गया है। तहरीर में मजदूरों ने कहा कि वे लंबे समय से सरकार से 24 जून 2019 के आदेश को वापस लेने, हर घाट पर बालू मंडी शुरू करने, मशीनों व लोडरों पर रोक लगाने तथा अवैध वसूली बंद कर नाव द्वारा खनन शुरू कराने की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि सरकार द्वारा बीच-बीच में खनन की छूट दिए जाने की जानकारी मिलती रही है, इसी के तहत बसवार घाट पर खनन कार्य चल रहा था। मजदूरों का कहना है कि बसवार घाट पर चल रहे खनन को रोकने और नावों को विद्यापीठ घाट पर उतारने का दबाव बनाने के उद्देश्य से आरोपियों ने फायरिंग की, जिससे दहशत का माहौल बन गया। इस संबंध में एसीपी कौंधियारा श्री अब्दुल सलाम खान ने बताया कि घटना को लेकर पहले ही एक मुकदमा दर्ज किया जा चुका है, जिसमें मुख्य आरोपी चंदू निषाद को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने मजदूरों द्वारा दी गई नई तहरीर के आधार पर भी मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। घटना को लेकर क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है, वहीं मजदूर संगठनों ने दोषियों की गिरफ्तारी और सुरक्षा की मांग दोहराई।1
- प्रयागराज के औद्योगिक थाना क्षेत्र अंतर्गत रामपुर तिराहा के पास गुरुवार को एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जिसमें दोपहिया वाहन सवार व्यक्ति की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी जोरदार थी कि वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और आसपास अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने आसपास के लोगों से जानकारी जुटाकर हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल दुर्घटना कैसे हुई, इसकी जांच जारी है।1
- समाजसेवी द्वारा बताया जा रहा है नहर की पुलिया बनाने में ग्रामीण लोगों का कितना बड़ा सहयोग रहा1
- jinhen shauk hai ek dusre Ko nicha dikhane ka yah unke liye ham log to middle class family se hain aap hamen niche dikhaoge Koi fark nahin padega afsos is baat ka hai ISI din upar wala Ruth Gaya to aapko niche dikha diya to aapka kya hoga is baat ka afsos jarur rahata hai Radhe Radhe1
- एस ए आर की नोटिस ग्राम पंचायत पूर्व खास में ग्राम सभा के लोगों को देते हुए और उनसे कुछ दस्तावेज मांग कर जो नोटिस आई थी उसे नोटिस को दस्तावेज को लेकर अपलोड कर दिया गया जिससे उनकी दोबारा नोटिस नहीं आ सकेगी1
- मेजा, प्रयागराज। मेजा क्षेत्र के सिरसा स्थित पीपा पुल पर गुरुवार देर रात करीब 1:00 बजे भीषण जाम लग गया। पुल के बीचो-बीच दोनों ओर से वाहनों के एक साथ आ जाने के कारण यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। जाम इतना लंबा था कि पुल के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, देर रात अचानक बढ़े दबाव और अव्यवस्थित आवागमन के चलते पुल पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। जाम में फंसे यात्रियों के बीच कहासुनी भी हो गई, जो मारपीट में बदलने की स्थिति तक पहुंच गई थी। इससे मौके पर कुछ देर के लिए तनावपूर्ण माहौल बना रहा। घटना की सूचना तत्काल डायल 112 पर पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही 112 नंबर की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद वाहनों को एक-एक कर निकलवाते हुए जाम खुलवाया। पुलिस की कार्रवाई के बाद यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो सका। स्थानीय लोगों का कहना है कि पीपा पुल पर अक्सर इस तरह की समस्या बनती रहती है। उन्होंने प्रशासन से पुल पर यातायात व्यवस्था सुदृढ़ करने और रात में पुलिस की नियमित तैनाती की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति से बचा जा सके।1