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अंबेडकरनगर में जलते ट्रक को लेकर भागा ड्राइवर, VIDEO:बिजली का खंभा टूटकर ऊपर गिरा था, आबादी से दूर ले गया चालक
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अंबेडकरनगर में जलते ट्रक को लेकर भागा ड्राइवर, VIDEO:बिजली का खंभा टूटकर ऊपर गिरा था, आबादी से दूर ले गया चालक
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- Post by Dushyant Kumar Journalist1
- “रिबोर के नाम पर 57 हजार की निकासी, जमीन पर नहीं दिखा काम” अम्बेडकरनगर। विकास खंड बसखारी के ग्राम सभा शंकरपुर विशुनपुर में नल (हैंडपंप) रिबोर के नाम पर 57,586 रुपये की धनराशि निकाले जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि बिना वास्तविक कार्य कराए ही भुगतान दर्शा दिया गया। जानकारी के अनुसार, दिनांक 24 मई 2025 को रायपुर आंगनबाड़ी केंद्र के पास स्थित हैंडपंप के रिबोर के नाम पर ग्राम पंचायत खाते से भुगतान किया गया। जबकि स्थानीय प्राथमिक विद्यालय के एक अध्यापक का कहना है कि उक्त हैंडपंप पहले से लगा हुआ था और उसमें केवल समरसेबल पंप डाला गया है, रिबोर जैसा कोई कार्य नहीं कराया गया। ग्रामीणों के अनुसार, रिबोर का अर्थ हैंडपंप की पुनः खुदाई या गहराई बढ़ाना होता है, लेकिन मौके पर ऐसा कोई कार्य दिखाई नहीं देता। ऐसे में बिना कार्य के भुगतान किए जाने पर सवाल उठ रहे हैं। मामले में ग्राम पंचायत सचिव व प्रधान की भूमिका को लेकर भी संदेह जताया जा रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि मिलीभगत से फर्जी भुगतान कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई तथा धन की रिकवरी की मांग की है।1
- अम्बेडकरनगर पुलिस की बड़ी कामयाबी, 25 लाख की मोबाइल लौटाई अम्बेडकरनगर पुलिस ने आमजन को बड़ी राहत देते हुए मोबाइल रिकवरी अभियान में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। पुलिस अधीक्षक अभिजित आर शंकर के निर्देशन में गठित मोबाइल रिकवरी सेल (सर्विलांस टीम) ने जनपद के विभिन्न थाना क्षेत्रों से गुम हुए कुल 125 मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 25 लाख रुपये बताई जा रही है। यह कार्रवाई अपर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) हरेन्द्र कुमार एवं अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) श्याम देव के पर्यवेक्षण में लगातार चलाए गए अभियान का परिणाम है। सर्विलांस सेल टीम के अथक प्रयासों से विभिन्न स्थानों से मोबाइल ट्रेस कर उन्हें सुरक्षित बरामद किया गया। पुलिस द्वारा बरामद सभी मोबाइलों के धारकों को सूचित कर आज उन्हें उनके फोन वापस सौंपे जा रहे हैं। लंबे समय से अपने मोबाइल खो चुके लोगों के चेहरे पर खुशी साफ देखी गई, वहीं पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना भी हो रही है। जनहित में अपील पुलिस अधीक्षक ने आमजन से अपील की है कि वे अपने मोबाइल में संचार साथी ऐप को प्ले स्टोर से डाउनलोड करें। इससे मोबाइल खोने या चोरी होने की स्थिति में आवश्यक जानकारी और सहायता तुरंत मिल सकती है। साथ ही, मोबाइल खो जाने पर नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे मोबाइल का बिल/IMEI नंबर, आधार कार्ड व अन्य पहचान पत्र के साथ अपने नजदीकी थाने पर जाकर CEIR पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि मोबाइल की ट्रैकिंग और रिकवरी में मदद मिल सके। अम्बेडकरनगर पुलिस की इस कार्रवाई ने न सिर्फ लोगों का भरोसा मजबूत किया है, बल्कि यह भी साबित किया है कि तकनीक और सतर्कता के जरिए अपराध पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।3
- पुलिस अधीक्षक अंबेडकर नगर के द्वारा खोया मोबाइल , वापस दिलाया गया1
- अम्बेडकर नगर के जलालपुर नगर पालिका में एंटी करप्शन टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रधानमंत्री आवास योजना की पात्रता सूची में नाम डालने के नाम पर ₹5,000 की रिश्वत मांग रहे बाबू रमाकांत चौबे को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। अयोध्या मंडल की टीम ने पीड़ित की शिकायत पर यह जाल बिछाया था। भ्रष्टाचार के खिलाफ इस बड़ी कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट देखें।1
- . मरहरा. खराब. बाजार1
- पेड़ों की हो रही लूट सिस्टम मौन जलालपुर क्षेत्र में वन विभाग व व किसकी मिलीभगत। रात के अंधेरे में हरियाली का सफाया दिन में जांच का ड्रामा। कानून बेबस या संरक्षण मजबूत जलालपुर में अवैध कटान पर बड़ा सवाल रात में कटते पेड़ दिन में दबती फाइलें जलालपुर में कौन दे रहा संरक्षण । हरा कत्ल जारी जिम्मेदार बेखबर जलालपुर में सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल। संवाददाता पंकज कुमार आलापुर अम्बेडकर नगर। अम्बेडकरनगर जनपद के जलालपुर तहसील क्षेत्र में हरे पेड़ों के कथित अवैध कटान का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। ग्राम सभा अरई, चौड़ी पुलिया के आगे लाभापार पुल से पहले जीपीएस कैमरे से रिकॉर्ड वीडियो में पेड़ों की कटाई के दृश्य सामने आने के बावजूद संबंधित विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।सूत्रों के अनुसार, कर्बला बाजार से रफीगंज मार्ग तक अवैध कटान का सिलसिला लगातार जारी होने का आरोप है। पंथीपुर और सुधार नगर के पास भी सड़क किनारे पेड़ों की कटाई की शिकायतें मिल रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह गतिविधि कथित रूप से लंबे समय से चल रही है, लेकिन जिम्मेदार महकमा प्रभावी कार्रवाई करने में असफल दिखाई दे रहा है शिकायतकर्ताओं के अनुसार, जब वीडियो साक्ष्य मौजूद हैं, तब भी न तो दोषियों की पहचान की जा रही है और न ही कोई ठोस कार्रवाई की जा रही है। आरोप यह भी है कि हर बार जांच के नाम पर केवल औपचारिकताएं पूरी कर मामले को शांत कर दिया जाता है, जिससे कथित रूप से अवैध कटान से जुड़े लोगों का मनोबल बढ़ रहा है। गंभीर आरोप सामने आए सूत्रों के अनुसार, कथित तौर पर कुछ लोग नशे के आदी व्यक्तियों को मामूली पैसे देकर रात के समय प्रतिबंधित पेड़ों की कटाई करवाते हैं। इसके बाद लकड़ी को ठेकेदारों के माध्यम से अन्य स्थानों पर बेचे जाने का भी आरोप है।हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। साथ ही, कुछ विभागीय कर्मियों की कथित भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं, लेकिन इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।बड़े सवाल खड़े सबसे अहम सवाल यही है कि जब कथित रूप से वीडियो साक्ष्य मौजूद हैं तो अब तक दोषियों की पहचान और सख्त कार्रवाई क्यों नहीं हो पाई क्या यह महज लापरवाही है या फिर किसी बड़े संरक्षण के चलते कार्रवाई ठंडी पड़ी है यह जांच का विषय बना हुआ है।यदि इस गंभीर पर्यावरणीय मुद्दे पर जल्द ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तो मामले का विस्तृत फॉलोअप कर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग तेज हो सकती है। निष्कर्ष रात के अंधेरे में हरे पेड़ों की कटाई और दिन में फाइलों में सिमटती जांच यह मामला न केवल पर्यावरण संरक्षण पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही की भी परीक्षा ले रहा है।3
- Post by Dushyant Kumar Journalist1