लखीसराय जिले के रामगढ़ चौक प्रखंड अंतर्गत लखीसराय-शेखपुरा पथ में डकरा नहर से डकरा और गरसंडा जाने वाली मुख्य सड़क पिछले एक साल से पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। आठ किलोमीटर के इस सफर में सिर्फ बड़े-बड़े गड्ढे ही बचे हैं, जिसके कारण यह सड़क लोगों के लिए मौत का रास्ता बन गई है। डकरा नहर से डकरा गांव तक तीन किलोमीटर और मुख्य सड़क से गरसंडा गांव तक पांच किलोमीटर की सड़क पर पिछले साल बरसात में सिर्फ बोल्डर बिछाकर छोड़ दिया गया था, जिसके बाद से आज तक न तो इसकी मरम्मत कराई गई और न ही कालीकरण का काम हुआ है। गरसंडा में रेलवे स्टेशन होने की वजह से इस मार्ग से रोजाना सैकड़ों यात्रियों का आवागमन होता है और यह सड़क दर्जनों गांवों को जोड़ती है। बरसात के मौसम में लगातार वाहनों के चलने से सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिससे हर दिन हादसे का खतरा बना रहता है। गरसंडा के ग्रामीण व जेडीयू पंचायत अध्यक्ष मनोरंजन कुमार उर्फ टुनटुन सिंह, छोटे सिंह, मनोज सिंह, भोला पांडेय, शत्रुघ्न सिंह, शंभू सिंह, आजाद, रजनीश, संतोष सिंह और राहुल कुमार सहित दर्जनों लोगों ने बताया कि विभाग को लिखित और मौखिक शिकायतें देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस खस्ताहाल सड़क के कारण बीमार लोगों, गर्भवती महिलाओं और स्कूली बच्चों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। इस मामले में आरडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता चंदन कुमार ने बताया कि दोनों सड़कों पर मोरंग-मेटल का काम पूरा किया जा चुका है और लगातार गाड़ियों के चलने व बारिश की वजह से कुछ जगहों पर गड्ढे हो गए हैं। उन्होंने दावा किया है कि जल्द ही दोनों सड़कों पर कालीकरण का काम शुरू कराकर उसे पूरा किया जाएगा। वहीं, ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बरसात खत्म होने से पहले सड़क का निर्माण कार्य हर हाल में पूरा कराया जाए ताकि लोगों को इस मुसीबत से राहत मिल सके।
लखीसराय जिले के रामगढ़ चौक प्रखंड अंतर्गत लखीसराय-शेखपुरा पथ में डकरा नहर से डकरा और गरसंडा जाने वाली मुख्य सड़क पिछले एक साल से पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। आठ किलोमीटर के इस सफर में सिर्फ बड़े-बड़े गड्ढे ही बचे हैं, जिसके कारण यह सड़क लोगों के लिए मौत का रास्ता बन गई है। डकरा नहर से डकरा गांव तक तीन किलोमीटर और मुख्य सड़क से गरसंडा गांव तक पांच किलोमीटर की सड़क पर पिछले साल बरसात में सिर्फ बोल्डर बिछाकर छोड़ दिया गया था, जिसके बाद से आज तक न तो इसकी मरम्मत कराई गई और न ही कालीकरण का काम हुआ है। गरसंडा में रेलवे स्टेशन होने की वजह से इस मार्ग से रोजाना सैकड़ों यात्रियों का आवागमन होता है और यह सड़क दर्जनों गांवों को जोड़ती है। बरसात के मौसम में लगातार वाहनों के चलने से सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिससे हर दिन हादसे का खतरा बना रहता है। गरसंडा के ग्रामीण व जेडीयू पंचायत अध्यक्ष मनोरंजन कुमार उर्फ टुनटुन सिंह, छोटे सिंह, मनोज सिंह, भोला पांडेय, शत्रुघ्न सिंह, शंभू सिंह, आजाद, रजनीश, संतोष सिंह और राहुल कुमार सहित दर्जनों लोगों ने बताया कि विभाग को लिखित और मौखिक शिकायतें देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस खस्ताहाल सड़क के कारण बीमार लोगों, गर्भवती महिलाओं और स्कूली बच्चों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। इस मामले में आरडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता चंदन कुमार ने बताया कि दोनों सड़कों पर मोरंग-मेटल का काम पूरा किया जा चुका है और लगातार गाड़ियों के चलने व बारिश की वजह से कुछ जगहों पर गड्ढे हो गए हैं। उन्होंने दावा किया है कि जल्द ही दोनों सड़कों पर कालीकरण का काम शुरू कराकर उसे पूरा किया जाएगा। वहीं, ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बरसात खत्म होने से पहले सड़क का निर्माण कार्य हर हाल में पूरा कराया जाए ताकि लोगों को इस मुसीबत से राहत मिल सके।
- शेखपुरा के अनुमंडल कार्यालय प्रकोष्ठ में 16 जुलाई 2026 को अनुमंडल पदाधिकारी सुश्री प्रियंका कुमारी की अध्यक्षता में भूमि विवाद, कानून व्यवस्था और आगामी श्रावणी मेला की तैयारियों को लेकर एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सभी अंचलाधिकारी और थानाध्यक्ष मुख्य रूप से उपस्थित रहे। बैठक के दौरान अनुमंडल पदाधिकारी ने भूमि विवादों के त्वरित समाधान और कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के संबंध में कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने जमीन बंटवारे और मापी के मामलों को प्राथमिकता के आधार पर समय पर पूरा करने का निर्देश दिया ताकि पारिवारिक या आपसी विवाद हिंसक रूप न ले सकें। इसके साथ ही, सरकारी और सार्वजनिक भूमियों पर किए गए अवैध अतिक्रमण के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए तुरंत अतिक्रमण हटाने तथा संदिग्ध व अशांति फैलाने वाले तत्वों के विरुद्ध धारा 126 और 163 के तहत कठोर एवं त्वरित निरोधात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। प्रशासनिक पारदर्शिता के लिए 'सहयोग शिविर' के लंबित आवेदनों की समीक्षा करते हुए एसडीओ ने संबंधित अधिकारियों को स्वयं स्थल पर जाकर गहन जांच करने और आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण निष्पादन करने की हिदायत दी। पुलिस प्रशासन को क्षेत्र में कानून व्यवस्था दुरुस्त करने तथा लंबित वारंटों का समय पर शत-प्रतिशत निष्पादन सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया ताकि अपराधियों में कानून का भय बना रहे। आगामी पावन श्रावणी मेला को देखते हुए उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के मद्देनजर ठोस कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए। अंत में उन्होंने चेतावनी दी कि जमीनी स्तर पर मामलों की जांच निष्पक्षता से की जाए और किसी भी स्तर पर शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त प्रशासनिक कदम उठाए जाएंगे।1
- जमुई में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिवाकर सिंह ने प्याज की आसमान छूती कीमतों को लेकर जनता की चुप्पी पर तीखा सवाल खड़ा किया है। दिवाकर सिंह ने अतीत का हवाला देते हुए कहा कि कभी महज ₹35 के प्याज पर सत्ता पलट गई थी, लेकिन आज जब कीमतें आसमान छू रही हैं, तो जनता आखिर मौन क्यों है।1
- बिहार के दरभंगा, गया, मुजफ्फरपुर, नालंदा, समस्तीपुर और शेखपुरा में अगले 3 घंटों में कुछ स्थानों पर मध्यम गरज के साथ बारिश होने की संभावना है।1
- बिहार में शराबबंदी लागू होने के बावजूद पटना के मरांची थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए केले की खेप के नीचे छिपाकर तस्करी की जा रही किंगफिशर बीयर की भारी खेप बरामद की है। मरांची पुलिस ने इस बड़े एक्शन के दौरान मौके से बीयर के कई कार्टन जब्त किए हैं। केले की खेप की आड़ में बीयर की इस तस्करी को नाकाम करने के बाद पुलिस द्वारा मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।1
- बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी 19 जुलाई को एक कार्यक्रम के तहत बेगूसराय पहुंचेंगे। उनके इस कार्यक्रम को लेकर जिले के डीएम और एसपी ने गांधी स्टेडियम पहुंचकर जगह का निरीक्षण किया है।4
- लखीसराय जिले के रामगढ़ चौक प्रखंड अंतर्गत लखीसराय-शेखपुरा पथ में डकरा नहर से डकरा और गरसंडा जाने वाली मुख्य सड़क पिछले एक साल से पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। आठ किलोमीटर के इस सफर में सिर्फ बड़े-बड़े गड्ढे ही बचे हैं, जिसके कारण यह सड़क लोगों के लिए मौत का रास्ता बन गई है। डकरा नहर से डकरा गांव तक तीन किलोमीटर और मुख्य सड़क से गरसंडा गांव तक पांच किलोमीटर की सड़क पर पिछले साल बरसात में सिर्फ बोल्डर बिछाकर छोड़ दिया गया था, जिसके बाद से आज तक न तो इसकी मरम्मत कराई गई और न ही कालीकरण का काम हुआ है। गरसंडा में रेलवे स्टेशन होने की वजह से इस मार्ग से रोजाना सैकड़ों यात्रियों का आवागमन होता है और यह सड़क दर्जनों गांवों को जोड़ती है। बरसात के मौसम में लगातार वाहनों के चलने से सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिससे हर दिन हादसे का खतरा बना रहता है। गरसंडा के ग्रामीण व जेडीयू पंचायत अध्यक्ष मनोरंजन कुमार उर्फ टुनटुन सिंह, छोटे सिंह, मनोज सिंह, भोला पांडेय, शत्रुघ्न सिंह, शंभू सिंह, आजाद, रजनीश, संतोष सिंह और राहुल कुमार सहित दर्जनों लोगों ने बताया कि विभाग को लिखित और मौखिक शिकायतें देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस खस्ताहाल सड़क के कारण बीमार लोगों, गर्भवती महिलाओं और स्कूली बच्चों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। इस मामले में आरडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता चंदन कुमार ने बताया कि दोनों सड़कों पर मोरंग-मेटल का काम पूरा किया जा चुका है और लगातार गाड़ियों के चलने व बारिश की वजह से कुछ जगहों पर गड्ढे हो गए हैं। उन्होंने दावा किया है कि जल्द ही दोनों सड़कों पर कालीकरण का काम शुरू कराकर उसे पूरा किया जाएगा। वहीं, ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बरसात खत्म होने से पहले सड़क का निर्माण कार्य हर हाल में पूरा कराया जाए ताकि लोगों को इस मुसीबत से राहत मिल सके।1
- पटना के हाथीदह थाना कांड संख्या 45/25 में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है, जहाँ गबन किए गए सभी 5 ट्रकों को बरामद कर लिया गया है। बाढ़-01 के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के निर्देशन में गठित तीन विशेष टीमों ने लगातार छापेमारी कर इस सफलता को हासिल किया है। बरामद किए गए ट्रकों में से 3 ट्रक खगड़िया, दुमका और धनबाद के विभिन्न स्थानों से मिले हैं। वहीं, शेष 2 ट्रकों को दुमका जिले के जामा थाना क्षेत्र से कोयला लदे हुए पकड़ा गया है, जिन्हें जामा थाना पुलिस ने जब्त कर रखा है। फिलहाल, इस पूरे मामले में पुलिस की आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।1
- बिहार में आज कई बड़ी घटनाएं चर्चा के केंद्र में रहीं। नालंदा में पुलिस की गाड़ी की चपेट में आने से एक बाइक सवार की मौत के बाद भारी बवाल मच गया, जिसे लेकर लोगों में भारी आक्रोश है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। वहीं, राजनीतिक मोर्चे पर जन सुराज को बड़ा झटका लगा है, जहां केसी सिन्हा समेत तीन प्रमुख नेताओं ने बीजेपी का दामन थाम लिया है, जिससे बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। मौसम के मोर्चे पर, बिहार के अलग-अलग जिलों में आकाशीय बिजली गिरने से छात्रों समेत कई लोगों की मौत हो गई है। सक्रिय मानसून के बीच कई जिलों में बारिश और वज्रपात की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। मौसम विभाग और कृषि विभाग ने भी किसानों के लिए आवश्यक सलाह जारी की है। इसके साथ ही, राज्य में अपराधियों के खिलाफ पुलिस का विशेष अभियान चल रहा है, जिसके तहत कई जिलों में कार्रवाई कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। सरकार ने भी विकास योजनाओं की समीक्षा तेज करते हुए अधिकारियों को समय पर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं, जबकि शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी कई नई योजनाओं पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है।1