अररिया को बाल विवाह मुक्त बनाने की मुहिम को मिली वैश्विक पहचान। 27 नवंबर को अब संयुक्त राष्ट्र का ‘अंतरराष्ट्रीय बाल, प्रारंभिक एवं जबरन विवाह उन्मूलन दिवस’। रंजीत ठाकुर, अररिया। अररिया जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने के उद्देश्य से जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (JRC), जागरण कल्याण भारती फारबिसगंज एवं जिला प्रशासन के सहयोग से कई वर्षों से चलाए जा रहे अभियान को बड़ी वैश्विक पहचान मिली है। संयुक्त राष्ट्र ने 27 नवंबर को ‘अंतरराष्ट्रीय बाल, प्रारंभिक एवं जबरन विवाह उन्मूलन दिवस’ के रूप में मान्यता दी है। संयुक्त राष्ट्र की आधिकारिक सूची में भी 27 नवंबर को इस दिवस के रूप में दर्ज किया गया है। जागरण कल्याण भारती के अध्यक्ष संजय कुमार ने प्रेस वार्ता में बताया कि अररिया जिले में बाल विवाह की रोकथाम के लिए जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के संस्थापक भुवन ऋभु के मार्गदर्शन में लगातार अभियान चलाया जा रहा है। भारत सरकार के साथ विचार-विमर्श के बाद 27 नवंबर 2024 से बाल विवाह मुक्त भारत अभियान की शुरुआत की गई थी। इसके तहत देश के 782 जिलों में जिला प्रशासन के नेतृत्व में जागरूकता एवं जनभागीदारी से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए। उन्होंने कहा कि बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 लागू होने के बावजूद केवल कानून के बल पर इस सामाजिक कुरीति को पूरी तरह समाप्त करना संभव नहीं है। इसलिए विद्यालयों, गांवों और पंचायतों में व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के साथ लोगों को बाल विवाह के खिलाफ शपथ दिलाई जा रही है। अभियान के तहत बाल विवाह की आशंका वाले आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को जिला प्रशासन के सहयोग से सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। वहीं पढ़ाई छोड़ चुके बच्चों का पुनः विद्यालय में नामांकन कराया जा रहा है। बाल विवाह के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में धर्मगुरुओं, शिक्षकों, पंचायतीराज प्रतिनिधियों, मुखिया, विधायक, सांसद एवं जिला प्रशासन की भी सक्रिय भागीदारी रही है। भारत से उठी आवाज बनी वैश्विक संकल्प संजय कुमार ने बताया कि JRC के संस्थापक भुवन ऋभु ने बाल विवाह की समाप्ति के लिए एक अलग अंतरराष्ट्रीय दिवस घोषित करने की पहल की थी। मार्च 2026 में संयुक्त राष्ट्र में अपने संबोधन के दौरान उन्होंने वैश्विक नेताओं की मौजूदगी में इस संबंध में प्रस्ताव लाने की बात कही थी। इसके बाद सिएरा लियोन ने भारत समेत 67 देशों के समर्थन वाला प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र महासभा में रखा, जिसके बाद 27 नवंबर को बाल विवाह समाप्त करने के लिए समर्पित अंतरराष्ट्रीय दिवस घोषित किया गया। उन्होंने कहा कि “भारत से उठी आवाज आज पूरी दुनिया का संकल्प बन गई है। यह पूरे भारत के लिए गर्व और खुशी का विषय है कि बाल विवाह मुक्त भारत अभियान की सोच अब वैश्विक स्तर पर पहुंची है।” उन्होंने इस ऐतिहासिक कदम का स्वागत करते हुए JRC के संस्थापक भुवन ऋभु को बधाई दी। उन्होंने कहा कि भारत में JRC अपने सहयोगी संगठनों के साथ सभी 782 जिलों में बाल विवाह के खिलाफ अभियान चला रहा है। इसी क्रम में अररिया जिले में भी जागरण कल्याण भारती जिला प्रशासन के सहयोग से लगातार जनजागरूकता अभियान संचालित कर रही है। प्रेस वार्ता में बचपन बचाओ आंदोलन के यशवंत कुमार ओझा, जागरण कल्याण भारती फारबिसगंज के दीपक पासवान, अंकुश यादव, दीपेश कुमार, सोनू कुमार, रिजवान, विक्रम कुमार साह सहित अन्य लोग एवं पत्रकार मौजूद थे।
अररिया को बाल विवाह मुक्त बनाने की मुहिम को मिली वैश्विक पहचान। 27 नवंबर को अब संयुक्त राष्ट्र का ‘अंतरराष्ट्रीय बाल, प्रारंभिक एवं जबरन विवाह उन्मूलन दिवस’। रंजीत ठाकुर, अररिया। अररिया जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने के उद्देश्य से जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (JRC), जागरण कल्याण भारती फारबिसगंज एवं जिला प्रशासन के सहयोग से कई वर्षों से चलाए जा रहे अभियान को बड़ी वैश्विक पहचान मिली है। संयुक्त राष्ट्र ने 27 नवंबर को ‘अंतरराष्ट्रीय बाल, प्रारंभिक एवं जबरन विवाह उन्मूलन दिवस’ के रूप में मान्यता दी है। संयुक्त राष्ट्र की आधिकारिक सूची में भी 27 नवंबर को इस दिवस के रूप में दर्ज किया गया है। जागरण कल्याण भारती के अध्यक्ष संजय कुमार ने प्रेस वार्ता में बताया कि अररिया जिले में बाल विवाह की रोकथाम के लिए जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के संस्थापक
भुवन ऋभु के मार्गदर्शन में लगातार अभियान चलाया जा रहा है। भारत सरकार के साथ विचार-विमर्श के बाद 27 नवंबर 2024 से बाल विवाह मुक्त भारत अभियान की शुरुआत की गई थी। इसके तहत देश के 782 जिलों में जिला प्रशासन के नेतृत्व में जागरूकता एवं जनभागीदारी से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए। उन्होंने कहा कि बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 लागू होने के बावजूद केवल कानून के बल पर इस सामाजिक कुरीति को पूरी तरह समाप्त करना संभव नहीं है। इसलिए विद्यालयों, गांवों और पंचायतों में व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के साथ लोगों को बाल विवाह के खिलाफ शपथ दिलाई जा रही है। अभियान के तहत बाल विवाह की आशंका वाले आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को जिला प्रशासन के सहयोग से सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। वहीं पढ़ाई
छोड़ चुके बच्चों का पुनः विद्यालय में नामांकन कराया जा रहा है। बाल विवाह के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में धर्मगुरुओं, शिक्षकों, पंचायतीराज प्रतिनिधियों, मुखिया, विधायक, सांसद एवं जिला प्रशासन की भी सक्रिय भागीदारी रही है। भारत से उठी आवाज बनी वैश्विक संकल्प संजय कुमार ने बताया कि JRC के संस्थापक भुवन ऋभु ने बाल विवाह की समाप्ति के लिए एक अलग अंतरराष्ट्रीय दिवस घोषित करने की पहल की थी। मार्च 2026 में संयुक्त राष्ट्र में अपने संबोधन के दौरान उन्होंने वैश्विक नेताओं की मौजूदगी में इस संबंध में प्रस्ताव लाने की बात कही थी। इसके बाद सिएरा लियोन ने भारत समेत 67 देशों के समर्थन वाला प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र महासभा में रखा, जिसके बाद 27 नवंबर को बाल विवाह समाप्त करने के लिए समर्पित अंतरराष्ट्रीय दिवस घोषित किया गया। उन्होंने कहा कि “भारत
से उठी आवाज आज पूरी दुनिया का संकल्प बन गई है। यह पूरे भारत के लिए गर्व और खुशी का विषय है कि बाल विवाह मुक्त भारत अभियान की सोच अब वैश्विक स्तर पर पहुंची है।” उन्होंने इस ऐतिहासिक कदम का स्वागत करते हुए JRC के संस्थापक भुवन ऋभु को बधाई दी। उन्होंने कहा कि भारत में JRC अपने सहयोगी संगठनों के साथ सभी 782 जिलों में बाल विवाह के खिलाफ अभियान चला रहा है। इसी क्रम में अररिया जिले में भी जागरण कल्याण भारती जिला प्रशासन के सहयोग से लगातार जनजागरूकता अभियान संचालित कर रही है। प्रेस वार्ता में बचपन बचाओ आंदोलन के यशवंत कुमार ओझा, जागरण कल्याण भारती फारबिसगंज के दीपक पासवान, अंकुश यादव, दीपेश कुमार, सोनू कुमार, रिजवान, विक्रम कुमार साह सहित अन्य लोग एवं पत्रकार मौजूद थे।
- अररिया को बाल विवाह मुक्त बनाने की मुहिम को मिली वैश्विक पहचान। 27 नवंबर को अब संयुक्त राष्ट्र का ‘अंतरराष्ट्रीय बाल, प्रारंभिक एवं जबरन विवाह उन्मूलन दिवस’। रंजीत ठाकुर, अररिया। अररिया जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने के उद्देश्य से जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (JRC), जागरण कल्याण भारती फारबिसगंज एवं जिला प्रशासन के सहयोग से कई वर्षों से चलाए जा रहे अभियान को बड़ी वैश्विक पहचान मिली है। संयुक्त राष्ट्र ने 27 नवंबर को ‘अंतरराष्ट्रीय बाल, प्रारंभिक एवं जबरन विवाह उन्मूलन दिवस’ के रूप में मान्यता दी है। संयुक्त राष्ट्र की आधिकारिक सूची में भी 27 नवंबर को इस दिवस के रूप में दर्ज किया गया है। जागरण कल्याण भारती के अध्यक्ष संजय कुमार ने प्रेस वार्ता में बताया कि अररिया जिले में बाल विवाह की रोकथाम के लिए जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के संस्थापक भुवन ऋभु के मार्गदर्शन में लगातार अभियान चलाया जा रहा है। भारत सरकार के साथ विचार-विमर्श के बाद 27 नवंबर 2024 से बाल विवाह मुक्त भारत अभियान की शुरुआत की गई थी। इसके तहत देश के 782 जिलों में जिला प्रशासन के नेतृत्व में जागरूकता एवं जनभागीदारी से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए। उन्होंने कहा कि बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 लागू होने के बावजूद केवल कानून के बल पर इस सामाजिक कुरीति को पूरी तरह समाप्त करना संभव नहीं है। इसलिए विद्यालयों, गांवों और पंचायतों में व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के साथ लोगों को बाल विवाह के खिलाफ शपथ दिलाई जा रही है। अभियान के तहत बाल विवाह की आशंका वाले आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को जिला प्रशासन के सहयोग से सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। वहीं पढ़ाई छोड़ चुके बच्चों का पुनः विद्यालय में नामांकन कराया जा रहा है। बाल विवाह के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में धर्मगुरुओं, शिक्षकों, पंचायतीराज प्रतिनिधियों, मुखिया, विधायक, सांसद एवं जिला प्रशासन की भी सक्रिय भागीदारी रही है। भारत से उठी आवाज बनी वैश्विक संकल्प संजय कुमार ने बताया कि JRC के संस्थापक भुवन ऋभु ने बाल विवाह की समाप्ति के लिए एक अलग अंतरराष्ट्रीय दिवस घोषित करने की पहल की थी। मार्च 2026 में संयुक्त राष्ट्र में अपने संबोधन के दौरान उन्होंने वैश्विक नेताओं की मौजूदगी में इस संबंध में प्रस्ताव लाने की बात कही थी। इसके बाद सिएरा लियोन ने भारत समेत 67 देशों के समर्थन वाला प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र महासभा में रखा, जिसके बाद 27 नवंबर को बाल विवाह समाप्त करने के लिए समर्पित अंतरराष्ट्रीय दिवस घोषित किया गया। उन्होंने कहा कि “भारत से उठी आवाज आज पूरी दुनिया का संकल्प बन गई है। यह पूरे भारत के लिए गर्व और खुशी का विषय है कि बाल विवाह मुक्त भारत अभियान की सोच अब वैश्विक स्तर पर पहुंची है।” उन्होंने इस ऐतिहासिक कदम का स्वागत करते हुए JRC के संस्थापक भुवन ऋभु को बधाई दी। उन्होंने कहा कि भारत में JRC अपने सहयोगी संगठनों के साथ सभी 782 जिलों में बाल विवाह के खिलाफ अभियान चला रहा है। इसी क्रम में अररिया जिले में भी जागरण कल्याण भारती जिला प्रशासन के सहयोग से लगातार जनजागरूकता अभियान संचालित कर रही है। प्रेस वार्ता में बचपन बचाओ आंदोलन के यशवंत कुमार ओझा, जागरण कल्याण भारती फारबिसगंज के दीपक पासवान, अंकुश यादव, दीपेश कुमार, सोनू कुमार, रिजवान, विक्रम कुमार साह सहित अन्य लोग एवं पत्रकार मौजूद थे।4
- *पाठशाला में कृष्ण जन्माष्टमी की धूम, राधा-कृष्ण की मनमोहक झांकियों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां । *पाठशाला में कृष्ण जन्माष्टमी की धूम, राधा-कृष्ण की मनमोहक झांकियों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां ।1
- रतनसार वार्ड 06 मे भक्ति जागरण का आयोजन, राधा कृष्ण कमेटी रतनसार के कार्यकर्ताओं के अथक प्रयास से इस कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है!, फारबिसगंज से आए हुए कलाकारों के द्वारा एक पर एक भक्ति नृत्य प्रस्तुत किए जाएंगे! कमेटी के द्वारा शांति बनाए रखने की अपील की गई एवं सभी ग्रामीणों से अनुरोध किया गया कि स समय आकर अपना अपना स्थान ग्रहण कर ले! रतनसार वार्ड 06 मे भक्ति जागरण का आयोजन, राधा कृष्ण कमेटी रतनसार के कार्यकर्ताओं के अथक प्रयास से इस कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है!, फारबिसगंज से आए हुए कलाकारों के द्वारा एक पर एक भक्ति नृत्य प्रस्तुत किए जाएंगे! कमेटी के द्वारा शांति बनाए रखने की अपील की गई एवं सभी ग्रामीणों से अनुरोध किया गया कि स समय आकर अपना अपना स्थान ग्रहण कर ले!1
- उप स्वास्थ्य केंद्र सुरजापूर जहां कभी इलाज किया जाता था आज भवन खंडहरों में तब्दील है चारागाह और अतिक्रमण कर निजी उपयोग किया जा रहा है कभी यहाँ अस्पताल था, आज यहाँ कब्जा है! यह कागज 31 मार्च 1960 का है! बुजुर्गों ने अपनी निजी जमीन सुरजापूर, प्रतापगंज, सुपौल में उप-स्वास्थ्य केंद्र के लिए दान दी थी ताकि गरीबों का इलाज हो सके। 1992 तक यहाँ इलाज होता था, फिर अस्पताल धीरे-धीरे खत्म हो गया, दीवारें टूट गईं, और आज देखिए इस जमीन का हाल - वीडियो में साफ दिख रहा है कि जहाँ कभी अस्पताल था, वहाँ आज जूट के बोझे, भूसा और अतिक्रमण है। 65 साल बाद भी उस जमीन की जमाबंदी अस्पताल के नाम नहीं हुई! आज सुरजापूर के हजारों गरीब लोगों को इलाज के लिए 4-5 KM दूर जाना पड़ता है और हजारों रुपया खर्च करना पड़ता है। क्या हमारे गाँव को फिर से अस्पताल नहीं मिलना चाहिए? मैं सरकार से माँग करता हूँ कि जमीन को अतिक्रमण मुक्त कर अस्पताल का पुनर्निर्माण कराया जाए। सबूत : 31/03/1960 का दान पत्र और आज की जमीनी हकीकत का वीडियो संलग्न है। #Surjapur #Pratapganj #Supaul #BiharHealthDept #Encroachment #JusticeForSurjapur माननीय @DM Supaul @Health Department, Bihar कृपया संज्ञान लें।2
- फारबिसगंज की SCP कोचिंग फिर सवालों के घेरे में! वायरल वीडियो ने मचाई हलचल, पुराने मामलों की चर्चा के बीच अब जांच की मांग फारबिसगंज की SCP कोचिंग फिर सवालों के घेरे में! वायरल वीडियो ने मचाई हलचल, पुराने मामलों की चर्चा के बीच अब जांच की मांग1
- छातापुर: त्रिवेणीगंज में पहली बार दिखा ऐसा अद्भुत नजारा, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर त्रिवेणीगंज बाजार में दर्जनों गाय, भैंस और घोड़ों के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जय श्रीकृष्ण के जयकारों से पूरा बाजार गूंज उठा और यात्रा को देखने के लिए सड़क के दोनों ओर लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी छातापुर: त्रिवेणीगंज में पहली बार दिखा ऐसा अद्भुत नजारा, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर त्रिवेणीगंज बाजार में दर्जनों गाय, भैंस और घोड़ों के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जय श्रीकृष्ण के जयकारों से पूरा बाजार गूंज उठा और यात्रा को देखने के लिए सड़क के दोनों ओर लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी1
- शिक्षक दिवस पर याद किए गए सर्वपल्ली राधाकृष्णन कुमारखंड। प्रखंड के सरकारी व गैर-सरकारी स्कूलों एवं अन्य शिक्षण संस्थानों में शुक्रवार को देश के प्रथम उपराष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती शिक्षक दिवस के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर छात्रों और शिक्षकों ने राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किया। प्रखंड के पीएमश्री जवाहर प्लस टू हाईस्कूल रामनगर बेला में स्कूल एचएम नवास कुमार भारती, शारदा शिक्षा सदन रामनगर महेश में प्रिंसिपल संजीव कुमार झा की अध्यक्षता में कार्यक्रम आयोजित किया गया। सबसे पहले सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित की गई। उसके बाद छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए स्कूल प्रधानों ने कहा कि उनके जीवन से हम सभी को सीख लेकर आगे बढ़ने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी शिक्षकों के आदर्श थे और हम सबों को भी अपने जीवन में आदर्श प्रस्तुत कर राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी बच्चे को बेहतर शिक्षा देकर करनी चाहिए। मौके पर वरीय शिक्षक राजेश रंजन भारती, शादाब शमी, रंजीत कुमार, निकु कुमार, रजनीश कुमार, निखिल कुमार, राजमोहन गांधी ,अखलाकुर रहमान, रिंकी कुमारी, रश्मि सिंह, प्राणजीत कुमार, रेखा कुमारी, बिष्णुदेव शर्मा, डायरेक्टर रामाशीष झा, सोनू झा, गुड्डू झा, सहित सभी छात्र छात्राएं व अन्य शिक्षक शिक्षिकाएं मौजूद थे। वहीं शिक्षक दिवस पर प्रखंड के युनिक कोचिंग सेंटर, केवीएस पब्लिक स्कूल रामनगर महेश सहित अन्य कई सरकारी और गैर सरकारी शिक्षण संस्थानों में देश के प्रथम उपराष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती शिक्षक दिवस के रूप में मनाई गई।1
- जन्माष्टमी पर राम जानकी ठाकुरबाड़ी मंदिर में एक क्विंटल महाभोग खिचड़ी का वितरण। श्रद्धालुओं में दिखा उत्साह, भक्ति और श्रद्धा के माहौल में उमड़ी भीड़। रंजीत ठाकुर की रिपोर्ट: नरपतगंज। जन्माष्टमी के पावन अवसर पर फुलकाहा स्थित राम जानकी ठाकुरबाड़ी मंदिर परिसर में शनिवार शाम श्रद्धा और भक्ति का माहौल देखने को मिला। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं के बीच करीब एक क्विंटल महाभोग प्रसाद खिचड़ी का वितरण किया गया। महाभोग प्रसाद ग्रहण करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में पहुंचे। भक्तों ने भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन कर सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। प्रसाद वितरण के दौरान श्रद्धालुओं में काफी उत्साह देखने को मिला। मंदिर परिसर में पूरे दिन धार्मिक वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से भगवान श्रीकृष्ण का स्मरण करते हुए जन्माष्टमी पर्व मनाया। प्रसाद वितरण कार्यक्रम में स्थानीय लोगों एवं मंदिर से जुड़े श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। जन्माष्टमी को लेकर मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। धार्मिक आयोजन और महाभोग प्रसाद वितरण से पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बना रहा। इस मौके पर कमिटी के कार्यकर्ताओं में रंजीत ठाकुर,ललित झा,बजरंग गुप्ता, राजेश गुप्ता, बिनोद दास, सोनू गौस्वामी, निर्मल दास, सोनू साह, प्रदीप पोद्दार, प्रमोद साह, पवन गुप्ता, सन्नी गुप्ता,सुधीर पोद्दार, महेश गुप्ता आदि के अलावे पुजारी विश्वम्भर दास सक्रिय दिखें।1