उप स्वास्थ्य केंद्र सुरजापूर जहां कभी इलाज किया जाता था आज भवन खंडहरों में तब्दील है चारागाह और अतिक्रमण कर निजी उपयोग किया जा रहा है कभी यहाँ अस्पताल था, आज यहाँ कब्जा है! यह कागज 31 मार्च 1960 का है! बुजुर्गों ने अपनी निजी जमीन सुरजापूर, प्रतापगंज, सुपौल में उप-स्वास्थ्य केंद्र के लिए दान दी थी ताकि गरीबों का इलाज हो सके। 1992 तक यहाँ इलाज होता था, फिर अस्पताल धीरे-धीरे खत्म हो गया, दीवारें टूट गईं, और आज देखिए इस जमीन का हाल - वीडियो में साफ दिख रहा है कि जहाँ कभी अस्पताल था, वहाँ आज जूट के बोझे, भूसा और अतिक्रमण है। 65 साल बाद भी उस जमीन की जमाबंदी अस्पताल के नाम नहीं हुई! आज सुरजापूर के हजारों गरीब लोगों को इलाज के लिए 4-5 KM दूर जाना पड़ता है और हजारों रुपया खर्च करना पड़ता है। क्या हमारे गाँव को फिर से अस्पताल नहीं मिलना चाहिए? मैं सरकार से माँग करता हूँ कि जमीन को अतिक्रमण मुक्त कर अस्पताल का पुनर्निर्माण कराया जाए। सबूत : 31/03/1960 का दान पत्र और आज की जमीनी हकीकत का वीडियो संलग्न है। #Surjapur #Pratapganj #Supaul #BiharHealthDept #Encroachment #JusticeForSurjapur माननीय @DM Supaul @Health Department, Bihar कृपया संज्ञान लें।
उप स्वास्थ्य केंद्र सुरजापूर जहां कभी इलाज किया जाता था आज भवन खंडहरों में तब्दील है चारागाह और अतिक्रमण कर निजी उपयोग किया जा रहा है कभी यहाँ अस्पताल था, आज यहाँ कब्जा है! यह कागज 31 मार्च 1960 का है! बुजुर्गों ने अपनी निजी जमीन सुरजापूर, प्रतापगंज, सुपौल में उप-स्वास्थ्य केंद्र के लिए दान दी थी ताकि गरीबों का इलाज हो सके। 1992 तक यहाँ इलाज होता था, फिर अस्पताल धीरे-धीरे खत्म हो गया, दीवारें टूट गईं, और आज देखिए इस जमीन का हाल - वीडियो में साफ दिख रहा है कि जहाँ कभी अस्पताल था, वहाँ
आज जूट के बोझे, भूसा और अतिक्रमण है। 65 साल बाद भी उस जमीन की जमाबंदी अस्पताल के नाम नहीं हुई! आज सुरजापूर के हजारों गरीब लोगों को इलाज के लिए 4-5 KM दूर जाना पड़ता है और हजारों रुपया खर्च करना पड़ता है। क्या हमारे गाँव को फिर से अस्पताल नहीं मिलना चाहिए? मैं सरकार से माँग करता हूँ कि जमीन को अतिक्रमण मुक्त कर अस्पताल का पुनर्निर्माण कराया जाए। सबूत : 31/03/1960 का दान पत्र और आज की जमीनी हकीकत का वीडियो संलग्न है। #Surjapur #Pratapganj #Supaul #BiharHealthDept #Encroachment #JusticeForSurjapur माननीय @DM Supaul @Health Department, Bihar कृपया संज्ञान लें।
- उप स्वास्थ्य केंद्र सुरजापूर जहां कभी इलाज किया जाता था आज भवन खंडहरों में तब्दील है चारागाह और अतिक्रमण कर निजी उपयोग किया जा रहा है कभी यहाँ अस्पताल था, आज यहाँ कब्जा है! यह कागज 31 मार्च 1960 का है! बुजुर्गों ने अपनी निजी जमीन सुरजापूर, प्रतापगंज, सुपौल में उप-स्वास्थ्य केंद्र के लिए दान दी थी ताकि गरीबों का इलाज हो सके। 1992 तक यहाँ इलाज होता था, फिर अस्पताल धीरे-धीरे खत्म हो गया, दीवारें टूट गईं, और आज देखिए इस जमीन का हाल - वीडियो में साफ दिख रहा है कि जहाँ कभी अस्पताल था, वहाँ आज जूट के बोझे, भूसा और अतिक्रमण है। 65 साल बाद भी उस जमीन की जमाबंदी अस्पताल के नाम नहीं हुई! आज सुरजापूर के हजारों गरीब लोगों को इलाज के लिए 4-5 KM दूर जाना पड़ता है और हजारों रुपया खर्च करना पड़ता है। क्या हमारे गाँव को फिर से अस्पताल नहीं मिलना चाहिए? मैं सरकार से माँग करता हूँ कि जमीन को अतिक्रमण मुक्त कर अस्पताल का पुनर्निर्माण कराया जाए। सबूत : 31/03/1960 का दान पत्र और आज की जमीनी हकीकत का वीडियो संलग्न है। #Surjapur #Pratapganj #Supaul #BiharHealthDept #Encroachment #JusticeForSurjapur माननीय @DM Supaul @Health Department, Bihar कृपया संज्ञान लें।2
- फारबिसगंज की SCP कोचिंग फिर सवालों के घेरे में! वायरल वीडियो ने मचाई हलचल, पुराने मामलों की चर्चा के बीच अब जांच की मांग फारबिसगंज की SCP कोचिंग फिर सवालों के घेरे में! वायरल वीडियो ने मचाई हलचल, पुराने मामलों की चर्चा के बीच अब जांच की मांग1
- छातापुर: त्रिवेणीगंज में पहली बार दिखा ऐसा अद्भुत नजारा, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर त्रिवेणीगंज बाजार में दर्जनों गाय, भैंस और घोड़ों के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जय श्रीकृष्ण के जयकारों से पूरा बाजार गूंज उठा और यात्रा को देखने के लिए सड़क के दोनों ओर लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी छातापुर: त्रिवेणीगंज में पहली बार दिखा ऐसा अद्भुत नजारा, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर त्रिवेणीगंज बाजार में दर्जनों गाय, भैंस और घोड़ों के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जय श्रीकृष्ण के जयकारों से पूरा बाजार गूंज उठा और यात्रा को देखने के लिए सड़क के दोनों ओर लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी1
- अररिया को बाल विवाह मुक्त बनाने की मुहिम को मिली वैश्विक पहचान। 27 नवंबर को अब संयुक्त राष्ट्र का ‘अंतरराष्ट्रीय बाल, प्रारंभिक एवं जबरन विवाह उन्मूलन दिवस’। रंजीत ठाकुर, अररिया। अररिया जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने के उद्देश्य से जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (JRC), जागरण कल्याण भारती फारबिसगंज एवं जिला प्रशासन के सहयोग से कई वर्षों से चलाए जा रहे अभियान को बड़ी वैश्विक पहचान मिली है। संयुक्त राष्ट्र ने 27 नवंबर को ‘अंतरराष्ट्रीय बाल, प्रारंभिक एवं जबरन विवाह उन्मूलन दिवस’ के रूप में मान्यता दी है। संयुक्त राष्ट्र की आधिकारिक सूची में भी 27 नवंबर को इस दिवस के रूप में दर्ज किया गया है। जागरण कल्याण भारती के अध्यक्ष संजय कुमार ने प्रेस वार्ता में बताया कि अररिया जिले में बाल विवाह की रोकथाम के लिए जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के संस्थापक भुवन ऋभु के मार्गदर्शन में लगातार अभियान चलाया जा रहा है। भारत सरकार के साथ विचार-विमर्श के बाद 27 नवंबर 2024 से बाल विवाह मुक्त भारत अभियान की शुरुआत की गई थी। इसके तहत देश के 782 जिलों में जिला प्रशासन के नेतृत्व में जागरूकता एवं जनभागीदारी से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए। उन्होंने कहा कि बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 लागू होने के बावजूद केवल कानून के बल पर इस सामाजिक कुरीति को पूरी तरह समाप्त करना संभव नहीं है। इसलिए विद्यालयों, गांवों और पंचायतों में व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के साथ लोगों को बाल विवाह के खिलाफ शपथ दिलाई जा रही है। अभियान के तहत बाल विवाह की आशंका वाले आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को जिला प्रशासन के सहयोग से सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। वहीं पढ़ाई छोड़ चुके बच्चों का पुनः विद्यालय में नामांकन कराया जा रहा है। बाल विवाह के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में धर्मगुरुओं, शिक्षकों, पंचायतीराज प्रतिनिधियों, मुखिया, विधायक, सांसद एवं जिला प्रशासन की भी सक्रिय भागीदारी रही है। भारत से उठी आवाज बनी वैश्विक संकल्प संजय कुमार ने बताया कि JRC के संस्थापक भुवन ऋभु ने बाल विवाह की समाप्ति के लिए एक अलग अंतरराष्ट्रीय दिवस घोषित करने की पहल की थी। मार्च 2026 में संयुक्त राष्ट्र में अपने संबोधन के दौरान उन्होंने वैश्विक नेताओं की मौजूदगी में इस संबंध में प्रस्ताव लाने की बात कही थी। इसके बाद सिएरा लियोन ने भारत समेत 67 देशों के समर्थन वाला प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र महासभा में रखा, जिसके बाद 27 नवंबर को बाल विवाह समाप्त करने के लिए समर्पित अंतरराष्ट्रीय दिवस घोषित किया गया। उन्होंने कहा कि “भारत से उठी आवाज आज पूरी दुनिया का संकल्प बन गई है। यह पूरे भारत के लिए गर्व और खुशी का विषय है कि बाल विवाह मुक्त भारत अभियान की सोच अब वैश्विक स्तर पर पहुंची है।” उन्होंने इस ऐतिहासिक कदम का स्वागत करते हुए JRC के संस्थापक भुवन ऋभु को बधाई दी। उन्होंने कहा कि भारत में JRC अपने सहयोगी संगठनों के साथ सभी 782 जिलों में बाल विवाह के खिलाफ अभियान चला रहा है। इसी क्रम में अररिया जिले में भी जागरण कल्याण भारती जिला प्रशासन के सहयोग से लगातार जनजागरूकता अभियान संचालित कर रही है। प्रेस वार्ता में बचपन बचाओ आंदोलन के यशवंत कुमार ओझा, जागरण कल्याण भारती फारबिसगंज के दीपक पासवान, अंकुश यादव, दीपेश कुमार, सोनू कुमार, रिजवान, विक्रम कुमार साह सहित अन्य लोग एवं पत्रकार मौजूद थे।4
- शिक्षक दिवस पर याद किए गए सर्वपल्ली राधाकृष्णन कुमारखंड। प्रखंड के सरकारी व गैर-सरकारी स्कूलों एवं अन्य शिक्षण संस्थानों में शुक्रवार को देश के प्रथम उपराष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती शिक्षक दिवस के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर छात्रों और शिक्षकों ने राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किया। प्रखंड के पीएमश्री जवाहर प्लस टू हाईस्कूल रामनगर बेला में स्कूल एचएम नवास कुमार भारती, शारदा शिक्षा सदन रामनगर महेश में प्रिंसिपल संजीव कुमार झा की अध्यक्षता में कार्यक्रम आयोजित किया गया। सबसे पहले सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित की गई। उसके बाद छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए स्कूल प्रधानों ने कहा कि उनके जीवन से हम सभी को सीख लेकर आगे बढ़ने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी शिक्षकों के आदर्श थे और हम सबों को भी अपने जीवन में आदर्श प्रस्तुत कर राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी बच्चे को बेहतर शिक्षा देकर करनी चाहिए। मौके पर वरीय शिक्षक राजेश रंजन भारती, शादाब शमी, रंजीत कुमार, निकु कुमार, रजनीश कुमार, निखिल कुमार, राजमोहन गांधी ,अखलाकुर रहमान, रिंकी कुमारी, रश्मि सिंह, प्राणजीत कुमार, रेखा कुमारी, बिष्णुदेव शर्मा, डायरेक्टर रामाशीष झा, सोनू झा, गुड्डू झा, सहित सभी छात्र छात्राएं व अन्य शिक्षक शिक्षिकाएं मौजूद थे। वहीं शिक्षक दिवस पर प्रखंड के युनिक कोचिंग सेंटर, केवीएस पब्लिक स्कूल रामनगर महेश सहित अन्य कई सरकारी और गैर सरकारी शिक्षण संस्थानों में देश के प्रथम उपराष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती शिक्षक दिवस के रूप में मनाई गई।1
- Himachal Pradesh ka Pahadi kaun si jagah ka yah Pahad hai agar aap log jante ho to batao Aaiae aap sabhi ko dikhate Hain Himachal Pradesh ka bahut hi Sundar najara dekhiae aur maja Lijiye1
- गुरु सम्मान से सजा शिक्षक दिवस: संकल्प मैत्री फाउंडेशन ने वार्डेन प्रतिमा कुमारी को किया सम्मानित शिक्षक सिर्फ किताबों का ज्ञान नहीं देते, बल्कि बच्चों के सपनों को दिशा और उनके भविष्य को आकार देते हैं। शिक्षक दिवस के मौके पर मधेपुरा में इसी भावना के साथ शिक्षकों और शिक्षा से जुड़े कर्मियों के सम्मान का आयोजन किया गया। संकल्प मैत्री फाउंडेशन की ओर से आयोजित समारोह में कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय की वार्डेन प्रतिमा कुमारी को सम्मानित किया गया। दरअसल मधेपुरा में शिक्षक दिवस का अवसर इस बार गुरु सम्मान और सामाजिक सरोकार की भावना के साथ मनाया गया। सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था संकल्प मैत्री फाउंडेशन की ओर से शनिवार को कार्यालय परिसर में सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देने वाले शिक्षकों और शिक्षण कार्य से जुड़े कर्मियों के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त किया गया। समारोह में प्राकृतिक चिकित्सक डॉ. एस.एन. कुमार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इसी दौरान डॉ. एस.एन. कुमार ने कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय की वार्डेन प्रतिमा कुमारी को सम्मानित किया। सम्मान के दौरान उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज के निर्माण की बुनियाद हैं। खासकर बालिका शिक्षा को आगे बढ़ाने और छात्राओं को सुरक्षित एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण देने में शिक्षकों और वार्डेन की भूमिका बेहद अहम है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का मतलब सिर्फ किताबों तक सीमित रहना नहीं है। शिक्षा बच्चों में संस्कार, आत्मविश्वास और व्यक्तित्व निर्माण की नींव मजबूत करती है। ऐसे में शिक्षकों का दायित्व कक्षा की चारदीवारी से कहीं आगे तक जाता है। बाइट –प्रतिमा कुमारी “शिक्षक समाज को दिशा देने का काम करते हैं। बालिका शिक्षा को मजबूत बनाने में शिक्षकों और वार्डेन की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। सम्मान मिलने के बाद प्रतिमा कुमारी ने संस्था के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि इस तरह का सम्मान शिक्षा से जुड़े लोगों का उत्साह बढ़ाता है और उन्हें अपने दायित्वों के प्रति और अधिक समर्पित होकर काम करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने छात्राओं के बेहतर भविष्य के लिए लगातार प्रयास जारी रखने की बात कही। वहीं संस्था के संस्थापक सुनीत साना ने कहा कि शिक्षक समाज के मार्गदर्शक होते हैं। उनके योगदान का सम्मान करना केवल किसी एक संस्था की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि संकल्प मैत्री फाउंडेशन आने वाले समय में भी शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यक्रमों के जरिए लोगों को जागरूक करने का प्रयास जारी रखेगा। कुल मिलाकर मधेपुरा में आयोजित यह सम्मान समारोह सिर्फ एक शिक्षक को सम्मान देने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने समाज में शिक्षा और शिक्षक की भूमिका को फिर से रेखांकित किया। समारोह में मौजूद लोगों ने सम्मानित वार्डेन प्रतिमा कुमारी को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं और उनके कार्यों की सराहना की। सम्मान और सौहार्द के माहौल में कार्यक्रम का समापन हुआ।4
- छातापुर:पूर्णिया के रुपौली में पुरानी पेंशन की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे बिहार नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ पूर्णिया के शिक्षक शिक्षक, क्या है माँगें जाने छातापुर:पूर्णिया के रुपौली में पुरानी पेंशन की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे बिहार नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ पूर्णिया के शिक्षक शिक्षक, क्या है माँगें जाने1