logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

जांच के उद्देश्य से एक दल मौके पर पहुंचा। हालांकि, इस दल ने मीडिया द्वारा पूछे गए किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया और पूरी तरह से चुप्पी साधे रखी।

2 hrs ago
user_राष्ट्रीय भारत न्यूज़ 100
राष्ट्रीय भारत न्यूज़ 100
Newspaper publisher Indore, Madhya Pradesh•
2 hrs ago

जांच के उद्देश्य से एक दल मौके पर पहुंचा। हालांकि, इस दल ने मीडिया द्वारा पूछे गए किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया और पूरी तरह से चुप्पी साधे रखी।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • इंदौर के सियागंज स्थित पटरल ब्रिज पर एक तेज़ रफ़्तार पानी का टैंकर अनियंत्रित होकर कई वाहनों से जा टकराया। इस दर्दनाक हादसे का सीसीटीवी फ़ुटेज भी सामने आया है, जिसमें टैंकर बेकाबू होकर सड़क पर खड़े और गुज़र रहे वाहनों को टक्कर मारते हुए साफ दिखाई दे रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टैंकर का पिछला टायर फटने के कारण चालक वाहन पर से नियंत्रण खो बैठा था। बताया गया है कि यह टैंकर पानी भरकर जवाहर मार्ग क्षेत्र में वितरण के लिए जा रहा था। राहत की बात यह है कि इस घटना में फिलहाल किसी प्रकार की जनहानि की कोई सूचना नहीं मिली है। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई, जिसके बाद पुलिस ने पहुँचकर स्थिति को नियंत्रित किया।
    1
    इंदौर के सियागंज स्थित पटरल ब्रिज पर एक तेज़ रफ़्तार पानी का टैंकर अनियंत्रित होकर कई वाहनों से जा टकराया। इस दर्दनाक हादसे का सीसीटीवी फ़ुटेज भी सामने आया है, जिसमें टैंकर बेकाबू होकर सड़क पर खड़े और गुज़र रहे वाहनों को टक्कर मारते हुए साफ दिखाई दे रहा है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टैंकर का पिछला टायर फटने के कारण चालक वाहन पर से नियंत्रण खो बैठा था। बताया गया है कि यह टैंकर पानी भरकर जवाहर मार्ग क्षेत्र में वितरण के लिए जा रहा था। राहत की बात यह है कि इस घटना में फिलहाल किसी प्रकार की जनहानि की कोई सूचना नहीं मिली है।

हादसे के बाद मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई, जिसके बाद पुलिस ने पहुँचकर स्थिति को नियंत्रित किया।
    user_SUNDARAM EXPRESS NEWS
    SUNDARAM EXPRESS NEWS
    Media company मल्हारगंज, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • धार और इंदौर जिले की सीमा पर स्थित ग्राम खण्डवा, कल्याणसी खेड़ी और भरदला में कथित अवैध मुरम उत्खनन एक बड़े खनिज घोटाले का रूप ले चुका है। किसानों की निजी भूमि पर अवैध खनन, करोड़ों रुपये की संभावित राजस्व चोरी, स्वीकृत पट्टों की सीमाओं का उल्लंघन और प्रशासनिक तंत्र की निष्क्रियता को लेकर क्षेत्र में भारी आक्रोश है। मामला इतना गंभीर हो गया कि एक आर्मी अधिकारी के हस्तक्षेप और उच्च स्तर पर शिकायत पहुंचने के बाद खनिज विभाग जांच के लिए सक्रिय हुआ। हालांकि, जांच दल के अधिकारियों ने मीडिया के सवालों से बचते हुए कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे मामले की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर संदेह गहरा गया है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, खण्डवा में खसरा क्रमांक 162 पर अकील मोहम्मद और खसरा क्रमांक 639 पर शहनबाज खान, तथा कल्याणसी खेड़ी में खसरा क्रमांक 642 पर हरीश पटेल और अमजद खान के नाम मुरम खनन पट्टे स्वीकृत हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि खनन माफियाओं ने स्वीकृत खदानों की सीमाओं का उल्लंघन करते हुए निजी कृषि भूमि तक खुदाई फैलाई, जिससे उपजाऊ भूमि बर्बाद हो गई और गहरे गड्ढे बन गए। आरोप है कि स्वीकृत पट्टों को केवल कानूनी ढाल के रूप में इस्तेमाल किया गया, जबकि वास्तविक उत्खनन कई गुना बड़े क्षेत्र में हुआ, जिसके परिणामस्वरूप लाखों घनमीटर मुरम का अवैध उत्खनन और शासन को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ। सबसे गंभीर आरोप यह है कि किसानों की निजी भूमि से निकाली गई मुरम को स्वीकृत खदानों के नाम पर जारी ट्रांजिट पास (टीपी) के माध्यम से पीथमपुर और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में पहुंचाया गया। ग्रामीणों ने यह भी दावा किया कि पट्टाधारी स्वयं खनन नहीं कर रहे, बल्कि संचालन का जिम्मा दूसरों को सौंपा गया है, जो खदान सीमाओं का पालन नहीं कर रहे। क्षेत्र में अवैध उत्खनन की शिकायतें लंबे समय से की जा रही थीं, लेकिन स्थानीय स्तर पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। सूत्रों के अनुसार, प्रभावित भूमि से जुड़े एक आर्मी अधिकारी द्वारा दस्तावेज़, खसरा रिकॉर्ड और अन्य प्रमाणों के साथ शासन स्तर तक शिकायत पहुंचने के बाद ही खनिज विभाग सक्रिय हुआ। इस घटनाक्रम ने ग्रामीणों के बीच यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आम किसानों की शिकायतों पर वर्षों तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई। जांच के लिए पहुंचे अधिकारियों के दल ने स्थानीय पत्रकारों के सवालों, जैसे खनन की सीमा, निजी भूमि पर उत्खनन के प्रमाण, राजस्व चोरी की आशंका और अधिकारियों की भूमिका पर, कोई स्पष्ट उत्तर नहीं दिया और बिना जानकारी दिए लौट गए। इससे प्रशासन की पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लग गया है। इस अवैध उत्खनन से प्रभावित किसानों की कृषि भूमि को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे भविष्य में खेती करना भी मुश्किल हो सकता है। प्रभावित परिवारों में वे लोग भी शामिल हैं जिनके सदस्य सेना में सेवा दे चुके हैं या वर्तमान में देश की सेवा कर रहे हैं, जिन्होंने न्याय पर सवाल उठाया है। पीड़ित किसानों ने मुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव खनिज और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे मामले की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है, जिसमें ड्रोन सर्वे, जीपीएस मैपिंग और उत्खनन की वैज्ञानिक माप शामिल है। उनकी मांग है कि राजस्व नुकसान का आकलन किया जाए और दोषी अधिकारियों एवं खनन माफियाओं पर कठोर कार्रवाई हो। क्षेत्र की जनता अब केवल जांच रिपोर्ट का नहीं, बल्कि दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई का इंतजार कर रही है, क्योंकि इसी से प्रशासन की निष्पक्षता और विश्वसनीयता साबित होगी।
    1
    धार और इंदौर जिले की सीमा पर स्थित ग्राम खण्डवा, कल्याणसी खेड़ी और भरदला में कथित अवैध मुरम उत्खनन एक बड़े खनिज घोटाले का रूप ले चुका है। किसानों की निजी भूमि पर अवैध खनन, करोड़ों रुपये की संभावित राजस्व चोरी, स्वीकृत पट्टों की सीमाओं का उल्लंघन और प्रशासनिक तंत्र की निष्क्रियता को लेकर क्षेत्र में भारी आक्रोश है। मामला इतना गंभीर हो गया कि एक आर्मी अधिकारी के हस्तक्षेप और उच्च स्तर पर शिकायत पहुंचने के बाद खनिज विभाग जांच के लिए सक्रिय हुआ। हालांकि, जांच दल के अधिकारियों ने मीडिया के सवालों से बचते हुए कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे मामले की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर संदेह गहरा गया है।

शिकायतकर्ताओं के अनुसार, खण्डवा में खसरा क्रमांक 162 पर अकील मोहम्मद और खसरा क्रमांक 639 पर शहनबाज खान, तथा कल्याणसी खेड़ी में खसरा क्रमांक 642 पर हरीश पटेल और अमजद खान के नाम मुरम खनन पट्टे स्वीकृत हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि खनन माफियाओं ने स्वीकृत खदानों की सीमाओं का उल्लंघन करते हुए निजी कृषि भूमि तक खुदाई फैलाई, जिससे उपजाऊ भूमि बर्बाद हो गई और गहरे गड्ढे बन गए। आरोप है कि स्वीकृत पट्टों को केवल कानूनी ढाल के रूप में इस्तेमाल किया गया, जबकि वास्तविक उत्खनन कई गुना बड़े क्षेत्र में हुआ, जिसके परिणामस्वरूप लाखों घनमीटर मुरम का अवैध उत्खनन और शासन को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ। सबसे गंभीर आरोप यह है कि किसानों की निजी भूमि से निकाली गई मुरम को स्वीकृत खदानों के नाम पर जारी ट्रांजिट पास (टीपी) के माध्यम से पीथमपुर और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में पहुंचाया गया। ग्रामीणों ने यह भी दावा किया कि पट्टाधारी स्वयं खनन नहीं कर रहे, बल्कि संचालन का जिम्मा दूसरों को सौंपा गया है, जो खदान सीमाओं का पालन नहीं कर रहे।

क्षेत्र में अवैध उत्खनन की शिकायतें लंबे समय से की जा रही थीं, लेकिन स्थानीय स्तर पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। सूत्रों के अनुसार, प्रभावित भूमि से जुड़े एक आर्मी अधिकारी द्वारा दस्तावेज़, खसरा रिकॉर्ड और अन्य प्रमाणों के साथ शासन स्तर तक शिकायत पहुंचने के बाद ही खनिज विभाग सक्रिय हुआ। इस घटनाक्रम ने ग्रामीणों के बीच यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आम किसानों की शिकायतों पर वर्षों तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई। जांच के लिए पहुंचे अधिकारियों के दल ने स्थानीय पत्रकारों के सवालों, जैसे खनन की सीमा, निजी भूमि पर उत्खनन के प्रमाण, राजस्व चोरी की आशंका और अधिकारियों की भूमिका पर, कोई स्पष्ट उत्तर नहीं दिया और बिना जानकारी दिए लौट गए। इससे प्रशासन की पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लग गया है।

इस अवैध उत्खनन से प्रभावित किसानों की कृषि भूमि को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे भविष्य में खेती करना भी मुश्किल हो सकता है। प्रभावित परिवारों में वे लोग भी शामिल हैं जिनके सदस्य सेना में सेवा दे चुके हैं या वर्तमान में देश की सेवा कर रहे हैं, जिन्होंने न्याय पर सवाल उठाया है। पीड़ित किसानों ने मुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव खनिज और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे मामले की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है, जिसमें ड्रोन सर्वे, जीपीएस मैपिंग और उत्खनन की वैज्ञानिक माप शामिल है। उनकी मांग है कि राजस्व नुकसान का आकलन किया जाए और दोषी अधिकारियों एवं खनन माफियाओं पर कठोर कार्रवाई हो। क्षेत्र की जनता अब केवल जांच रिपोर्ट का नहीं, बल्कि दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई का इंतजार कर रही है, क्योंकि इसी से प्रशासन की निष्पक्षता और विश्वसनीयता साबित होगी।
    user_राष्ट्रीय भारत न्यूज़ 100
    राष्ट्रीय भारत न्यूज़ 100
    Newspaper publisher Indore, Madhya Pradesh•
    5 hrs ago
  • इंदौर के पटेल ब्रिज पर एक बड़ा हादसा होते-होते बचा, जब नगर निगम के पानी के एक टैंकर के अचानक ब्रेक फेल हो गए। इस गंभीर स्थिति में ड्राइवर ने सूझबूझ का परिचय देते हुए टैंकर को डिवाइडर पर चढ़ा दिया, जिसके कारण एक संभावित बड़े हादसे को टाल दिया गया।
    1
    इंदौर के पटेल ब्रिज पर एक बड़ा हादसा होते-होते बचा, जब नगर निगम के पानी के एक टैंकर के अचानक ब्रेक फेल हो गए। इस गंभीर स्थिति में ड्राइवर ने सूझबूझ का परिचय देते हुए टैंकर को डिवाइडर पर चढ़ा दिया, जिसके कारण एक संभावित बड़े हादसे को टाल दिया गया।
    user_सुनील कुशवाहा प्रदेश चीफ एडिटर इंडिया न्यूज़7
    सुनील कुशवाहा प्रदेश चीफ एडिटर इंडिया न्यूज़7
    इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • ऐसा प्रतीत होता है कि एक मुसलमान व्यक्ति ने धरती पर पहली बार सच्चाई बयान की है, जिसने कथित तौर पर मौलाना नेताओं और पूरे मुस्लिम समुदाय की पूरी पोल पट्टी खोल दी है। इस खुलासे के बाद, यह सवाल उठाया गया है कि अब किसे दोषी ठहराया जाएगा।
    1
    ऐसा प्रतीत होता है कि एक मुसलमान व्यक्ति ने धरती पर पहली बार सच्चाई बयान की है, जिसने कथित तौर पर मौलाना नेताओं और पूरे मुस्लिम समुदाय की पूरी पोल पट्टी खोल दी है। इस खुलासे के बाद, यह सवाल उठाया गया है कि अब किसे दोषी ठहराया जाएगा।
    user_प्रदेश खुलासा न्यूज
    प्रदेश खुलासा न्यूज
    Media company इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • आज दोपहर 3:00 बजे इंदौर के सियागंज पटेल ब्रिज पर नगर निगम का एक पानी का टैंकर फुटपाथ पर चढ़ गया। यह टैंकर छोटी ग्वालटोली से सियागंज की ओर जा रहा था कि अचानक फुटपाथ पर चढ़कर सड़क किनारे खड़े कई वाहनों को क्षतिग्रस्त करता चला गया। गनीमत रही कि इस घटना में कोई जन हानि नहीं हुई। इस पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है।
    1
    आज दोपहर 3:00 बजे इंदौर के सियागंज पटेल ब्रिज पर नगर निगम का एक पानी का टैंकर फुटपाथ पर चढ़ गया। यह टैंकर छोटी ग्वालटोली से सियागंज की ओर जा रहा था कि अचानक फुटपाथ पर चढ़कर सड़क किनारे खड़े कई वाहनों को क्षतिग्रस्त करता चला गया। गनीमत रही कि इस घटना में कोई जन हानि नहीं हुई। इस पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है।
    user_Naseem Khan
    Naseem Khan
    इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • इंदौर विधानसभा चार में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और बूथ अध्यक्षों का एक महत्वपूर्ण सम्मेलन आयोजित किया गया। इस सम्मेलन का आयोजन विधानसभा चार के प्रभारी शैलेश गर्ग ने कांग्रेस को मजबूत करने और आगामी चुनावों में जीत की रणनीति तैयार करने के उद्देश्य से एक प्रतिष्ठित शहर होटल में किया। इस दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं और पन्ना प्रमुखों के साथ भोजन भी किया। इस आयोजन में इंदौर शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे, सेवा दल के राष्ट्रीय प्रभारी और इंदौर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजेश चौकसे सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता उपस्थित रहे। इस बैठक में विधानसभा 4 की जीत के लिए एक रणनीति पर गहन मंथन किया गया। शैलेश गर्ग पहले ऐसे प्रभारी हैं जिन्होंने विधानसभा 4 में कार्यकर्ताओं के लिए इस तरह का आयोजन किया है, जिससे कांग्रेस की जीत का मंच तैयार होने की उम्मीद है और आने वाले दिनों में इसका प्रभाव देखने को मिलेगा।
    1
    इंदौर विधानसभा चार में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और बूथ अध्यक्षों का एक महत्वपूर्ण सम्मेलन आयोजित किया गया। इस सम्मेलन का आयोजन विधानसभा चार के प्रभारी शैलेश गर्ग ने कांग्रेस को मजबूत करने और आगामी चुनावों में जीत की रणनीति तैयार करने के उद्देश्य से एक प्रतिष्ठित शहर होटल में किया। इस दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं और पन्ना प्रमुखों के साथ भोजन भी किया।

इस आयोजन में इंदौर शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे, सेवा दल के राष्ट्रीय प्रभारी और इंदौर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजेश चौकसे सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता उपस्थित रहे। इस बैठक में विधानसभा 4 की जीत के लिए एक रणनीति पर गहन मंथन किया गया। शैलेश गर्ग पहले ऐसे प्रभारी हैं जिन्होंने विधानसभा 4 में कार्यकर्ताओं के लिए इस तरह का आयोजन किया है, जिससे कांग्रेस की जीत का मंच तैयार होने की उम्मीद है और आने वाले दिनों में इसका प्रभाव देखने को मिलेगा।
    user_Amin sisgar
    Amin sisgar
    इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • इंदौर में लोकायुक्त पुलिस द्वारा महिला बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक लक्ष्मी नारायण कंडवाल के ठिकानों पर की गई छापेमार कार्रवाई में अब तक कुल 10 करोड़ 82 लाख 73 हजार रुपये से अधिक की संपत्ति का खुलासा हुआ है। यह कार्रवाई बुधवार अल सुबह शुरू हुई और देर रात तक चली, जिसमें करोड़ों रुपये की अचल संपत्ति और बैंक लॉकर से सोना-चांदी के आभूषण तथा निवेश संबंधी दस्तावेज मिले हैं। जांच के दौरान, पहले करीब साढ़े नौ करोड़ रुपये की संपत्ति सामने आई थी। बाद में एक बैंक लॉकर खोला गया, जिससे 24 लाख 76 हजार 630 रुपये मूल्य के सोने और चांदी के जेवरात बरामद कर जब्त किए गए। इसके अतिरिक्त, कंडवाल के बेटों द्वारा संचालित डिपार्टमेंटल स्टोर में 35 लाख 73 हजार 218 रुपये का सामान, उनके घर से 38 लाख 48 हजार 530 रुपये मूल्य का घरेलू सामान और जिम में स्थापित उपकरणों की कीमत 2 लाख 71 हजार 10 रुपये आंकी गई है। घर से 4 लाख 79 हजार 294 रुपये मूल्य के अन्य जेवरात और नकदी भी बरामद हुई है, जिससे घर, जिम और अन्य स्थानों पर मिली चल संपत्तियों की कुल कीमत 1 करोड़ 6 लाख 98 हजार रुपये से अधिक है। लोकायुक्त जांच में कंडवाल और उनके परिवार के नाम पर कई अचल संपत्तियां भी सामने आई हैं। इनमें स्कीम नंबर-103 में स्थित एक चार मंजिला व्यावसायिक बिल्डिंग, स्कीम नंबर-140 में दो आवासीय प्लॉट, ग्राम टिगरिया-बादशाह में करीब ढाई हेक्टेयर कृषि भूमि तथा ग्राम भेंसलाय, सोनवाय और मलेंडी में स्थित अन्य भूमि शामिल हैं। लोकायुक्त निरीक्षक आशुतोष मिठास ने बताया कि टीम अब कंडवाल की आय और संपत्ति के स्रोतों की जांच कर रही है। उनके इंडियन ओवरसीज बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ इंडिया सहित अन्य बैंकों में मौजूद खातों की भी पड़ताल की जा रही है। साथ ही, बीमा और निवेश संबंधी दस्तावेजों की जानकारी जुटाई जा रही है। जांच में यह भी सामने आया है कि कंडवाल ने अपनी पत्नी, दोनों बेटों और बहुओं सहित परिवार के सदस्यों के नाम पर भी कई संपत्तियाँ खरीदी हैं, जिनमें से कुछ संपत्तियां दान पत्र और गिफ्ट डीड के माध्यम से हस्तांतरित की गई हैं। इन सभी संपत्तियों की वैधता और स्रोतों की गहन जांच जारी है।
    1
    इंदौर में लोकायुक्त पुलिस द्वारा महिला बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक लक्ष्मी नारायण कंडवाल के ठिकानों पर की गई छापेमार कार्रवाई में अब तक कुल 10 करोड़ 82 लाख 73 हजार रुपये से अधिक की संपत्ति का खुलासा हुआ है। यह कार्रवाई बुधवार अल सुबह शुरू हुई और देर रात तक चली, जिसमें करोड़ों रुपये की अचल संपत्ति और बैंक लॉकर से सोना-चांदी के आभूषण तथा निवेश संबंधी दस्तावेज मिले हैं।

जांच के दौरान, पहले करीब साढ़े नौ करोड़ रुपये की संपत्ति सामने आई थी। बाद में एक बैंक लॉकर खोला गया, जिससे 24 लाख 76 हजार 630 रुपये मूल्य के सोने और चांदी के जेवरात बरामद कर जब्त किए गए। इसके अतिरिक्त, कंडवाल के बेटों द्वारा संचालित डिपार्टमेंटल स्टोर में 35 लाख 73 हजार 218 रुपये का सामान, उनके घर से 38 लाख 48 हजार 530 रुपये मूल्य का घरेलू सामान और जिम में स्थापित उपकरणों की कीमत 2 लाख 71 हजार 10 रुपये आंकी गई है। घर से 4 लाख 79 हजार 294 रुपये मूल्य के अन्य जेवरात और नकदी भी बरामद हुई है, जिससे घर, जिम और अन्य स्थानों पर मिली चल संपत्तियों की कुल कीमत 1 करोड़ 6 लाख 98 हजार रुपये से अधिक है।

लोकायुक्त जांच में कंडवाल और उनके परिवार के नाम पर कई अचल संपत्तियां भी सामने आई हैं। इनमें स्कीम नंबर-103 में स्थित एक चार मंजिला व्यावसायिक बिल्डिंग, स्कीम नंबर-140 में दो आवासीय प्लॉट, ग्राम टिगरिया-बादशाह में करीब ढाई हेक्टेयर कृषि भूमि तथा ग्राम भेंसलाय, सोनवाय और मलेंडी में स्थित अन्य भूमि शामिल हैं।

लोकायुक्त निरीक्षक आशुतोष मिठास ने बताया कि टीम अब कंडवाल की आय और संपत्ति के स्रोतों की जांच कर रही है। उनके इंडियन ओवरसीज बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ इंडिया सहित अन्य बैंकों में मौजूद खातों की भी पड़ताल की जा रही है। साथ ही, बीमा और निवेश संबंधी दस्तावेजों की जानकारी जुटाई जा रही है। जांच में यह भी सामने आया है कि कंडवाल ने अपनी पत्नी, दोनों बेटों और बहुओं सहित परिवार के सदस्यों के नाम पर भी कई संपत्तियाँ खरीदी हैं, जिनमें से कुछ संपत्तियां दान पत्र और गिफ्ट डीड के माध्यम से हस्तांतरित की गई हैं। इन सभी संपत्तियों की वैधता और स्रोतों की गहन जांच जारी है।
    user_SUNDARAM EXPRESS NEWS
    SUNDARAM EXPRESS NEWS
    Media company मल्हारगंज, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • माननीय श्री मोहन यादव जी ने जानकारी दी है कि मीनाक्षी जी नटराजन के नामांकन रद्द होने के कारण का पता लगा लिया गया है। श्री यादव ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि कांग्रेस को इस पूरे घटनाक्रम पर गंभीरता से मंथन करना चाहिए।
    1
    माननीय श्री मोहन यादव जी ने जानकारी दी है कि मीनाक्षी जी नटराजन के नामांकन रद्द होने के कारण का पता लगा लिया गया है। श्री यादव ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि कांग्रेस को इस पूरे घटनाक्रम पर गंभीरता से मंथन करना चाहिए।
    user_सुनील कुशवाहा प्रदेश चीफ एडिटर इंडिया न्यूज़7
    सुनील कुशवाहा प्रदेश चीफ एडिटर इंडिया न्यूज़7
    इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • इंदौर के एमजी रोड थाना क्षेत्र के उषा फाटक इलाके में बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात करीब 1 बजे गाड़ी खड़ी करने की बात पर दो पक्षों के बीच जमकर विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि गाड़ियों में तोड़फोड़ के साथ-साथ दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर पथराव शुरू कर दिया, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही एमजी रोड पुलिस मौके पर पहुँची और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अन्य थानों से भी बल बुलाना पड़ा। पुलिस के अनुसार, यह पूरा विवाद रोहित बोयत और कल्याणे परिवार के बीच गाड़ी खड़ी करने को लेकर हुई कहासुनी से शुरू हुआ था। आरोप है कि इस दौरान कुछ लोगों ने रोहित बोयत के घर पर भी पत्थर फेंके। रोहित बोयत के परिवार ने यह आरोप लगाया है कि विवाद की शुरुआत कल्याणे परिवार की ओर से की गई थी। पुलिस ने इस पथराव और विवाद में शामिल करीब आधा दर्जन युवकों को हिरासत में लिया है। दोनों पक्षों की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर मामले की जाँच शुरू कर दी गई है।
    1
    इंदौर के एमजी रोड थाना क्षेत्र के उषा फाटक इलाके में बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात करीब 1 बजे गाड़ी खड़ी करने की बात पर दो पक्षों के बीच जमकर विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि गाड़ियों में तोड़फोड़ के साथ-साथ दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर पथराव शुरू कर दिया, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही एमजी रोड पुलिस मौके पर पहुँची और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अन्य थानों से भी बल बुलाना पड़ा।

पुलिस के अनुसार, यह पूरा विवाद रोहित बोयत और कल्याणे परिवार के बीच गाड़ी खड़ी करने को लेकर हुई कहासुनी से शुरू हुआ था। आरोप है कि इस दौरान कुछ लोगों ने रोहित बोयत के घर पर भी पत्थर फेंके। रोहित बोयत के परिवार ने यह आरोप लगाया है कि विवाद की शुरुआत कल्याणे परिवार की ओर से की गई थी।

पुलिस ने इस पथराव और विवाद में शामिल करीब आधा दर्जन युवकों को हिरासत में लिया है। दोनों पक्षों की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर मामले की जाँच शुरू कर दी गई है।
    user_Amin sisgar
    Amin sisgar
    इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.