शिमला में वकीलों द्वारा किए गए 'चक्का जाम' को लेकर मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बताया कि इस हड़ताल के कारण करीब तीन से चार घंटे तक ट्रैफिक जाम रहा, जिससे आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। नरेश चौहान ने स्पष्ट किया कि छोटा शिमला से शिल्ली चौक तक की सड़क एक 'सील्ड रोड' है और इसे पूरी तरह ट्रैफिक के लिए खोलना उचित नहीं होगा। उन्होंने जानकारी दी कि परमिट मांगने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही थी, जिसे देखते हुए विधानसभा में एक बिल पारित कर प्रति माह 1 हजार रुपये परमिट फीस तय की गई थी। साथ ही, इन रूट्स के दुरुपयोग की सूचनाएं भी सामने आ रही थीं। नरेश चौहान ने वकीलों के विरोध के तरीके पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी समस्याओं का समाधान बातचीत के जरिए निकाला जा सकता था और उग्र होने की कोई आवश्यकता नहीं थी। उन्होंने सुझाया कि चुनी हुई प्रतिनिधि बॉडी मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी बात रख सकती थी। उन्होंने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि कानून की समझ रखने वाले लोगों से ऐसी उम्मीद नहीं थी और सवाल उठाया कि वकील किस अथॉरिटी से लोगों की गाड़ियों को रोककर चालान कटवा रहे थे। उन्होंने इसे कानून को हाथ में लेने का अनुचित तरीका बताया। चौहान ने बताया कि बातचीत के बाद यह सहमति बनी है कि एक कमेटी गठित की जाएगी, जो सूची तैयार करेगी और यह तय करेगी कि किन लोगों को रियायती पास दिए जा सकते हैं। वहीं, नेता प्रतिपक्ष के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए नरेश चौहान ने इसे केवल राजनीतिक बयानबाजी करार दिया और कहा कि वकीलों की आवाज कोई नहीं दबा सकता।
शिमला में वकीलों द्वारा किए गए 'चक्का जाम' को लेकर मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बताया कि इस हड़ताल के कारण करीब तीन से चार घंटे तक ट्रैफिक जाम रहा, जिससे आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। नरेश चौहान ने स्पष्ट किया कि छोटा शिमला से शिल्ली चौक तक की सड़क एक 'सील्ड रोड' है और इसे पूरी तरह ट्रैफिक के लिए खोलना उचित नहीं होगा। उन्होंने जानकारी दी कि परमिट मांगने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही थी, जिसे देखते हुए विधानसभा में एक बिल पारित कर प्रति माह 1 हजार रुपये परमिट फीस तय की गई थी। साथ ही, इन रूट्स के दुरुपयोग की सूचनाएं भी सामने आ रही थीं। नरेश चौहान ने वकीलों के विरोध के तरीके पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी समस्याओं का
समाधान बातचीत के जरिए निकाला जा सकता था और उग्र होने की कोई आवश्यकता नहीं थी। उन्होंने सुझाया कि चुनी हुई प्रतिनिधि बॉडी मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी बात रख सकती थी। उन्होंने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि कानून की समझ रखने वाले लोगों से ऐसी उम्मीद नहीं थी और सवाल उठाया कि वकील किस अथॉरिटी से लोगों की गाड़ियों को रोककर चालान कटवा रहे थे। उन्होंने इसे कानून को हाथ में लेने का अनुचित तरीका बताया। चौहान ने बताया कि बातचीत के बाद यह सहमति बनी है कि एक कमेटी गठित की जाएगी, जो सूची तैयार करेगी और यह तय करेगी कि किन लोगों को रियायती पास दिए जा सकते हैं। वहीं, नेता प्रतिपक्ष के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए नरेश चौहान ने इसे केवल राजनीतिक बयानबाजी करार दिया और कहा कि वकीलों की आवाज कोई नहीं दबा सकता।
- पंचकुला के सेक्टर 5 स्थित स्विस लॉज के बाहर गुरुवार देर रात गैंगवार की एक घटना ने सनसनी फैला दी। इस दौरान वार्ड 1 के भाजपा पार्षद के देवर रतन लुभाना पर गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा के गुर्गों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की, जिसमें रतन लुभाना को एक गोली लगी। वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर यमुनानगर हाईवे की ओर भाग निकले। सूचना मिलते ही पंचकुला पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नाकाबंदी की और दोनों शूटरों का एनकाउंटर कर दिया। मुठभेड़ में दोनों शूटरों के घुटनों में गोली लगी है, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। इस घटना के बाद से पंचकुला में गैंगवार से फैली सनसनी का माहौल है।1
- जनगणना की स्व-गणना (Self Enumeration) प्रक्रिया 1 जून से 15 जून, 2026 तक संचालित की जाएगी। इस चरण के बाद, जनगणना कार्य में नियुक्त अधिकारी और कर्मचारी 15 जून से 15 जुलाई, 2026 तक घर-घर जाकर आवास और परिवारों से संबंधित विभिन्न जानकारियां एकत्रित करेंगे। इस पहले चरण में मकानों की स्थिति, आवासीय सुविधाओं और परिवारों से संबंधित आवश्यक आंकड़े संकलित किए जाएंगे। इसके उपरांत, जनगणना का दूसरा चरण वर्ष 2027 में प्रारंभ होगा, जिसमें जनसंख्या संबंधी विस्तृत जानकारी एकत्रित की जाएगी। गौरव चौधरी ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से जनगणना कार्य को गंभीरता, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ संपन्न करने का आह्वान किया। उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की कि वे जनगणना के दौरान मांगी गई जानकारी सही और सटीक रूप से उपलब्ध करवाएं, ताकि सरकार को वास्तविक आंकड़े प्राप्त हो सकें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जनगणना से प्राप्त आंकड़े सरकार को विभिन्न विकासात्मक योजनाओं एवं कल्याणकारी कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन में सहायता प्रदान करते हैं तथा जरूरतमंद लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान, मास्टर ट्रेनरों द्वारा उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जनगणना की प्रक्रिया, मोबाइल एप्लीकेशन के उपयोग, डेटा प्रविष्टि, सत्यापन तथा अन्य आवश्यक दिशा-निर्देशों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इस अवसर पर तहसीलदार घुमारवीं बबीता धीमान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले से आने वाला प्लम अब महाराष्ट्र के विभिन्न बाजारों में पहुँच रहा है। यह बदलाव एचपी शिवा परियोजना के सफल क्रियान्वयन के कारण संभव हो पाया है, जिसने स्थानीय किसानों की किस्मत को बदल दिया है।1
- मोड़ा टोल प्लाजा के निकट स्थित पंजाब प्रवेश द्वार पर निहंग सिंहों ने एक टोल लगाना शुरू कर दिया है। बताया गया है कि यह टोल 'खालसा एंट्री टैक्स' के नाम पर वसूला जा रहा है।1
- जंगम शम्भू से संबंध रखने वाले व्यक्ति अपनी कंठ वाणी के माध्यम से जनता को आने वाले घोर कलयुग के विषय में जानकारी दे रहे हैं। वे अपनी मौखिक परंपरा और गायन शैली का उपयोग करते हुए लोगों को कलयुग के प्रभावों और चुनौतियों से रूबरू करा रहे हैं, जिससे उन्हें भविष्य के प्रति जागरूक किया जा सके।1
- हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में स्थित कटौहड कलां में प्रधान पद के लिए हुई मतगणना को लेकर कुछ सवाल खड़े हो गए हैं।1
- हिमाचल प्रदेश के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा पलटवार करते हुए कहा है कि भाजपा को नैतिकता की बात करना शोभा नहीं देता। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने कांग्रेस की बहुमत वाली सरकार को गिराने का प्रयास किया था, लेकिन जनता ने उनके इस प्रयास को नकार दिया। नेगी ने दावा किया कि भाजपा ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और धनबल का इस्तेमाल कर सरकार गिराने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा कि हाल ही में हुए उपचुनावों में नौ में से छह सीटों पर कांग्रेस विधायकों की जीत ने जनता का स्पष्ट रुख दिखा दिया है। राजस्व मंत्री ने भाजपा विधायकों को चुनौती देते हुए कहा कि यदि वे वास्तव में नैतिकता में विश्वास रखते हैं, तो उन्हें अपने पदों से इस्तीफा दे देना चाहिए। जगत सिंह नेगी ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा, यह कहते हुए कि केंद्र के खिलाफ कई बड़े मुद्दे लंबित हैं और नैतिकता के आधार पर केंद्र सरकार को भी अपनी कुर्सी छोड़ देनी चाहिए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने पंजाब-हिमाचल सीमा पर कथित रूप से वसूले जा रहे "खालसा टैक्स नाका" के मुद्दे पर भी भाजपा को घेरा। नेगी ने आरोप लगाया कि यह पूरा मामला भाजपा द्वारा ही रचा गया है, जिसका उद्देश्य कांग्रेस सरकार के खिलाफ माहौल बनाना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हिमाचल प्रदेश के लोगों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इस मुद्दे पर पंजाब सरकार के साथ बातचीत की जाएगी।4
- घुमारवीं उपमंडल में आगामी जनगणना-2027 के प्रथम चरण के सफल संचालन हेतु अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए 10 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 3 जून को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (छात्रा) घुमारवीं के बैठक कक्ष में उपमंडल अधिकारी (ना.) गौरव चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य जनगणना कार्य में नियुक्त सभी कर्मियों को जनगणना प्रक्रिया, डेटा संग्रहण के तरीके और तकनीकी पहलुओं से पूरी तरह अवगत कराना है। इस अवसर पर उपमंडल अधिकारी गौरव चौधरी ने बताया कि जनगणना देश की विकास योजनाओं और नीतियों के निर्माण का एक महत्वपूर्ण आधार होती है। उन्होंने जानकारी दी कि जनगणना के प्रथम चरण के अंतर्गत स्व-जनगणना (Self Enumeration) की प्रक्रिया 1 जून से 15 जून, 2026 तक संचालित की जाएगी। इसके बाद, जनगणना कार्य में नियुक्त अधिकारी और कर्मचारी 15 जून से 15 जुलाई, 2026 तक घर-घर जाकर आवास और परिवारों से संबंधित विभिन्न आवश्यक जानकारियां एकत्रित करेंगे। इस चरण में मकानों की स्थिति, आवासीय सुविधाओं और परिवारों से संबंधित आवश्यक आंकड़े संकलित किए जाएंगे। जनगणना का दूसरा चरण वर्ष 2027 में शुरू होगा, जिसमें जनसंख्या संबंधी विस्तृत जानकारी जुटाई जाएगी। गौरव चौधरी ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से जनगणना कार्य को गंभीरता, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ संपन्न करने का आह्वान किया। उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे जनगणना के दौरान मांगी गई जानकारी सही और सटीक रूप से उपलब्ध करवाएं, ताकि सरकार को वास्तविक आंकड़े प्राप्त हो सकें। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनगणना से प्राप्त आंकड़े सरकार को विभिन्न विकासात्मक योजनाओं और कल्याणकारी कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन में सहायता प्रदान करते हैं, और जरूरतमंद लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान, मास्टर ट्रेनरों द्वारा उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को जनगणना की प्रक्रिया, मोबाइल एप्लीकेशन के उपयोग, डेटा प्रविष्टि, सत्यापन तथा अन्य आवश्यक दिशा-निर्देशों की विस्तृत जानकारी दी गई। इस कार्यक्रम में तहसीलदार घुमारवीं बबीता धीमान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- प्रेस क्लब जीरकपुर की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया है, जिसमें बलविंदर सिंह (विक्की) को सर्वसम्मति से क्लब का प्रधान चुना गया। इस चुनाव के साथ ही, विक्की प्रेस क्लब जीरकपुर के नौवें प्रधान बन गए हैं।1