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सुवाणीया गांव में भीषण आग, तेज हवा से बढ़ा खतरा,,#rajasthan #bundi #nainwanews #latestupdates सुवाणीया गांव में भीषण आग, तेज हवा से बढ़ा खतरा,,#rajasthan #bundi #nainwanews #latestupdates

2 hrs ago
user_Etv9 national news
Etv9 national news
News Anchor नैनवा, बूंदी, राजस्थान•
2 hrs ago

सुवाणीया गांव में भीषण आग, तेज हवा से बढ़ा खतरा,,#rajasthan #bundi #nainwanews #latestupdates सुवाणीया गांव में भीषण आग, तेज हवा से बढ़ा खतरा,,#rajasthan #bundi #nainwanews #latestupdates

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  • उनियारा. विश्व मजदूर दिवस पर उनियारा शहर के मुख्य बस स्टैंड पर बैठे हुए मजदूरों का कहना है कि उन्हें मजदूर दिवस पर भी किसी प्रकार की कोई सुविधा नहीं मिलती साथ ही श्रमिक डायरी का भी उन्हें कोई लाभ नहीं मिलता। मजदूरों का कहना था कि उनियारा क्षेत्र में उद्योग धंधे बहुत कम है जिससे उनकी दैनिक मजदूरी बहुत कम होती है। यहां उद्योग की कमी होने के कारण मजदूरों को मजदूरी के भी लाले पड़ते हैं कभी आ जाए तो चार-पांच सो रुपए की मजदूरी बन जाती है और नहीं आए तो दो-तीन दिन तक भी काम नहीं निकलता। मजदूरों का कहना है कि राज्य सरकार को यहां रीको इंडस्ट्रीज एरिया घोषित होने के बावजूद भी इसमें अभी तक उद्योग स्थापित नहीं होने से उनके रोजगार पर काफी प्रभाव पड़ रहा है। कई मजदूरों को तो पलायन होने को मजबूर होना पड़ रहा है। साथ ही राज्य सरकार की योजनाओं में श्रमिक डायरी का भी उन्हें कोई लाभ नहीं मिलता। राज्य सरकार की श्रमिक डायरी से कई बार आवेदन करने के बावजूद भी उनके किसी प्रकार की कोई कार्य नहीं होते। कुछ मजदूरों का कहना है कि उनकी श्रमिक डायरी को वह बनाने के लिए ई मित्र पर जाते हैं लेकिन श्रमिक डायरी बनाने वाले दो से ₹3000 की उनसे डिमांड करते हैं जो वह दे नहीं पाते जबकि राज्य सरकार की ओर से श्रमिक डायरी श्रमिकों को निशुल्क बनाई जानी चाहिए और वास्तविक जो श्रमिक हो उन्हें इसका लाभ मिलना चाहिए। यह नगर पालिका की ओर से भी मजदूरों को किसी प्रकार की कोई सुविधा नहीं मिलती।
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    उनियारा.
विश्व मजदूर दिवस पर उनियारा शहर के मुख्य बस स्टैंड पर बैठे हुए मजदूरों का कहना है कि उन्हें मजदूर दिवस पर भी किसी प्रकार की कोई सुविधा नहीं मिलती साथ ही श्रमिक डायरी का भी उन्हें कोई लाभ नहीं मिलता। मजदूरों का कहना था कि उनियारा क्षेत्र में उद्योग धंधे बहुत कम है जिससे उनकी दैनिक मजदूरी बहुत कम होती है। यहां उद्योग की कमी होने के कारण मजदूरों को मजदूरी के भी लाले पड़ते हैं कभी आ जाए तो चार-पांच सो रुपए की मजदूरी बन जाती है और नहीं आए तो दो-तीन दिन तक भी काम नहीं निकलता। मजदूरों का कहना है कि राज्य सरकार को यहां रीको इंडस्ट्रीज एरिया घोषित होने के बावजूद भी इसमें अभी तक उद्योग स्थापित नहीं होने से उनके रोजगार पर काफी प्रभाव पड़ रहा है। कई मजदूरों को तो पलायन होने को मजबूर होना पड़ रहा है। साथ ही राज्य सरकार की योजनाओं में श्रमिक डायरी का भी उन्हें कोई लाभ नहीं मिलता। राज्य सरकार की श्रमिक डायरी से कई बार आवेदन करने के बावजूद भी उनके किसी प्रकार की कोई कार्य नहीं होते। कुछ मजदूरों का कहना है कि उनकी श्रमिक डायरी को वह बनाने के लिए ई मित्र पर जाते हैं लेकिन श्रमिक डायरी बनाने वाले दो से ₹3000 की उनसे डिमांड करते हैं जो वह दे नहीं पाते जबकि राज्य सरकार की ओर से श्रमिक डायरी श्रमिकों को निशुल्क बनाई जानी चाहिए और वास्तविक जो श्रमिक हो उन्हें इसका लाभ मिलना चाहिए। यह नगर पालिका की ओर से भी मजदूरों को किसी प्रकार की कोई सुविधा नहीं मिलती।
    user_Sandeep Gupta
    Sandeep Gupta
    उनियारा, टोंक, राजस्थान•
    10 hrs ago
  • लबान. क्षेत्र के कोटाखुर्द मेगा हाइवे किनारे स्थित खेतों में लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे किसान को नुकसान उठाना पड़ा। जानकारी के अनुसार कोटाखुर्द निवासी किसान राम लक्ष्मण मीणा के खेत से तीन खेत आगे नोलाइयों में अचानक आग सुलग गई, जो तेज हवा और अंधड़ के चलते फैलते हुए पास ही बने टीनशेड और चारा भंडार तक पहुंच गई। आग की चपेट में आकर करीब 400 क्विटल चारा, टीनशेड, तिरपाल तथा अन्य कृषि उपकरण जलकर पूरी तरह राख हो गए। किसान को कुल मिलाकर लगभग 4 लाख रुपए का नुकसान बताया जा रहा है, जिसमें करीब 2 लाख रुपए का टीनशेड व कृषि उपकरण तथा शेष
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    लबान. क्षेत्र के कोटाखुर्द मेगा हाइवे किनारे स्थित खेतों में लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे किसान को नुकसान उठाना पड़ा। जानकारी के अनुसार कोटाखुर्द निवासी किसान राम लक्ष्मण मीणा के खेत से तीन खेत आगे नोलाइयों में अचानक आग सुलग गई, जो तेज हवा और अंधड़ के चलते फैलते हुए पास ही बने टीनशेड और चारा भंडार तक पहुंच गई। आग की चपेट में आकर करीब 400 क्विटल चारा, टीनशेड, तिरपाल तथा अन्य कृषि उपकरण जलकर पूरी तरह राख हो गए। किसान को कुल मिलाकर लगभग 4 लाख रुपए का नुकसान बताया जा रहा है, जिसमें करीब 2 लाख रुपए का टीनशेड व कृषि उपकरण तथा शेष
    user_Lokesh meena
    Lokesh meena
    इंद्रगढ़, बूंदी, राजस्थान•
    13 hrs ago
  • सवाई माधोपुर जिला मुख्यालय सहित आसपास क्षेत्र में कई निजी संस्था, स्कूल, कोचिंग आदि ने सरकारी दीवारों पर अपनी अपनी संस्था का विज्ञापन बनवाकर कलर पेंट द्वारा कर दिया गया है। जैसे कि बता दे सर्किट हाउस की दीवारें, स्काउट की दीवारें, रोडवेज डिपो, कॉलेज की दीवारें, जिला अस्पताल की दीवारें, सरकारी प्याऊ तक को विज्ञापन छपवाकर दीवारों को रंगीन बना दिया। नगर परिषद द्वारा कुछ महत्वपूर्ण समाचार पत्रों के माध्यम से लोगों को सरकारी दीवारों पर विज्ञापन नहीं चिपकाने एवं खाली प्लॉटों पर कचरा नहीं डालने को लेकर विज्ञप्ति जारी भी की थी। जिस पर जुर्माने का प्रावधान भी था। वहीं दूसरी ओर नगर परिषद द्वारा अतिक्रमण पर भी जल्द से जल्द कार्रवाई की जाएगी। नगर परिषद आयुक्त चंद्रकला वर्मा इनका कहना है कि निजी संस्थाओं द्वारा सरकारी दीवारों पर विज्ञापन प्रचारक सामग्री का मामला और अतिक्रमण का मामला संज्ञान में आया है। जिस पर जल्द से जल्द कार्रवाई की जाएगी।
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    सवाई माधोपुर जिला मुख्यालय सहित आसपास क्षेत्र में कई निजी संस्था, स्कूल, कोचिंग आदि  ने सरकारी दीवारों पर अपनी अपनी संस्था का विज्ञापन बनवाकर कलर पेंट द्वारा कर दिया गया है। जैसे कि बता दे सर्किट हाउस की दीवारें, स्काउट की दीवारें, रोडवेज डिपो, कॉलेज की दीवारें, जिला अस्पताल की दीवारें, सरकारी प्याऊ तक को विज्ञापन छपवाकर दीवारों को रंगीन बना दिया। नगर परिषद द्वारा कुछ महत्वपूर्ण समाचार पत्रों के माध्यम से लोगों को सरकारी दीवारों पर विज्ञापन नहीं चिपकाने एवं खाली प्लॉटों पर कचरा नहीं डालने को लेकर विज्ञप्ति जारी भी की थी। जिस पर जुर्माने का प्रावधान भी था।
वहीं दूसरी ओर  नगर परिषद द्वारा अतिक्रमण पर भी जल्द से जल्द कार्रवाई की जाएगी। 
नगर परिषद आयुक्त चंद्रकला वर्मा
इनका कहना है कि निजी संस्थाओं द्वारा सरकारी दीवारों पर विज्ञापन प्रचारक सामग्री का मामला और अतिक्रमण का मामला संज्ञान में आया है। जिस पर जल्द से जल्द कार्रवाई की जाएगी।
    user_Rakesh Agarwal
    Rakesh Agarwal
    पत्रकारिता Sawai Madhopur, Rajasthan•
    13 hrs ago
  • चौथ का बरवाड़ा–से चौरु मार्ग का निर्माण कार्य विभागीय दावों और ठेकेदार की लापरवाही के बीच फंसकर रह गया है। अक्टूबर 2025 तक पूरा होने वाली 11 किलोमीटर लंबी सड़क अब दो साल बाद भी अधूरी पड़ी है। हालात यह हैं कि सड़क निर्माण की धीमी रफ्तार ने आमजन की परेशानी को रोजमर्रा की मजबूरी बना दिया है और लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है।सरकार ने श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की सुविधा को देखते हुए इस सड़क के चौड़ीकरण और पुनर्निर्माण की स्वीकृति दी थी। यह मार्ग चौथ माता मंदिर तक पहुंचने का प्रमुख रास्ता है, जहां विशेष रूप से हाड़ौती क्षेत्र से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। लेकिन निर्माण की शुरुआत के बाद पुरानी सड़क को उखाड़ तो दिया गया, पर नई सड़क समय पर तैयार नहीं हो सकी। परिणामस्वरूप यह मार्ग अब लोगों के लिए राहत की बजाय मुसीबत का कारण बन गया है।पूरे मार्ग पर जगह-जगह गिट्टी और मिट्टी फैली होने से वाहन चालकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह रास्ता खतरे से खाली नहीं है। आए दिन गिट्टी पर फिसलकर गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे लोग चोटिल हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर उखड़ी गिट्टी के कारण वाहनों के टायर भी खराब हो रहे हैं, जिससे आर्थिक नुकसान अलग झेलना पड़ रहा है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद निर्माण कार्य की गति नहीं बढ़ाई गई। विभाग ने समय सीमा पार होने के बाद ठेकेदार पर पेनल्टी भी लगाई है, लेकिन इसके बावजूद काम में तेजी नहीं दिखाई दे रही। लोगों का कहना है कि यदि विभाग सख्ती से कार्रवाई करता तो सड़क अब तक तैयार हो चुकी होती।इधर, विभाग के सहायक अभियंता का कहना है कि सड़क पर केवल डामरीकरण का कार्य शेष है, जिसे जल्द पूरा कराया जाएगा। उन्होंने माना कि समय सीमा पूरी होने के बाद भी कार्य अधूरा रहने पर ठेकेदार पर पेनल्टी लगाई जा चुकी है।
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    चौथ का बरवाड़ा–से चौरु मार्ग का निर्माण कार्य विभागीय दावों और ठेकेदार की लापरवाही के बीच फंसकर रह गया है। अक्टूबर 2025 तक पूरा होने वाली 11 किलोमीटर लंबी सड़क अब दो साल बाद भी अधूरी पड़ी है। हालात यह हैं कि सड़क निर्माण की धीमी रफ्तार ने आमजन की परेशानी को रोजमर्रा की मजबूरी बना दिया है और लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है।सरकार ने श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की सुविधा को देखते हुए इस सड़क के चौड़ीकरण और पुनर्निर्माण की स्वीकृति दी थी। यह मार्ग चौथ माता मंदिर तक पहुंचने का प्रमुख रास्ता है, जहां विशेष रूप से हाड़ौती क्षेत्र से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। लेकिन निर्माण की शुरुआत के बाद पुरानी सड़क को उखाड़ तो दिया गया, पर नई सड़क समय पर तैयार नहीं हो सकी। परिणामस्वरूप यह मार्ग अब लोगों के लिए राहत की बजाय मुसीबत का कारण बन गया है।पूरे मार्ग पर जगह-जगह गिट्टी और मिट्टी फैली होने से वाहन चालकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह रास्ता खतरे से खाली नहीं है। आए दिन गिट्टी पर फिसलकर गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे लोग चोटिल हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर उखड़ी गिट्टी के कारण वाहनों के टायर भी खराब हो रहे हैं, जिससे आर्थिक नुकसान अलग झेलना पड़ रहा है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद निर्माण कार्य की गति नहीं बढ़ाई गई। विभाग ने समय सीमा पार होने के बाद ठेकेदार पर पेनल्टी भी लगाई है, लेकिन इसके बावजूद काम में तेजी नहीं दिखाई दे रही। लोगों का कहना है कि यदि विभाग सख्ती से कार्रवाई करता तो सड़क अब तक तैयार हो चुकी होती।इधर, विभाग के सहायक अभियंता  का कहना है कि सड़क पर केवल डामरीकरण का कार्य शेष है, जिसे जल्द पूरा कराया जाएगा। उन्होंने माना कि समय सीमा पूरी होने के बाद भी कार्य अधूरा रहने पर ठेकेदार पर पेनल्टी लगाई जा चुकी है।
    user_Irfan Rajasthan patrika
    Irfan Rajasthan patrika
    Local News Reporter चौथ का बरवाड़ा, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
    16 hrs ago
  • Post by Kalim khan
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    Post by Kalim khan
    user_Kalim khan
    Kalim khan
    लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • विदेशी लड़की को हुआ बिहारी लड़की से प्यार सात समुंदर पार पहुंची विदेशी लड़की बिहार वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
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    विदेशी लड़की को हुआ बिहारी लड़की से प्यार सात समुंदर पार पहुंची विदेशी लड़की बिहार वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
    user_Mahendar.merotha
    Mahendar.merotha
    Voice of people लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • पंजीयन कार्यालय हटाने पर भड़के नागरिक और अधिवक्ता,#rajasthan #jaipurnews #latestupdates
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    पंजीयन कार्यालय हटाने पर भड़के नागरिक और अधिवक्ता,#rajasthan #jaipurnews #latestupdates
    user_Etv9 national news
    Etv9 national news
    News Anchor नैनवा, बूंदी, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • सवाई माधोपुर जिला मुख्यालय नगर परिषद क्षेत्र में छुगानी होटल से मैन बाजार से बीच सड़क पर दुकानदारों द्वारा अवैध अतिक्रमण करके रास्ते को जाम कर दिया।क्ष जिससे आने जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नगर परिषद द्वारा कार्रवाई की जाए तो अतिक्रमण पर कार्रवाई होवे। कुछ दिन पूर्व मानटाउन थाना पुलिस द्वारा व्यापारियों को अतिक्रमण नहीं करने को लेकर हिदायत भी दी गई थी, लेकिन व्यापारियों की अनदेखी के चलते मुख्य बाजार, बरवाड़ा बस स्टैंड ,टोंक रोड आदि स्थानों पर अवैध अतिक्रमण की चपेट में है।आखिर देखने की बात है कि कौन सी राजनीति के चलते नगर परिषद अतिक्रमण पर कार्रवाई नहीं करती। जबकि जिला कलेक्टर कानाराम की अध्यक्षता में बिजली, पानी, चिकित्सा, अतिक्रमण को लेकर आला अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की जाती है। लेकिन आला अधिकारी के कानों तक जू तक नहीं रेंग रही।
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    सवाई माधोपुर जिला मुख्यालय नगर परिषद क्षेत्र में छुगानी होटल से मैन बाजार से बीच सड़क पर दुकानदारों द्वारा अवैध अतिक्रमण करके रास्ते को जाम कर दिया।क्ष जिससे आने जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नगर परिषद द्वारा कार्रवाई की जाए तो अतिक्रमण पर कार्रवाई होवे। कुछ दिन पूर्व मानटाउन थाना पुलिस द्वारा व्यापारियों को अतिक्रमण नहीं करने को लेकर हिदायत भी दी गई थी, लेकिन व्यापारियों की अनदेखी के चलते मुख्य बाजार, बरवाड़ा बस स्टैंड ,टोंक रोड आदि स्थानों पर अवैध अतिक्रमण की चपेट में है।आखिर देखने की बात है कि कौन सी राजनीति के चलते नगर परिषद अतिक्रमण पर कार्रवाई नहीं करती। जबकि जिला कलेक्टर कानाराम की अध्यक्षता में बिजली, पानी, चिकित्सा, अतिक्रमण को लेकर आला अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की जाती है। लेकिन आला अधिकारी के कानों तक जू  तक नहीं रेंग रही।
    user_Rakesh Agarwal
    Rakesh Agarwal
    पत्रकारिता Sawai Madhopur, Rajasthan•
    15 hrs ago
  • चौथ का बरवाड़ा। ग्राम पंचायतों को राज्य वित्त आयोग और केंद्रीय वित्त आयोग के तहत मिलने वाली विकास और सफाई की राशि पिछले एक साल से नहीं पहुंचने का मुद्दा तेज हो गया है। सरपंच संघ और ग्रामीणों का कहना है कि सवाई माधोपुर जिले में करोड़ों रुपये की बकाया राशि अटकी हुई है। इससे सीसी सड़क, नाली, सामुदायिक भवन, पानी आपूर्ति, रोशनी और प्राथमिक शिक्षा से जुड़े काम रुक गए हैं। सफाई व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। कई पंचायतों पर बिजली बिल का बकाया भी बढ़ रहा है। स्थानीय स्तर पर बताया गया कि केंद्रीय वित्त आयोग की राशि से नाला सफाई, सामुदायिक सफाई, शौचालय निर्माण, कचरा प्रबंधन और नाली निर्माण जैसे कार्य होते हैं। भुगतान नहीं होने से इन कामों में कटौती करनी पड़ रही है। चौथ का बरवाड़ा जैसी बड़ी पंचायत में भी सफाई व्यवस्था चलाना मुश्किल बताया गया है। सरपंच संघ के अध्यक्ष विमल कुमार मीणा ने कहा कि बकाया राशि नहीं मिलने से विकास कार्य ठप हैं। उन्होंने बताया कि पंचायत राज मंत्री और अधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन समाधान नहीं हुआ। संघ ने पहले भी आंदोलन और तालाबंदी की चेतावनी दी थी। वार्ता में राशि जारी करने की बात हुई थी, पर अमल नहीं हुआ। मुख्य कार्यकारी अधिकारी गौरव बुडानिया ने कहा कि पिछले एक साल से पूरी किस्त नहीं आ रही है। सरकार को प्रस्ताव भेजे गए हैं और राशि जारी करवाने के प्रयास जारी हैं। ग्रामीणों ने पंचायत राज चुनाव समय पर कराने और बकाया किस्त जारी करने की मांग की है।
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    चौथ का बरवाड़ा। ग्राम पंचायतों को राज्य वित्त आयोग और केंद्रीय वित्त आयोग के तहत मिलने वाली विकास और सफाई की राशि पिछले एक साल से नहीं पहुंचने का मुद्दा तेज हो गया है। सरपंच संघ और ग्रामीणों का कहना है कि सवाई माधोपुर जिले में करोड़ों रुपये की बकाया राशि अटकी हुई है। इससे सीसी सड़क, नाली, सामुदायिक भवन, पानी आपूर्ति, रोशनी और प्राथमिक शिक्षा से जुड़े काम रुक गए हैं। सफाई व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। कई पंचायतों पर बिजली बिल का बकाया भी बढ़ रहा है।
स्थानीय स्तर पर बताया गया कि केंद्रीय वित्त आयोग की राशि से नाला सफाई, सामुदायिक सफाई, शौचालय निर्माण, कचरा प्रबंधन और नाली निर्माण जैसे कार्य होते हैं। भुगतान नहीं होने से इन कामों में कटौती करनी पड़ रही है। चौथ का बरवाड़ा जैसी बड़ी पंचायत में भी सफाई व्यवस्था चलाना मुश्किल बताया गया है।
सरपंच संघ के अध्यक्ष विमल कुमार मीणा ने कहा कि बकाया राशि नहीं मिलने से विकास कार्य ठप हैं। उन्होंने बताया कि पंचायत राज मंत्री और अधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन समाधान नहीं हुआ। संघ ने पहले भी आंदोलन और तालाबंदी की चेतावनी दी थी। वार्ता में राशि जारी करने की बात हुई थी, पर अमल नहीं हुआ।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी गौरव बुडानिया ने कहा कि पिछले एक साल से पूरी किस्त नहीं आ रही है। सरकार को प्रस्ताव भेजे गए हैं और राशि जारी करवाने के प्रयास जारी हैं। ग्रामीणों ने पंचायत राज चुनाव समय पर कराने और बकाया किस्त जारी करने की मांग की है।
    user_Irfan Rajasthan patrika
    Irfan Rajasthan patrika
    Local News Reporter चौथ का बरवाड़ा, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
    20 hrs ago
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