मजदूर दिवस पर मजदूरों की पीड़ा, नहीं मिलती प्रतिदिन मजदूरी, रिको में भी नहीं लगी इंडस्ट्रीज,श्रमिक डायरी बनाने के लेते हैं ₹3000 उनियारा. विश्व मजदूर दिवस पर उनियारा शहर के मुख्य बस स्टैंड पर बैठे हुए मजदूरों का कहना है कि उन्हें मजदूर दिवस पर भी किसी प्रकार की कोई सुविधा नहीं मिलती साथ ही श्रमिक डायरी का भी उन्हें कोई लाभ नहीं मिलता। मजदूरों का कहना था कि उनियारा क्षेत्र में उद्योग धंधे बहुत कम है जिससे उनकी दैनिक मजदूरी बहुत कम होती है। यहां उद्योग की कमी होने के कारण मजदूरों को मजदूरी के भी लाले पड़ते हैं कभी आ जाए तो चार-पांच सो रुपए की मजदूरी बन जाती है और नहीं आए तो दो-तीन दिन तक भी काम नहीं निकलता। मजदूरों का कहना है कि राज्य सरकार को यहां रीको इंडस्ट्रीज एरिया घोषित होने के बावजूद भी इसमें अभी तक उद्योग स्थापित नहीं होने से उनके रोजगार पर काफी प्रभाव पड़ रहा है। कई मजदूरों को तो पलायन होने को मजबूर होना पड़ रहा है। साथ ही राज्य सरकार की योजनाओं में श्रमिक डायरी का भी उन्हें कोई लाभ नहीं मिलता। राज्य सरकार की श्रमिक डायरी से कई बार आवेदन करने के बावजूद भी उनके किसी प्रकार की कोई कार्य नहीं होते। कुछ मजदूरों का कहना है कि उनकी श्रमिक डायरी को वह बनाने के लिए ई मित्र पर जाते हैं लेकिन श्रमिक डायरी बनाने वाले दो से ₹3000 की उनसे डिमांड करते हैं जो वह दे नहीं पाते जबकि राज्य सरकार की ओर से श्रमिक डायरी श्रमिकों को निशुल्क बनाई जानी चाहिए और वास्तविक जो श्रमिक हो उन्हें इसका लाभ मिलना चाहिए। यह नगर पालिका की ओर से भी मजदूरों को किसी प्रकार की कोई सुविधा नहीं मिलती।
मजदूर दिवस पर मजदूरों की पीड़ा, नहीं मिलती प्रतिदिन मजदूरी, रिको में भी नहीं लगी इंडस्ट्रीज,श्रमिक डायरी बनाने के लेते हैं ₹3000 उनियारा. विश्व मजदूर दिवस पर उनियारा शहर के मुख्य बस स्टैंड पर बैठे हुए मजदूरों का कहना है कि उन्हें मजदूर दिवस पर भी किसी प्रकार की कोई सुविधा नहीं मिलती साथ ही श्रमिक डायरी का भी उन्हें कोई लाभ नहीं मिलता। मजदूरों का कहना था कि उनियारा क्षेत्र में
उद्योग धंधे बहुत कम है जिससे उनकी दैनिक मजदूरी बहुत कम होती है। यहां उद्योग की कमी होने के कारण मजदूरों को मजदूरी के भी लाले पड़ते हैं कभी आ जाए तो चार-पांच सो रुपए की मजदूरी बन जाती है और नहीं आए तो दो-तीन दिन तक भी काम नहीं निकलता। मजदूरों का कहना है कि राज्य सरकार को यहां रीको इंडस्ट्रीज एरिया घोषित होने के बावजूद भी इसमें अभी
तक उद्योग स्थापित नहीं होने से उनके रोजगार पर काफी प्रभाव पड़ रहा है। कई मजदूरों को तो पलायन होने को मजबूर होना पड़ रहा है। साथ ही राज्य सरकार की योजनाओं में श्रमिक डायरी का भी उन्हें कोई लाभ नहीं मिलता। राज्य सरकार की श्रमिक डायरी से कई बार आवेदन करने के बावजूद भी उनके किसी प्रकार की कोई कार्य नहीं होते। कुछ मजदूरों का कहना है कि उनकी
श्रमिक डायरी को वह बनाने के लिए ई मित्र पर जाते हैं लेकिन श्रमिक डायरी बनाने वाले दो से ₹3000 की उनसे डिमांड करते हैं जो वह दे नहीं पाते जबकि राज्य सरकार की ओर से श्रमिक डायरी श्रमिकों को निशुल्क बनाई जानी चाहिए और वास्तविक जो श्रमिक हो उन्हें इसका लाभ मिलना चाहिए। यह नगर पालिका की ओर से भी मजदूरों को किसी प्रकार की कोई सुविधा नहीं मिलती।
- उनियारा. भीषण गर्मी के दौर में पक्षियों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल खातोली में एक सराहनीय पहल की गई। विद्यालय के प्रधानाचार्य रामसिंह मीणा के नेतृत्व में ‘परिंडा बांधो अभियान’ के तहत स्कूल परिसर में 50 परिंडे लगाए गए। इस अवसर पर प्रधानाचार्य मीणा ने कहा कि गर्मी के मौसम में जल की कमी के कारण अनेक पक्षियों की मृत्यु हो जाती है। ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व बनता है कि वह अपने स्तर पर पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था करे। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए अपने घरों पर भी परिंडे लगाने का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के स्काउट्स एवं छात्र-छात्राओं को परिंडों में नियमित रूप से पानी भरने की जिम्मेदारी सौंपी गई, ताकि यह अभियान निरंतर चलता रहे। वहीं, विद्यालय स्टाफ ने भी सामाजिक सरोकार निभाते हुए अपने-अपने घरों पर कम से कम पांच परिंडे लगाने और उनकी देखभाल करने की सामूहिक शपथ ली। इस मौके पर उपप्रधानाचार्य मधुसुदन जांगिड़ सहित विद्यालय के समस्त व्याख्याता, अध्यापक गण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि विद्यार्थियों में जीवों के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना भी विकसित कर रही है।4
- Post by DEEPAK MARMAT1
- सुवाणीया गांव में भीषण आग, तेज हवा से बढ़ा खतरा,,#rajasthan #bundi #nainwanews #latestupdates1
- #लाखेरी #मतगणना 2026 में आमजन से सहयोग करने की अपील उपखंड अधिकारी सुरेन्द्र सिंह चौधरी1
- ॰ सवाई माधोपुर आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण राजस्थान डॉक्टर टी शुभमंगला मैडम के निर्देश पर प्रदेश में चलाए जा रहे शुद्ध आहार मिलावट पर वार अभियान के तहत सी एम एच ओ सवाई माधोपुर डॉक्टर अनिल कुमार जैमिनी के नेतृत्व में फूड सेफ्टी ऑफिसर वेद प्रकाश पूर्विया व नितेश गौतम की टीम ने शुक्रवार को रीको इंडस्ट्रियल एरिया खेरदा में बड़ी कारवाही को अंजाम दिया । यहां श्री बालाजी ट्रेडिंग के यहां बड़ी मात्रा एनर्जी ड्रिंक की खेप जो कि मार्केट में सप्लाई की जा रही थी के 2 नमूने एनफोर्समेंट में लेकर को मोके पर ही सीज किया । जिसकी मात्रा 2100 कार्टनों में लगभग 13000 लीटर थी । टीम ने रीको खेरदा स्थित पवन पेप्सी एजेंसी से भी 2 नमूने रेडी टू सर्व बेवरेज व कार्बोनेटेड वाटर के नमूने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के अंतर्गत लिए । लिए गए सभी नमूनों को खाद्य प्रयोगशाला जयपुर भिजवाया गया लैब रिपोर्ट प्राप्त होने पर तदनुसार खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 नियम एवं विनियम 2011 के अनुसार सख्त अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।इसके अलावा रीको इंडस्ट्रियल एरिया में कई फ्रूट्स गोदामो का इंस्पेक्शन कर उनको पकाने में काम लेने वाले केमिकल की जाँच की कही इथाइलीन की जगह कार्बाइड का उपयोग तो नहीं कर रहे लेकिन सभी जगह इथाइलीन गैस से फ़्रूट्स को पकाना पाया गया ।टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी वेद प्रकाश पूर्विया व खाद्य सुरक्षा अधिकारी नितेश गौतम शामिल रहे ।1
- चौथ का बरवाड़ा–से चौरु मार्ग का निर्माण कार्य विभागीय दावों और ठेकेदार की लापरवाही के बीच फंसकर रह गया है। अक्टूबर 2025 तक पूरा होने वाली 11 किलोमीटर लंबी सड़क अब दो साल बाद भी अधूरी पड़ी है। हालात यह हैं कि सड़क निर्माण की धीमी रफ्तार ने आमजन की परेशानी को रोजमर्रा की मजबूरी बना दिया है और लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है।सरकार ने श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की सुविधा को देखते हुए इस सड़क के चौड़ीकरण और पुनर्निर्माण की स्वीकृति दी थी। यह मार्ग चौथ माता मंदिर तक पहुंचने का प्रमुख रास्ता है, जहां विशेष रूप से हाड़ौती क्षेत्र से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। लेकिन निर्माण की शुरुआत के बाद पुरानी सड़क को उखाड़ तो दिया गया, पर नई सड़क समय पर तैयार नहीं हो सकी। परिणामस्वरूप यह मार्ग अब लोगों के लिए राहत की बजाय मुसीबत का कारण बन गया है।पूरे मार्ग पर जगह-जगह गिट्टी और मिट्टी फैली होने से वाहन चालकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह रास्ता खतरे से खाली नहीं है। आए दिन गिट्टी पर फिसलकर गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे लोग चोटिल हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर उखड़ी गिट्टी के कारण वाहनों के टायर भी खराब हो रहे हैं, जिससे आर्थिक नुकसान अलग झेलना पड़ रहा है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद निर्माण कार्य की गति नहीं बढ़ाई गई। विभाग ने समय सीमा पार होने के बाद ठेकेदार पर पेनल्टी भी लगाई है, लेकिन इसके बावजूद काम में तेजी नहीं दिखाई दे रही। लोगों का कहना है कि यदि विभाग सख्ती से कार्रवाई करता तो सड़क अब तक तैयार हो चुकी होती।इधर, विभाग के सहायक अभियंता का कहना है कि सड़क पर केवल डामरीकरण का कार्य शेष है, जिसे जल्द पूरा कराया जाएगा। उन्होंने माना कि समय सीमा पूरी होने के बाद भी कार्य अधूरा रहने पर ठेकेदार पर पेनल्टी लगाई जा चुकी है।2
- आदर्श मीणा समाज सामूहिक विवाह सम्मेलन - सतवाड़ा बालागढ़ में एकता और भव्यता का संगम मिल रहा देखने को । टोंक जिले के घाड़ रोड स्थित भैरूजी महाराज के पावन धाम पर समाज की एकता और भव्यता का संगम देखने को मिल रहा है। प्रदेशभर से उमड़े जनसैलाब के बीच नवयुगल परिणय सूत्र में बंध रहे हैं। इस गौरवशाली अवसर पर भगतसिंह सेना सुप्रीमो नरेश मीणा जी, पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष रामनारायण मीणा जी और प्रसिद्ध लाल धागे वाले बाबा की गरिमामयी उपस्थिति रही। साथ ही समाज के गौरव IAS, IPS अधिकारियों और दानदाता भामाशाहों ने भी शिरकत कर आयोजन की शोभा बढ़ाई। प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। टोंक पुलिस अधीक्षक राजेश मीणा जी के निर्देशन में भारी पुलिस जाप्ता और फायर ब्रिगेड की टीम 48 घंटे के लिए मौके पर तैनात है।1
- उनियारा. विश्व मजदूर दिवस पर उनियारा शहर के मुख्य बस स्टैंड पर बैठे हुए मजदूरों का कहना है कि उन्हें मजदूर दिवस पर भी किसी प्रकार की कोई सुविधा नहीं मिलती साथ ही श्रमिक डायरी का भी उन्हें कोई लाभ नहीं मिलता। मजदूरों का कहना था कि उनियारा क्षेत्र में उद्योग धंधे बहुत कम है जिससे उनकी दैनिक मजदूरी बहुत कम होती है। यहां उद्योग की कमी होने के कारण मजदूरों को मजदूरी के भी लाले पड़ते हैं कभी आ जाए तो चार-पांच सो रुपए की मजदूरी बन जाती है और नहीं आए तो दो-तीन दिन तक भी काम नहीं निकलता। मजदूरों का कहना है कि राज्य सरकार को यहां रीको इंडस्ट्रीज एरिया घोषित होने के बावजूद भी इसमें अभी तक उद्योग स्थापित नहीं होने से उनके रोजगार पर काफी प्रभाव पड़ रहा है। कई मजदूरों को तो पलायन होने को मजबूर होना पड़ रहा है। साथ ही राज्य सरकार की योजनाओं में श्रमिक डायरी का भी उन्हें कोई लाभ नहीं मिलता। राज्य सरकार की श्रमिक डायरी से कई बार आवेदन करने के बावजूद भी उनके किसी प्रकार की कोई कार्य नहीं होते। कुछ मजदूरों का कहना है कि उनकी श्रमिक डायरी को वह बनाने के लिए ई मित्र पर जाते हैं लेकिन श्रमिक डायरी बनाने वाले दो से ₹3000 की उनसे डिमांड करते हैं जो वह दे नहीं पाते जबकि राज्य सरकार की ओर से श्रमिक डायरी श्रमिकों को निशुल्क बनाई जानी चाहिए और वास्तविक जो श्रमिक हो उन्हें इसका लाभ मिलना चाहिए। यह नगर पालिका की ओर से भी मजदूरों को किसी प्रकार की कोई सुविधा नहीं मिलती।4