राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ में खरीफ सीजन के दौरान यूरिया खाद की भारी किल्लत के चलते शनिवार को भारी अव्यवस्था देखने को मिली। हालात इस कदर बिगड़ गए कि यूरिया से भरा एक ट्रक गोदाम तक भी नहीं पहुंच पाया और शहीद भगत सिंह बस स्टैंड के पास ही बड़ी संख्या में मौजूद किसानों ने उसे रोक लिया। इसके बाद मजबूरन मौके पर ही सड़क पर यूरिया का वितरण शुरू करना पड़ा। दोपहर बाद जैसे ही खाद आने की सूचना फैली, हजारों की संख्या में किसान वहां पहुंच गए और शाम करीब 4 बजे से लेकर रात 9 बजे तक भारी भीड़ जमा रही। ट्रक में करीब 700 बैग यूरिया लोड था, लेकिन खाद लेने पहुंचे किसानों की संख्या इतनी अधिक थी कि घंटों कतार में खड़े रहने के बाद भी कई किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ा। वहीं, कई किसानों को केवल एक या दो बोरी यूरिया लेकर ही संतोष करना पड़ा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कृषि विभाग के अधिकारी छगनलाल डामा मौके पर पहुंचे और वितरण व्यवस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि विभाग का पूरा प्रयास है कि हर किसान को तय सरकारी दर पर और समय पर यूरिया मिल सके, जिसके चलते देर रात तक खाद का वितरण जारी रहा। इस अव्यवस्था पर चिंता जताते हुए भारतीय आदिवासी पार्टी के जिला सहसंयोजक जसवंत सिंह भाभोर ने कहा कि समय पर यूरिया न मिलने से किसानों को बेहद परेशानी हो रही है। उन्होंने मांग की कि भीड़ और अव्यवस्था को रोकने के लिए पंचायत स्तर पर सहकारी समितियों के माध्यम से सुचारू रूप से यूरिया का वितरण किया जाए। वहीं सामाजिक कार्यकर्ता मुंदरी रावत ने भी बुवाई के इस महत्वपूर्ण समय में किसानों के घंटों कतार में खड़े रहने पर चिंता जताई और प्रशासन से प्रत्येक पंचायत में पर्याप्त यूरिया उपलब्ध कराकर राहत देने की मांग की। कुशलगढ़ में लगातार बढ़ती भीड़ ने प्रशासन के सामने खाद वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और सुचारु बनाने की बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।
राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ में खरीफ सीजन के दौरान यूरिया खाद की भारी किल्लत के चलते शनिवार को भारी अव्यवस्था देखने को मिली। हालात इस कदर बिगड़ गए कि यूरिया से भरा एक ट्रक गोदाम तक भी नहीं पहुंच पाया और शहीद भगत सिंह बस स्टैंड के पास ही बड़ी संख्या में मौजूद किसानों ने उसे रोक लिया। इसके बाद मजबूरन मौके पर ही सड़क पर यूरिया का वितरण शुरू करना पड़ा। दोपहर बाद जैसे ही खाद आने की सूचना फैली, हजारों की संख्या में किसान वहां पहुंच गए और शाम करीब 4 बजे से लेकर रात 9 बजे तक भारी भीड़ जमा रही। ट्रक में करीब 700 बैग यूरिया लोड था, लेकिन खाद लेने पहुंचे किसानों की संख्या इतनी अधिक थी कि घंटों कतार में खड़े रहने के बाद भी कई किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ा। वहीं, कई किसानों को केवल एक या दो बोरी यूरिया लेकर ही संतोष करना पड़ा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कृषि विभाग के अधिकारी
छगनलाल डामा मौके पर पहुंचे और वितरण व्यवस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि विभाग का पूरा प्रयास है कि हर किसान को तय सरकारी दर पर और समय पर यूरिया मिल सके, जिसके चलते देर रात तक खाद का वितरण जारी रहा। इस अव्यवस्था पर चिंता जताते हुए भारतीय आदिवासी पार्टी के जिला सहसंयोजक जसवंत सिंह भाभोर ने कहा कि समय पर यूरिया न मिलने से किसानों को बेहद परेशानी हो रही है। उन्होंने मांग की कि भीड़ और अव्यवस्था को रोकने के लिए पंचायत स्तर पर सहकारी समितियों के माध्यम से सुचारू रूप से यूरिया का वितरण किया जाए। वहीं सामाजिक कार्यकर्ता मुंदरी रावत ने भी बुवाई के इस महत्वपूर्ण समय में किसानों के घंटों कतार में खड़े रहने पर चिंता जताई और प्रशासन से प्रत्येक पंचायत में पर्याप्त यूरिया उपलब्ध कराकर राहत देने की मांग की। कुशलगढ़ में लगातार बढ़ती भीड़ ने प्रशासन के सामने खाद वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और सुचारु बनाने की बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।
- राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ में खरीफ सीजन के दौरान यूरिया खाद की भारी किल्लत के चलते शनिवार को भारी अव्यवस्था देखने को मिली। हालात इस कदर बिगड़ गए कि यूरिया से भरा एक ट्रक गोदाम तक भी नहीं पहुंच पाया और शहीद भगत सिंह बस स्टैंड के पास ही बड़ी संख्या में मौजूद किसानों ने उसे रोक लिया। इसके बाद मजबूरन मौके पर ही सड़क पर यूरिया का वितरण शुरू करना पड़ा। दोपहर बाद जैसे ही खाद आने की सूचना फैली, हजारों की संख्या में किसान वहां पहुंच गए और शाम करीब 4 बजे से लेकर रात 9 बजे तक भारी भीड़ जमा रही। ट्रक में करीब 700 बैग यूरिया लोड था, लेकिन खाद लेने पहुंचे किसानों की संख्या इतनी अधिक थी कि घंटों कतार में खड़े रहने के बाद भी कई किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ा। वहीं, कई किसानों को केवल एक या दो बोरी यूरिया लेकर ही संतोष करना पड़ा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कृषि विभाग के अधिकारी छगनलाल डामा मौके पर पहुंचे और वितरण व्यवस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि विभाग का पूरा प्रयास है कि हर किसान को तय सरकारी दर पर और समय पर यूरिया मिल सके, जिसके चलते देर रात तक खाद का वितरण जारी रहा। इस अव्यवस्था पर चिंता जताते हुए भारतीय आदिवासी पार्टी के जिला सहसंयोजक जसवंत सिंह भाभोर ने कहा कि समय पर यूरिया न मिलने से किसानों को बेहद परेशानी हो रही है। उन्होंने मांग की कि भीड़ और अव्यवस्था को रोकने के लिए पंचायत स्तर पर सहकारी समितियों के माध्यम से सुचारू रूप से यूरिया का वितरण किया जाए। वहीं सामाजिक कार्यकर्ता मुंदरी रावत ने भी बुवाई के इस महत्वपूर्ण समय में किसानों के घंटों कतार में खड़े रहने पर चिंता जताई और प्रशासन से प्रत्येक पंचायत में पर्याप्त यूरिया उपलब्ध कराकर राहत देने की मांग की। कुशलगढ़ में लगातार बढ़ती भीड़ ने प्रशासन के सामने खाद वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और सुचारु बनाने की बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।2
- नडियाद शहर में डोर-टू-डोर पार्किंग की जो स्थिति है, उसे देखने और समझने को कहा गया है। शहर में चल रही इस पार्किंग व्यवस्था की वास्तविक हालत को सबके सामने रखते हुए इसे खुद देखने की अपील की गई है।1
- डूंगरपुर के सिद्धनाथ मठ, आसन स्थित श्री सहस्त्रबाहु मंदिर परिसर में राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के सर्ववर्गीय कलाल समाज के संयुक्त तत्वावधान में 8 से 14 दिसंबर 2026 तक भव्य धार्मिक महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस ऐतिहासिक सात दिवसीय आयोजन के तहत कीर्ति स्तंभ उद्यापन, भव्य कलश यात्रा, नानीबाई का मायरा, संगीतमय कथा और हवन-कुंड महायज्ञ आयोजित होंगे। मंदिर कमेटी के महासचिव रजनीश आसन के अनुसार, समाज के युवा, मातृशक्ति और पदाधिकारी पूरे उत्साह के साथ इसकी तैयारियों में जुटे हुए हैं। इस महाआयोजन की रूपरेखा तैयार करने के लिए मंदिर परिसर में कमेटी अध्यक्ष दिनेश कुआं की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। परम पूज्य गुरुदेव श्री गोकुल जी महाराज, गुरु माता कमला बा और मुकेश महाराज के सानिध्य में आयोजित इस बैठक में सुंदरलाल डडूका ने नानूलाल सागवाड़ा को 'नानीबाई का मायरा' एवं संगीतमय कथा का कथा संयोजक मनोनीत किया। कथा संयोजक नानूलाल सागवाड़ा ने बताया कि राष्ट्रीय संत परम पूज्य पुष्कर दास जी महाराज (उदयपुर) के श्रीमुख से प्रतिदिन दोपहर 1:00 बजे से 4:00 बजे तक कथा का वाचन किया जाएगा। बैठक में अखिल भारतीय कलाल-कलार-कलवार महासभा के नवनियुक्त प्रदेश कोषाध्यक्ष दिलीप सागवाड़ा और सागवाड़ा चौखला अध्यक्ष रघुनाथ जी का साफा एवं उपरणा पहनाकर सम्मान किया गया। इस बैठक में पूर्व अध्यक्ष कन्हैयालाल कौलखंडा, राजेश आसन, चुन्नीलाल गढ़ी, पन्नालाल बस्सी, कल्पेश मोटागांव सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। आगामी 29 जुलाई 2026 को गुरु पूर्णिमा महोत्सव के अवसर पर एक और विस्तृत बैठक होगी, जिसमें विभिन्न समितियों का गठन कर जिम्मेदारियों का अंतिम रूप से बंटवारा किया जाएगा।1
- राजस्थान के डूंगरपुर जिले के आसपुर में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय महासचिव एवं राजस्थान कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट के प्रस्तावित वागड़ दौरे को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। आगामी 14 जुलाई को आसपुर विधानसभा क्षेत्र के साबला और आसपुर महाराणा प्रताप सर्कल पर होने वाले स्वागत कार्यक्रम को भव्य और ऐतिहासिक बनाने के लिए शनिवार को पूर्व जिला प्रमुख प्रेम कुमार पाटीदार ने तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान अधिक से अधिक संख्या में कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की रणनीति बनाई गई है ताकि कार्यक्रम को पूरी तरह सफल बनाया जा सके। सचिन पायलट के इस दौरे को लेकर पूरे वागड़ क्षेत्र के कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह और उमंग का माहौल है। इस दौरे से कार्यकर्ताओं में नया जोश, उत्साह और ऊर्जा का संचार होने की उम्मीद जताई जा रही है। तैयारियों की समीक्षा के अवसर पर पूर्व जिला प्रमुख प्रेम कुमार पाटीदार के साथ पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष करणसिंह चौहान, पूर्व विधायक पुजीलाल परमार, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष विरेन्द्र सिंह सिसोदिया, मनोज पाटीदार, महेंद्र पाटीदार, केशर सिंह, नेपाल सिंह, भगवानसिंह, ताजेग पाटीदार, दीपक मीणा और दिग्पाल सिंह सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।1
- देश के करोड़ों आदिवासियों के लिए गर्व और सम्मान का ऐतिहासिक क्षण आया है। बांसवाड़ा के सांसद राजकुमार रोत आगामी 13 जुलाई से 17 जुलाई तक जिनेवा, स्विट्ज़रलैंड में आयोजित होने वाले संयुक्त राष्ट्र (UN) के आदिवासी अधिकारों पर विशेष मंच EMRIP (Expert Mechanism on the Rights of Indigenous Peoples) के 19वें सत्र में भारत के आदिवासी समाज का प्रतिनिधित्व करेंगे। इस ऐतिहासिक अवसर को केवल एक सांसद की विदेश यात्रा नहीं, बल्कि भारत के आदिवासी समाज की संस्कृति, पहचान, परंपराओं, जल-जंगल-जमीन, संवैधानिक अधिकारों और सामाजिक न्याय की आवाज को विश्व के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने वाले गौरवपूर्ण अवसर के रूप में देखा जा रहा है। इस वैश्विक मंच पर देश के आदिवासी समाज की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को प्रमुखता से उठाया जाएगा। इनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, विस्थापन, प्राकृतिक संसाधनों पर अधिकार, भाषा, संस्कृति और सम्मान जैसे बेहद महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं। पूरा विश्वास जताया गया है कि इस सहभागिता से विश्व समुदाय के सामने भारतीय आदिवासियों की वास्तविक स्थिति और उनके अधिकारों की बात प्रभावी ढंग से प्रस्तुत होगी। राजकुमार रोत को इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके सफल प्रतिनिधित्व की कामना की गई है, ताकि यह यात्रा आदिवासियों के अधिकारों और पहचान को वैश्विक स्तर पर नई मजबूती प्रदान करे। साथ ही, जनता की आवाज चैनल को सभी से सपोर्ट, लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करने की अपील की गई है।1
- डूंगरपुर के सीमलवाड़ा में शिक्षा के क्षेत्र में समाज की भागीदारी का एक प्रेरणादायी उदाहरण देखने को मिला है। यहाँ विद्या भारती जनजाति समिति राजस्थान द्वारा संचालित विद्या निकेतन प्राथमिक विद्यालय, वाकाखाण्डा भीण्डा में भामाशाह के सहयोग से 52 विद्यार्थियों को नए स्कूल बैग वितरित किए गए। नए बैग पाकर बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे। इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं जनजाति समिति राजस्थान के अध्यक्ष प्रभुलाल कटारा ने अपने संबोधन में कहा कि विद्या भारती केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि संस्कार, राष्ट्रभक्ति और चरित्र निर्माण का कार्य भी कर रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, परिश्रम और नैतिक मूल्यों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। वहीं, भामाशाह राजकुमार कलाल ने शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि किसी भी समाज की वास्तविक उन्नति शिक्षित और संस्कारित पीढ़ी से होती है। उन्होंने समाज के सक्षम लोगों से शिक्षा के क्षेत्र में आगे आकर सहयोग करने की अपील की, ताकि आर्थिक अभाव किसी भी बच्चे की पढ़ाई में बाधा न बने। विद्यालय परिवार और विद्यार्थियों ने भामाशाह राजकुमार कलाल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस सहयोग से विद्यार्थियों को आवश्यक शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध हुई है, जिससे उनका उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ेगा। इस कार्यक्रम में विभाग प्रमुख दिनेश डामोर, जिला प्रवासी देवीलाल मनात, सह खण्ड कार्यवाह राजेन्द्र पाटीदार, विद्यालय के प्रधानाचार्य, आचार्य तथा विद्यालय परिवार के सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने इस सामाजिक सहयोग को शिक्षा के क्षेत्र में एक अनुकरणीय पहल बताया।4
- बांसवाड़ा के कुशलगढ़ की प्रतिभाशाली छात्रा झील दोशी को कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा में 94 प्रतिशत अंक प्राप्त कर क्षेत्र का गौरव बढ़ाने पर सम्मानित किया गया है। बांसवाड़ा में आयोजित जिला स्तरीय सम्मान समारोह में जिला कलेक्टर ने झील को स्मृति चिन्ह एवं मेडल प्रदान कर सम्मानित किया। शिक्षक नेता समीक्षा जैन की पुत्री झील की इस बड़ी उपलब्धि पर पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है और लोग उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दे रहे हैं। सम्मान प्राप्त करने के बाद झील ने बताया कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, बल्कि अनुशासित मेहनत, आत्मविश्वास और निरंतर अभ्यास ही मंजिल तक पहुंचाते हैं। उन्होंने अपनी दिनचर्या साझा करते हुए बताया कि वह परीक्षा की तैयारी के दौरान प्रतिदिन सुबह 3 बजे से 7 बजे तक नियमित अध्ययन करती थीं। अपनी इस सफलता का पूरा श्रेय माता-पिता के मार्गदर्शन और सहयोग को देने वाली झील ने भविष्य में प्रशासनिक अधिकारी बनकर समाज की सेवा करने का अपना लक्ष्य निर्धारित किया है।2
- राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले से एक अत्यंत दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां 13 साल की एक मासूम बच्ची के साथ अमानवीय कृत्य किया गया है। इस घटना ने क्षेत्र की कानून-व्यवस्था और मानवीय संवेदनाओं पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगा दिए हैं, जिसके चलते देश भर में भारी आक्रोश व्याप्त है। इस मामले में बढ़ती नाराजगी के बीच, राजस्थान पुलिस के महानिदेशक (DGP) ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की है। इस दौरान उन्होंने पुलिस द्वारा की जा रही कार्रवाई और मामले की मौजूदा स्थिति को लेकर अपना आधिकारिक बयान दिया है। मामले में 'बुलडोजर एक्शन' के बाद पुलिस प्रशासन की यह पहली बड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है।1