बिलासपुर के मल्टीपर्पज़ कल्चरल कॉम्प्लेक्स में सोमवार को समग्र शिक्षा योजना के अंतर्गत सामाजिक अंकेक्षण (सोशल ऑडिट) की जनसुनवाई आयोजित की गई। इस जनसुनवाई का मुख्य उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और सामुदायिक सहभागिता को मजबूत बनाना था। कार्यक्रम की अध्यक्षता उपनिदेशक उच्च शिक्षा (गुणवत्ता) निशा गुप्ता ने की। जनसुनवाई में शिक्षा विभाग के अधिकारियों, विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्यों, शिक्षकों, अभिभावकों, जनप्रतिनिधियों और अन्य हितधारकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इस दौरान समग्र शिक्षा योजना के कार्यान्वयन, विद्यालयों में उपलब्ध सुविधाओं और शिक्षा की गुणवत्ता से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर गहन चर्चा हुई, तथा उपस्थित प्रतिभागियों से कई सुझाव और शिकायतें प्राप्त की गईं। उपनिदेशक शिक्षा (गुणवत्ता) निशा गुप्ता ने सभी प्रतिभागियों से शिक्षा से संबंधित समस्याओं, सुझावों एवं शिकायतों को लिखित रूप में प्रस्तुत करने का आग्रह किया, ताकि उन्हें उचित स्तर पर विचार के लिए भेजा जा सके। इस अवसर पर, रिसोर्स पर्सन एवं प्रधानाचार्य-अन्वेषक डॉ. रणधीर रंटा ने सामाजिक अंकेक्षण की पूरी प्रक्रिया और उसके मुख्य निष्कर्षों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस अंकेक्षण के तहत जिले के लगभग 20 प्रतिशत विद्यालयों का निरीक्षण किया गया है, और इसी निरीक्षण के आधार पर तैयार की गई रिपोर्ट को जनसुनवाई के दौरान प्रस्तुत किया गया। डॉ. रंटा ने विद्यालयों से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रतिभागियों के साथ सीधे संवाद किया और उनके प्रश्नों तथा जिज्ञासाओं का समाधान किया। डॉ. रणधीर रंटा ने आगे बताया कि जनसुनवाई के दौरान प्राप्त सभी सुझावों, शिकायतों और अभिमतों को संकलित कर एक विस्तृत प्रतिवेदन तैयार किया जाएगा। यह प्रतिवेदन आवश्यक कार्रवाई और नीति निर्माण के लिए सरकार को भेजा जाएगा। उन्होंने जोर दिया कि सामाजिक अंकेक्षण का दोहरा उद्देश्य है: योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना और शिक्षा व्यवस्था में जनभागीदारी को बढ़ावा देना। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में मीडिया कोऑर्डिनेटर नागेंद्र, ऑब्जर्वर राकेश कुमार, वित्त अधिकारी देवांश सलोत्रा, उप-प्रधानाचार्य कुलदीप शर्मा, कार्यक्रम समन्वयक सोमदत्त, मीडिया कोऑर्डिनेटर दिग्विजय मल्होत्रा, पूर्व-प्राथमिक शिक्षा समन्वयक अतुल शर्मा और रीता कुमारी सहित अनेक अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
बिलासपुर के मल्टीपर्पज़ कल्चरल कॉम्प्लेक्स में सोमवार को समग्र शिक्षा योजना के अंतर्गत सामाजिक अंकेक्षण (सोशल ऑडिट) की जनसुनवाई आयोजित की गई। इस जनसुनवाई का मुख्य उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और सामुदायिक सहभागिता को मजबूत बनाना था। कार्यक्रम की अध्यक्षता उपनिदेशक उच्च शिक्षा (गुणवत्ता) निशा गुप्ता ने की। जनसुनवाई में शिक्षा विभाग के अधिकारियों, विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्यों, शिक्षकों, अभिभावकों, जनप्रतिनिधियों और अन्य हितधारकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इस दौरान समग्र शिक्षा योजना के कार्यान्वयन, विद्यालयों में उपलब्ध सुविधाओं और शिक्षा की गुणवत्ता से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर गहन चर्चा हुई, तथा उपस्थित प्रतिभागियों से कई सुझाव और शिकायतें प्राप्त की गईं। उपनिदेशक शिक्षा (गुणवत्ता) निशा गुप्ता ने सभी प्रतिभागियों से शिक्षा से संबंधित समस्याओं, सुझावों एवं शिकायतों को लिखित रूप में प्रस्तुत करने का आग्रह किया, ताकि उन्हें उचित स्तर पर विचार के लिए भेजा जा सके। इस अवसर पर, रिसोर्स पर्सन एवं प्रधानाचार्य-अन्वेषक डॉ. रणधीर रंटा ने सामाजिक अंकेक्षण की पूरी प्रक्रिया और उसके मुख्य निष्कर्षों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस अंकेक्षण के तहत जिले के लगभग 20 प्रतिशत विद्यालयों का निरीक्षण किया गया है, और इसी निरीक्षण के आधार पर तैयार की गई रिपोर्ट को जनसुनवाई के दौरान प्रस्तुत किया गया। डॉ. रंटा ने विद्यालयों से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रतिभागियों के साथ सीधे संवाद किया और उनके प्रश्नों तथा जिज्ञासाओं का समाधान किया। डॉ. रणधीर रंटा ने आगे बताया कि जनसुनवाई के दौरान प्राप्त सभी सुझावों, शिकायतों और अभिमतों को संकलित कर एक विस्तृत प्रतिवेदन तैयार किया जाएगा। यह प्रतिवेदन आवश्यक कार्रवाई और नीति निर्माण के लिए सरकार को भेजा जाएगा। उन्होंने जोर दिया कि सामाजिक अंकेक्षण का दोहरा उद्देश्य है: योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना और शिक्षा व्यवस्था में जनभागीदारी को बढ़ावा देना। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में मीडिया कोऑर्डिनेटर नागेंद्र, ऑब्जर्वर राकेश कुमार, वित्त अधिकारी देवांश सलोत्रा, उप-प्रधानाचार्य कुलदीप शर्मा, कार्यक्रम समन्वयक सोमदत्त, मीडिया कोऑर्डिनेटर दिग्विजय मल्होत्रा, पूर्व-प्राथमिक शिक्षा समन्वयक अतुल शर्मा और रीता कुमारी सहित अनेक अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
- बिलासपुर के मल्टीपर्पज़ कल्चरल कॉम्प्लेक्स में सोमवार को समग्र शिक्षा योजना के अंतर्गत सामाजिक अंकेक्षण (सोशल ऑडिट) की जनसुनवाई आयोजित की गई। इस जनसुनवाई का मुख्य उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और सामुदायिक सहभागिता को मजबूत बनाना था। कार्यक्रम की अध्यक्षता उपनिदेशक उच्च शिक्षा (गुणवत्ता) निशा गुप्ता ने की। जनसुनवाई में शिक्षा विभाग के अधिकारियों, विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्यों, शिक्षकों, अभिभावकों, जनप्रतिनिधियों और अन्य हितधारकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इस दौरान समग्र शिक्षा योजना के कार्यान्वयन, विद्यालयों में उपलब्ध सुविधाओं और शिक्षा की गुणवत्ता से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर गहन चर्चा हुई, तथा उपस्थित प्रतिभागियों से कई सुझाव और शिकायतें प्राप्त की गईं। उपनिदेशक शिक्षा (गुणवत्ता) निशा गुप्ता ने सभी प्रतिभागियों से शिक्षा से संबंधित समस्याओं, सुझावों एवं शिकायतों को लिखित रूप में प्रस्तुत करने का आग्रह किया, ताकि उन्हें उचित स्तर पर विचार के लिए भेजा जा सके। इस अवसर पर, रिसोर्स पर्सन एवं प्रधानाचार्य-अन्वेषक डॉ. रणधीर रंटा ने सामाजिक अंकेक्षण की पूरी प्रक्रिया और उसके मुख्य निष्कर्षों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस अंकेक्षण के तहत जिले के लगभग 20 प्रतिशत विद्यालयों का निरीक्षण किया गया है, और इसी निरीक्षण के आधार पर तैयार की गई रिपोर्ट को जनसुनवाई के दौरान प्रस्तुत किया गया। डॉ. रंटा ने विद्यालयों से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रतिभागियों के साथ सीधे संवाद किया और उनके प्रश्नों तथा जिज्ञासाओं का समाधान किया। डॉ. रणधीर रंटा ने आगे बताया कि जनसुनवाई के दौरान प्राप्त सभी सुझावों, शिकायतों और अभिमतों को संकलित कर एक विस्तृत प्रतिवेदन तैयार किया जाएगा। यह प्रतिवेदन आवश्यक कार्रवाई और नीति निर्माण के लिए सरकार को भेजा जाएगा। उन्होंने जोर दिया कि सामाजिक अंकेक्षण का दोहरा उद्देश्य है: योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना और शिक्षा व्यवस्था में जनभागीदारी को बढ़ावा देना। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में मीडिया कोऑर्डिनेटर नागेंद्र, ऑब्जर्वर राकेश कुमार, वित्त अधिकारी देवांश सलोत्रा, उप-प्रधानाचार्य कुलदीप शर्मा, कार्यक्रम समन्वयक सोमदत्त, मीडिया कोऑर्डिनेटर दिग्विजय मल्होत्रा, पूर्व-प्राथमिक शिक्षा समन्वयक अतुल शर्मा और रीता कुमारी सहित अनेक अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।1
- ग्राम पंचायत सेऊ के गाँव सेऊ, घुमारवीं में एक पीपल पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस धार्मिक अवसर पर स्थानीय लोग उपस्थित रहे। यह पूजन कार्यक्रम सभी रीति-रिवाजों का पालन करते हुए पारंपरिक तरीके से संपन्न हुआ।2
- हिमाचल प्रदेश के लगदयो में प्राकृतिक खेती और अनुभव साझाकरण पर एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न हिस्सों से आए लगभग 1000 किसानों ने सक्रिय रूप से हिस्सा लिया, जहाँ उन्हें प्राकृतिक खेती के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी गई और अपने अनुभवों को साझा करने का अवसर मिला।1
- मंडी के खुचनची स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (GSSS) की दयनीय हालत और बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर स्कूल प्रबंधन समिति (SMC) ने मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा है। SMC ने विद्यालय में रिक्त पड़े पदों को भरने और आवश्यक बुनियादी सुविधाओं को जल्द से जल्द पूरा करने की प्रमुख मांगें उठाई हैं। समिति ने सरकार से गुहार लगाई है कि शिक्षकों की भारी कमी और अधूरे पड़े निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। उनका मानना है कि विद्यालय में विकास कार्यों को तेजी से संपन्न कराना अत्यंत आवश्यक है, ताकि शैक्षणिक माहौल में सुधार हो सके।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्ष के कार्यकाल को रेखांकित करने के लिए भारतीय जनता पार्टी द्वारा देशभर में कल्याणकारी योजनाओं के प्रचार हेतु विशेष प्रदर्शनियों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में, हमीरपुर के गांधी चौक पर जिला भाजपा की प्रदर्शनी का उद्घाटन और अवलोकन पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद अनुराग ठाकुर ने किया। इस अवसर पर विधायक आशीष शर्मा और जिला भाजपा अध्यक्ष राकेश ठाकुर सहित जिले भर के भाजपा नेता व पदाधिकारी मौजूद रहे। सांसद अनुराग ठाकुर ने इस दौरान केंद्र सरकार की उपलब्धियों की जानकारी साझा की, वहीं उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा हमीरपुर मेडिकल कॉलेज को लेकर की जा रही बयानबाजी पर भी पलटवार किया। अनुराग ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्ष के कार्यकाल को लेकर कहा कि इस दौरान भारत विश्व की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हुआ है और देश की ताकत को वैश्विक स्तर पर मान्यता मिली है। उन्होंने आरोप लगाया कि यूपीए सरकार के समय देश में भ्रष्टाचार चरम पर था और आर्थिक स्थिति भी खराब थी, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के कुशल नेतृत्व में भ्रष्टाचार पर लगाम लगी है और भारत ने आर्थिक मोर्चे पर नई ऊंचाइयां हासिल की हैं। हमीरपुर में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री के बयानों पर पलटवार करते हुए सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री पंचायती राज चुनावों में मिली हार से बौखलाकर अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने जोर दिया कि यह मुद्दा केवल घोषणा का नहीं, बल्कि निर्माण कार्य शुरू करने का है। ठाकुर ने बताया कि मेडिकल कॉलेज की घोषणा आचार संहिता लगने से कुछ समय पहले की गई थी, जिसके लिए कोई बजट प्रावधान नहीं था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मेडिकल कॉलेज के लिए 180 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया था, लेकिन उस समय प्रदेश में कांग्रेस की सरकार ने जमीन तक उपलब्ध नहीं करवाई थी। उन्होंने पूर्व की जयराम सरकार की सराहना करते हुए कहा कि उसी सरकार ने सभी स्वीकृतियां प्राप्त करने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया था। अनुराग ठाकुर ने तंज कसते हुए कहा कि प्रदेश सरकार अपने हिस्से का पैसा भी जमा नहीं करवा रही है। अनुराग ठाकुर ने सवाल उठाते हुए कहा कि उनके मेडिकल कॉलेज के निरीक्षण और दिशा की बैठक में इस मुद्दे को उठाने के बाद ही 'सोई हुई सरकार' जागी है और मुख्यमंत्री ने आनन-फानन में मेडिकल कॉलेज का दौरा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सोई हुई है और जनता को भ्रमित करने के लिए इस तरह की बयानबाजी की जा रही है। इसके अतिरिक्त, सांसद अनुराग ठाकुर ने ओमान में हुए हमले में मारे गए नाविक आदित्य के परिजनों से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने बताया कि परिजनों द्वारा उठाई जा रही मांगों को विदेश मंत्रालय सहित संबंधित मंत्रालयों के समक्ष उठाया जाएगा।1
- नगरपंचायत टाहलीवाल में प्रधान और उपप्रधान पद के लिए चुनाव सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। इस चुनाव के परिणामस्वरूप, निरंजना देवी को प्रधान चुना गया है, जबकि राजकुमार मल्ली ने उपप्रधान का पद संभाला है।1
- शिमला जिले के रामपुर के ननखड़ी कॉलेज को डीनोटिफाई करने के मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। भाजपा नेता और रामपुर से पूर्व प्रत्याशी कौल नेगी ने प्रदेश सरकार को चेतावनी दी है कि यदि कॉलेज बंद हुआ तो लोग सड़कों पर उतरकर इसका कड़ा विरोध करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान कांग्रेस सरकार गरीब बच्चों को उच्च शिक्षा से वंचित करना चाहती है। कौल नेगी ने बताया कि यह कॉलेज 18 बच्चों के साथ भी सफलतापूर्वक चल रहा था, लेकिन अब कम छात्रों की संख्या का हवाला देकर इसे बंद किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कॉलेज में कला और वाणिज्य संकाय की पढ़ाई होती है। हालांकि, ननखड़ी के आसपास के स्कूलों में वाणिज्य की पढ़ाई नहीं कराई जाती, जिससे शिमला-रामपुर क्षेत्र से बच्चे ननखड़ी कॉलेज तक नहीं पहुँच पाएंगे। नेगी के अनुसार, इस कॉलेज के बंद होने से 18 पंचायतें प्रभावित होंगी। उन्होंने स्मरण कराया कि पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने 2012-13 में इस कॉलेज की घोषणा की थी, जिसके बाद यह स्थापित हुआ। नेगी ने जोर दिया कि पूर्व सरकारों के प्रमुखों की सोच थी कि किसी भी बच्चे को उच्च शिक्षा से वंचित न रखा जाए, और पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र भी तीन बच्चों के लिए भी स्कूल चलाने की बात कहते थे। इसके विपरीत, वर्तमान सरकार इस विचार के विरुद्ध काम कर रही है। कौल नेगी ने पुनः चेतावनी दी है कि अगर कॉलेज को फिर से बहाल नहीं किया गया, तो बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।3
- प्रदेश कांग्रेस के पूर्व मीडिया कॉर्डिनेटर संदीप सांख्यान ने घोषणा की है कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने किशाऊ बांध परियोजना पर पिछले आठ वर्षों से चला आ रहा गतिरोध तोड़ दिया है। सांख्यान के अनुसार, मुख्यमंत्री प्रदेश के हितों की रक्षा करने में सबसे बड़े रणनीतिकार साबित हुए हैं और उन्होंने भविष्य में प्रदेश का राजस्व बढ़ाने की दिशा में एक सराहनीय कदम उठाया है। संदीप सांख्यान ने बताया कि लगभग पंद्रह हजार करोड़ रुपये की लागत वाली यह बहुद्देश्यीय परियोजना प्रदेश की आर्थिकी में उल्लेखनीय वृद्धि करेगी, जबकि प्रदेश सरकार का वित्तीय निवेश इसमें न के बराबर होगा। इसे मुख्यमंत्री की रणनीति की एक बड़ी जीत करार दिया गया है। सांख्यान के अनुसार, इस योजना से भविष्य में प्रदेश को लगभग 225 मेगावाट बिजली मुफ्त मिलेगी, जिसमें प्रतिवर्ष 100 करोड़ यूनिट से भी अधिक बिजली का उत्पादन होगा, जिससे प्रदेश जगमग करेगा। साथ ही, प्रदेश के राजस्व में प्रतिवर्ष करीब 600 करोड़ रुपये की वृद्धि होगी। उन्होंने टोंस नदी, जो कि यमुना की एक प्रमुख सहायक नदी है, पर बनने वाली इस बहुद्देश्यीय योजना को अमलीजामा पहनाना मुख्यमंत्री का मास्टर स्ट्रोक बताया।1