रायपुर (ब्यावर) विश्व जल दिवस पर ब्यावर में जल संरक्षण का संकल्प, जवाजा की पाल पर हुई विशेष पूजा-अर्चना ब्यावर में विश्व जल दिवस के अवसर पर रविवार को ब्यावर में जल संरक्षण को लेकर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कड़ी में जवाजा की पाल पर पूजा-अर्चना कर जल स्रोतों के संरक्षण का संकल्प लिया गया तथा उपस्थित जनों को जल बचाने की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम का आयोजन जल संसाधन विकास विभाग के तत्वावधान में किया गया। इस अवसर पर सहायक अभियंता नंदनी जोशी ने बताया कि जल संरक्षण को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि जवाजा की पाल जल संरक्षण का महत्वपूर्ण केंद्र रही है, जहां पूर्व में माननीय मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा ‘वंदे गंगा अभियान’ के तहत जल संरक्षण का संदेश भी दिया गया था। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि पानी केवल जीवन का आधार नहीं, बल्कि पृथ्वी के भविष्य को आकार देने वाला अमूल्य संसाधन है। वर्तमान समय में देश सहित पूरे विश्व में जल संसाधन लगातार घट रहे हैं, ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह हर बूंद पानी की कीमत समझे और उसका संरक्षण करे। विश्व जल दिवस, जो प्रतिवर्ष 22 मार्च को मनाया जाता है, का मुख्य उद्देश्य लोगों में जल के महत्व के प्रति जागरूकता फैलाना और संरक्षण की आदतों को बढ़ावा देना है। आज भी दुनिया के कई हिस्सों में लोग स्वच्छ पेयजल और स्वच्छता की मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं, जो इस दिवस की प्रासंगिकता को और अधिक बढ़ाता है। इस अवसर पर सभी नागरिकों से आह्वान किया गया कि वे जल का सुरक्षित, जिम्मेदारीपूर्ण और सतत उपयोग सुनिश्चित करें तथा जल संरक्षण को अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाएं। “जल है तो कल है, जल ही जीवन है” के संदेश के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
रायपुर (ब्यावर) विश्व जल दिवस पर ब्यावर में जल संरक्षण का संकल्प, जवाजा की पाल पर हुई विशेष पूजा-अर्चना ब्यावर में विश्व जल दिवस के अवसर पर रविवार को ब्यावर में जल संरक्षण को लेकर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कड़ी में जवाजा की पाल पर पूजा-अर्चना कर जल स्रोतों के संरक्षण का संकल्प लिया गया तथा उपस्थित जनों को जल बचाने की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम का आयोजन जल संसाधन विकास विभाग के तत्वावधान में किया गया। इस अवसर पर सहायक अभियंता नंदनी जोशी ने बताया कि जल संरक्षण को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि जवाजा की पाल जल संरक्षण का महत्वपूर्ण केंद्र रही है, जहां पूर्व में माननीय मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा ‘वंदे गंगा अभियान’ के तहत जल संरक्षण का संदेश भी दिया गया था। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि पानी केवल जीवन का आधार नहीं, बल्कि पृथ्वी के भविष्य को आकार देने वाला अमूल्य संसाधन है। वर्तमान समय में देश सहित पूरे विश्व में जल संसाधन लगातार घट रहे हैं, ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह हर बूंद पानी की कीमत समझे और उसका संरक्षण करे। विश्व जल दिवस, जो प्रतिवर्ष 22 मार्च को मनाया जाता है, का मुख्य उद्देश्य लोगों में जल के महत्व के प्रति जागरूकता फैलाना और संरक्षण की आदतों को बढ़ावा देना है। आज भी दुनिया के कई हिस्सों में लोग स्वच्छ पेयजल और स्वच्छता की मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं, जो इस दिवस की प्रासंगिकता को और अधिक बढ़ाता है। इस अवसर पर सभी नागरिकों से आह्वान किया गया कि वे जल का सुरक्षित, जिम्मेदारीपूर्ण और सतत उपयोग सुनिश्चित करें तथा जल संरक्षण को अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाएं। “जल है तो कल है, जल ही जीवन है” के संदेश के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
- रायपुर (ब्यावर) जोधपुर में सैंकड़ो पत्रकारों का प्रदर्शन: वरिष्ठ पत्रकार उपेंद्र सिंह राठौड़ के समर्थन में सौंपा ज्ञापन, निष्पक्ष जांच की मां आईएफडब्ल्यूजे के प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव गौड़ व जोधपुर संभाग प्रभारी विक्रम सिंह करणोत के नेतृत्व में सौंपा गया ज्ञापन जोधपुर में आईएफडब्ल्यूजे (इंडियन फेडरेशन का वर्किंग जर्नलिस्ट्स ) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और प्रदेश अध्यक्ष पत्रकार उपेंद्र सिंह के जैसलमेर स्थित प्रतिष्ठान पर एक तरफा कार्रवाई किए जाने के चलते जैसलमेर जिला कलेक्टर के खिलाफ पूरे मामले की जांच करने के लिए जोधपुर के कार्यवाहक संभाग के आयुक्त गौरव अग्रवाल को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम विभिन्न पत्रकार संगठनों के प्रतिनिधियों और पत्रकारों ने ज्ञापन सौंप कर निष्पक्ष जांच की मांग की है. जोधपुर में वरिष्ठ पत्रकार उपेंद्र सिंह राठौड़ के समर्थन में विभिन्न पत्रकार संगठनों ने एकजुट होकर संभागीय आयुक्त गौरव अग्रवाल के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। सैकड़ों की संख्या में मौजूद पत्रकारों ने जैसलमेर कलेक्टर की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग की। साथ ही कलेक्टर के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित करने की भी मांग प्रमुख रूप से रखी गई। ज्ञापन में बताया गया कि उपेंद्र सिंह राठौड़ पिछले लगभग 22 वर्षों से जैसलमेर में विधिवत अनुमति के साथ “स्वाद रेस्टोरेंट” का संचालन कर रहे थे। उन्होंने अपने निजी खर्च पर व्यवसाय विकसित किया और नियमित रूप से सभी देयकों का भुगतान भी किया। इसके बावजूद नवंबर 2025 में बिना किसी लिखित आदेश के केवल मौखिक रूप से तीन दिन में रेस्टोरेंट खाली करने के निर्देश दिए गए, जिसे पत्रकार संगठनों ने पूरी तरह मनमाना और असंवैधानिक बताया। न्यायालय के आदेश के बावजूद जारी रही कार्रवाई ज्ञापन के अनुसार, न्यायालय से स्थगन आदेश मिलने के बाद भी प्रशासनिक दबाव और कार्रवाई का सिलसिला नहीं रुका। 23 दिसंबर को प्रशासन द्वारा गैस सिलेंडर जब्त करना, किचन सील करना, लाइसेंस नवीनीकरण रोकना और ग्राहकों को हतोत्साहित करने जैसी कार्रवाई की गई। इसके बाद 18 फरवरी को सिजिग और फिर 17 मार्च को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में रेस्टोरेंट के पीछे की दीवार तोड़कर जेसीबी मशीनों से पूरे ढांचे को ध्वस्त कर दिया गया, जिससे करीब सवा करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। द्वेषपूर्ण कार्रवाई के आरोप, न्याय की मांग तेज पत्रकार संगठनों ने इसे एक स्वतंत्र और निर्भीक पत्रकार की आवाज को दबाने का प्रयास बताया। उनका कहना है कि यह कार्रवाई न केवल व्यक्तिगत द्वेष से प्रेरित प्रतीत होती है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा प्रहार है। ज्ञापन में दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और राठौड़ को आर्थिक नुकसान की भरपाई दिलाने की मांग की गई है। *सरकार को चेतावनी: 29 मार्च को जयपुर में होगा बड़ा प्रदर्शन* पत्रकारों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि इस मामले में जल्द और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की गई तो 29 मार्च को जयपुर में प्रदेशभर के पत्रकार एकजुट होकर बड़ा प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि यह एकता किसी संघर्ष के लिए नहीं, बल्कि न्याय की मांग के लिए है, लेकिन आवश्यकता पड़ने पर इसे लोकतांत्रिक जनआंदोलन का रूप दिया जाएगा। ज्ञापन के अंत में पत्रकारों ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सरकार इस गंभीर मामले में न्याय सुनिश्चित करेगी और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की स्वतंत्रता की रक्षा करेगी। साथ ही यह भी कहा गया कि समय रहते उचित कदम उठाए जाने से स्थिति को और अधिक गंभीरता होने से रोका जा सकता है। इस अवसर पर आईएफडब्ल्यूजे पत्रकार संगठन की जोधपुर जिला इकाई सलाहकार नंदू शाह, प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव गोड़ , संभाग प्रभारी विक्रम सिंह करणोत , जोधपुर प्रेस क्लब अध्यक्ष अजय अस्थाना ,सचिव शिव प्रकाश पुरोहित, जोधपुर जिला अध्यक्ष प्रदीप जोशी, जोधपुर ग्रामीण अध्यक्ष मनोज जैन, उपाध्यक्ष शरद शर्मा , वरिष्ठ पत्रकार अरुण हर्ष, रंजन दवे, चंद्र शेखर व्यास ,योगेश दवे, ललित सिंह, इम्तियाज खान ,समीर,आशीष पुरोहित, जितेंद्र डूडी,करण पूरी,लक्षित दवे,लक्ष्मण मोतीवाल,मुकेश श्रीमाली,जितेंद्र पुरोहित,पुनीत माथुर,सुमित ईश्वर सिंह, पाबू राम, मनीष दाधीच ,नरेंद्र, सिरोही से हमीर सिंह राव, हेमंत अग्रवाल, कुंदन मल राठी, महेंद्र माली, नारायण लाल माली और जगदीश कुमार सहित बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे।1
- रोहिला सेड़वा में अनोखा और भावुक नज़ारा रोहिला सेड़वा में उस समय एक अनोखा और अविस्मरणीय दृश्य देखने को मिला, जब स्वर्गीय श्री सुखराम सुथार के अंतिम संस्कार के दौरान श्मशान घाट पर कुछ अलग ही घटना घटी। जैसे ही अंतिम संस्कार की तैयारियां चल रही थीं और चिता सजाई गई, तभी एक बंदर अचानक वहां आकर चिता के ऊपर बैठ गया। उपस्थित लोग यह दृश्य देखकर हैरान रह गए। कुछ ही देर बाद जब सुखराम सुथार को मुखाग्नि दी गई, तब भी बंदर वहीं मौजूद रहा, मानो किसी गहरे संबंध या संवेदना को व्यक्त कर रहा हो। इस अनोखी घटना ने वहां मौजूद लोगों को भावुक कर दिया और पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई।1
- कावलिया खुर्द में 4 करोड़ 50 लाख की पुलिया का भूमि पूजन, ग्रामीणों को मिलेगा सुगम आवागमन का लाभ रविवार शाम 5,बजे मिली जानकारी अनुसार सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री अविनाश गहलोत ने अपने निर्वाचन क्षेत्र की ग्राम पंचायत कावलिया खुर्द में संजाड़ा प्याऊ से कावलिया खुर्द तक बनने वाली पुलिया के निर्माण कार्य का भूमि पूजन कर शुभारंभ किया। इस पुलिया का निर्माण 4 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से किया जाएगा। भूमि पूजन कार्यक्रम में ग्रामवासियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। ग्रामीणों ने इस विकास कार्य का स्वागत करते हुए खुशी जाहिर की। मंत्री अविनाश गहलोत ने कहा कि यह पुलिया विशेष रूप से बरसात के दिनों में आवागमन को सुगम, सुरक्षित और निर्बाध बनाए रखने में अहम भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिया निर्माण से क्षेत्र के लोगों को लंबे समय से हो रही परेशानियों से राहत मिलेगी और आवागमन में सुधार होगा। इस दौरान उन्होंने ग्रामवासियों से मिले स्नेह, सहयोग और उत्साह के लिए आभार व्यक्त करते हुए क्षेत्र के विकास के लिए निरंतर प्रयास जारी रखने का विश्वास दिलाया।1
- ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) संघ ने लंबित पदोन्नतियों, वेतन विसंगतियों और अन्य मांगों को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है। जिला ब्यावर के जिलाध्यक्ष विजय प्रकाश शर्मा के नेतृत्व में चल रहे ‘पदोन्नति नहीं तो काम नहीं’ आंदोलन के तहत 8 अगस्त को जयपुर स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय के घेराव का ऐलान किया गया है। संघ का आरोप है कि पिछले 6 वर्षों से पदोन्नतियां लंबित हैं और कई बार ज्ञापन देने के बावजूद केवल आश्वासन ही मिला है। सात दिन का अल्टीमेटम भी खत्म हो चुका है, लेकिन सरकार की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। संघ ने चेतावनी दी है कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा, जिसका असर प्रदेशभर में देखने को मिल सकता है।1
- Post by नायक नाथुराम1
- Post by Sheetal prajapat2
- रेलवे पुलिस के साथ एक आम आदमी के बिना हेलमेट का चालान काटने आए लेकिन फस गए वह खुद भी बिना हेलमेट आए1
- रायपुर (ब्यावर) विश्व जल दिवस पर ब्यावर में जल संरक्षण का संकल्प, जवाजा की पाल पर हुई विशेष पूजा-अर्चना ब्यावर में विश्व जल दिवस के अवसर पर रविवार को ब्यावर में जल संरक्षण को लेकर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कड़ी में जवाजा की पाल पर पूजा-अर्चना कर जल स्रोतों के संरक्षण का संकल्प लिया गया तथा उपस्थित जनों को जल बचाने की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम का आयोजन जल संसाधन विकास विभाग के तत्वावधान में किया गया। इस अवसर पर सहायक अभियंता नंदनी जोशी ने बताया कि जल संरक्षण को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि जवाजा की पाल जल संरक्षण का महत्वपूर्ण केंद्र रही है, जहां पूर्व में माननीय मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा ‘वंदे गंगा अभियान’ के तहत जल संरक्षण का संदेश भी दिया गया था। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि पानी केवल जीवन का आधार नहीं, बल्कि पृथ्वी के भविष्य को आकार देने वाला अमूल्य संसाधन है। वर्तमान समय में देश सहित पूरे विश्व में जल संसाधन लगातार घट रहे हैं, ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह हर बूंद पानी की कीमत समझे और उसका संरक्षण करे। विश्व जल दिवस, जो प्रतिवर्ष 22 मार्च को मनाया जाता है, का मुख्य उद्देश्य लोगों में जल के महत्व के प्रति जागरूकता फैलाना और संरक्षण की आदतों को बढ़ावा देना है। आज भी दुनिया के कई हिस्सों में लोग स्वच्छ पेयजल और स्वच्छता की मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं, जो इस दिवस की प्रासंगिकता को और अधिक बढ़ाता है। इस अवसर पर सभी नागरिकों से आह्वान किया गया कि वे जल का सुरक्षित, जिम्मेदारीपूर्ण और सतत उपयोग सुनिश्चित करें तथा जल संरक्षण को अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाएं। “जल है तो कल है, जल ही जीवन है” के संदेश के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।1