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धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा देश की शिक्षा व्यवस्था को फिर से संवारने की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम बताया गया है। सड़कों पर उतरकर लोकतंत्र, संविधान और अपने भविष्य की रक्षा के लिए डटकर खड़े होने वाले देशभर के युवाओं और छात्रों को इस पर बधाई दी गई है और उन पर गर्व व्यक्त किया गया है। इसके साथ ही यह स्पष्ट किया गया है कि 2 मांगें अभी भी बाकी हैं—पहली यह कि प्रधानमंत्री छात्रों और भारत के भविष्य को सम्मान देते हुए माफी मांगें, और दूसरी कि छात्रों पर हुई हिंसा के दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। किसानों, मजदूरों, गरीबों और इस सरकार द्वारा दबाए गए हर वर्ग का आह्वान करते हुए कहा गया है कि अपने सम्मान के लिए संवैधानिक तरीके से डटकर खड़े होना ही असली साहस है और अब इस सरकार को हटाने का वक्त आ गया है।
Ashok verma
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा देश की शिक्षा व्यवस्था को फिर से संवारने की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम बताया गया है। सड़कों पर उतरकर लोकतंत्र, संविधान और अपने भविष्य की रक्षा के लिए डटकर खड़े होने वाले देशभर के युवाओं और छात्रों को इस पर बधाई दी गई है और उन पर गर्व व्यक्त किया गया है। इसके साथ ही यह स्पष्ट किया गया है कि 2 मांगें अभी भी बाकी हैं—पहली यह कि प्रधानमंत्री छात्रों और भारत के भविष्य को सम्मान देते हुए माफी मांगें, और दूसरी कि छात्रों पर हुई हिंसा के दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। किसानों, मजदूरों, गरीबों और इस सरकार द्वारा दबाए गए हर वर्ग का आह्वान करते हुए कहा गया है कि अपने सम्मान के लिए संवैधानिक तरीके से डटकर खड़े होना ही असली साहस है और अब इस सरकार को हटाने का वक्त आ गया है।
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- धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा देश की शिक्षा व्यवस्था को फिर से संवारने की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम बताया गया है। सड़कों पर उतरकर लोकतंत्र, संविधान और अपने भविष्य की रक्षा के लिए डटकर खड़े होने वाले देशभर के युवाओं और छात्रों को इस पर बधाई दी गई है और उन पर गर्व व्यक्त किया गया है। इसके साथ ही यह स्पष्ट किया गया है कि 2 मांगें अभी भी बाकी हैं—पहली यह कि प्रधानमंत्री छात्रों और भारत के भविष्य को सम्मान देते हुए माफी मांगें, और दूसरी कि छात्रों पर हुई हिंसा के दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। किसानों, मजदूरों, गरीबों और इस सरकार द्वारा दबाए गए हर वर्ग का आह्वान करते हुए कहा गया है कि अपने सम्मान के लिए संवैधानिक तरीके से डटकर खड़े होना ही असली साहस है और अब इस सरकार को हटाने का वक्त आ गया है।1
- सुल्तानपुर के देहात कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत महानपुर मिश्रपुर पुरैना फोर लेन पर पुलिस द्वारा सघन चेकिंग अभियान चलाकर लोगों को यातायात सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया है। अभियान के दौरान वाहन चालकों को सुरक्षित वाहन चलाने के नियम समझाए गए। पुलिस का स्पष्ट कहना है कि प्रत्येक व्यक्ति की जान उसके परिवार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, इसलिए वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना अत्यंत आवश्यक है। इस चेकिंग अभियान में हल्का दरोगा रामचंद्र यादव अपने पुलिस दस्ते के साथ मिलकर मुस्तैदी से कार्य कर रहे हैं। आम जनता की सुरक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहने की दिशा में पुलिस की इस पहल को काफी सराहनीय बताया गया है।3
- हरदोई के पिहानी क्षेत्र स्थित ग्राम अमिरता बहेड़िया के श्री संकटमोचन हनुमत धाम में शनिवार को कन्या पूजन के साथ विशाल भंडारे का शुभारंभ हुआ। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से कन्याओं का पूजन कर उनका आशीर्वाद लिया, जिसके बाद प्रसाद वितरण प्रारंभ हुआ। इस आयोजन से पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह और भक्ति का माहौल देखने को मिल रहा है। आयोजकों के अनुसार शुभ मुहूर्त में दोपहर 12:15 बजे मूर्ति स्थापना एवं 11 कुंडीय हनुमान महायज्ञ का विधिवत शुभारंभ किया जाएगा। महायज्ञ में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना को देखते हुए पूजा-अर्चना और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। आयोजन में दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और आयोजकों ने सभी धर्मप्रेमियों से इसमें शामिल होकर पुण्य लाभ कमाने की अपील की है।1
- सुल्तानपुर के आजाद पार्क में शनिवार शाम को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कैंडल मार्च और सत्याग्रह कर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। अभिषेक सिंह राणा ने आरोप लगाया कि 2014 में भाजपा सरकार बनने के बाद से नीट (NEET) और सीबीएसई (CBSE) सहित कई प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्न पत्र लगातार लीक हो रहे हैं। इससे युवाओं और छात्रों का भविष्य बर्बाद हो रहा है और वे मानसिक तनाव में आकर आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने जंतर-मंतर से लेकर देश भर की सड़कों पर उतरे छात्रों के संघर्ष को सलाम करते हुए कहा कि सरकार ने छात्रों के दबाव में आकर ही कदम उठाए हैं, क्योंकि छात्रों के बिना कोई आंदोलन सफल नहीं हुआ है। राणा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को भी मजबूरी का नतीजा बताया और कहा कि यदि वे छात्र हित सोचते तो बहुत पहले ही इस्तीफा दे देते। इसके साथ ही उन्होंने प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं पर हुए लाठीचार्ज और पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए दोषी पुलिसकर्मियों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, दोषियों को दंडित करने और पीड़ित छात्रों को उचित मुआवजा दिए जाने की मांग की। अभिषेक सिंह राणा ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को धन्यवाद दिया और कहा कि जब भी छात्रों पर अत्याचार हुआ, इन नेताओं ने सड़क पर उतरकर उनकी आवाज बुलंद की। उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस कार्यकर्ता संसद से लेकर सड़क तक युवाओं और किसानों के हक की लड़ाई लड़ते रहेंगे।3
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- प्रतापगढ़ के पट्टी थाना क्षेत्र स्थित देनवा मॉडल स्कूल, ग्राम देनवा दुवौली के पास पुलिस ने 1.145 किलोग्राम अवैध गांजे के साथ एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया अभियुक्त 52 वर्षीय राम सिंह, पुत्र अर्जुन सिंह, ग्राम सुखऊ दुबौली (थाना पट्टी, जनपद प्रतापगढ़) का निवासी है। संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग के दौरान मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे रंगे हाथ दबोच लिया। यह गिरफ्तारी पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर के कुशल निर्देशन में चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत की गई है। अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी आलोक कुमार व क्षेत्राधिकारी पट्टी प्रदीप सिंह के पर्यवेक्षण और थाना प्रभारी पट्टी आनंद पाल सिंह के नेतृत्व में उप निरीक्षक प्रदीप कुमार तथा उनकी हमराह टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। अभियुक्त के कब्जे से बरामद गांजे के संबंध में थाना पट्टी में मु0अ0सं0-329/2026 के अंतर्गत धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) के तहत मामला पंजीकृत किया गया है। प्रतापगढ़ पुलिस के बयान के अनुसार, जिले को नशामुक्त बनाने और युवाओं को इस गंभीर बुराई से सुरक्षित रखने के लिए अवैध मादक पदार्थों की बिक्री व प्रसार के खिलाफ निरंतर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यदि कहीं भी अवैध रूप से मादक पदार्थों का निर्माण, क्रय-विक्रय या तस्करी होती दिखे, तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस नियंत्रण कक्ष के मोबाइल नंबर 6307363107 पर दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी।1
- 27 जून 1976 को इज़राइल के तेल अवीव से पेरिस के लिए रवाना हुई एयर फ्रांस की फ्लाइट-139 का अपहरण कर लिया गया था। विमान में 228 यात्री और 12 क्रू मेंबर सवार थे। एथेंस एयरपोर्ट पर 45 मिनट के ठहराव के दौरान सुरक्षा जांच में लापरवाही के कारण एक महिला समेत चार संदिग्ध विमान में सवार हो गए और उड़ान भरते ही उन्होंने हथियार निकालकर पूरे विमान को कब्जे में ले लिया तथा 245 लोगों को बंधक बना लिया। इसके बाद विमान को युगांडा के एंटेबे एयरपोर्ट ले जाया गया, जहाँ बंधकों को कई दिनों तक आतंकियों की निगरानी में रखा गया। इस बेहद गंभीर परिस्थिति में भी इज़राइल ने हार नहीं मानी और कई हजार किलोमीटर दूर स्थित एंटेबे एयरपोर्ट पर एक अत्यंत गोपनीय और साहसिक सैन्य अभियान 'ऑपरेशन थंडरबोल्ट' चलाया। इस अभियान के तहत इज़राइली कमांडो ने आतंकियों पर बिजली की गति से हमला कर अधिकांश बंधकों को सुरक्षित छुड़ा लिया। यह मिशन आज भी दुनिया के सबसे सफल व साहसी बंधक-राहत अभियानों में गिना जाता है और इसे सैन्य इतिहास में साहस, रणनीति तथा अदम्य इच्छाशक्ति की मिसाल के रूप में सम्मान के साथ याद किया जाता है।1
- CJP और विपक्ष द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों को खारिज करते हुए दिल्ली पुलिस ने स्पष्टीकरण दिया है। CJP और विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया था कि दिल्ली पुलिस ने अपने वाहनों को खुद ही क्षतिग्रस्त किया है। इन आरोपों का जवाब देते हुए दिल्ली पुलिस ने कहा है कि वह मामले की CCTV फुटेज जारी कर रही है, जिससे यह पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगा कि पुलिस गाड़ियों को किसने नुकसान पहुंचाया था।1