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कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना की अध्यक्षता में मंगलवार को केवलारी में एक विशेष जनसुनवाई आयोजित की जाएगी।

3 hrs ago
user_Devendra thakur
Devendra thakur
Salesperson सिवनी, सिवनी, मध्य प्रदेश•
3 hrs ago

कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना की अध्यक्षता में मंगलवार को केवलारी में एक विशेष जनसुनवाई आयोजित की जाएगी।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • मध्यप्रदेश शासन द्वारा मरीजों को बेहतर और समय पर इलाज उपलब्ध कराने के लिए संचालित की जा रही 108 एम्बुलेंस सेवा स्वयं ही बदहाल स्थिति में है। सिवनी जिला मुख्यालय परिसर में लगभग 40 से 50 एम्बुलेंस वाहन जर्जर और खराब अवस्था में खड़े हैं, वहीं जो वाहन चालू स्थिति में थे, वे भी रखरखाव के अभाव में बंद हो गए हैं। इस कारण जिले में स्थिति यह हो गई है कि मरीजों को अस्पताल पहुँचने के लिए अपने निजी साधनों का उपयोग करना पड़ रहा है। देखा जा रहा है कि शासन की ओर से मिलने वाली यह महत्वपूर्ण सुविधा विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों तक नहीं पहुँच पा रही है। इस संबंध में अधिकारियों का कहना है कि 108 एम्बुलेंस का संचालन भोपाल से होता है। वे इस समस्या को लेकर लगातार पत्राचार कर रहे हैं और दूरभाष पर भी चर्चा जारी है।
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    मध्यप्रदेश शासन द्वारा मरीजों को बेहतर और समय पर इलाज उपलब्ध कराने के लिए संचालित की जा रही 108 एम्बुलेंस सेवा स्वयं ही बदहाल स्थिति में है। सिवनी जिला मुख्यालय परिसर में लगभग 40 से 50 एम्बुलेंस वाहन जर्जर और खराब अवस्था में खड़े हैं, वहीं जो वाहन चालू स्थिति में थे, वे भी रखरखाव के अभाव में बंद हो गए हैं। इस कारण जिले में स्थिति यह हो गई है कि मरीजों को अस्पताल पहुँचने के लिए अपने निजी साधनों का उपयोग करना पड़ रहा है। देखा जा रहा है कि शासन की ओर से मिलने वाली यह महत्वपूर्ण सुविधा विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों तक नहीं पहुँच पा रही है।

इस संबंध में अधिकारियों का कहना है कि 108 एम्बुलेंस का संचालन भोपाल से होता है। वे इस समस्या को लेकर लगातार पत्राचार कर रहे हैं और दूरभाष पर भी चर्चा जारी है।
    user_BRMG SEONI
    BRMG SEONI
    सिवनी, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
  • कलेक्टर हरेंद्र नारायण ने आज सोमवार शाम 4 बजे कलेक्टर कार्यालय के सभा कक्ष में आयोजित टीएल बैठक में समय सीमा के लंबित प्रकरणों की गहन समीक्षा की। इस दौरान, उन्होंने सीएम हेल्पलाइन और जन आकांक्षा पोर्टल पर लंबित शिकायतों के साथ-साथ विभिन्न आयोगों, वरिष्ठ कार्यालयों और न्यायालयों से संबंधित लंबित प्रकरणों का भी विस्तृत जायजा लिया। कलेक्टर नारायण ने संबंधित अधिकारियों को इन सभी प्रकरणों का शीघ्र और निर्धारित समय सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
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    कलेक्टर हरेंद्र नारायण ने आज सोमवार शाम 4 बजे कलेक्टर कार्यालय के सभा कक्ष में आयोजित टीएल बैठक में समय सीमा के लंबित प्रकरणों की गहन समीक्षा की। इस दौरान, उन्होंने सीएम हेल्पलाइन और जन आकांक्षा पोर्टल पर लंबित शिकायतों के साथ-साथ विभिन्न आयोगों, वरिष्ठ कार्यालयों और न्यायालयों से संबंधित लंबित प्रकरणों का भी विस्तृत जायजा लिया।

कलेक्टर नारायण ने संबंधित अधिकारियों को इन सभी प्रकरणों का शीघ्र और निर्धारित समय सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
    user_KB live News
    KB live News
    छिंदवाड़ा नगर, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • दशकों पहले छिंदवाड़ा जिला, जिसे कोयले के कारण 'हीरे के नाम' से पहचाना जाता था और जहाँ परासिया, जमाई तथा दमोह जैसे विभिन्न विकासखंडों में कई खदानें संचालित होने से रोजगार एवं व्यापार में खासी रौनक थी, वहाँ अब हालात बदल गए हैं। बीते लगभग 15 वर्षों से प्रशासन द्वारा लगातार खदानें बंद की जा रही हैं, जिससे स्थानीय व्यापार और शिक्षित बेरोजगारों के लिए रोजगार की कमी एक बड़ी चिंता का विषय बन गई है। मध्य भारत के इस जिले में, खासकर परासिया-पेंच और कन्हान क्षेत्र में, कभी कई भूमिगत और ओपन कास्ट कोयला खदानें थीं। ये खदानें धीरे-धीरे अपने अंतिम चरण में पहुँच गई हैं और नियमित कामगार भी सेवानिवृत्त हो रहे हैं। इसी वजह से क्षेत्र के कई पढ़े-लिखे बेरोजगार युवक काम की तलाश में बड़े शहरों की ओर पलायन कर रहे हैं। क्षेत्र के पूर्व विधायक और वर्तमान विधायक लगातार कोयला मंत्रालय को पत्र लिखकर एवं उच्च अधिकारियों से मिलकर नई खदानें खोलने का अनुरोध कर रहे हैं, ताकि स्थानीय व्यापार को फिर से फायदा मिल सके। जानकारी के अनुसार, बीते कई वर्षों से कोयला मंत्रालय के स्पष्ट निर्देशों के तहत कई क्षेत्र निजी सेक्टर में चले गए हैं, और वर्ष 2004 के बाद से कोयला कामगारों को मिलने वाली पेंशन की सुविधा भी बंद कर दी गई है। पेंच और कन्हान क्षेत्र की पुरानी रौनक अब पूरी तरह खत्म हो गई है, जिससे कोयलांचल क्षेत्र का अस्तित्व ही अंतिम चरण में पहुँच गया है, जहाँ काम के अभाव के कारण व्यापार में लगातार गिरावट आ रही है।
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    दशकों पहले छिंदवाड़ा जिला, जिसे कोयले के कारण 'हीरे के नाम' से पहचाना जाता था और जहाँ परासिया, जमाई तथा दमोह जैसे विभिन्न विकासखंडों में कई खदानें संचालित होने से रोजगार एवं व्यापार में खासी रौनक थी, वहाँ अब हालात बदल गए हैं। बीते लगभग 15 वर्षों से प्रशासन द्वारा लगातार खदानें बंद की जा रही हैं, जिससे स्थानीय व्यापार और शिक्षित बेरोजगारों के लिए रोजगार की कमी एक बड़ी चिंता का विषय बन गई है।

मध्य भारत के इस जिले में, खासकर परासिया-पेंच और कन्हान क्षेत्र में, कभी कई भूमिगत और ओपन कास्ट कोयला खदानें थीं। ये खदानें धीरे-धीरे अपने अंतिम चरण में पहुँच गई हैं और नियमित कामगार भी सेवानिवृत्त हो रहे हैं। इसी वजह से क्षेत्र के कई पढ़े-लिखे बेरोजगार युवक काम की तलाश में बड़े शहरों की ओर पलायन कर रहे हैं।

क्षेत्र के पूर्व विधायक और वर्तमान विधायक लगातार कोयला मंत्रालय को पत्र लिखकर एवं उच्च अधिकारियों से मिलकर नई खदानें खोलने का अनुरोध कर रहे हैं, ताकि स्थानीय व्यापार को फिर से फायदा मिल सके। जानकारी के अनुसार, बीते कई वर्षों से कोयला मंत्रालय के स्पष्ट निर्देशों के तहत कई क्षेत्र निजी सेक्टर में चले गए हैं, और वर्ष 2004 के बाद से कोयला कामगारों को मिलने वाली पेंशन की सुविधा भी बंद कर दी गई है। पेंच और कन्हान क्षेत्र की पुरानी रौनक अब पूरी तरह खत्म हो गई है, जिससे कोयलांचल क्षेत्र का अस्तित्व ही अंतिम चरण में पहुँच गया है, जहाँ काम के अभाव के कारण व्यापार में लगातार गिरावट आ रही है।
    user_Ranjeet Dehariya
    Ranjeet Dehariya
    Voice of people छिंदवाड़ा नगर, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • छिंदवाड़ा जिले में SafeClick2_0 पहल के तहत एक विशेष कार्यक्रम 'एक शाम साहस और समर्पण के नाम' का आयोजन किया गया। इस अवसर पर Cyber Safe Dance प्रस्तुत किए गए, साइबर जागरूकता से संबंधित संदेश प्रसारित किए गए और समाजसेवियों का सम्मान भी किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य एक सुरक्षित डिजिटल भारत के निर्माण का संकल्प लेना था।
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    छिंदवाड़ा जिले में SafeClick2_0 पहल के तहत एक विशेष कार्यक्रम 'एक शाम साहस और समर्पण के नाम' का आयोजन किया गया। इस अवसर पर Cyber Safe Dance प्रस्तुत किए गए, साइबर जागरूकता से संबंधित संदेश प्रसारित किए गए और समाजसेवियों का सम्मान भी किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य एक सुरक्षित डिजिटल भारत के निर्माण का संकल्प लेना था।
    user_यश भारत
    यश भारत
    Local News Reporter छिंदवाड़ा नगर, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • लगातार हो रही बारिश के कारण बाघ नदी उफान पर है, जिसके तेज बहाव में कंस्ट्रक्शन कंपनी के दो बड़े वाहन बह गए। यह घटना एक निर्माणाधीन हाईलेवल पुल के पास हुई। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें नदी की तेज धारा में वाहनों को बहते हुए देखा जा सकता है।
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    लगातार हो रही बारिश के कारण बाघ नदी उफान पर है, जिसके तेज बहाव में कंस्ट्रक्शन कंपनी के दो बड़े वाहन बह गए। यह घटना एक निर्माणाधीन हाईलेवल पुल के पास हुई। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें नदी की तेज धारा में वाहनों को बहते हुए देखा जा सकता है।
    user_Samarpit sahu
    Samarpit sahu
    पत्रकार बालाघाट, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • सिवनी जिले के आदिवासी बहुल घंसौर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 108 एम्बुलेंस सेवा लंबे समय से बाधित है क्योंकि एम्बुलेंस खराब खड़ी है। जिला मुख्यालय से लगभग 100 किलोमीटर दूर स्थित इस अस्पताल में 72 ग्राम पंचायतों के हजारों मरीज इलाज के लिए आते हैं, लेकिन एम्बुलेंस सेवा बंद होने के कारण उन्हें गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। मरीजों को अस्पताल तक पहुँचने और रेफर होने पर जबलपुर मेडिकल कॉलेज तक जाने के लिए निजी वाहनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. भारती सोनकेशरीया ने जानकारी दी है कि खराब एम्बुलेंसों की सूचना लगातार पत्राचार और दूरभाष के माध्यम से जिला स्तर पर दी जा रही है। हालांकि, सोमवार, 6 जुलाई 2026 तक भी इसमें कोई सुधार नहीं हुआ है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की सरकारी मंशा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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    सिवनी जिले के आदिवासी बहुल घंसौर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 108 एम्बुलेंस सेवा लंबे समय से बाधित है क्योंकि एम्बुलेंस खराब खड़ी है। जिला मुख्यालय से लगभग 100 किलोमीटर दूर स्थित इस अस्पताल में 72 ग्राम पंचायतों के हजारों मरीज इलाज के लिए आते हैं, लेकिन एम्बुलेंस सेवा बंद होने के कारण उन्हें गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

मरीजों को अस्पताल तक पहुँचने और रेफर होने पर जबलपुर मेडिकल कॉलेज तक जाने के लिए निजी वाहनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।

ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. भारती सोनकेशरीया ने जानकारी दी है कि खराब एम्बुलेंसों की सूचना लगातार पत्राचार और दूरभाष के माध्यम से जिला स्तर पर दी जा रही है। हालांकि, सोमवार, 6 जुलाई 2026 तक भी इसमें कोई सुधार नहीं हुआ है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की सरकारी मंशा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
    user_Umesh Srivastava
    Umesh Srivastava
    घनसौर, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना की अध्यक्षता में मंगलवार को केवलारी में एक विशेष जनसुनवाई आयोजित की जाएगी।
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    कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना की अध्यक्षता में मंगलवार को केवलारी में एक विशेष जनसुनवाई आयोजित की जाएगी।
    user_Devendra thakur
    Devendra thakur
    Salesperson सिवनी, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • उत्कर्ष विद्यालय में पढ़ने वाले 11वीं कक्षा के छात्र सुमित ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है, जिससे उसके परिवार में गहरा मातम छा गया है। यह दर्दनाक घटना तब सामने आई जब उसकी मां घर पहुंचीं। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है और कोतवाली पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है।
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    उत्कर्ष विद्यालय में पढ़ने वाले 11वीं कक्षा के छात्र सुमित ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है, जिससे उसके परिवार में गहरा मातम छा गया है। यह दर्दनाक घटना तब सामने आई जब उसकी मां घर पहुंचीं। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है और कोतवाली पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है।
    user_Samarpit sahu
    Samarpit sahu
    पत्रकार बालाघाट, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • 06 जुलाई को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित टीएल बैठक में कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने विभिन्न विभागों के समय-सीमा संबंधी प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक सराफ, अपर कलेक्टर श्री डी.पी. बर्मन सहित कई अधिकारी मौजूद थे, वहीं जिले के सभी एसडीएम, तहसीलदार, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से शामिल हुए। कलेक्टर ने जर्जर शासकीय भवनों और इमारतों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि मरम्मत योग्य न होने वाले भवनों या दीवारों को सुरक्षा की दृष्टि से तत्काल हटाया जाए। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी और महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी को सुनिश्चित करने को कहा कि किसी भी स्कूल या आंगनवाड़ी केंद्र का संचालन जर्जर भवन में न हो, तथा मरम्मत आवश्यक भवनों को प्राथमिकता पर पूरा कराया जाए। मध्य प्रदेश विद्युत मंडल के अधीक्षण अभियंता को बारिश और आंधी-तूफान के दौरान विद्युत व्यवस्था सुचारु रखने तथा झूलते बिजली के तारों की शिकायतें न मिलने के निर्देश दिए गए। साथ ही, लोक निर्माण विभाग एवं प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधिकारियों को मानसून को देखते हुए सड़कों, पुलों और पुल-पुलियों पर जलभराव की स्थिति का तत्काल निरीक्षण करने और शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई। जनजातीय कार्य विभाग के सहायक आयुक्त को जनजातीय क्षेत्रों के छात्रावासों एवं विद्यालयों का निरीक्षण कर छत टपकने जैसी समस्याओं का तत्काल निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान किसानों को निर्धारित दर पर पर्याप्त उर्वरक और गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर श्री मीना ने वनाधिकार अधिनियम (एफआरए) के सभी पट्टाधारियों को शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने, पात्र हितग्राहियों के किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) बनवाने तथा प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना में पंजीयन सुनिश्चित करने को कहा। समग्र ई-केवाईसी की समीक्षा में 92 हजार के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 31 हजार हितग्राहियों की ई-केवाईसी पूरी होने की जानकारी दी गई, जिस पर कलेक्टर ने शेष ई-केवाईसी को 25 जुलाई तक अनिवार्य रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी एसडीएम को संबल योजना के 50 दिन से अधिक पुराने प्रकरणों को लंबित न रखने तथा जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। श्रमयोगी मानधन योजना, पीएम विश्वकर्मा योजना और प्रधानमंत्री स्वरोजगार योजना के ऋण प्रकरणों में तेजी लाने को भी कहा गया। कटंगी एवं खैरलांजी जनपदों से सर्वाधिक समग्र आईडी संशोधन शिकायतों को देखते हुए, संबंधित अधिकारियों को विशेष अभियान चलाकर इन प्रकरणों का निराकरण करने के निर्देश दिए गए। बैठक में सीएम हेल्पलाइन के लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा की गई, जिसमें कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने सभी अधिकारियों को 50 दिन से अधिक पुराने मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी, और सभी विभागों को अपनी ग्रेडिंग प्रदेश स्तर पर 'ए' ग्रेड बनाए रखने के लिए गंभीरता एवं तत्परता से कार्य करने पर जोर दिया।
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    06 जुलाई को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित टीएल बैठक में कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने विभिन्न विभागों के समय-सीमा संबंधी प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक सराफ, अपर कलेक्टर श्री डी.पी. बर्मन सहित कई अधिकारी मौजूद थे, वहीं जिले के सभी एसडीएम, तहसीलदार, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से शामिल हुए।

कलेक्टर ने जर्जर शासकीय भवनों और इमारतों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि मरम्मत योग्य न होने वाले भवनों या दीवारों को सुरक्षा की दृष्टि से तत्काल हटाया जाए। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी और महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी को सुनिश्चित करने को कहा कि किसी भी स्कूल या आंगनवाड़ी केंद्र का संचालन जर्जर भवन में न हो, तथा मरम्मत आवश्यक भवनों को प्राथमिकता पर पूरा कराया जाए। मध्य प्रदेश विद्युत मंडल के अधीक्षण अभियंता को बारिश और आंधी-तूफान के दौरान विद्युत व्यवस्था सुचारु रखने तथा झूलते बिजली के तारों की शिकायतें न मिलने के निर्देश दिए गए। साथ ही, लोक निर्माण विभाग एवं प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधिकारियों को मानसून को देखते हुए सड़कों, पुलों और पुल-पुलियों पर जलभराव की स्थिति का तत्काल निरीक्षण करने और शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई। जनजातीय कार्य विभाग के सहायक आयुक्त को जनजातीय क्षेत्रों के छात्रावासों एवं विद्यालयों का निरीक्षण कर छत टपकने जैसी समस्याओं का तत्काल निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान किसानों को निर्धारित दर पर पर्याप्त उर्वरक और गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर श्री मीना ने वनाधिकार अधिनियम (एफआरए) के सभी पट्टाधारियों को शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने, पात्र हितग्राहियों के किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) बनवाने तथा प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना में पंजीयन सुनिश्चित करने को कहा। समग्र ई-केवाईसी की समीक्षा में 92 हजार के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 31 हजार हितग्राहियों की ई-केवाईसी पूरी होने की जानकारी दी गई, जिस पर कलेक्टर ने शेष ई-केवाईसी को 25 जुलाई तक अनिवार्य रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी एसडीएम को संबल योजना के 50 दिन से अधिक पुराने प्रकरणों को लंबित न रखने तथा जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। श्रमयोगी मानधन योजना, पीएम विश्वकर्मा योजना और प्रधानमंत्री स्वरोजगार योजना के ऋण प्रकरणों में तेजी लाने को भी कहा गया। कटंगी एवं खैरलांजी जनपदों से सर्वाधिक समग्र आईडी संशोधन शिकायतों को देखते हुए, संबंधित अधिकारियों को विशेष अभियान चलाकर इन प्रकरणों का निराकरण करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में सीएम हेल्पलाइन के लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा की गई, जिसमें कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने सभी अधिकारियों को 50 दिन से अधिक पुराने मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी, और सभी विभागों को अपनी ग्रेडिंग प्रदेश स्तर पर 'ए' ग्रेड बनाए रखने के लिए गंभीरता एवं तत्परता से कार्य करने पर जोर दिया।
    user_लोकेश गोखले
    लोकेश गोखले
    Local News Reporter किरनापुर, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
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