उत्तर प्रदेश सरकार की नीतियों और अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप, प्रदेश के विभिन्न जिलों के स्थानीय उत्पाद अब वैश्विक बाजार में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर रहे हैं। विशेष रूप से, "एक जिला एक उत्पाद" (ODOP) योजना ने पारंपरिक हस्तशिल्प, हथकरघा, कृषि आधारित और अन्य स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक सफलतापूर्वक पहुंचाया है। सरकार द्वारा उत्पादों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग, गुणवत्ता संवर्धन और विपणन को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इसके साथ ही, कारीगरों और उद्यमियों को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता प्रदान करने तथा उन्हें ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जोड़ने के लिए भी विशेष प्रयास किए गए हैं। इन पहलों के सुखद परिणाम सामने आए हैं, जिसके चलते प्रदेश के कई जिलों के विशिष्ट उत्पादों की मांग विदेशों में काफी बढ़ी है और उनके निर्यात में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। इस प्रगति से स्थानीय कारीगरों, लघु उद्योगों और उद्यमियों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, साथ ही रोजगार के नए अवसर भी सृजित हुए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि स्थानीय उत्पादों को "लोकल से ग्लोबल" बनाने की दिशा में ये प्रयास भविष्य में भी जारी रहेंगे। इसका लक्ष्य है कि उत्तर प्रदेश देश की अर्थव्यवस्था में अपना योगदान और बढ़ाए तथा प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों को विश्व स्तर पर निरंतर नई पहचान मिलती रहे।
उत्तर प्रदेश सरकार की नीतियों और अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप, प्रदेश के विभिन्न जिलों के स्थानीय उत्पाद अब वैश्विक बाजार में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर रहे हैं। विशेष रूप से, "एक जिला एक उत्पाद" (ODOP) योजना ने पारंपरिक हस्तशिल्प, हथकरघा, कृषि आधारित और अन्य स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक सफलतापूर्वक पहुंचाया है। सरकार द्वारा उत्पादों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग, गुणवत्ता संवर्धन और विपणन को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इसके साथ ही, कारीगरों और उद्यमियों को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता प्रदान करने तथा उन्हें ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जोड़ने के लिए भी विशेष प्रयास किए गए हैं। इन पहलों के सुखद परिणाम सामने आए हैं, जिसके चलते प्रदेश के कई जिलों के विशिष्ट उत्पादों की मांग विदेशों में काफी बढ़ी है और उनके निर्यात में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। इस प्रगति से स्थानीय कारीगरों, लघु उद्योगों और उद्यमियों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, साथ ही रोजगार के नए अवसर भी सृजित हुए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि स्थानीय उत्पादों को "लोकल से ग्लोबल" बनाने की दिशा में ये प्रयास भविष्य में भी जारी रहेंगे। इसका लक्ष्य है कि उत्तर प्रदेश देश की अर्थव्यवस्था में अपना योगदान और बढ़ाए तथा प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों को विश्व स्तर पर निरंतर नई पहचान मिलती रहे।
- उत्तर प्रदेश सरकार की नीतियों और अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप, प्रदेश के विभिन्न जिलों के स्थानीय उत्पाद अब वैश्विक बाजार में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर रहे हैं। विशेष रूप से, "एक जिला एक उत्पाद" (ODOP) योजना ने पारंपरिक हस्तशिल्प, हथकरघा, कृषि आधारित और अन्य स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक सफलतापूर्वक पहुंचाया है। सरकार द्वारा उत्पादों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग, गुणवत्ता संवर्धन और विपणन को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इसके साथ ही, कारीगरों और उद्यमियों को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता प्रदान करने तथा उन्हें ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जोड़ने के लिए भी विशेष प्रयास किए गए हैं। इन पहलों के सुखद परिणाम सामने आए हैं, जिसके चलते प्रदेश के कई जिलों के विशिष्ट उत्पादों की मांग विदेशों में काफी बढ़ी है और उनके निर्यात में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। इस प्रगति से स्थानीय कारीगरों, लघु उद्योगों और उद्यमियों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, साथ ही रोजगार के नए अवसर भी सृजित हुए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि स्थानीय उत्पादों को "लोकल से ग्लोबल" बनाने की दिशा में ये प्रयास भविष्य में भी जारी रहेंगे। इसका लक्ष्य है कि उत्तर प्रदेश देश की अर्थव्यवस्था में अपना योगदान और बढ़ाए तथा प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों को विश्व स्तर पर निरंतर नई पहचान मिलती रहे।1
- जालौन जिले के आटा थाना क्षेत्र में हुई एक बड़ी चोरी की वारदात का पुलिस ने मात्र 24 घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दिया है। आटा पुलिस और स्वाट/सर्विलांस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए चोरी के सोने के टुकड़े (थपिया) और नकदी के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। बरामद सोने का कुल वजन 135 ग्राम है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 21 लाख रुपये बताई गई है, साथ ही 97 हजार रुपये नकद भी बरामद हुए हैं। इस पूरे मामले का खुलासा सीओ कालपी राजेश कमल ने किया। घटना के संबंध में, 23 जून को मनोज सिंह नामक व्यक्ति ने आटा थाने में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उनकी माँ और बड़ी बहू के घर में रखे सोने के टुकड़े चोरी हो गए हैं। इस सूचना के आधार पर, आटा थाने में तत्काल एक मुकदमा पंजीकृत किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक जालौन विनय कुमार सिंह के पर्यवेक्षण और अपर पुलिस अधीक्षक जालौन के नेतृत्व में एक विशेष संयुक्त टीम का गठन किया गया, जिसमें थाना आटा पुलिस के जवान, स्वाट और सर्विलांस यूनिट के सदस्य शामिल थे। गठित टीम ने 24 जून को चेकिंग के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में दो व्यक्तियों मिठठू और अंकित द्विवेदी को गिरफ्तार किया। ये दोनों ग्राम आटा के पिपरांया गाँव के निवासी हैं। पुलिस ने इनके पास से चोरी के 135 ग्राम सोने के टुकड़े (दो टुकड़े), जिनकी कीमत लगभग 21 लाख रुपये है, और 97 हजार रुपये नकद बरामद किए। बरामदगी के बाद, पुलिस ने सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करते हुए दोनों अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। मामले की आगे की जांच जारी है।4
- समाजवादी पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक रहे युनुस चचा तालाब वाले, जिनका अब निधन हो चुका है, उनके परिवार की समाजवादी पार्टी में वर्तमान स्थिति को लेकर एक प्रश्न उठाया गया है। यह जानने की बात कही गई है कि पार्टी में उनके परिवार का क्या हाल है, जिसकी जानकारी अनिल शर्मा के साथ देने की बात है।1
- जालौन जिले के थाना कैलिया क्षेत्र के ऊंचागांव निवासी मनोज कौरव ने मंगलवार को उरई स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर प्रार्थना पत्र सौंपा। उन्होंने एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज एक मुकदमे की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। मनोज कौरव का आरोप है कि ग्राम पंचायत में पंचायत सहायक के पद पर कार्यरत चन्द्रप्रकाश ने रंजिश के चलते उनके विरुद्ध यह झूठा मुकदमा दर्ज कराया है। उनके अनुसार, घटना 5 जून की बताई गई है, जबकि मुकदमा करीब 14 दिन बाद उसी दिन थाना कैलिया में शिकायत देकर दर्ज किया गया। मनोज कौरव का यह भी दावा है कि वे चन्द्रप्रकाश को व्यक्तिगत रूप से नहीं जानते और न ही उनका उससे कोई परिचय या पुराना विवाद रहा है। मनोज कौरव ने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराए जाने की गुहार लगाई है। उन्होंने विशेष रूप से कॉल डिटेल, घटना स्थल के साक्ष्य, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक एवं दस्तावेजी साक्ष्यों की जांच कराने पर जोर दिया है, ताकि सभी वास्तविक तथ्य सामने आ सकें। उन्हें बाद में यह जानकारी मिली कि चन्द्रप्रकाश उन लोगों के यहां पंचायत सहायक हैं जिनसे उनका रंजिश विवाद है। मनोज कौरव का मानना है कि यदि निष्पक्ष जांच होती है तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाया गया है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से न्यायोचित कार्रवाई करते हुए निष्पक्ष जांच के माध्यम से उन्हें न्याय दिलाने का आग्रह किया है।1
- जनता से यह सवाल पूछा गया है कि उन्हें मोदी जी की बातों पर कितना भरोसा है। इस संबंध में यह दृढ़ता से कहा गया है कि भारत आज जो कार्य कर रहा है, वह आने वाले 1000 वर्षों के भविष्य की नींव रखने वाला है। इसी को पूरी दुनिया के लिए भारत की सबसे बड़ी गारंटी बताया गया है।1
- कानपुर देहात के जिलाधिकारी कपिल सिंह ने विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में माती स्थित ईवीएम वेयरहाउस का त्रैमासिक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी ने वेयरहाउस की सीसीटीवी व्यवस्था, साफ-सफाई और रखरखाव का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने इन सभी पहलुओं की जांच के उपरांत संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।1
- जालौन जिले के आटा थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लाखों रुपये का चोरी गया सोना बरामद कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने दो लोगों को भी गिरफ्तार किया है।1
- कालपी नगर में 7 मोहर्रम के अवसर पर अकीदत और श्रद्धा का माहौल छाया रहा, जहाँ बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लिया। नगर के मोहल्ला राजेपुरा में पारंपरिक रूप से आलम खेले गए, जिससे पूरा क्षेत्र 'या हुसैन' की सदाओं से गूंज उठा। इस दौरान हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए उन्हें खिराज-ए-अकीदत पेश की गई। राजेपुरा स्थित इमामा चौक पर फातेहा और लंगर का आयोजन किया गया, जिसमें सभी समुदायों के लोगों ने बढ़-चढ़कर शिरकत की, जिससे गंगा-जमुनी तहजीब की खूबसूरत मिसाल पेश हुई। वहीं, 7 मोहर्रम की शाम मोहल्ला मिर्जा मंडी में पारंपरिक मेहंदी का कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम में अकीदतमंदों ने फातेहा पढ़कर हजरत इमाम हुसैन और शोहदाए कर्बला को याद किया। मेहंदी की रस्म के दौरान हुई नौहाख्वानी और मातम से माहौल गमगीन हो गया। इन धार्मिक आयोजनों में युवाओं, बुजुर्गों और बच्चों समेत भारी संख्या में लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद रहा। कुल मिलाकर, 7 मोहर्रम के इन कार्यक्रमों ने कालपी में धार्मिक सौहार्द और अकीदत की एक सुंदर तस्वीर प्रस्तुत की।4