Shuru
Apke Nagar Ki App…
जयपुर के जगतपुरा से वीआईपी कल्चर का एक खौफनाक मामला सामने आया है, जहाँ मोमोस बेचने वाली एक युवती गंभीर रूप से झुलस गई। इस घटना के संबंध में राजस्थान पुलिस पर युवती को धमकी देने का गंभीर आरोप लगा है। लोग इस मामले में युवती के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं।
Prakriti khabar
जयपुर के जगतपुरा से वीआईपी कल्चर का एक खौफनाक मामला सामने आया है, जहाँ मोमोस बेचने वाली एक युवती गंभीर रूप से झुलस गई। इस घटना के संबंध में राजस्थान पुलिस पर युवती को धमकी देने का गंभीर आरोप लगा है। लोग इस मामले में युवती के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं।
More news from राजस्थान and nearby areas
- एक व्यक्ति ने बेहद आपत्तिजनक और अपमानजनक बयान जारी करते हुए गुर्जर समाज को सीधी चुनौती दी है, जिसमें कहा गया है कि यदि उनका खून अब भी नहीं खौलता है, तो वे गुर्जर वंशज नहीं हैं। बयान में 'तुम' कहकर संबोधित किए गए व्यक्ति पर आरोप लगाया गया है कि वह केवल बहन-बेटियों के बारे में ही बात कर सकता है और कुछ नहीं कर सकता। इसके साथ ही, उसने बेहद भद्दी और यौन-अपमानजनक धमकी देते हुए कहा कि वह 'तेरी मां का ऐसा ऑपरेशन करेगा' जिससे 'तेरी मां लुगाई और तेरी बहन-बेटी भाजणी घोषित हो जाएंगी'। हालांकि, बयान जारी करने वाले ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह टिप्पणी केवल 'जो बोल रहा है उसके लिए' है और इसमें मीणा समाज के प्रति कोई टिप्पणी नहीं की गई है।1
- ग्राम खण्डीप में पांचना बांध से कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर चल रही किसान महापंचायत और धरना-प्रदर्शन 19वें दिन भी पूरे जोश और उत्साह के साथ जारी रहा। इस जल अधिकार आंदोलन को नई ऊर्जा और मजबूती प्रदान करने के लिए धरना स्थल पर हजारों की संख्या में पंच-पटेल, किसान, महिलाएं, पुरुष और युवा उपस्थित रहे। आज किसान महापंचायत के समर्थन में तहसील नादौती और टोडाभीम क्षेत्र के शेखपुरा, अखाड़ा, किरवाड़ा, सहजनपुर, भोपर, भादरपुर, सोप, कैमा, ल्हावद, तूमापुरा, मिलकसराय और महानन्दपुर ड्योढा सहित अनेक गांवों के पंच-पटेल, किसान, महिला-पुरुष और युवा भारी संख्या में धरना स्थल पर पहुंचे। पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति और विधायक रामकेश मीना ने पुष्पवर्षा कर सभी का स्वागत किया और आंदोलन को समर्थन देने के लिए आभार व्यक्त किया। धरना स्थल पर टोंक-सवाई माधोपुर सांसद हरिश्चन्द्र मीना, टोडाभीम विधायक घनश्याम महर, पूर्व विधायक लाखन सिंह मीना और पूर्व मंत्री गोलमा देवी भी मौजूद रहीं। इन सभी जनप्रतिनिधियों ने किसानों को संबोधित करते हुए उनके संघर्ष को न्यायोचित बताया और आंदोलन को अपना समर्थन देते हुए किसानों का उत्साहवर्धन किया। पूर्व विधायक लाखन सिंह मीना ने घोषणा की कि जब तक कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पांचना बांध का पानी नहीं छोड़ा जाता, तब तक किसानों के हितों और अधिकारों की रक्षा के लिए हर प्रकार का संघर्ष जारी रहेगा। पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति और विधायक रामकेश मीना ने 24 जून 2026 को समाज के सभी जनप्रतिनिधियों और नेताओं से, चाहे वे किसी भी राजनीतिक दल से जुड़े हों, खण्डीप धरना स्थल पर पहुंचकर किसानों के संघर्ष में भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि किसानों के अधिकार और न्याय की लड़ाई का मंच है। टोडाभीम विधायक घनश्याम महर ने इस आह्वान का समर्थन करते हुए कहा कि यदि ये जनप्रतिनिधि 24 जून 2026 को धरना स्थल पर नहीं आते हैं, तो संघर्ष समिति और समाज उन पर कठोर निर्णय लेगा। उन्होंने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार में 'भोलू हलवाई' बैठा है जो जनता की सुध नहीं लेना चाहता और सिर्फ 'कचौड़ी-समौसे' के स्वाद का प्रचार कर रहा है, किसानों की समस्याओं और कमाण्ड क्षेत्र के अधिकारों की अनदेखी की जा रही है। विधायक रामकेश मीना ने बताया कि पूरे राजस्थान में इस आंदोलन की चर्चा दिल्ली तक है, और उन्होंने 27 जून तक का अल्टीमेटम देते हुए सरकार को हमारी नहरों में पानी खोलने का आदेश जारी करने की चेतावनी दी। उन्होंने सरकार पर हाईकोर्ट के आदेश और जनता की चिंता न करने का आरोप लगाया, और गृहमंत्री के खण्डीप न आने पर सवाल उठाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक भी जनहानि होती है तो ये किसान राजस्थान की सरकार को उखाड़ कर फेंक देंगे। समिति ने यह भी बताया कि 24 जून 2026 को किसान महापंचायत के समर्थन में झारेड़ा, सिंघनिया, श्यामपुर, मूंडरी, लालारामपुरा, गढ़ी पनमेड़ा, फाजीलाबाद, कंवरपुरा और मौसलपुर सहित अनेक गांवों के पंच-पटेल, किसान, युवा, महिलाएं और पुरुष सैकड़ों वाहनों के काफिले के साथ खण्डीप पहुंचेंगे। सांसद हरिशचन्द मीना ने कहा कि उनकी मांग सरकार से है, और यह माननीय कोर्ट का निर्णय है जिसकी पालना सरकार को करनी चाहिए। उन्होंने आंदोलन की सफलता पर विश्वास व्यक्त करते हुए डॉ. किरोड़ीलाल जी सहित सभी नेताओं से मंच पर आकर सरकार पर पानी खुलवाने के लिए दबाव बनाने का आग्रह किया।2
- सवाई माधोपुर जिले की बौली तहसील में स्थित गुरु धाम में भागवत कथा ज्ञान यज्ञ सप्ताह का भव्य समापन 24 जून को होगा। यह समापन प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के साथ आयोजित किया जाएगा।1
- पांचना बांध के पानी की मांग को लेकर खण्डीप महापंचायत में भारी संख्या में लोग एकत्रित हुए। इस महापंचायत में सूरौठ क्षेत्र से हजारों किसान शामिल होने पहुंचे, जो पांचना बांध से पानी की आपूर्ति की अपनी मांग को पुरजोर तरीके से उठाने के लिए एकजुट हुए थे।1
- हिंडौन सिटी के मासलपुर स्थित काछीपुरा गांव में आयोजित भागवत कथा के भंडारे के लिए हिंडौन से खरीदा गया 'सोना सिक्का' रिफाइंड तेल नकली निकला है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि 18 जून को हिंडौन की शुभम एंटरप्राइजेज फर्म से करीब ₹3,00,000 में खरीदे गए 100 टिन कनस्तरों में से इस रिफाइंड का उपयोग भोजन बनाने के लिए किया गया। जब हलवाइयों ने पंडितों और घर वालों के लिए भोजन तैयार किया, तो भोजन करने वाले सभी लोगों ने इस रिफाइंड को नकली बताया, जिसके बाद यह मामला सामने आया। काछीपुरा के ग्रामीणों ने नकली रिफाइंड के टिन कनस्तरों से भरी पिकअप के साथ मंगलवार को हिंडौन पहुंचकर मनीराम पार्क के पास स्थित शुभम एंटरप्राइजेज फर्म पर हंगामा किया। ग्रामीणों ने बताया कि टिन कनस्तर पर 'एस ओ एन ए ए' जबकि उसके कवर पर 'एस ओ एन ए' अंकित है। साथ ही, कनस्तर पर 'सिंस 1894' और कवर पर '1884' लिखा होने से उन्हें रिफाइंड के नकली होने का संदेह हुआ। नगर परिषद के नेता प्रतिपक्ष दिनेश चंद सैनी की शिकायत पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम और पुलिस मौके पर पहुंची। खाद्य विभाग करौली के अधिकारी विजय सिंह ने सीएमएचओ के निर्देश पर जांच की, जिसमें पिकअप में रखे 'सोना सिक्का' रिफाइंड के 90 टिन कनस्तरों में गड़बड़ी पाई गई। इनमें से एक कनस्तर को नमूने के तौर पर जब्त कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। अधिकारी विजय सिंह ने बताया कि रिफाइंड में मिलावट की रिपोर्ट मिलने पर नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। इस बीच, नेता प्रतिपक्ष सैनी ने जानकारी दी कि ग्रामीणों के भारी विरोध के बाद शुभम एंटरप्राइजेज फर्म के मालिक ने सभी गड़बड़ टिन कनस्तरों को बदल दिया है। इसके अतिरिक्त, फर्म ने भागवत कथा के भंडारे में ₹1,11,000 का सहयोग भी प्रदान किया है।4
- हिंडौन सिटी का प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह से संवेदनहीन और निष्क्रिय बना हुआ है, जिसके चलते शहर की जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए 'खून के आंसू' रो रही है। नगर परिषद द्वारा आंबेडकर भवन में आयोजित 'जन राहत शिविर' भी महज एक छलावा साबित हो रहे हैं, जहाँ शिकायतों का अंबार लगा है लेकिन समाधान के नाम पर सिर्फ कागजी खानापूर्ति और अधिकारियों द्वारा 'टाइम पास' किया जा रहा है। शहर की विभिन्न कॉलोनियों और मुख्य मार्गों से रोजाना आ रही शिकायतों पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इनमें जगह-जगह 'कचरे के पहाड़' खड़े होना और सफाई विभाग का 'कुंभकर्णी नींद' में होना शामिल है। सीवरेज और पानी निकासी की व्यवस्था ठप पड़ी है, जिससे मामूली बारिश या आम दिनों में भी गंदा पानी सड़कों पर उफन रहा है। इसके अतिरिक्त, कॉलोनियों में स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं और लो-वोल्टेज की समस्या से जनता के बिजली उपकरण खराब हो रहे हैं। सड़कें टूटी हुई हैं और डिवाइडर खस्ताहाल हैं, जिससे रोज हादसे हो रहे हैं, लेकिन सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) 'आंखें मूंदे बैठा' है। प्रशासनिक अराजकता की पराकाष्ठा यह है कि हिंडौन सिटी के एसडीएम का स्थानांतरण (ट्रांसफर) हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद वे रिलीव होकर अपने पद से हट नहीं रहे हैं। इस रवैये के कारण अधिकारियों और कर्मचारियों से जनता के काम करने की उम्मीद नहीं की जा सकती, जिसका परिणाम यह है कि शिविरों में आने वाले 80% लोगों को बिना काम कराए मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। इस स्थिति पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा नेता विष्णु प्रजापत ने कहा कि हिंडौन सिटी का प्रशासन पूरी तरह 'संवेदनहीन' हो चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय अधिकारी 'भजनलाल सरकार की जीरो टॉलरेंस और जन-राहत की मंशा को पलीता लगा रहे हैं' और जनता टूटी सड़कों, सीवरेज के गंदे पानी, बिजली की किल्लत और गंदगी के ढेरों के बीच जीने को मजबूर है। प्रजापत ने चेतावनी दी कि यदि व्यवस्था तुरंत नहीं सुधरी और समस्याओं का मौके पर निस्तारण नहीं हुआ तो 'ईंट से ईंट बजा दी जाएंगी'।2
- गुर्जर समाज पांचना बांध पर पूरी तरह से अलर्ट की स्थिति में है।1
- जयपुर के जगतपुरा से वीआईपी कल्चर का एक खौफनाक मामला सामने आया है, जहाँ मोमोस बेचने वाली एक युवती गंभीर रूप से झुलस गई। इस घटना के संबंध में राजस्थान पुलिस पर युवती को धमकी देने का गंभीर आरोप लगा है। लोग इस मामले में युवती के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं।1