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पांचना बांध के पानी की मांग को लेकर खण्डीप महापंचायत में भारी संख्या में लोग एकत्रित हुए। इस महापंचायत में सूरौठ क्षेत्र से हजारों किसान शामिल होने पहुंचे, जो पांचना बांध से पानी की आपूर्ति की अपनी मांग को पुरजोर तरीके से उठाने के लिए एकजुट हुए थे।
Hanis Sheikh
पांचना बांध के पानी की मांग को लेकर खण्डीप महापंचायत में भारी संख्या में लोग एकत्रित हुए। इस महापंचायत में सूरौठ क्षेत्र से हजारों किसान शामिल होने पहुंचे, जो पांचना बांध से पानी की आपूर्ति की अपनी मांग को पुरजोर तरीके से उठाने के लिए एकजुट हुए थे।
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- भरतपुर संभाग के सबसे बड़े आरबीएम अस्पताल में सोमवार को मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। गैस्ट्रो विभाग के चिकित्सक पर आरोप है कि वे निर्धारित समय से करीब एक घंटे देरी से अस्पताल पहुंचे। इसके बाद भी डॉक्टर ने अपना चैंबर बंद रखा, जिसके चलते बाहर सैकड़ों मरीज चिकित्सकीय परामर्श के इंतजार में खड़े रहे। लंबे समय तक लाइन में खड़े रहने के बावजूद इलाज न मिलने से मरीजों और उनके परिजनों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नाराजगी व्यक्त की। मरीजों ने बताया कि अस्पताल में पहले से ही चिकित्सकों की कमी और लंबी प्रतीक्षा की समस्या है, ऐसे में डॉक्टरों की इस देरी और चैंबर बंद होने के कारण दूर-दराज से आए मरीजों को और भी अधिक कठिनाई उठानी पड़ी। मरीजों ने अस्पताल प्रशासन से इस मामले की जांच कर जिम्मेदार चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई करने और समय पर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। यह पूरी स्थिति डॉक्टर की मनमानी को लेकर मरीजों के हंगामे में बदल गई।1
- गुर्जर समाज पांचना बांध पर पूरी तरह से अलर्ट की स्थिति में है।1
- सवाई माधोपुर जिले की बौली तहसील में स्थित गुरु धाम में भागवत कथा ज्ञान यज्ञ सप्ताह का भव्य समापन 24 जून को होगा। यह समापन प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के साथ आयोजित किया जाएगा।1
- धौलपुर में युवा चेतना फाउंडेशन द्वारा संचालित सपेरा बस्ती गदड़पुरा, बाड़ी के शिक्षा केंद्र पर अध्ययनरत बच्चों के हित में समाजसेवी एवं भामाशाह अरुण कुमार मंगल एडवोकेट जी, बाड़ी ने अत्यंत सराहनीय एवं प्रेरणादायक सहयोग प्रदान किया है। इस मानवीय, सामाजिक एवं प्रेरणादायक कार्य के लिए युवा चेतना फाउंडेशन परिवार ने उन्हें हार्दिक बधाई एवं धन्यवाद दिया है। शिक्षा केंद्र पर अध्ययन कर रहे बच्चों के पास आवश्यक शैक्षणिक सामग्री और बैठने की पर्याप्त व्यवस्था का अभाव था। इस स्थिति को देखते हुए, अरुण कुमार मंगल एडवोकेट ने बच्चों को कॉपी, किताब, पेन, पेंसिल सहित दो फर्श उपलब्ध कराकर शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनके इस सहयोग से बच्चों को अब बेहतर वातावरण में अध्ययन करने का अवसर मिलेगा, जिससे उनमें शिक्षा के प्रति उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ेगा। युवा चेतना फाउंडेशन को विश्वास है कि अरुण कुमार मंगल एडवोकेट का यह सहयोग अन्य समाजसेवियों एवं भामाशाहों को भी वंचित व जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा में योगदान देने के लिए प्रेरित करेगा।1
- दौसा जिले के मंडावर उपखंड क्षेत्र के ग्राम ऊकरूंद में कई दिनों से चल रहे श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का रविवार को श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ भव्य समापन हुआ। कथा के अंतिम दिन श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा, जिससे पूरा गांव धर्ममय वातावरण में रंग गया। कथा के समापन के बाद एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जहाँ हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। इसमें दूर-दराज के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। कथा स्थल पर सुबह से ही श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया था, जिन्होंने कथा वाचक के श्रीमुख से भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, धर्म, भक्ति और मानव कल्याण से जुड़े प्रसंगों को सुनकर स्वयं को भाव-विभोर महसूस किया। कथा के समापन अवसर पर पूरे पंडाल में "जय श्रीकृष्ण" और "राधे-राधे" के जयघोष गूंजते रहे, और श्रद्धालुओं ने कथा के माध्यम से धर्म, संस्कार एवं सदाचार का महत्वपूर्ण संदेश ग्रहण किया। विशाल भंडारे की व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए ग्रामीणों और युवाओं की एक टीम लगातार सेवा कार्य में जुटी रही, जिसमें श्रद्धालुओं के स्वागत, भोजन व्यवस्था, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया। आयोजक काडूराम मीणा ने बताया कि महोत्सव के दौरान प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिसने पूरे क्षेत्र में धार्मिक चेतना और सामाजिक एकता का संदेश दिया, और ग्रामीणों के सहयोग तथा श्रद्धालुओं की आस्था से यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। धार्मिक आयोजनों की यह श्रृंखला अभी जारी रहेगी, क्योंकि 25 एवं 26 जून को ग्राम ऊकरूंद में एक दो दिवसीय विशाल हरिकीर्तन दंगल का आयोजन किया जाएगा। इसमें राजस्थान के विभिन्न जिलों से आने वाली अनेक प्रसिद्ध भजन एवं कीर्तन पार्टियां हिस्सा लेंगी। यह आयोजन पूरी रात चलेगा, जहाँ भक्तिमय भजनों, संकीर्तन और धार्मिक प्रस्तुतियों के माध्यम से श्रद्धालुओं को भक्ति रस की अनुभूति होगी। हरिकीर्तन दंगल को लेकर गांव में विशेष उत्साह का माहौल है और आयोजन समिति द्वारा मंच, प्रकाश व्यवस्था तथा श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था जैसी आवश्यक तैयारियां अंतिम चरण में हैं, जिसके लिए क्षेत्र के श्रद्धालुओं को आमंत्रित किया जा रहा है। गांव के बुजुर्गों का मानना है कि ऐसे धार्मिक आयोजन न केवल आध्यात्मिक चेतना को बढ़ाते हैं, बल्कि सामाजिक समरसता और भाईचारे को भी मजबूत करते हैं। इस अवसर पर रामफूल मीना, जगमोहन जयन, खुशीराम मीना, काडूराम मीना, उमाशंकर मीना, जितेश मीना सहित सैकड़ों ग्रामीण, महिलाएं एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। श्रद्धालुओं ने क्षेत्र की सुख-समृद्धि, खुशहाली और शांति की कामना की, और ऊकरूंद का यह धार्मिक आयोजन क्षेत्र में आस्था, सेवा और सामाजिक एकता का प्रेरणास्रोत बन गया है।4
- सपोटरा मोड़ स्थित सीताराम मंदिर से सीताराम बाबा की बगीची स्थित शिव मंदिर तक मंगलवार को एक भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसने शिव परिवार प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का शुभारंभ किया। इस यात्रा में क्षेत्रभर की लगभग 1100 महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर भाग लिया। हर-हर महादेव, बम-बम भोले और गंगा मैया के जयकारों से पूरा कस्बा भक्तिमय माहौल में डूब गया। यात्रा शुरू होने से पहले सीताराम मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कलशों की विधिवत पूजा-अर्चना पंडित राजू मोहलया ने संपन्न कराई। क्षेत्रीय विधायक हंसराज मीणा ने ध्वज दिखाकर यात्रा का शुभारंभ किया, जबकि उनकी धर्मपत्नी मीरा मीणा ने प्रधान कलश धारण कर नेतृत्व किया। इस दौरान बड़ी संख्या में साधु-संत, श्रद्धालु और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाएं सिर पर कलश धारण कर भक्ति भाव से आगे बढ़ रही थीं, वहीं डीजे पर बज रहे शिव भजनों की धुन पर युवा और श्रद्धालु नाचते-गाते चल रहे थे। कलश यात्रा कस्बे के विभिन्न मार्गों से गुजरी, जहां जगह-जगह लोगों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया और पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही, जिससे वातावरण शिवमय बना रहा। यह प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव 1 मार्च 2026 की एक घटना के बाद आयोजित किया जा रहा है। उस दिन सीताराम बाबा की बगीची स्थित मंदिर में असामाजिक तत्वों द्वारा शिव परिवार की प्रतिमाओं को खंडित कर दिया गया था, जिससे कस्बे के लोगों में गहरा आक्रोश व्याप्त हो गया था और पुलिस में मामला भी दर्ज कराया गया था। घटना की सूचना मिलने पर विधायक हंसराज मीणा मौके पर पहुंचे थे और स्थानीय लोगों से चर्चा कर जानकारी ली थी, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इसमें शामिल आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। इस घटना के उपरांत, स्थानीय लोगों ने विधायक हंसराज मीणा के सहयोग से मंदिर में नई प्रतिमाओं की स्थापना एवं प्राण प्रतिष्ठा हेतु इस धार्मिक आयोजन को कराने का निर्णय लिया। श्रद्धालुओं का मानना है कि यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि क्षेत्र की आस्था, एकता और सामाजिक समरसता का भी प्रतीक है। आयोजकों के अनुसार, इस महोत्सव के तहत यज्ञ, हवन, पूजा-अर्चना, धार्मिक प्रवचन और अन्य आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। कार्यक्रम का समापन 28 जून को मंदिर परिसर में एक विशाल भंडारे के साथ होगा। इस आयोजन को लेकर कस्बे सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी विशेष उत्साह का माहौल है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, प्रसाद वितरण और बैठने की विशेष व्यवस्थाएं भी की गई हैं। इस कार्यक्रम में नगरपालिका चेयरमैन प्रतिनिधि भरतलाल मीणा, रामधन डाबिर, सीताराम भूतिया, भाजपा शहर मंडल अध्यक्ष शिवकुमार बजाज, दिनेशचंद गुप्ता, अशोक सिंघल, भाजपा नेता प्रताप पाकड़, चतुर्भुज पाकड़ सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।1
- भरतपुर जिले के भुसावर थाना क्षेत्र के सुहारी गांव में मंगलवार, 23 जून को एक युवक का शव खेत में नीम के पेड़ पर लटका हुआ मिला। मृतक की पहचान 22 वर्षीय नरेश पुत्र बच्चू जाटव, निवासी सुहारी के रूप में हुई। परिजनों ने इस घटना को हत्या बताते हुए पुलिस पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया और शव को सीधे थाने के सामने लाकर अपना विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। पुलिस ने परिजनों की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर मेडिकल बोर्ड से पंचनामा की कार्रवाई पूरी की थी, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया था। हालांकि, परिजनों ने शव को घर ले जाने के बजाय सीधे थाने ला दिया और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करने लगे। इस दौरान, ग्रामीणों और परिजनों ने थाने के सामने शव रखकर हंगामा किया और उन्होंने रास्ते को जाम करने का भी प्रयास किया, जिसे पुलिस की तत्परता से रोक दिया गया। मृतक की पत्नी ने पुलिस से पूर्व में दर्ज एक मामले में आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।1
- gurjar.......#Gurjar. v. Gurjar1
- ग्राम खण्डीप में पांचना बांध से कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर चल रही किसान महापंचायत और धरना-प्रदर्शन 19वें दिन भी पूरे जोश और उत्साह के साथ जारी रहा। इस 'किसानों के महाकुंभ' में हजारों की संख्या में पंच-पटेल, किसान, महिलाएं, पुरुष एवं युवा उपस्थित रहे, जिससे जल अधिकार आंदोलन को नई ऊर्जा और मजबूती मिली। आज इस किसान महापंचायत के समर्थन में तहसील नादौती और टोडाभीम क्षेत्र के शेखपुरा, अखाड़ा, किरवाड़ा, सहजनपुर, भोपर, भादरपुर, सोप, कैमा, ल्हावद, तूमापुरा, मिलकसराय और महानन्दपुर ड्योढा सहित अनेक गांवों के पंच-पटेल, किसान, महिला-पुरुष एवं युवा भारी संख्या में धरना स्थल पर पहुंचे। पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति और विधायक रामकेश मीना ने पुष्पवर्षा कर सभी का स्वागत किया और आंदोलन को समर्थन देने के लिए आभार व्यक्त किया। इस दौरान टोंक-सवाई माधोपुर सांसद हरिश्चन्द्र मीना, टोडाभीम विधायक घनश्याम महर, पूर्व विधायक लाखन सिंह मीना और पूर्व मंत्री गोलमा देवी भी आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे। सभी जनप्रतिनिधियों ने किसानों को संबोधित करते हुए उनके संघर्ष को न्यायोचित बताया और आंदोलन को अपना समर्थन देकर किसानों का उत्साहवर्धन किया। पूर्व विधायक लाखन सिंह मीना ने स्पष्ट किया कि जब तक कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पांचना बांध का पानी नहीं छोड़ा जाता, तब तक किसानों के हितों और अधिकारों की रक्षा के लिए हर प्रकार का संघर्ष जारी रहेगा। पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति और विधायक रामकेश मीना ने 24 जून 2026 को समाज के सभी जनप्रतिनिधियों और नेताओं से, चाहे वे किसी भी राजनीतिक दल से जुड़े हों, खण्डीप धरना स्थल पर पहुंचकर किसानों के संघर्ष में भागीदारी निभाने का आह्वान किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि किसानों के अधिकार और न्याय की लड़ाई का मंच है। समिति ने बताया कि 24 जून 2026 को किसान महापंचायत के समर्थन में झारेड़ा, सिंघनिया, श्यामपुर, मूंडरी, लालारामपुरा, गढ़ी पनमेड़ा, फाजीलाबाद, कंवरपुरा और मौसलपुर सहित अनेक गांवों के पंच-पटेल, किसान, युवा, महिलाएं एवं पुरुष सैकड़ों वाहनों के काफिले के साथ खण्डीप पहुंचेंगे। टोडाभीम विधायक घनश्याम महर ने अपने संबोधन में कहा कि संघर्ष समिति के देवीसिंह जी ने सभी समाजों के जनप्रतिनिधियों से 24 जून 2026 को धरना स्थल पर आने का जो आह्वान किया है, यदि वे नहीं आते हैं तो संघर्ष समिति और समाज उन पर कठोर निर्णय लेगा। उन्होंने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार में 'भोलू हलवाई' बैठा है जो जनता की सुध नहीं लेना चाहता और सिर्फ कचौड़ी-समौसे के स्वाद का प्रचार कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों की समस्याओं और कमाण्ड क्षेत्र के अधिकारों की अनदेखी कर रही है। विधायक रामकेश मीना ने कहा कि पूरे राजस्थान के लोग कह रहे हैं कि 70 वर्षों में ऐसा आंदोलन नहीं देखा जिसकी चर्चा दिल्ली तक है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह दो वर्गों को आपस में लड़ाकर राजनीतिक उल्लू सीधा करना चाह रही है, जो नहीं चलेगा। मीना ने सरकार को सब्र की परीक्षा न लेने की चेतावनी देते हुए बताया कि 27 जून तक का अल्टीमेटम दिया गया है और सरकार को नहरों में पानी खोलने का आदेश जारी करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को न हाईकोर्ट के आदेश की चिंता है और न ही जनता की। मीना ने गृहमंत्री के करौली और देवलेन में किसानों से मिलने पर सवाल उठाते हुए कहा कि खण्डीप में बैठे लोग क्या किसान नहीं हैं कि उन्होंने यहां आना उचित नहीं समझा? उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक भी जनहानि होती है तो ये किसान राजस्थान की सरकार को उखाड़ कर फेंक देंगे। सांसद हरिश्चन्द्र मीना ने कहा कि यह मांग किसी वर्ग से नहीं बल्कि सरकार से है और यह माननीय कोर्ट का निर्णय है जिसकी पालना सरकार को करनी चाहिए। उन्होंने विश्वास दिलाया कि इस आंदोलन से अवश्य सफलता मिलेगी और वह किसानों के हर फैसले के साथ हैं, यहां तक कि पांचना पर भी चलने को तैयार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व मंत्री गोलमा देवी जी पांच दिनों से मौजूद हैं लेकिन यह पर्याप्त नहीं है और डॉ. किरोड़ीलाल जी को भी धरना स्थल पर आकर इस अधिकारों की लड़ाई में सहयोग करना चाहिए। सांसद ने सभी नेताओं से इस मंच पर आकर सरकार पर पानी खुलवाने के लिए दबाव बनाने की अपील की।1