सपोटरा मोड़ स्थित सीताराम मंदिर से सीताराम बाबा की बगीची स्थित शिव मंदिर तक मंगलवार को एक भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसने शिव परिवार प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का शुभारंभ किया। इस यात्रा में क्षेत्रभर की लगभग 1100 महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर भाग लिया। हर-हर महादेव, बम-बम भोले और गंगा मैया के जयकारों से पूरा कस्बा भक्तिमय माहौल में डूब गया। यात्रा शुरू होने से पहले सीताराम मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कलशों की विधिवत पूजा-अर्चना पंडित राजू मोहलया ने संपन्न कराई। क्षेत्रीय विधायक हंसराज मीणा ने ध्वज दिखाकर यात्रा का शुभारंभ किया, जबकि उनकी धर्मपत्नी मीरा मीणा ने प्रधान कलश धारण कर नेतृत्व किया। इस दौरान बड़ी संख्या में साधु-संत, श्रद्धालु और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाएं सिर पर कलश धारण कर भक्ति भाव से आगे बढ़ रही थीं, वहीं डीजे पर बज रहे शिव भजनों की धुन पर युवा और श्रद्धालु नाचते-गाते चल रहे थे। कलश यात्रा कस्बे के विभिन्न मार्गों से गुजरी, जहां जगह-जगह लोगों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया और पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही, जिससे वातावरण शिवमय बना रहा। यह प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव 1 मार्च 2026 की एक घटना के बाद आयोजित किया जा रहा है। उस दिन सीताराम बाबा की बगीची स्थित मंदिर में असामाजिक तत्वों द्वारा शिव परिवार की प्रतिमाओं को खंडित कर दिया गया था, जिससे कस्बे के लोगों में गहरा आक्रोश व्याप्त हो गया था और पुलिस में मामला भी दर्ज कराया गया था। घटना की सूचना मिलने पर विधायक हंसराज मीणा मौके पर पहुंचे थे और स्थानीय लोगों से चर्चा कर जानकारी ली थी, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इसमें शामिल आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। इस घटना के उपरांत, स्थानीय लोगों ने विधायक हंसराज मीणा के सहयोग से मंदिर में नई प्रतिमाओं की स्थापना एवं प्राण प्रतिष्ठा हेतु इस धार्मिक आयोजन को कराने का निर्णय लिया। श्रद्धालुओं का मानना है कि यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि क्षेत्र की आस्था, एकता और सामाजिक समरसता का भी प्रतीक है। आयोजकों के अनुसार, इस महोत्सव के तहत यज्ञ, हवन, पूजा-अर्चना, धार्मिक प्रवचन और अन्य आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। कार्यक्रम का समापन 28 जून को मंदिर परिसर में एक विशाल भंडारे के साथ होगा। इस आयोजन को लेकर कस्बे सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी विशेष उत्साह का माहौल है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, प्रसाद वितरण और बैठने की विशेष व्यवस्थाएं भी की गई हैं। इस कार्यक्रम में नगरपालिका चेयरमैन प्रतिनिधि भरतलाल मीणा, रामधन डाबिर, सीताराम भूतिया, भाजपा शहर मंडल अध्यक्ष शिवकुमार बजाज, दिनेशचंद गुप्ता, अशोक सिंघल, भाजपा नेता प्रताप पाकड़, चतुर्भुज पाकड़ सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
सपोटरा मोड़ स्थित सीताराम मंदिर से सीताराम बाबा की बगीची स्थित शिव मंदिर तक मंगलवार को एक भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसने शिव परिवार प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का शुभारंभ किया। इस यात्रा में क्षेत्रभर की लगभग 1100 महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर भाग लिया। हर-हर महादेव, बम-बम भोले और गंगा मैया के जयकारों से पूरा कस्बा भक्तिमय माहौल में डूब गया। यात्रा शुरू होने से पहले सीताराम मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कलशों की विधिवत पूजा-अर्चना पंडित राजू मोहलया ने संपन्न कराई। क्षेत्रीय विधायक हंसराज मीणा ने ध्वज दिखाकर यात्रा का शुभारंभ किया, जबकि उनकी धर्मपत्नी मीरा मीणा ने प्रधान कलश धारण कर नेतृत्व किया। इस दौरान बड़ी संख्या में साधु-संत, श्रद्धालु और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाएं सिर पर कलश धारण कर भक्ति भाव से आगे बढ़ रही थीं, वहीं डीजे पर बज रहे शिव भजनों की धुन पर युवा और श्रद्धालु नाचते-गाते चल रहे थे। कलश यात्रा कस्बे के विभिन्न मार्गों से गुजरी, जहां जगह-जगह लोगों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया और पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही, जिससे वातावरण शिवमय बना रहा। यह प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव 1 मार्च 2026 की एक घटना के बाद आयोजित किया जा रहा है। उस दिन सीताराम बाबा की बगीची स्थित मंदिर में असामाजिक तत्वों द्वारा शिव परिवार की प्रतिमाओं को खंडित कर दिया गया था, जिससे कस्बे के लोगों में गहरा आक्रोश व्याप्त हो गया था और पुलिस में मामला भी दर्ज कराया गया था। घटना की सूचना मिलने पर विधायक हंसराज मीणा मौके पर पहुंचे थे और स्थानीय लोगों से चर्चा कर जानकारी ली थी, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इसमें शामिल आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। इस घटना के उपरांत, स्थानीय लोगों ने विधायक हंसराज मीणा के सहयोग से मंदिर में नई प्रतिमाओं की स्थापना एवं प्राण प्रतिष्ठा हेतु इस धार्मिक आयोजन को कराने का निर्णय लिया। श्रद्धालुओं का मानना है कि यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि क्षेत्र की आस्था, एकता और सामाजिक समरसता का भी प्रतीक है। आयोजकों के अनुसार, इस महोत्सव के तहत यज्ञ, हवन, पूजा-अर्चना, धार्मिक प्रवचन और अन्य आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। कार्यक्रम का समापन 28 जून को मंदिर परिसर में एक विशाल भंडारे के साथ होगा। इस आयोजन को लेकर कस्बे सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी विशेष उत्साह का माहौल है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, प्रसाद वितरण और बैठने की विशेष व्यवस्थाएं भी की गई हैं। इस कार्यक्रम में नगरपालिका चेयरमैन प्रतिनिधि भरतलाल मीणा, रामधन डाबिर, सीताराम भूतिया, भाजपा शहर मंडल अध्यक्ष शिवकुमार बजाज, दिनेशचंद गुप्ता, अशोक सिंघल, भाजपा नेता प्रताप पाकड़, चतुर्भुज पाकड़ सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
- सपोटरा मोड़ स्थित सीताराम मंदिर से सीताराम बाबा की बगीची स्थित शिव मंदिर तक मंगलवार को एक भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसने शिव परिवार प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का शुभारंभ किया। इस यात्रा में क्षेत्रभर की लगभग 1100 महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर भाग लिया। हर-हर महादेव, बम-बम भोले और गंगा मैया के जयकारों से पूरा कस्बा भक्तिमय माहौल में डूब गया। यात्रा शुरू होने से पहले सीताराम मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कलशों की विधिवत पूजा-अर्चना पंडित राजू मोहलया ने संपन्न कराई। क्षेत्रीय विधायक हंसराज मीणा ने ध्वज दिखाकर यात्रा का शुभारंभ किया, जबकि उनकी धर्मपत्नी मीरा मीणा ने प्रधान कलश धारण कर नेतृत्व किया। इस दौरान बड़ी संख्या में साधु-संत, श्रद्धालु और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाएं सिर पर कलश धारण कर भक्ति भाव से आगे बढ़ रही थीं, वहीं डीजे पर बज रहे शिव भजनों की धुन पर युवा और श्रद्धालु नाचते-गाते चल रहे थे। कलश यात्रा कस्बे के विभिन्न मार्गों से गुजरी, जहां जगह-जगह लोगों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया और पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही, जिससे वातावरण शिवमय बना रहा। यह प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव 1 मार्च 2026 की एक घटना के बाद आयोजित किया जा रहा है। उस दिन सीताराम बाबा की बगीची स्थित मंदिर में असामाजिक तत्वों द्वारा शिव परिवार की प्रतिमाओं को खंडित कर दिया गया था, जिससे कस्बे के लोगों में गहरा आक्रोश व्याप्त हो गया था और पुलिस में मामला भी दर्ज कराया गया था। घटना की सूचना मिलने पर विधायक हंसराज मीणा मौके पर पहुंचे थे और स्थानीय लोगों से चर्चा कर जानकारी ली थी, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इसमें शामिल आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। इस घटना के उपरांत, स्थानीय लोगों ने विधायक हंसराज मीणा के सहयोग से मंदिर में नई प्रतिमाओं की स्थापना एवं प्राण प्रतिष्ठा हेतु इस धार्मिक आयोजन को कराने का निर्णय लिया। श्रद्धालुओं का मानना है कि यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि क्षेत्र की आस्था, एकता और सामाजिक समरसता का भी प्रतीक है। आयोजकों के अनुसार, इस महोत्सव के तहत यज्ञ, हवन, पूजा-अर्चना, धार्मिक प्रवचन और अन्य आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। कार्यक्रम का समापन 28 जून को मंदिर परिसर में एक विशाल भंडारे के साथ होगा। इस आयोजन को लेकर कस्बे सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी विशेष उत्साह का माहौल है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, प्रसाद वितरण और बैठने की विशेष व्यवस्थाएं भी की गई हैं। इस कार्यक्रम में नगरपालिका चेयरमैन प्रतिनिधि भरतलाल मीणा, रामधन डाबिर, सीताराम भूतिया, भाजपा शहर मंडल अध्यक्ष शिवकुमार बजाज, दिनेशचंद गुप्ता, अशोक सिंघल, भाजपा नेता प्रताप पाकड़, चतुर्भुज पाकड़ सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।1
- गंगापुर सिटी में पांचना बांध से जुड़े मुद्दे पर गुर्जर समाज द्वारा एक विशाल महापंचायत का आयोजन किया जाएगा। यह महापंचायत 25 जून, गुरुवार को हिंगोटिया स्थित भगवान देवनारायण मंदिर में आयोजित होगी।1
- पांचना बांध से पानी की निकासी और उसके वितरण को लेकर एक विवाद उत्पन्न हो गया है। इस गंभीर विवाद के समाधान के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई है।1
- मलारना डूंगर उपखंड की ग्राम पंचायत मकसूदनपुरा और श्यामोली में राज्य सरकार के जनकल्याण अभियान के तहत एक ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर की अध्यक्षता मकसूदनपुरा में तहसीलदार रामजीलाल मीणा ने और श्यामोली में विकास अधिकारी नरेंद्र मीणा ने की, जहाँ ग्रामीणों की विभिन्न समस्याओं का तुरंत समाधान किया गया। शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया, जिन्होंने ग्रामीणों को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी, उनकी शिकायतें सुनीं और अनेक मामलों का तुरंत निस्तारण किया। कृषि विभाग ने किसानों को कृषि मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए और उन्हें उन्नत खेती, फसल प्रबंधन तथा विभागीय योजनाओं के बारे में बताया। इसी तरह, राजस्व विभाग ने नामांतरण, सहमति बंटवारे और अन्य राजस्व संबंधी प्रकरणों का मौके पर ही समाधान किया। अन्य विभागों ने भी अपनी-अपनी योजनाओं की जानकारी दी और पात्र लाभार्थियों को उनसे जोड़ने का कार्य किया। शिविर के दौरान, अधिकारियों ने आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों को उनके त्वरित निस्तारण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, जिसमें जनहित से जुड़े मामलों के समाधान पर विशेष जोर दिया गया। एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की सेवाएं उपलब्ध होने से ग्रामीणों ने गहरा संतोष व्यक्त किया। इस अवसर पर स्थानीय मकसूदनपुरा पंचायत प्रशासक उर्मिला देवी, श्यामोली प्रशासक आकांक्षा वर्मा, सहायक विकास अधिकारी गौरी शंकर शर्मा, बिजली विभाग से कमलेश मीणा और शेर सिंह मीणा, पशुपालन विभाग से राजेश गुर्जर (जिन्होंने पशु जीवन बीमा वितरित किए), ऐबरा आयुर्वेदिक वैध लक्ष्मीकांत बंसल, मलारना स्टेशन वैध प्रदीप कुमार, वन विभाग नाका मलारना डूंगर से सुमेर सिंह गुर्जर, जलदाय विभाग से विनोद कुमार, पटवारी नीरज शर्मा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सहित अन्य विभागों के तहसील स्तर के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।1
- करौली जिले में खाद्य पदार्थों में मिलावट और नकली उत्पादों पर विभाग के अंकुश न होने का खामियाजा आम जनता भुगत रही है। इसी कड़ी में मंगलवार को पंचायत समिति मासलपुर के काछीपुरा गांव में भागवत कथा के समापन पर आयोजित भंडारे के लिए खरीदे गए रिफाइंड तेल को लेकर जमकर हंगामा हुआ। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हिंडौन सिटी के टीकाकुंड बयाना रोड स्थित एक थोक विक्रेता फर्म ने उन्हें 'सोना सिक्का' ब्रांड के नाम पर नकली रिफाइंड तेल के पीपे बेच दिए। आयोजन समिति से जुड़े दिनेश सैनी ने बताया कि भंडारे की प्रसादी के लिए 18 जून को हिंडौन के बयाना रोड स्थित थोक विक्रेता से 'सोना सिक्का' ब्रांड के 100 पीपे खरीदे गए थे। समिति ने चीनी, घी, चना दाल, पोहा और चावल सहित कुल ₹3,37,309 की खरीदारी की थी, जिसमें से लगभग ₹3 लाख के 100 पीपे रिफाइंड तेल के थे। ग्रामीणों ने पीपे के नकली होने का संदेह इसलिए जताया क्योंकि बाहरी कागज के गत्ते पर 'एस ओ एन ए' अंकित था, जबकि अंदर के पीपे पर 'एस ओ एन ए ए' दो बार लिखा था। इसके अतिरिक्त, कागज के रैपर पर 'सिंस 1984' अंकित था, जबकि पीपे पर '1894' लिखा हुआ था, जिससे नकली होने का शक गहराया। शिकायत मिलने पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। ग्रामीणों द्वारा नकली रिफाइंड के पीपे लेकर बयाना रोड स्थित टीकाकुंड हनुमान मंदिर के पास एक दुकान पर पहुंचने की सूचना पर कोतवाली थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। खाद्य विभाग, करौली के अधिकारी विजय सिंह ने बताया कि ग्रामीणों ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) को शिकायत दी थी। उनके निर्देश पर मौके पर पहुंचने पर एक पिकअप में रखे लगभग 90 पीपे रिफाइंड तेल में गड़बड़ी पाई गई। विभाग ने कार्रवाई करते हुए एक पीपे को नमूने के तौर पर जब्त कर लिया है और उसे गुणवत्ता जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा। प्रयोगशाला से रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, अभी तक यह पुष्टि नहीं हो पाई है कि जब्त किए गए रिफाइंड के पीपे उसी दुकान से खरीदे गए थे, जिस पर ग्रामीण पहुंचे थे।4
- सवाई माधोपुर । जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सवाई माधोपुर के तत्वावधान में कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम, 2013 (पोश एक्ट) की प्रभावी अनुपालना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। एडीआर सेंटर, जिला न्यायालय परिसर सवाई माधोपुर में हुए इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों में गठित आंतरिक परिवाद समितियों के अध्यक्षों एवं सदस्यों ने भाग लिया, जहाँ प्रोजेक्टर एवं पॉवर प्वाइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से पोश एक्ट 2013 के विभिन्न प्रावधानों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव समीक्षा गौतम ने इस दौरान बताया कि प्रत्येक संस्थान एवं विभाग में सुरक्षित, सम्मानजनक एवं लैंगिक समानता पर आधारित कार्य वातावरण उपलब्ध कराना नियोक्ता का दायित्व है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि आंतरिक परिवाद समिति की भूमिका केवल शिकायतों के निस्तारण तक सीमित नहीं है, बल्कि जागरूकता एवं रोकथाम संबंधी गतिविधियों का संचालन करना भी उसकी एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। प्रशिक्षण के दौरान असिस्टेंट एलएडीसी अक्षय राजावत ने उपस्थित प्रतिभागियों को कार्यस्थल पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न की परिभाषा, शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया, आंतरिक परिवाद समिति की संरचना, समिति के अधिकार एवं कर्तव्य, जांच प्रक्रिया, गोपनीयता बनाए रखने के प्रावधान तथा अधिनियम के उल्लंघन की स्थिति में लागू दंडात्मक प्रावधानों के संबंध में विस्तार से अवगत कराया। कार्यक्रम में प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए व्यावहारिक उदाहरणों एवं प्रकरणों के माध्यम से अधिनियम की व्यावहारिक उपयोगिता पर प्रकाश डाला गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंत में, सभी प्रतिभागियों से अपने-अपने विभागों में पोश एक्ट के प्रावधानों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा महिलाओं के लिए सुरक्षित एवं गरिमापूर्ण कार्यस्थल उपलब्ध कराने हेतु सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया। इस कार्यक्रम में विकास अधिकारी पंचायत समिति जगदीश प्रसाद मीना, इंस्पेक्टर रूकमणी गुर्जर, जेवीवीएनएल से कनिष्ठ विधि सहायक निधि शर्मा, सखी वनस्टॉप सेन्टर की प्रबन्धक हीना सिंह, नगर विकास न्याय तहसीलदार विष्णु माथुर, अति. खण्ड विकास अधिकारी जिला परिषद रामराज मीना, अधिकार मित्र सुनिता जोनवाल सहित विभिन्न विभागों में गठित आंतरिक परिवाद समिति के सदस्य शामिल रहे।1
- गंगापुर सिटी के खंडीप गांव में स्थित धरना स्थल पर किसान महिलाओं ने एक सभा को संबोधित किया। इस संबोधन के दौरान, उन्होंने उपस्थित किसानों को भरोसा दिलाया कि नहरों में पानी अवश्य आएगा।1
- एक संदेश में माता-पिता की घोर लापरवाही पर गंभीर सवाल उठाया गया है। इसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि इन अभिभावकों को शायद यह भी पता नहीं होगा कि उनका बच्चा कहाँ है, जो बच्चों के प्रति उनकी गंभीर अनदेखी और गैर-जिम्मेदाराना रवैये को उजागर करता है।1