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पांचना बांध से पानी की निकासी और उसके वितरण को लेकर एक विवाद उत्पन्न हो गया है। इस गंभीर विवाद के समाधान के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई है।
जनहित आवाज न्यूज़
पांचना बांध से पानी की निकासी और उसके वितरण को लेकर एक विवाद उत्पन्न हो गया है। इस गंभीर विवाद के समाधान के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई है।
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- सवाई माधोपुर जिले के खंडार क्षेत्र में स्थित एक पेट्रोल पंप पर पेट्रोल में बड़े पैमाने पर मिलावट का गंभीर मामला सामने आया है। उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया है कि पेट्रोल में लगभग 50% तक पानी मिला हुआ पाया गया है, जिसके परिणामस्वरूप कई वाहनों में खराबी आने और इंजन में तकनीकी समस्याएँ पैदा होने की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। ग्राहकों ने पेट्रोल भरवाने के बाद अपने वाहनों के बंद होने और इंजन में समस्याएँ आने पर स्वयं जाँच की, जिसके बाद उन्हें पेट्रोल में पानी की मिलावट होने की आशंका हुई। इस पूरे मामले की सूचना संबंधित विभाग को दे दी गई है।1
- सवाई माधोपुर । जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सवाई माधोपुर के तत्वावधान में कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम, 2013 (पोश एक्ट) की प्रभावी अनुपालना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। एडीआर सेंटर, जिला न्यायालय परिसर सवाई माधोपुर में हुए इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों में गठित आंतरिक परिवाद समितियों के अध्यक्षों एवं सदस्यों ने भाग लिया, जहाँ प्रोजेक्टर एवं पॉवर प्वाइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से पोश एक्ट 2013 के विभिन्न प्रावधानों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव समीक्षा गौतम ने इस दौरान बताया कि प्रत्येक संस्थान एवं विभाग में सुरक्षित, सम्मानजनक एवं लैंगिक समानता पर आधारित कार्य वातावरण उपलब्ध कराना नियोक्ता का दायित्व है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि आंतरिक परिवाद समिति की भूमिका केवल शिकायतों के निस्तारण तक सीमित नहीं है, बल्कि जागरूकता एवं रोकथाम संबंधी गतिविधियों का संचालन करना भी उसकी एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। प्रशिक्षण के दौरान असिस्टेंट एलएडीसी अक्षय राजावत ने उपस्थित प्रतिभागियों को कार्यस्थल पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न की परिभाषा, शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया, आंतरिक परिवाद समिति की संरचना, समिति के अधिकार एवं कर्तव्य, जांच प्रक्रिया, गोपनीयता बनाए रखने के प्रावधान तथा अधिनियम के उल्लंघन की स्थिति में लागू दंडात्मक प्रावधानों के संबंध में विस्तार से अवगत कराया। कार्यक्रम में प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए व्यावहारिक उदाहरणों एवं प्रकरणों के माध्यम से अधिनियम की व्यावहारिक उपयोगिता पर प्रकाश डाला गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंत में, सभी प्रतिभागियों से अपने-अपने विभागों में पोश एक्ट के प्रावधानों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा महिलाओं के लिए सुरक्षित एवं गरिमापूर्ण कार्यस्थल उपलब्ध कराने हेतु सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया। इस कार्यक्रम में विकास अधिकारी पंचायत समिति जगदीश प्रसाद मीना, इंस्पेक्टर रूकमणी गुर्जर, जेवीवीएनएल से कनिष्ठ विधि सहायक निधि शर्मा, सखी वनस्टॉप सेन्टर की प्रबन्धक हीना सिंह, नगर विकास न्याय तहसीलदार विष्णु माथुर, अति. खण्ड विकास अधिकारी जिला परिषद रामराज मीना, अधिकार मित्र सुनिता जोनवाल सहित विभिन्न विभागों में गठित आंतरिक परिवाद समिति के सदस्य शामिल रहे।1
- टोंक जिले के चिरोंज गांव के युवा शेखर केवट ने अपने संघर्ष और मेहनत के दम पर सफलता हासिल करते हुए गांव और समाज का नाम रोशन किया है। छह महीने की कठिन सैन्य ट्रेनिंग पूरी करने के बाद जब शेखर अपने गांव लौटे, तो ग्रामीणों, समाज के गणमान्य नागरिकों और परिजनों ने फूल-मालाओं से उनका भव्य स्वागत किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। शेखर केवट एक साधारण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आते हैं, जिनके परिवार का मकान आज भी घास-फूस और कच्चे संसाधनों से बना हुआ है। सीमित सुविधाओं के बावजूद, शेखर ने कभी हार नहीं मानी और अपने लक्ष्य की ओर लगातार मेहनत करते रहे, जिससे उनकी सफलता आज गांव के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। उनकी घर वापसी के दौरान पूरे गांव में उत्साह का माहौल था, ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों के साथ उनका स्वागत किया और कहा कि शेखर ने साबित कर दिया है कि कठिन परिस्थितियां सफलता के रास्ते में बाधा नहीं बन सकतीं। इस अवसर पर शेखर की माता भावुक नजर आईं। उन्होंने बताया कि परिवार ने लंबे समय तक आर्थिक कठिनाइयों का सामना किया और घास-फूस के मकान में रहते हुए भी बेटे को पढ़ाया-लिखाया। उन्होंने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि, "अब हमें उम्मीद है कि परिवार की हालत सुधरेगी। बेटा कामयाब हो गया है और उसके उज्ज्वल भविष्य से पूरे परिवार को नई उम्मीद मिली है।" ग्रामीणों ने भी इसे केवल उनके परिवार की नहीं, बल्कि पूरे गांव और समाज की सफलता बताया, जिससे अन्य युवाओं को भी देश सेवा और सरकारी सेवाओं में जाने की प्रेरणा मिलेगी। स्वागत समारोह के दौरान गांव के बुजुर्गों और युवाओं ने शेखर को सम्मानित किया। कई लोगों ने इस बात पर जोर दिया कि एक गरीब परिवार से निकलकर फौज में पहुंचना किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं है, जो दृढ़ निश्चय और कड़ी मेहनत से हर लक्ष्य प्राप्त करने का संदेश देता है। चिरोंज गांव में शेखर केवट की घर वापसी आज चर्चा का विषय बनी हुई है, जहां गांव के लोग उनकी सफलता पर गर्व महसूस कर रहे हैं और उन्हें आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा के रूप में देख रहे हैं। इस अवसर पर केवट समाज के प्रदेश सचिव ओमप्रकाश केवट, डॉक्टर गोरधन केवट मंडावर, सुशील केवट, मनराज केवट, रामकिशन रायपुर, बनू केवट, रिंकेश केवट और धर्मराज केवट सवाई माधोपुर सहित कई लोग शेखर के घर पहुंचकर शुभकामनाएं दीं।1
- जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सवाई माधोपुर द्वारा 23 जून 2026 को सवाई माधोपुर स्थित एडीआर सेंटर, जिला न्यायालय परिसर में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम, 2013 (पोश एक्ट) की प्रभावी अनुपालना सुनिश्चित करना था। इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों में गठित आंतरिक परिवाद समिति के अध्यक्षों और सदस्यों को प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण के दौरान प्रोजेक्टर और पॉवर प्वाइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से पोश एक्ट 2013 के विभिन्न प्रावधानों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव समीक्षा गौतम ने इस बात पर जोर दिया कि प्रत्येक संस्थान और विभाग में सुरक्षित, सम्मानजनक और लैंगिक समानता पर आधारित कार्य वातावरण उपलब्ध कराना नियोक्ता का दायित्व है। उन्होंने यह भी बताया कि आंतरिक परिवाद समिति की भूमिका केवल शिकायतों के निस्तारण तक सीमित नहीं है, बल्कि जागरूकता और रोकथाम संबंधी गतिविधियों का संचालन करना भी उसकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। असिस्टेंट एलएडीसी अक्षय राजावत ने प्रतिभागियों को कार्यस्थल पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न की परिभाषा, शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया, आंतरिक परिवाद समिति की संरचना, समिति के अधिकार एवं कर्तव्य, जांच प्रक्रिया, गोपनीयता बनाए रखने के प्रावधान तथा अधिनियम के उल्लंघन की स्थिति में लागू दंडात्मक प्रावधानों के संबंध में विस्तार से अवगत कराया। कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए व्यवहारिक उदाहरणों और प्रकरणों के माध्यम से अधिनियम की व्यावहारिक उपयोगिता पर प्रकाश डाला गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों से अपने-अपने विभागों में पोश एक्ट के प्रावधानों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा महिलाओं के लिए सुरक्षित एवं गरिमापूर्ण कार्यस्थल उपलब्ध कराने हेतु सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में विकास अधिकारी पंचायत समिति जगदीश प्रसाद मीना, इंस्पेक्टर रूकमणी गुर्जर, जेवीवीएनएल से कनिष्ठ विधि सहायक निधि शर्मा, सखी वनस्टॉप सेन्टर की प्रबन्धक हीना सिंह, नगर विकास न्याय तहसीलदार विष्णु माथुर, अति. खण्ड विकास अधिकारी जिला परिषद रामराज मीना, अधिकार मित्र सुनिता जोनवाल सहित विभिन्न विभागों में गठित आंतरिक परिवाद समिति के सदस्य शामिल रहे।1
- रवासा से हिंदूपुरा जाने वाली सड़क की हालत बेहद खराब हो चुकी है, जिसकी जिम्मेदारी न तो शासन उठा रहा है और न ही प्रशासन। इस स्थिति के कारण आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क की इतनी जर्जर स्थिति के बावजूद, इस पर ओवरलोड वाहन धड़ल्ले से चल रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों की दिक्कतें और बढ़ती जा रही हैं।1
- मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले में लोगों ने भोजपुर में हुई भरत तिवारी की कथित पुलिस एनकाउंटर में मौत के विरोध में कैंडल मार्च निकाला। इस कैंडल मार्च के ज़रिए लोगों ने भरत तिवारी को श्रद्धांजलि दी, क्योंकि उनकी पुलिस एनकाउंटर में हुई मौत को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं और इसे कथित फर्जी एनकाउंटर बताया जा रहा है।1
- सपोटरा मोड़ स्थित सीताराम मंदिर से सीताराम बाबा की बगीची स्थित शिव मंदिर तक मंगलवार को एक भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसने शिव परिवार प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का शुभारंभ किया। इस यात्रा में क्षेत्रभर की लगभग 1100 महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर भाग लिया। हर-हर महादेव, बम-बम भोले और गंगा मैया के जयकारों से पूरा कस्बा भक्तिमय माहौल में डूब गया। यात्रा शुरू होने से पहले सीताराम मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कलशों की विधिवत पूजा-अर्चना पंडित राजू मोहलया ने संपन्न कराई। क्षेत्रीय विधायक हंसराज मीणा ने ध्वज दिखाकर यात्रा का शुभारंभ किया, जबकि उनकी धर्मपत्नी मीरा मीणा ने प्रधान कलश धारण कर नेतृत्व किया। इस दौरान बड़ी संख्या में साधु-संत, श्रद्धालु और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाएं सिर पर कलश धारण कर भक्ति भाव से आगे बढ़ रही थीं, वहीं डीजे पर बज रहे शिव भजनों की धुन पर युवा और श्रद्धालु नाचते-गाते चल रहे थे। कलश यात्रा कस्बे के विभिन्न मार्गों से गुजरी, जहां जगह-जगह लोगों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया और पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही, जिससे वातावरण शिवमय बना रहा। यह प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव 1 मार्च 2026 की एक घटना के बाद आयोजित किया जा रहा है। उस दिन सीताराम बाबा की बगीची स्थित मंदिर में असामाजिक तत्वों द्वारा शिव परिवार की प्रतिमाओं को खंडित कर दिया गया था, जिससे कस्बे के लोगों में गहरा आक्रोश व्याप्त हो गया था और पुलिस में मामला भी दर्ज कराया गया था। घटना की सूचना मिलने पर विधायक हंसराज मीणा मौके पर पहुंचे थे और स्थानीय लोगों से चर्चा कर जानकारी ली थी, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इसमें शामिल आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। इस घटना के उपरांत, स्थानीय लोगों ने विधायक हंसराज मीणा के सहयोग से मंदिर में नई प्रतिमाओं की स्थापना एवं प्राण प्रतिष्ठा हेतु इस धार्मिक आयोजन को कराने का निर्णय लिया। श्रद्धालुओं का मानना है कि यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि क्षेत्र की आस्था, एकता और सामाजिक समरसता का भी प्रतीक है। आयोजकों के अनुसार, इस महोत्सव के तहत यज्ञ, हवन, पूजा-अर्चना, धार्मिक प्रवचन और अन्य आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। कार्यक्रम का समापन 28 जून को मंदिर परिसर में एक विशाल भंडारे के साथ होगा। इस आयोजन को लेकर कस्बे सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी विशेष उत्साह का माहौल है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, प्रसाद वितरण और बैठने की विशेष व्यवस्थाएं भी की गई हैं। इस कार्यक्रम में नगरपालिका चेयरमैन प्रतिनिधि भरतलाल मीणा, रामधन डाबिर, सीताराम भूतिया, भाजपा शहर मंडल अध्यक्ष शिवकुमार बजाज, दिनेशचंद गुप्ता, अशोक सिंघल, भाजपा नेता प्रताप पाकड़, चतुर्भुज पाकड़ सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।1
- पांचना बांध से पानी की निकासी और उसके वितरण को लेकर एक विवाद उत्पन्न हो गया है। इस गंभीर विवाद के समाधान के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई है।1