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मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले में लोगों ने भोजपुर में हुई भरत तिवारी की कथित पुलिस एनकाउंटर में मौत के विरोध में कैंडल मार्च निकाला। इस कैंडल मार्च के ज़रिए लोगों ने भरत तिवारी को श्रद्धांजलि दी, क्योंकि उनकी पुलिस एनकाउंटर में हुई मौत को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं और इसे कथित फर्जी एनकाउंटर बताया जा रहा है।
Meera gadriya
मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले में लोगों ने भोजपुर में हुई भरत तिवारी की कथित पुलिस एनकाउंटर में मौत के विरोध में कैंडल मार्च निकाला। इस कैंडल मार्च के ज़रिए लोगों ने भरत तिवारी को श्रद्धांजलि दी, क्योंकि उनकी पुलिस एनकाउंटर में हुई मौत को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं और इसे कथित फर्जी एनकाउंटर बताया जा रहा है।
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- पांचना बांध से पानी की निकासी और उसके वितरण को लेकर एक विवाद उत्पन्न हो गया है। इस गंभीर विवाद के समाधान के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई है।1
- सवाई माधोपुर के रणथंभौर में वन एवं वन्यजीव संरक्षण को लेकर एक दो दिवसीय CSR कॉन्क्लेव का आयोजन होटल सवाई विलास में किया गया। इस कार्यक्रम में प्रदेशभर के उद्योगपति और वनाधिकारी जुटे, जिसका मुख्य उद्देश्य कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के माध्यम से वन एवं वन्यजीव संरक्षण और स्थानीय समुदायों के विकास को बढ़ावा देना था। कॉन्क्लेव के मुख्य अतिथि वन मंत्री संजय शर्मा रहे, जबकि वन विभाग के एसीएस आनंद कुमार ने इसकी अध्यक्षता की। अरिजीत बनर्जी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद थे। वन मंत्री संजय शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश में वन और वन्यजीव संरक्षण की दिशा में बेहतर कार्य हो रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने देश में पहली बार ऐसी व्यवस्था शुरू की है, जहाँ लोग बिना नर्सरी जाए ऑनलाइन पौधे मंगवा सकते हैं। साथ ही, राजस्थान में पहली बार संभाग स्तर पर वन मेले लगाए गए हैं, जो भविष्य में जिला स्तर पर आयोजित किए जाएंगे। मंत्री ने उद्योगपतियों से अपील करते हुए उनके पिछले सहयोग की सराहना की, जिसमें वन विभाग को फंड, वाहन और संसाधन उपलब्ध कराना तथा जंगल में वन चौकियाँ स्थापित करना शामिल था। उन्होंने विशेष रूप से जंगलों से विस्थापित होने वाले गाँवों की मदद का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि 2022 में वन विभाग ने विस्थापित परिवारों के पैकेज में बढ़ोतरी की थी, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। विस्थापित परिवारों को जो उबड़-खाबड़ ज़मीनें आवंटित की जाती हैं, वे वहाँ जाने से हिचकते हैं। वन मंत्री ने उद्योगपतियों से सीएसआर फंड का उपयोग कर इन उबड़-खाबड़ जमीनों पर विस्थापित गाँवों को गोद लेकर अच्छी सुविधाओं वाली कॉलोनियाँ विकसित करने में सहयोग करने का आह्वान किया। रणथंभौर में बाघों की संख्या पर बात करते हुए वन मंत्री ने कहा कि वर्तमान में रणथंभौर में क्षमता से अधिक बाघ हैं, लेकिन अभी उनके विस्थापन की आवश्यकता कम है। उन्होंने संकेत दिया कि भविष्य में बाघों को रामगढ़ विषधारी और मुकुंदरा जैसे स्थानों पर विस्थापित किया जा सकता है, लेकिन तात्कालिक आवश्यकता नहीं है।1
- रवासा से हिंदूपुरा जाने वाली सड़क की हालत बेहद खराब हो चुकी है, जिसकी जिम्मेदारी न तो शासन उठा रहा है और न ही प्रशासन। इस स्थिति के कारण आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क की इतनी जर्जर स्थिति के बावजूद, इस पर ओवरलोड वाहन धड़ल्ले से चल रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों की दिक्कतें और बढ़ती जा रही हैं।1
- सपोटरा मोड़ स्थित सीताराम मंदिर से सीताराम बाबा की बगीची स्थित शिव मंदिर तक मंगलवार को एक भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसने शिव परिवार प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का शुभारंभ किया। इस यात्रा में क्षेत्रभर की लगभग 1100 महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर भाग लिया। हर-हर महादेव, बम-बम भोले और गंगा मैया के जयकारों से पूरा कस्बा भक्तिमय माहौल में डूब गया। यात्रा शुरू होने से पहले सीताराम मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कलशों की विधिवत पूजा-अर्चना पंडित राजू मोहलया ने संपन्न कराई। क्षेत्रीय विधायक हंसराज मीणा ने ध्वज दिखाकर यात्रा का शुभारंभ किया, जबकि उनकी धर्मपत्नी मीरा मीणा ने प्रधान कलश धारण कर नेतृत्व किया। इस दौरान बड़ी संख्या में साधु-संत, श्रद्धालु और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाएं सिर पर कलश धारण कर भक्ति भाव से आगे बढ़ रही थीं, वहीं डीजे पर बज रहे शिव भजनों की धुन पर युवा और श्रद्धालु नाचते-गाते चल रहे थे। कलश यात्रा कस्बे के विभिन्न मार्गों से गुजरी, जहां जगह-जगह लोगों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया और पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही, जिससे वातावरण शिवमय बना रहा। यह प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव 1 मार्च 2026 की एक घटना के बाद आयोजित किया जा रहा है। उस दिन सीताराम बाबा की बगीची स्थित मंदिर में असामाजिक तत्वों द्वारा शिव परिवार की प्रतिमाओं को खंडित कर दिया गया था, जिससे कस्बे के लोगों में गहरा आक्रोश व्याप्त हो गया था और पुलिस में मामला भी दर्ज कराया गया था। घटना की सूचना मिलने पर विधायक हंसराज मीणा मौके पर पहुंचे थे और स्थानीय लोगों से चर्चा कर जानकारी ली थी, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इसमें शामिल आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। इस घटना के उपरांत, स्थानीय लोगों ने विधायक हंसराज मीणा के सहयोग से मंदिर में नई प्रतिमाओं की स्थापना एवं प्राण प्रतिष्ठा हेतु इस धार्मिक आयोजन को कराने का निर्णय लिया। श्रद्धालुओं का मानना है कि यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि क्षेत्र की आस्था, एकता और सामाजिक समरसता का भी प्रतीक है। आयोजकों के अनुसार, इस महोत्सव के तहत यज्ञ, हवन, पूजा-अर्चना, धार्मिक प्रवचन और अन्य आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। कार्यक्रम का समापन 28 जून को मंदिर परिसर में एक विशाल भंडारे के साथ होगा। इस आयोजन को लेकर कस्बे सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी विशेष उत्साह का माहौल है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, प्रसाद वितरण और बैठने की विशेष व्यवस्थाएं भी की गई हैं। इस कार्यक्रम में नगरपालिका चेयरमैन प्रतिनिधि भरतलाल मीणा, रामधन डाबिर, सीताराम भूतिया, भाजपा शहर मंडल अध्यक्ष शिवकुमार बजाज, दिनेशचंद गुप्ता, अशोक सिंघल, भाजपा नेता प्रताप पाकड़, चतुर्भुज पाकड़ सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।1
- रूपनगर किल गावड़ी से आए एक व्यक्ति की मोटरसाइकिल श्योपुर में पंचर हो गई, जिसके बाद उन्हें मदद की ज़रूरत पड़ी। ऐसे में श्योपुर, मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध बल्लू टी स्टॉल ने आगे आकर उस बाइक सवार की सहायता की और अपनी सेवा भावना का प्रदर्शन किया।1
- जानकारी के अनुसार, किशनगंज उपखंड क्षेत्र की छीनोद ग्राम पंचायत के सोडान डांडा गांव में हर साल बारिश के मौसम में गोल्या नदी का रपट डूब जाने से लगभग 400 परिवारों का मुख्यालय से संपर्क टूट जाता है। इस वजह से ग्रामीणों को अस्पताल, बाजार और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुँचने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं, बीमार मरीजों और स्कूली बच्चों के लिए यह स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जिससे उनका जनजीवन बुरी तरह प्रभावित होता है। ग्रामीण लंबे समय से नदी पर एक ऊँची पुलिया के निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक इस समस्या का कोई समाधान नहीं हो पाया है, जिसके चलते बरसात के दिनों में यह गांव एक टापू में बदल जाता है।1
- राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने अपने दो दिवसीय कुनो नेशनल उद्यान प्रवास कार्यक्रम के पहले दिन चीता कमांड एवं कंट्रोल सेंटर का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने चीता प्रदर्शनी भी देखी। इस अवसर पर सीसीएफ उत्तम कुमार, कलेक्टर शीला दाहिमा और डीएफओ आर थिरूकुराल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। चीता कमांड एवं कंट्रोल सेंटर परिसर में आयोजित चीता प्रदर्शनी के दौरान राष्ट्रपति को चीता प्रोजेक्ट की अब तक की प्रगति से अवगत कराया गया। जानकारी दी गई कि वर्तमान में भारत में चीतों की कुल संख्या 52 है, जिनमें से 49 चीते कुनो नेशनल पार्क में ही मौजूद हैं, जबकि तीन चीतों को गांधी सागर अभ्यारण, मंदसौर भेजा गया है। राष्ट्रपति द्वारा चीतों के लिए की गई सुविधाओं के बारे में जानकारी मांगने पर बताया गया कि जंगल में हर 2 किलोमीटर पर वाटर पिट बनाए गए हैं।1
- मध्य प्रदेश के श्योपुर स्थित बल्लू टी स्टॉल पर सोई की तरफ से आते हुए लोनार धाम सरकार गुरुजी से मुलाकात हुई, जिससे उपस्थित भक्तों को अत्यंत प्रसन्नता हुई। गुरुजी के सानिध्य में कुछ समय बिताने का अवसर मिलने पर मन को शांति, प्रेरणा और सकारात्मक ऊर्जा की अनुभूति हुई, यह मानते हुए कि गुरुजनों का आशीर्वाद जीवन में सही दिशा और नई प्रेरणा प्रदान करता है।1
- मंगलवार सुबह 11 बजे एबीडीओ नवलकिशोर मीणा ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत सुवांस ग्राम पंचायत का निरीक्षण किया, जहाँ उन्होंने सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान मीणा ने पंचायत क्षेत्र में नालियों की सफाई की खराब स्थिति, सड़कों के किनारे पड़ी गंदगी और कचरे के ढेरों पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने तत्काल ग्राम विकास अधिकारी और संबंधित कर्मचारियों को नालियों की नियमित सफाई कराने, कचरा निर्धारित स्थान पर डलवाने तथा रास्तों के किनारे से गंदगी हटवाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, एबीडीओ ने पीएम जनमन और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत आवासों की प्रगति की भी जानकारी ली और अपूर्ण आवासों को शीघ्र पूरा कराने के निर्देश जारी किए।1