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राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने अपने दो दिवसीय कुनो नेशनल उद्यान प्रवास कार्यक्रम के पहले दिन चीता कमांड एवं कंट्रोल सेंटर का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने चीता प्रदर्शनी भी देखी। इस अवसर पर सीसीएफ उत्तम कुमार, कलेक्टर शीला दाहिमा और डीएफओ आर थिरूकुराल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। चीता कमांड एवं कंट्रोल सेंटर परिसर में आयोजित चीता प्रदर्शनी के दौरान राष्ट्रपति को चीता प्रोजेक्ट की अब तक की प्रगति से अवगत कराया गया। जानकारी दी गई कि वर्तमान में भारत में चीतों की कुल संख्या 52 है, जिनमें से 49 चीते कुनो नेशनल पार्क में ही मौजूद हैं, जबकि तीन चीतों को गांधी सागर अभ्यारण, मंदसौर भेजा गया है। राष्ट्रपति द्वारा चीतों के लिए की गई सुविधाओं के बारे में जानकारी मांगने पर बताया गया कि जंगल में हर 2 किलोमीटर पर वाटर पिट बनाए गए हैं।

7 hrs ago
user_Meera gadriya
Meera gadriya
श्योपुर, श्योपुर, मध्य प्रदेश•
7 hrs ago

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने अपने दो दिवसीय कुनो नेशनल उद्यान प्रवास कार्यक्रम के पहले दिन चीता कमांड एवं कंट्रोल सेंटर का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने चीता प्रदर्शनी भी देखी। इस अवसर पर सीसीएफ उत्तम कुमार, कलेक्टर शीला दाहिमा और डीएफओ आर थिरूकुराल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। चीता कमांड एवं कंट्रोल सेंटर परिसर में आयोजित चीता प्रदर्शनी के दौरान राष्ट्रपति को चीता प्रोजेक्ट की अब तक की प्रगति से अवगत कराया गया। जानकारी दी गई कि वर्तमान में भारत में चीतों की कुल संख्या 52 है, जिनमें से 49 चीते कुनो नेशनल पार्क में ही मौजूद हैं, जबकि तीन चीतों को गांधी सागर अभ्यारण, मंदसौर भेजा गया है। राष्ट्रपति द्वारा चीतों के लिए की गई सुविधाओं के बारे में जानकारी मांगने पर बताया गया कि जंगल में हर 2 किलोमीटर पर वाटर पिट बनाए गए हैं।

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  • मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले में लोगों ने भोजपुर में हुई भरत तिवारी की कथित पुलिस एनकाउंटर में मौत के विरोध में कैंडल मार्च निकाला। इस कैंडल मार्च के ज़रिए लोगों ने भरत तिवारी को श्रद्धांजलि दी, क्योंकि उनकी पुलिस एनकाउंटर में हुई मौत को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं और इसे कथित फर्जी एनकाउंटर बताया जा रहा है।
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    मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले में लोगों ने भोजपुर में हुई भरत तिवारी की कथित पुलिस एनकाउंटर में मौत के विरोध में कैंडल मार्च निकाला। इस कैंडल मार्च के ज़रिए लोगों ने भरत तिवारी को श्रद्धांजलि दी, क्योंकि उनकी पुलिस एनकाउंटर में हुई मौत को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं और इसे कथित फर्जी एनकाउंटर बताया जा रहा है।
    user_Meera gadriya
    Meera gadriya
    श्योपुर, श्योपुर, मध्य प्रदेश•
    57 min ago
  • श्योपुर जिले में भारी ओलावृष्टि दर्ज की गई है। इस घटना से संबंधित पूरा वीडियो देखने का आग्रह किया गया है।
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    श्योपुर जिले में भारी ओलावृष्टि दर्ज की गई है। इस घटना से संबंधित पूरा वीडियो देखने का आग्रह किया गया है।
    user_Aryan Meena
    Aryan Meena
    News Anchor श्योपुर, श्योपुर, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
  • आप नेता दिलीप राणावत ने पिपल्दा क्षेत्र के किसानपुत्रों के साथ एक बैठक के बाद किसान आंदोलन की घोषणा की है। यह आंदोलन 25 जून को सुबह 11 बजे अम्बेडकर सर्किल इटावा में आयोजित किया जाएगा।
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    आप नेता दिलीप राणावत ने पिपल्दा क्षेत्र के किसानपुत्रों के साथ एक बैठक के बाद किसान आंदोलन की घोषणा की है। यह आंदोलन 25 जून को सुबह 11 बजे अम्बेडकर सर्किल इटावा में आयोजित किया जाएगा।
    user_Dilip Ranawat Aap
    Dilip Ranawat Aap
    Local Politician पीपल्दा, कोटा, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • पांचना बांध से पानी की निकासी और उसके वितरण को लेकर एक विवाद उत्पन्न हो गया है। इस गंभीर विवाद के समाधान के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई है।
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    पांचना बांध से पानी की निकासी और उसके वितरण को लेकर एक विवाद उत्पन्न हो गया है। इस गंभीर विवाद के समाधान के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई है।
    user_जनहित आवाज न्यूज़
    जनहित आवाज न्यूज़
    Newsagent Khandar, Sawai Madhopur•
    24 min ago
  • सवाई माधोपुर । जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सवाई माधोपुर के तत्वावधान में कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम, 2013 (पोश एक्ट) की प्रभावी अनुपालना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। एडीआर सेंटर, जिला न्यायालय परिसर सवाई माधोपुर में हुए इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों में गठित आंतरिक परिवाद समितियों के अध्यक्षों एवं सदस्यों ने भाग लिया, जहाँ प्रोजेक्टर एवं पॉवर प्वाइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से पोश एक्ट 2013 के विभिन्न प्रावधानों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव समीक्षा गौतम ने इस दौरान बताया कि प्रत्येक संस्थान एवं विभाग में सुरक्षित, सम्मानजनक एवं लैंगिक समानता पर आधारित कार्य वातावरण उपलब्ध कराना नियोक्ता का दायित्व है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि आंतरिक परिवाद समिति की भूमिका केवल शिकायतों के निस्तारण तक सीमित नहीं है, बल्कि जागरूकता एवं रोकथाम संबंधी गतिविधियों का संचालन करना भी उसकी एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। प्रशिक्षण के दौरान असिस्टेंट एलएडीसी अक्षय राजावत ने उपस्थित प्रतिभागियों को कार्यस्थल पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न की परिभाषा, शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया, आंतरिक परिवाद समिति की संरचना, समिति के अधिकार एवं कर्तव्य, जांच प्रक्रिया, गोपनीयता बनाए रखने के प्रावधान तथा अधिनियम के उल्लंघन की स्थिति में लागू दंडात्मक प्रावधानों के संबंध में विस्तार से अवगत कराया। कार्यक्रम में प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए व्यावहारिक उदाहरणों एवं प्रकरणों के माध्यम से अधिनियम की व्यावहारिक उपयोगिता पर प्रकाश डाला गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंत में, सभी प्रतिभागियों से अपने-अपने विभागों में पोश एक्ट के प्रावधानों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा महिलाओं के लिए सुरक्षित एवं गरिमापूर्ण कार्यस्थल उपलब्ध कराने हेतु सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया। इस कार्यक्रम में विकास अधिकारी पंचायत समिति जगदीश प्रसाद मीना, इंस्पेक्टर रूकमणी गुर्जर, जेवीवीएनएल से कनिष्ठ विधि सहायक निधि शर्मा, सखी वनस्टॉप सेन्टर की प्रबन्धक हीना सिंह, नगर विकास न्याय तहसीलदार विष्णु माथुर, अति. खण्ड विकास अधिकारी जिला परिषद रामराज मीना, अधिकार मित्र सुनिता जोनवाल सहित विभिन्न विभागों में गठित आंतरिक परिवाद समिति के सदस्य शामिल रहे।
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    सवाई माधोपुर । जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सवाई माधोपुर के तत्वावधान में कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम, 2013 (पोश एक्ट) की प्रभावी अनुपालना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। एडीआर सेंटर, जिला न्यायालय परिसर सवाई माधोपुर में हुए इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों में गठित आंतरिक परिवाद समितियों के अध्यक्षों एवं सदस्यों ने भाग लिया, जहाँ प्रोजेक्टर एवं पॉवर प्वाइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से पोश एक्ट 2013 के विभिन्न प्रावधानों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव समीक्षा गौतम ने इस दौरान बताया कि प्रत्येक संस्थान एवं विभाग में सुरक्षित, सम्मानजनक एवं लैंगिक समानता पर आधारित कार्य वातावरण उपलब्ध कराना नियोक्ता का दायित्व है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि आंतरिक परिवाद समिति की भूमिका केवल शिकायतों के निस्तारण तक सीमित नहीं है, बल्कि जागरूकता एवं रोकथाम संबंधी गतिविधियों का संचालन करना भी उसकी एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। प्रशिक्षण के दौरान असिस्टेंट एलएडीसी अक्षय राजावत ने उपस्थित प्रतिभागियों को कार्यस्थल पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न की परिभाषा, शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया, आंतरिक परिवाद समिति की संरचना, समिति के अधिकार एवं कर्तव्य, जांच प्रक्रिया, गोपनीयता बनाए रखने के प्रावधान तथा अधिनियम के उल्लंघन की स्थिति में लागू दंडात्मक प्रावधानों के संबंध में विस्तार से अवगत कराया। कार्यक्रम में प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए व्यावहारिक उदाहरणों एवं प्रकरणों के माध्यम से अधिनियम की व्यावहारिक उपयोगिता पर प्रकाश डाला गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंत में, सभी प्रतिभागियों से अपने-अपने विभागों में पोश एक्ट के प्रावधानों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा महिलाओं के लिए सुरक्षित एवं गरिमापूर्ण कार्यस्थल उपलब्ध कराने हेतु सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया। इस कार्यक्रम में विकास अधिकारी पंचायत समिति जगदीश प्रसाद मीना, इंस्पेक्टर रूकमणी गुर्जर, जेवीवीएनएल से कनिष्ठ विधि सहायक निधि शर्मा, सखी वनस्टॉप सेन्टर की प्रबन्धक हीना सिंह, नगर विकास न्याय तहसीलदार विष्णु माथुर, अति. खण्ड विकास अधिकारी जिला परिषद रामराज मीना, अधिकार मित्र सुनिता जोनवाल सहित विभिन्न विभागों में गठित आंतरिक परिवाद समिति के सदस्य शामिल रहे।
    user_Bhagwan sharma
    Bhagwan sharma
    खंडर, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
    8 hrs ago
  • टोंक जिले के चिरोंज गांव के युवा शेखर केवट ने अपने संघर्ष और मेहनत के दम पर सफलता हासिल करते हुए गांव और समाज का नाम रोशन किया है। छह महीने की कठिन सैन्य ट्रेनिंग पूरी करने के बाद जब शेखर अपने गांव लौटे, तो ग्रामीणों, समाज के गणमान्य नागरिकों और परिजनों ने फूल-मालाओं से उनका भव्य स्वागत किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। शेखर केवट एक साधारण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आते हैं, जिनके परिवार का मकान आज भी घास-फूस और कच्चे संसाधनों से बना हुआ है। सीमित सुविधाओं के बावजूद, शेखर ने कभी हार नहीं मानी और अपने लक्ष्य की ओर लगातार मेहनत करते रहे, जिससे उनकी सफलता आज गांव के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। उनकी घर वापसी के दौरान पूरे गांव में उत्साह का माहौल था, ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों के साथ उनका स्वागत किया और कहा कि शेखर ने साबित कर दिया है कि कठिन परिस्थितियां सफलता के रास्ते में बाधा नहीं बन सकतीं। इस अवसर पर शेखर की माता भावुक नजर आईं। उन्होंने बताया कि परिवार ने लंबे समय तक आर्थिक कठिनाइयों का सामना किया और घास-फूस के मकान में रहते हुए भी बेटे को पढ़ाया-लिखाया। उन्होंने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि, "अब हमें उम्मीद है कि परिवार की हालत सुधरेगी। बेटा कामयाब हो गया है और उसके उज्ज्वल भविष्य से पूरे परिवार को नई उम्मीद मिली है।" ग्रामीणों ने भी इसे केवल उनके परिवार की नहीं, बल्कि पूरे गांव और समाज की सफलता बताया, जिससे अन्य युवाओं को भी देश सेवा और सरकारी सेवाओं में जाने की प्रेरणा मिलेगी। स्वागत समारोह के दौरान गांव के बुजुर्गों और युवाओं ने शेखर को सम्मानित किया। कई लोगों ने इस बात पर जोर दिया कि एक गरीब परिवार से निकलकर फौज में पहुंचना किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं है, जो दृढ़ निश्चय और कड़ी मेहनत से हर लक्ष्य प्राप्त करने का संदेश देता है। चिरोंज गांव में शेखर केवट की घर वापसी आज चर्चा का विषय बनी हुई है, जहां गांव के लोग उनकी सफलता पर गर्व महसूस कर रहे हैं और उन्हें आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा के रूप में देख रहे हैं। इस अवसर पर केवट समाज के प्रदेश सचिव ओमप्रकाश केवट, डॉक्टर गोरधन केवट मंडावर, सुशील केवट, मनराज केवट, रामकिशन रायपुर, बनू केवट, रिंकेश केवट और धर्मराज केवट सवाई माधोपुर सहित कई लोग शेखर के घर पहुंचकर शुभकामनाएं दीं।
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    टोंक जिले के चिरोंज गांव के युवा शेखर केवट ने अपने संघर्ष और मेहनत के दम पर सफलता हासिल करते हुए गांव और समाज का नाम रोशन किया है। छह महीने की कठिन सैन्य ट्रेनिंग पूरी करने के बाद जब शेखर अपने गांव लौटे, तो ग्रामीणों, समाज के गणमान्य नागरिकों और परिजनों ने फूल-मालाओं से उनका भव्य स्वागत किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

शेखर केवट एक साधारण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आते हैं, जिनके परिवार का मकान आज भी घास-फूस और कच्चे संसाधनों से बना हुआ है। सीमित सुविधाओं के बावजूद, शेखर ने कभी हार नहीं मानी और अपने लक्ष्य की ओर लगातार मेहनत करते रहे, जिससे उनकी सफलता आज गांव के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। उनकी घर वापसी के दौरान पूरे गांव में उत्साह का माहौल था, ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों के साथ उनका स्वागत किया और कहा कि शेखर ने साबित कर दिया है कि कठिन परिस्थितियां सफलता के रास्ते में बाधा नहीं बन सकतीं।

इस अवसर पर शेखर की माता भावुक नजर आईं। उन्होंने बताया कि परिवार ने लंबे समय तक आर्थिक कठिनाइयों का सामना किया और घास-फूस के मकान में रहते हुए भी बेटे को पढ़ाया-लिखाया। उन्होंने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि, "अब हमें उम्मीद है कि परिवार की हालत सुधरेगी। बेटा कामयाब हो गया है और उसके उज्ज्वल भविष्य से पूरे परिवार को नई उम्मीद मिली है।" ग्रामीणों ने भी इसे केवल उनके परिवार की नहीं, बल्कि पूरे गांव और समाज की सफलता बताया, जिससे अन्य युवाओं को भी देश सेवा और सरकारी सेवाओं में जाने की प्रेरणा मिलेगी।

स्वागत समारोह के दौरान गांव के बुजुर्गों और युवाओं ने शेखर को सम्मानित किया। कई लोगों ने इस बात पर जोर दिया कि एक गरीब परिवार से निकलकर फौज में पहुंचना किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं है, जो दृढ़ निश्चय और कड़ी मेहनत से हर लक्ष्य प्राप्त करने का संदेश देता है। चिरोंज गांव में शेखर केवट की घर वापसी आज चर्चा का विषय बनी हुई है, जहां गांव के लोग उनकी सफलता पर गर्व महसूस कर रहे हैं और उन्हें आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा के रूप में देख रहे हैं। इस अवसर पर केवट समाज के प्रदेश सचिव ओमप्रकाश केवट, डॉक्टर गोरधन केवट मंडावर, सुशील केवट, मनराज केवट, रामकिशन रायपुर, बनू केवट, रिंकेश केवट और धर्मराज केवट सवाई माधोपुर सहित कई लोग शेखर के घर पहुंचकर शुभकामनाएं दीं।
    user_SG7 News
    SG7 News
    चौथ का बरवाड़ा, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सवाई माधोपुर द्वारा 23 जून 2026 को सवाई माधोपुर स्थित एडीआर सेंटर, जिला न्यायालय परिसर में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम, 2013 (पोश एक्ट) की प्रभावी अनुपालना सुनिश्चित करना था। इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों में गठित आंतरिक परिवाद समिति के अध्यक्षों और सदस्यों को प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण के दौरान प्रोजेक्टर और पॉवर प्वाइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से पोश एक्ट 2013 के विभिन्न प्रावधानों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव समीक्षा गौतम ने इस बात पर जोर दिया कि प्रत्येक संस्थान और विभाग में सुरक्षित, सम्मानजनक और लैंगिक समानता पर आधारित कार्य वातावरण उपलब्ध कराना नियोक्ता का दायित्व है। उन्होंने यह भी बताया कि आंतरिक परिवाद समिति की भूमिका केवल शिकायतों के निस्तारण तक सीमित नहीं है, बल्कि जागरूकता और रोकथाम संबंधी गतिविधियों का संचालन करना भी उसकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। असिस्टेंट एलएडीसी अक्षय राजावत ने प्रतिभागियों को कार्यस्थल पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न की परिभाषा, शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया, आंतरिक परिवाद समिति की संरचना, समिति के अधिकार एवं कर्तव्य, जांच प्रक्रिया, गोपनीयता बनाए रखने के प्रावधान तथा अधिनियम के उल्लंघन की स्थिति में लागू दंडात्मक प्रावधानों के संबंध में विस्तार से अवगत कराया। कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए व्यवहारिक उदाहरणों और प्रकरणों के माध्यम से अधिनियम की व्यावहारिक उपयोगिता पर प्रकाश डाला गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों से अपने-अपने विभागों में पोश एक्ट के प्रावधानों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा महिलाओं के लिए सुरक्षित एवं गरिमापूर्ण कार्यस्थल उपलब्ध कराने हेतु सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में विकास अधिकारी पंचायत समिति जगदीश प्रसाद मीना, इंस्पेक्टर रूकमणी गुर्जर, जेवीवीएनएल से कनिष्ठ विधि सहायक निधि शर्मा, सखी वनस्टॉप सेन्टर की प्रबन्धक हीना सिंह, नगर विकास न्याय तहसीलदार विष्णु माथुर, अति. खण्ड विकास अधिकारी जिला परिषद रामराज मीना, अधिकार मित्र सुनिता जोनवाल सहित विभिन्न विभागों में गठित आंतरिक परिवाद समिति के सदस्य शामिल रहे।
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    जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सवाई माधोपुर द्वारा 23 जून 2026 को सवाई माधोपुर स्थित एडीआर सेंटर, जिला न्यायालय परिसर में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम, 2013 (पोश एक्ट) की प्रभावी अनुपालना सुनिश्चित करना था। इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों में गठित आंतरिक परिवाद समिति के अध्यक्षों और सदस्यों को प्रशिक्षित किया गया।

प्रशिक्षण के दौरान प्रोजेक्टर और पॉवर प्वाइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से पोश एक्ट 2013 के विभिन्न प्रावधानों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव समीक्षा गौतम ने इस बात पर जोर दिया कि प्रत्येक संस्थान और विभाग में सुरक्षित, सम्मानजनक और लैंगिक समानता पर आधारित कार्य वातावरण उपलब्ध कराना नियोक्ता का दायित्व है। उन्होंने यह भी बताया कि आंतरिक परिवाद समिति की भूमिका केवल शिकायतों के निस्तारण तक सीमित नहीं है, बल्कि जागरूकता और रोकथाम संबंधी गतिविधियों का संचालन करना भी उसकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। असिस्टेंट एलएडीसी अक्षय राजावत ने प्रतिभागियों को कार्यस्थल पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न की परिभाषा, शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया, आंतरिक परिवाद समिति की संरचना, समिति के अधिकार एवं कर्तव्य, जांच प्रक्रिया, गोपनीयता बनाए रखने के प्रावधान तथा अधिनियम के उल्लंघन की स्थिति में लागू दंडात्मक प्रावधानों के संबंध में विस्तार से अवगत कराया।

कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए व्यवहारिक उदाहरणों और प्रकरणों के माध्यम से अधिनियम की व्यावहारिक उपयोगिता पर प्रकाश डाला गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों से अपने-अपने विभागों में पोश एक्ट के प्रावधानों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा महिलाओं के लिए सुरक्षित एवं गरिमापूर्ण कार्यस्थल उपलब्ध कराने हेतु सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में विकास अधिकारी पंचायत समिति जगदीश प्रसाद मीना, इंस्पेक्टर रूकमणी गुर्जर, जेवीवीएनएल से कनिष्ठ विधि सहायक निधि शर्मा, सखी वनस्टॉप सेन्टर की प्रबन्धक हीना सिंह, नगर विकास न्याय तहसीलदार विष्णु माथुर, अति. खण्ड विकास अधिकारी जिला परिषद रामराज मीना, अधिकार मित्र सुनिता जोनवाल सहित विभिन्न विभागों में गठित आंतरिक परिवाद समिति के सदस्य शामिल रहे।
    user_Rakesh Agarwal
    Rakesh Agarwal
    पत्रकारिता Sawai Madhopur, Rajasthan•
    9 hrs ago
  • श्योपुर से मिली ब्रेकिंग खबर के अनुसार, जिला पंचायत उपाध्यक्ष नीरज जाट ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) सुधीर अग्रवाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। नीरज जाट ने मीडिया को दिए एक बयान में कहा कि पुलिस अधीक्षक ने उन्हें “गड्डे में गाड़ने” की धमकी दी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि न्याय की बात करने पर एक जनप्रतिनिधि के साथ एसपी द्वारा किया गया ऐसा व्यवहार गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
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    श्योपुर से मिली ब्रेकिंग खबर के अनुसार, जिला पंचायत उपाध्यक्ष नीरज जाट ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) सुधीर अग्रवाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। नीरज जाट ने मीडिया को दिए एक बयान में कहा कि पुलिस अधीक्षक ने उन्हें “गड्डे में गाड़ने” की धमकी दी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि न्याय की बात करने पर एक जनप्रतिनिधि के साथ एसपी द्वारा किया गया ऐसा व्यवहार गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
    user_Meera gadriya
    Meera gadriya
    श्योपुर, श्योपुर, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
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