जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सवाई माधोपुर द्वारा 23 जून 2026 को सवाई माधोपुर स्थित एडीआर सेंटर, जिला न्यायालय परिसर में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम, 2013 (पोश एक्ट) की प्रभावी अनुपालना सुनिश्चित करना था। इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों में गठित आंतरिक परिवाद समिति के अध्यक्षों और सदस्यों को प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण के दौरान प्रोजेक्टर और पॉवर प्वाइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से पोश एक्ट 2013 के विभिन्न प्रावधानों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव समीक्षा गौतम ने इस बात पर जोर दिया कि प्रत्येक संस्थान और विभाग में सुरक्षित, सम्मानजनक और लैंगिक समानता पर आधारित कार्य वातावरण उपलब्ध कराना नियोक्ता का दायित्व है। उन्होंने यह भी बताया कि आंतरिक परिवाद समिति की भूमिका केवल शिकायतों के निस्तारण तक सीमित नहीं है, बल्कि जागरूकता और रोकथाम संबंधी गतिविधियों का संचालन करना भी उसकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। असिस्टेंट एलएडीसी अक्षय राजावत ने प्रतिभागियों को कार्यस्थल पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न की परिभाषा, शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया, आंतरिक परिवाद समिति की संरचना, समिति के अधिकार एवं कर्तव्य, जांच प्रक्रिया, गोपनीयता बनाए रखने के प्रावधान तथा अधिनियम के उल्लंघन की स्थिति में लागू दंडात्मक प्रावधानों के संबंध में विस्तार से अवगत कराया। कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए व्यवहारिक उदाहरणों और प्रकरणों के माध्यम से अधिनियम की व्यावहारिक उपयोगिता पर प्रकाश डाला गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों से अपने-अपने विभागों में पोश एक्ट के प्रावधानों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा महिलाओं के लिए सुरक्षित एवं गरिमापूर्ण कार्यस्थल उपलब्ध कराने हेतु सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में विकास अधिकारी पंचायत समिति जगदीश प्रसाद मीना, इंस्पेक्टर रूकमणी गुर्जर, जेवीवीएनएल से कनिष्ठ विधि सहायक निधि शर्मा, सखी वनस्टॉप सेन्टर की प्रबन्धक हीना सिंह, नगर विकास न्याय तहसीलदार विष्णु माथुर, अति. खण्ड विकास अधिकारी जिला परिषद रामराज मीना, अधिकार मित्र सुनिता जोनवाल सहित विभिन्न विभागों में गठित आंतरिक परिवाद समिति के सदस्य शामिल रहे।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सवाई माधोपुर द्वारा 23 जून 2026 को सवाई माधोपुर स्थित एडीआर सेंटर, जिला न्यायालय परिसर में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम, 2013 (पोश एक्ट) की प्रभावी अनुपालना सुनिश्चित करना था। इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों में गठित आंतरिक परिवाद समिति के अध्यक्षों और सदस्यों को प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण के दौरान प्रोजेक्टर और पॉवर प्वाइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से पोश एक्ट 2013 के विभिन्न प्रावधानों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव समीक्षा गौतम ने इस बात पर जोर दिया कि प्रत्येक संस्थान और विभाग में सुरक्षित, सम्मानजनक और लैंगिक समानता पर आधारित कार्य वातावरण उपलब्ध कराना नियोक्ता का दायित्व है। उन्होंने यह भी बताया कि आंतरिक परिवाद समिति की भूमिका केवल शिकायतों के निस्तारण तक सीमित नहीं है, बल्कि जागरूकता और रोकथाम संबंधी गतिविधियों का संचालन करना भी उसकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। असिस्टेंट एलएडीसी अक्षय राजावत ने प्रतिभागियों को कार्यस्थल पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न की परिभाषा, शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया, आंतरिक परिवाद समिति की संरचना, समिति के अधिकार एवं कर्तव्य, जांच प्रक्रिया, गोपनीयता बनाए रखने के प्रावधान तथा अधिनियम के उल्लंघन की स्थिति में लागू दंडात्मक प्रावधानों के संबंध में विस्तार से अवगत कराया। कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए व्यवहारिक उदाहरणों और प्रकरणों के माध्यम से अधिनियम की व्यावहारिक उपयोगिता पर प्रकाश डाला गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों से अपने-अपने विभागों में पोश एक्ट के प्रावधानों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा महिलाओं के लिए सुरक्षित एवं गरिमापूर्ण कार्यस्थल उपलब्ध कराने हेतु सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में विकास अधिकारी पंचायत समिति जगदीश प्रसाद मीना, इंस्पेक्टर रूकमणी गुर्जर, जेवीवीएनएल से कनिष्ठ विधि सहायक निधि शर्मा, सखी वनस्टॉप सेन्टर की प्रबन्धक हीना सिंह, नगर विकास न्याय तहसीलदार विष्णु माथुर, अति. खण्ड विकास अधिकारी जिला परिषद रामराज मीना, अधिकार मित्र सुनिता जोनवाल सहित विभिन्न विभागों में गठित आंतरिक परिवाद समिति के सदस्य शामिल रहे।
- सवाई माधोपुर जिला मुख्यालय के सर्किट हाउस में कांग्रेस पार्टी द्वारा आयोजित एक पत्रकार वार्ता में बामनवास विधायक और जिलाध्यक्ष इंदिरा मीणा ने कांग्रेस नेता एवं लोकसभा नेता राहुल गांधी के आह्वान पर केंद्र और राज्य सरकार पर जमकर हमला बोला। इस दौरान विधायक इंदिरा मीणा और कांग्रेस के जिला सह प्रभारी राहुल भाकर ने मीडिया से बातचीत करते हुए सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि देश और प्रदेश के बेरोजगार युवाओं के साथ लगातार अन्याय हो रहा है, और सरकार नीट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं को भी पारदर्शी व निष्पक्ष तरीके से आयोजित करने में विफल रही है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि बार-बार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों ने लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य को संकट में डाल दिया है। प्रेस वार्ता में जिला सह प्रभारी राहुल भाकर ने यह भी कहा कि परीक्षा प्रणाली में लगातार गड़बड़ियां सामने आने से युवाओं का भरोसा टूट रहा है, जिससे कई युवा मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं। कांग्रेस ने मांग की कि सरकार युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बंद कर पारदर्शी भर्ती और परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करे, क्योंकि वह पेपर लीक माफियाओं पर प्रभावी कार्रवाई करने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। वहीं, कांग्रेस जिलाध्यक्ष और बामनवास विधायक इंदिरा मीणा ने केंद्र और राज्य सरकार को महंगाई, बेरोजगारी, कानून व्यवस्था और किसानों के मुद्दों पर हर मोर्चे पर असफल बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए, यह कहते हुए कि जनता अब सरकार की नीतियों से परेशान हो चुकी है और आने वाले समय में लोकतांत्रिक तरीके से इसका जवाब देगी। इंदिरा मीणा ने दोहराया कि पार्टी युवाओं, किसानों, मजदूरों और आम जनता के हितों की लड़ाई लगातार लड़ती रहेगी। शाम को अंबेडकर सर्किल पर आयोजित छात्र संवाद में विधायक इंदिरा मीणा ने युवाओं और छात्रों को आश्वस्त किया कि कांग्रेस पार्टी उनके साथ हर मोड़ पर खड़ी है। उन्होंने "शिक्षित युवा, सशक्त भारत" और "छात्र एकता जिंदाबाद" के नारों के बीच कहा कि अब युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद होना चाहिए। इंदिरा मीणा ने इस बात पर जोर दिया कि पेपर लीक ने लाखों छात्रों का हक छीना है और इसके खिलाफ अब आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। इस छात्र संवाद में कांग्रेस के कई पदाधिकारी, कार्यकर्ता, समर्थक और सैकड़ों छात्र भी मौजूद थे।2
- सारसोप क्षेत्र के समुद्रपुरा गांव में बजरंग बली मंदिर निर्माण कार्य का विधिवत शुभारंभ धार्मिक अनुष्ठानों और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ किया गया। इस अवसर पर गांव के श्रद्धालुओं और गणमान्य लोगों की उपस्थिति में भूमि पूजन एवं हवन कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसके प्रति ग्रामीणों में विशेष उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि बजरंग बली मंदिर के निर्माण से गांव में धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण को बढ़ावा मिलेगा तथा यह लोगों की आस्था को एक नया केंद्र प्रदान करेगा। ग्रामीणों ने इस मंदिर के निर्माण में तन, मन और धन से सहयोग करने का संकल्प लिया। मंदिर निर्माण समिति के सदस्यों ने बताया कि मंदिर का निर्माण जनसहयोग से किया जाएगा और इसे एक भव्य स्वरूप प्रदान किया जाएगा। समारोह के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान हनुमान के जयकारे लगाए और क्षेत्र की सुख-समृद्धि तथा खुशहाली की कामना की। कार्यक्रम का अंत प्रसाद वितरण के साथ हुआ।4
- राजस्थान सरकार ने प्रदेश की समृद्ध कला, संस्कृति और युवाओं की कल्पनाशक्ति को नई उड़ान देने के उद्देश्य से 'DREAM' पहल का शुभारंभ किया है। यह पहल आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के 'ऑरेंज इकोनॉमी' के विजन को साकार करती है, जो रचनात्मकता और नवाचार की शक्ति पर केंद्रित है। सरकार इस दिशा में संकल्पित है कि राज्य के हुनर, हस्तशिल्प, सिनेमा, संगीत और डिजिटल क्रिएशन को आर्थिक प्रगति का मुख्य आधार बनाया जाए।1
- राजस्थान के ककोड क्षेत्र में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि अब भगवान के घर भी सुरक्षित नहीं रहे। बीती देर रात चोरों ने प्रसिद्ध ककोड पलसे बालाजी मंदिर को अपना निशाना बनाते हुए वहाँ रखा भारी-भरकम दानपात्र चुरा लिया और फरार हो गए। इस घटना से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है, क्योंकि पिछले एक साल से क्षेत्र में लगातार चोरियां हो रही हैं और उनका संयम अब जवाब दे रहा है। यह कोई पहली घटना नहीं है; ककोड और आसपास के इलाकों में पिछले एक साल में एक दर्जन से ज्यादा चोरियां हो चुकी हैं, जिनमें पुलिस एक भी मामले का खुलासा करने में नाकाम रही है। इससे पहले चोर देवनारायण मंदिर से तांबे का कलश, तेजाजी मंदिर से पीतल का घंटा, तांबे का कलश और पीतल के बर्तन चुरा चुके हैं। वैद्यनाथ धाम और बरड के बालाजी स्थान पर भी चोरों ने हाथ साफ कर पुलिस को खुली चुनौती दी थी। क्षेत्र में बढ़ते अपराधों की सबसे बड़ी वजह ककोड पुलिस चौकी का स्टाफ विहीन होना है। यह चौकी वर्तमान में केवल एक हेड कांस्टेबल और एक सिपाही के भरोसे चल रही है, जिसमें भी हेड कांस्टेबल सप्ताह में तीन दिन बनेठा थाने पर रहते हैं, जिससे अधिकांश समय चौकी पर ताला लगा रहता है। सूत्रों के मुताबिक, अपराधियों का खौफ इस कदर है कि पुलिस अधीक्षक द्वारा यहाँ लगाए गए कार्मिक भी ज्वाइन करने से कतरा रहे हैं। बताया गया है कि यहाँ ट्रांसफर किए गए एक एएसआई (ASI) ने तो डर के मारे स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) के लिए प्रार्थना पत्र तक दे दिया है। पुलिसकर्मियों के इस डर के पीछे एक बड़ी वजह यह भी है कि करीब एक माह पूर्व ककोड चौकी क्षेत्र में अकेले गश्त कर रहे एक पुलिसकर्मी को शिकारियों ने बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया था, जिसके बाद से सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह ठप पड़ी है। लगातार हो रही चोरियों और पुलिस प्रशासन की निष्क्रियता से ग्रामवासियों में गहरा रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि जब 'खाकी ही सुरक्षित नहीं है' और पुलिसकर्मी यहां आने से डर रहे हैं, तो आम जनता की सुरक्षा भगवान भरोसे है। ग्रामवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही ककोड चौकी में पर्याप्त स्टाफ तैनात नहीं किया गया और इन चोरियों का खुलासा नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।1
- स्पा सेंटरों की जांच में मिली अनियमितताएं, पुलिस सख्त,#rajasthan #jaipurnews #latestupdates स्पा सेंटरों की जांच में मिली अनियमितताएं, पुलिस सख्त,#rajasthan #jaipurnews #latestupdates1
- करैरा तहसील के ग्राम जुगया निवासी लोकेंद्र सिंह सिकरवार द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों ने क्षेत्र में गहमागहमी पैदा कर दी है। लोकेंद्र सिंह ने आरोप लगाया है कि शराब ठेके से जुड़े कुछ व्यक्तियों ने उनका कथित रूप से अपहरण किया, उन्हें विभिन्न स्थानों पर ले जाकर प्रताड़ित किया और घंटों तक बंधक बनाकर रखा, साथ ही उनके साथ मारपीट भी की। पीड़ित लोकेंद्र सिंह सिकरवार, जो पूर्व में एक शराब कंपनी में ड्राइवर रह चुके हैं, के अनुसार उन्हें रास्ते में रोका गया और अपने कब्जे में लेने के बाद मारपीट की गई। उन्होंने बताया कि इस दौरान प्लास्टिक के पाइप समेत अन्य वस्तुओं का इस्तेमाल किया गया, जिससे उनके शरीर पर कई गंभीर चोटें आईं और सूजन भी आ गई। आरोप है कि उन्हें रातभर एक कार्यालयनुमा स्थान पर बंद रखा गया और फिर छोड़ा गया। लोकेंद्र सिंह का यह भी कहना है कि उनके खिलाफ झूठा मामला दर्ज करने का प्रयास भी किया गया था, जिसे अधिकारियों ने कथित तौर पर अस्वीकार कर दिया। इस घटना के बाद से ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों में गहरा आक्रोश है, और वे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। लोकेंद्र सिंह सिकरवार ने स्वयं प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है, लेकिन अब तक उन्हें संतोषजनक कार्रवाई की कोई जानकारी नहीं मिली है, जिससे उनके परिवार और समर्थकों में नाराजगी है। क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन, पुलिस अधीक्षक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से आग्रह किया है कि पीड़ित का तत्काल मेडिकल परीक्षण कराया जाए, घटनास्थलों की गहन जांच हो, उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज और अन्य सभी साक्ष्यों को इकट्ठा किया जाए, तथा मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए। लोगों का कहना है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। हालांकि, ये सभी आरोप अभी पीड़ित पक्ष द्वारा लगाए गए हैं, और मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच तथा आधिकारिक पुष्टि के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।1
- सवाई माधोपुर में मानटाउन थाना पुलिस ने पिछले एक वर्ष से फरार चल रहे एक स्थायी वारंटी को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। पुलिस अधीक्षक ज्येष्ठा मैत्रेी के निर्देशन और थानाधिकारी सुनील कुमार के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई के तहत, करौली जिले के सपोटरा थाना क्षेत्र के बूकना गांव निवासी हैमराज पुत्र रामस्वरूप को गिरफ्तार किया गया। आरोपी हैमराज चोरी के एक प्रकरण में न्यायालय से जारी स्थायी वारंट के बाद से फरार चल रहा था। पुलिस टीम ने उसे दस्तयाब कर गिरफ्तार किया और न्यायालय में पेश किया। इस कार्रवाई में हेड कांस्टेबल भक्तवत्सल, कांस्टेबल दीपक और कांस्टेबल भरत की विशेष भूमिका रही। पुलिस की इस कार्रवाई को फरार आरोपियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।1
- जयपुर में रोड लाइट चुराने के आरोप में दो शातिर व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। ये दोनों आरोपी रोड लाइट की चोरी बहाने से कर रहे थे, जिसके बाद उन्हें पुलिस ने पकड़ लिया।1
- श्योपुर जिले में भारी ओलावृष्टि दर्ज की गई है। इस घटना से संबंधित पूरा वीडियो देखने का आग्रह किया गया है।1