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जयपुर में रोड लाइट चुराने के आरोप में दो शातिर व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। ये दोनों आरोपी रोड लाइट की चोरी बहाने से कर रहे थे, जिसके बाद उन्हें पुलिस ने पकड़ लिया।
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जयपुर में रोड लाइट चुराने के आरोप में दो शातिर व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। ये दोनों आरोपी रोड लाइट की चोरी बहाने से कर रहे थे, जिसके बाद उन्हें पुलिस ने पकड़ लिया।
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- स्पा सेंटरों की जांच में मिली अनियमितताएं, पुलिस सख्त,#rajasthan #jaipurnews #latestupdates स्पा सेंटरों की जांच में मिली अनियमितताएं, पुलिस सख्त,#rajasthan #jaipurnews #latestupdates1
- दूनी थाना क्षेत्र के टोकरावास गांव में एक युवक पर मारपीट का मामला सामने आया है, जिसमें युवक सुल्तान सिंह हाड़ा गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया गया है कि 3-4 बदमाशों ने सुल्तान सिंह हाड़ा पर हमला किया। हमलावरों ने युवक को बांधकर लाठी, डंडों और पत्थरों से बुरी तरह पीटा। इस हमले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, मारपीट की इस घटना के पीछे शराब नहीं पिलाने की बात सामने आ रही है। पीड़ित सुल्तान सिंह हाड़ा ने दूनी थाने में इस मामले में नामजद रिपोर्ट दर्ज करवाई है। हालांकि, Shru News वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता।1
- राजस्थान के ककोड क्षेत्र में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि अब भगवान के घर भी सुरक्षित नहीं रहे। बीती देर रात चोरों ने प्रसिद्ध ककोड पलसे बालाजी मंदिर को अपना निशाना बनाते हुए वहाँ रखा भारी-भरकम दानपात्र चुरा लिया और फरार हो गए। इस घटना से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है, क्योंकि पिछले एक साल से क्षेत्र में लगातार चोरियां हो रही हैं और उनका संयम अब जवाब दे रहा है। यह कोई पहली घटना नहीं है; ककोड और आसपास के इलाकों में पिछले एक साल में एक दर्जन से ज्यादा चोरियां हो चुकी हैं, जिनमें पुलिस एक भी मामले का खुलासा करने में नाकाम रही है। इससे पहले चोर देवनारायण मंदिर से तांबे का कलश, तेजाजी मंदिर से पीतल का घंटा, तांबे का कलश और पीतल के बर्तन चुरा चुके हैं। वैद्यनाथ धाम और बरड के बालाजी स्थान पर भी चोरों ने हाथ साफ कर पुलिस को खुली चुनौती दी थी। क्षेत्र में बढ़ते अपराधों की सबसे बड़ी वजह ककोड पुलिस चौकी का स्टाफ विहीन होना है। यह चौकी वर्तमान में केवल एक हेड कांस्टेबल और एक सिपाही के भरोसे चल रही है, जिसमें भी हेड कांस्टेबल सप्ताह में तीन दिन बनेठा थाने पर रहते हैं, जिससे अधिकांश समय चौकी पर ताला लगा रहता है। सूत्रों के मुताबिक, अपराधियों का खौफ इस कदर है कि पुलिस अधीक्षक द्वारा यहाँ लगाए गए कार्मिक भी ज्वाइन करने से कतरा रहे हैं। बताया गया है कि यहाँ ट्रांसफर किए गए एक एएसआई (ASI) ने तो डर के मारे स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) के लिए प्रार्थना पत्र तक दे दिया है। पुलिसकर्मियों के इस डर के पीछे एक बड़ी वजह यह भी है कि करीब एक माह पूर्व ककोड चौकी क्षेत्र में अकेले गश्त कर रहे एक पुलिसकर्मी को शिकारियों ने बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया था, जिसके बाद से सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह ठप पड़ी है। लगातार हो रही चोरियों और पुलिस प्रशासन की निष्क्रियता से ग्रामवासियों में गहरा रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि जब 'खाकी ही सुरक्षित नहीं है' और पुलिसकर्मी यहां आने से डर रहे हैं, तो आम जनता की सुरक्षा भगवान भरोसे है। ग्रामवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही ककोड चौकी में पर्याप्त स्टाफ तैनात नहीं किया गया और इन चोरियों का खुलासा नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।1
- बूंदी में एक बड़े विवाद का अंत हो गया है, जहाँ राजा-महाराजाओं के समय के एक प्राचीन चबूतरे को भारी पुलिस जाब्ते की मौजूदगी में जेसीबी से हटा दिया गया। यह चबूतरा बूंदी में धार्मिक आस्था का प्रतीक माना जाता था। इस कार्रवाई के दौरान जिला प्रशासन और नगर परिषद प्रशासन के सभी अधिकारी मौके पर उपस्थित थे, और हजारों की संख्या में हिंदू संगठन के लोग भी मौजूद थे।1
- टोंक जिले के चिरोंज गांव के युवा शेखर केवट ने अपने संघर्ष और मेहनत के दम पर सफलता हासिल करते हुए गांव और समाज का नाम रोशन किया है। छह महीने की कठिन सैन्य ट्रेनिंग पूरी करने के बाद जब शेखर अपने गांव लौटे, तो ग्रामीणों, समाज के गणमान्य नागरिकों और परिजनों ने फूल-मालाओं से उनका भव्य स्वागत किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। शेखर केवट एक साधारण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आते हैं, जिनके परिवार का मकान आज भी घास-फूस और कच्चे संसाधनों से बना हुआ है। सीमित सुविधाओं के बावजूद, शेखर ने कभी हार नहीं मानी और अपने लक्ष्य की ओर लगातार मेहनत करते रहे, जिससे उनकी सफलता आज गांव के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। उनकी घर वापसी के दौरान पूरे गांव में उत्साह का माहौल था, ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों के साथ उनका स्वागत किया और कहा कि शेखर ने साबित कर दिया है कि कठिन परिस्थितियां सफलता के रास्ते में बाधा नहीं बन सकतीं। इस अवसर पर शेखर की माता भावुक नजर आईं। उन्होंने बताया कि परिवार ने लंबे समय तक आर्थिक कठिनाइयों का सामना किया और घास-फूस के मकान में रहते हुए भी बेटे को पढ़ाया-लिखाया। उन्होंने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि, "अब हमें उम्मीद है कि परिवार की हालत सुधरेगी। बेटा कामयाब हो गया है और उसके उज्ज्वल भविष्य से पूरे परिवार को नई उम्मीद मिली है।" ग्रामीणों ने भी इसे केवल उनके परिवार की नहीं, बल्कि पूरे गांव और समाज की सफलता बताया, जिससे अन्य युवाओं को भी देश सेवा और सरकारी सेवाओं में जाने की प्रेरणा मिलेगी। स्वागत समारोह के दौरान गांव के बुजुर्गों और युवाओं ने शेखर को सम्मानित किया। कई लोगों ने इस बात पर जोर दिया कि एक गरीब परिवार से निकलकर फौज में पहुंचना किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं है, जो दृढ़ निश्चय और कड़ी मेहनत से हर लक्ष्य प्राप्त करने का संदेश देता है। चिरोंज गांव में शेखर केवट की घर वापसी आज चर्चा का विषय बनी हुई है, जहां गांव के लोग उनकी सफलता पर गर्व महसूस कर रहे हैं और उन्हें आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा के रूप में देख रहे हैं। इस अवसर पर केवट समाज के प्रदेश सचिव ओमप्रकाश केवट, डॉक्टर गोरधन केवट मंडावर, सुशील केवट, मनराज केवट, रामकिशन रायपुर, बनू केवट, रिंकेश केवट और धर्मराज केवट सवाई माधोपुर सहित कई लोग शेखर के घर पहुंचकर शुभकामनाएं दीं।1
- जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सवाई माधोपुर द्वारा 23 जून 2026 को सवाई माधोपुर स्थित एडीआर सेंटर, जिला न्यायालय परिसर में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम, 2013 (पोश एक्ट) की प्रभावी अनुपालना सुनिश्चित करना था। इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों में गठित आंतरिक परिवाद समिति के अध्यक्षों और सदस्यों को प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण के दौरान प्रोजेक्टर और पॉवर प्वाइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से पोश एक्ट 2013 के विभिन्न प्रावधानों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव समीक्षा गौतम ने इस बात पर जोर दिया कि प्रत्येक संस्थान और विभाग में सुरक्षित, सम्मानजनक और लैंगिक समानता पर आधारित कार्य वातावरण उपलब्ध कराना नियोक्ता का दायित्व है। उन्होंने यह भी बताया कि आंतरिक परिवाद समिति की भूमिका केवल शिकायतों के निस्तारण तक सीमित नहीं है, बल्कि जागरूकता और रोकथाम संबंधी गतिविधियों का संचालन करना भी उसकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। असिस्टेंट एलएडीसी अक्षय राजावत ने प्रतिभागियों को कार्यस्थल पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न की परिभाषा, शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया, आंतरिक परिवाद समिति की संरचना, समिति के अधिकार एवं कर्तव्य, जांच प्रक्रिया, गोपनीयता बनाए रखने के प्रावधान तथा अधिनियम के उल्लंघन की स्थिति में लागू दंडात्मक प्रावधानों के संबंध में विस्तार से अवगत कराया। कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए व्यवहारिक उदाहरणों और प्रकरणों के माध्यम से अधिनियम की व्यावहारिक उपयोगिता पर प्रकाश डाला गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों से अपने-अपने विभागों में पोश एक्ट के प्रावधानों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा महिलाओं के लिए सुरक्षित एवं गरिमापूर्ण कार्यस्थल उपलब्ध कराने हेतु सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में विकास अधिकारी पंचायत समिति जगदीश प्रसाद मीना, इंस्पेक्टर रूकमणी गुर्जर, जेवीवीएनएल से कनिष्ठ विधि सहायक निधि शर्मा, सखी वनस्टॉप सेन्टर की प्रबन्धक हीना सिंह, नगर विकास न्याय तहसीलदार विष्णु माथुर, अति. खण्ड विकास अधिकारी जिला परिषद रामराज मीना, अधिकार मित्र सुनिता जोनवाल सहित विभिन्न विभागों में गठित आंतरिक परिवाद समिति के सदस्य शामिल रहे।1
- रवासा से हिंदूपुरा जाने वाली सड़क की हालत बेहद खराब हो चुकी है, जिसकी जिम्मेदारी न तो शासन उठा रहा है और न ही प्रशासन। इस स्थिति के कारण आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क की इतनी जर्जर स्थिति के बावजूद, इस पर ओवरलोड वाहन धड़ल्ले से चल रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों की दिक्कतें और बढ़ती जा रही हैं।1
- जयपुर में रोड लाइट चुराने के आरोप में दो शातिर व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। ये दोनों आरोपी रोड लाइट की चोरी बहाने से कर रहे थे, जिसके बाद उन्हें पुलिस ने पकड़ लिया।1