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श्योपुर से मिली ब्रेकिंग खबर के अनुसार, जिला पंचायत उपाध्यक्ष नीरज जाट ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) सुधीर अग्रवाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। नीरज जाट ने मीडिया को दिए एक बयान में कहा कि पुलिस अधीक्षक ने उन्हें “गड्डे में गाड़ने” की धमकी दी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि न्याय की बात करने पर एक जनप्रतिनिधि के साथ एसपी द्वारा किया गया ऐसा व्यवहार गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
Meera gadriya
श्योपुर से मिली ब्रेकिंग खबर के अनुसार, जिला पंचायत उपाध्यक्ष नीरज जाट ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) सुधीर अग्रवाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। नीरज जाट ने मीडिया को दिए एक बयान में कहा कि पुलिस अधीक्षक ने उन्हें “गड्डे में गाड़ने” की धमकी दी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि न्याय की बात करने पर एक जनप्रतिनिधि के साथ एसपी द्वारा किया गया ऐसा व्यवहार गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
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- सवाई माधोपुर के रणथंभौर में वन एवं वन्यजीव संरक्षण को लेकर एक दो दिवसीय CSR कॉन्क्लेव का आयोजन होटल सवाई विलास में किया गया। इस कार्यक्रम में प्रदेशभर के उद्योगपति और वनाधिकारी जुटे, जिसका मुख्य उद्देश्य कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के माध्यम से वन एवं वन्यजीव संरक्षण और स्थानीय समुदायों के विकास को बढ़ावा देना था। कॉन्क्लेव के मुख्य अतिथि वन मंत्री संजय शर्मा रहे, जबकि वन विभाग के एसीएस आनंद कुमार ने इसकी अध्यक्षता की। अरिजीत बनर्जी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद थे। वन मंत्री संजय शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश में वन और वन्यजीव संरक्षण की दिशा में बेहतर कार्य हो रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने देश में पहली बार ऐसी व्यवस्था शुरू की है, जहाँ लोग बिना नर्सरी जाए ऑनलाइन पौधे मंगवा सकते हैं। साथ ही, राजस्थान में पहली बार संभाग स्तर पर वन मेले लगाए गए हैं, जो भविष्य में जिला स्तर पर आयोजित किए जाएंगे। मंत्री ने उद्योगपतियों से अपील करते हुए उनके पिछले सहयोग की सराहना की, जिसमें वन विभाग को फंड, वाहन और संसाधन उपलब्ध कराना तथा जंगल में वन चौकियाँ स्थापित करना शामिल था। उन्होंने विशेष रूप से जंगलों से विस्थापित होने वाले गाँवों की मदद का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि 2022 में वन विभाग ने विस्थापित परिवारों के पैकेज में बढ़ोतरी की थी, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। विस्थापित परिवारों को जो उबड़-खाबड़ ज़मीनें आवंटित की जाती हैं, वे वहाँ जाने से हिचकते हैं। वन मंत्री ने उद्योगपतियों से सीएसआर फंड का उपयोग कर इन उबड़-खाबड़ जमीनों पर विस्थापित गाँवों को गोद लेकर अच्छी सुविधाओं वाली कॉलोनियाँ विकसित करने में सहयोग करने का आह्वान किया। रणथंभौर में बाघों की संख्या पर बात करते हुए वन मंत्री ने कहा कि वर्तमान में रणथंभौर में क्षमता से अधिक बाघ हैं, लेकिन अभी उनके विस्थापन की आवश्यकता कम है। उन्होंने संकेत दिया कि भविष्य में बाघों को रामगढ़ विषधारी और मुकुंदरा जैसे स्थानों पर विस्थापित किया जा सकता है, लेकिन तात्कालिक आवश्यकता नहीं है।1
- रवासा से हिंदूपुरा जाने वाली सड़क की हालत बेहद खराब हो चुकी है, जिसकी जिम्मेदारी न तो शासन उठा रहा है और न ही प्रशासन। इस स्थिति के कारण आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क की इतनी जर्जर स्थिति के बावजूद, इस पर ओवरलोड वाहन धड़ल्ले से चल रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों की दिक्कतें और बढ़ती जा रही हैं।1
- राजस्थान वन विभाग द्वारा सवाई माधोपुर में आयोजित दो दिवसीय सीएसआर कॉन्क्लेव का पहला दिन अत्यंत सफल और सार्थक रहा। इस कॉन्क्लेव में विभिन्न कॉर्पोरेट संस्थानों, सार्वजनिक उपक्रमों, गैर-सरकारी संगठनों और वन एवं वन्यजीव संरक्षण विशेषज्ञों ने भाग लिया। उन्होंने राजस्थान में पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और सामुदायिक विकास हेतु कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) की संभावनाओं पर गहन विचार-विमर्श किया। कॉन्क्लेव के उद्घाटन सत्र में, माननीय वन एवं पर्यावरण मंत्री ने अपने संबोधन में बताया कि वन एवं वन्यजीव संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि समाज, उद्योग जगत और स्थानीय समुदायों की भागीदारी से ही अधिक प्रभावी बन सकता है। उन्होंने राज्य में जैव विविधता संरक्षण, हरित विकास और सतत आजीविका संवर्धन के लिए CSR के महत्व पर विशेष प्रकाश डाला। कॉन्क्लेव के पहले दिन के बाद, माननीय वन मंत्री ने रणथम्भौर टाइगर रिजर्व का भी दौरा किया, जहाँ उन्हें रिजर्व के विभिन्न क्षेत्रों में कुल 8 बाघों के दर्शन हुए, जिनमें वयस्क बाघ, बाघिनें और शावक शामिल थे। बाघों का यह सफल दिखना रणथम्भौर में वन्यजीव संरक्षण और आवास प्रबंधन की प्रभावशीलता को दर्शाता है। भ्रमण के दौरान अधिकारियों ने माननीय मंत्री को रणथम्भौर टाइगर रिजर्व में चल रहे संरक्षण कार्यों, वन्यजीव निगरानी, मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व और पर्यावरण संरक्षण से संबंधित विभिन्न पहलों की जानकारी दी। मंत्री ने संरक्षण कार्यों की सराहना करते हुए अधिकारियों और फील्ड स्टाफ के प्रयासों की प्रशंसा की। कॉन्क्लेव के पहले दिन विभिन्न संस्थाओं द्वारा वन एवं वन्यजीव संरक्षण, जल संरक्षण, हरित अवसंरचना, इको-टूरिज्म विकास, कौशल विकास और सामुदायिक सहभागिता से जुड़े कई प्रस्तावों पर सकारात्मक चर्चा हुई। आयोजकों ने विश्वास व्यक्त किया कि यह कॉन्क्लेव राज्य में संरक्षण और विकास के क्षेत्र में CSR निवेश को एक नई दिशा प्रदान करेगा। द्वितीय दिवस पर तकनीकी सत्रों, विषयगत प्रस्तुतियों और संभावित CSR साझेदारियों पर विस्तृत चर्चा आयोजित की जाएगी।1
- रूपनगर किल गावड़ी से आए एक व्यक्ति की मोटरसाइकिल श्योपुर में पंचर हो गई, जिसके बाद उन्हें मदद की ज़रूरत पड़ी। ऐसे में श्योपुर, मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध बल्लू टी स्टॉल ने आगे आकर उस बाइक सवार की सहायता की और अपनी सेवा भावना का प्रदर्शन किया।1
- जानकारी के अनुसार, किशनगंज उपखंड क्षेत्र की छीनोद ग्राम पंचायत के सोडान डांडा गांव में हर साल बारिश के मौसम में गोल्या नदी का रपट डूब जाने से लगभग 400 परिवारों का मुख्यालय से संपर्क टूट जाता है। इस वजह से ग्रामीणों को अस्पताल, बाजार और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुँचने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं, बीमार मरीजों और स्कूली बच्चों के लिए यह स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जिससे उनका जनजीवन बुरी तरह प्रभावित होता है। ग्रामीण लंबे समय से नदी पर एक ऊँची पुलिया के निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक इस समस्या का कोई समाधान नहीं हो पाया है, जिसके चलते बरसात के दिनों में यह गांव एक टापू में बदल जाता है।1
- मलारना डूंगर उपखंड की ग्राम पंचायत मकसूदनपुरा और श्यामोली में राज्य सरकार के जनकल्याण अभियान के तहत एक ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर की अध्यक्षता मकसूदनपुरा में तहसीलदार रामजीलाल मीणा ने और श्यामोली में विकास अधिकारी नरेंद्र मीणा ने की, जहाँ ग्रामीणों की विभिन्न समस्याओं का तुरंत समाधान किया गया। शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया, जिन्होंने ग्रामीणों को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी, उनकी शिकायतें सुनीं और अनेक मामलों का तुरंत निस्तारण किया। कृषि विभाग ने किसानों को कृषि मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए और उन्हें उन्नत खेती, फसल प्रबंधन तथा विभागीय योजनाओं के बारे में बताया। इसी तरह, राजस्व विभाग ने नामांतरण, सहमति बंटवारे और अन्य राजस्व संबंधी प्रकरणों का मौके पर ही समाधान किया। अन्य विभागों ने भी अपनी-अपनी योजनाओं की जानकारी दी और पात्र लाभार्थियों को उनसे जोड़ने का कार्य किया। शिविर के दौरान, अधिकारियों ने आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों को उनके त्वरित निस्तारण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, जिसमें जनहित से जुड़े मामलों के समाधान पर विशेष जोर दिया गया। एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की सेवाएं उपलब्ध होने से ग्रामीणों ने गहरा संतोष व्यक्त किया। इस अवसर पर स्थानीय मकसूदनपुरा पंचायत प्रशासक उर्मिला देवी, श्यामोली प्रशासक आकांक्षा वर्मा, सहायक विकास अधिकारी गौरी शंकर शर्मा, बिजली विभाग से कमलेश मीणा और शेर सिंह मीणा, पशुपालन विभाग से राजेश गुर्जर (जिन्होंने पशु जीवन बीमा वितरित किए), ऐबरा आयुर्वेदिक वैध लक्ष्मीकांत बंसल, मलारना स्टेशन वैध प्रदीप कुमार, वन विभाग नाका मलारना डूंगर से सुमेर सिंह गुर्जर, जलदाय विभाग से विनोद कुमार, पटवारी नीरज शर्मा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सहित अन्य विभागों के तहसील स्तर के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।1
- श्योपुर के मेला गेट पर धरने पर बैठे जिला पंचायत उपाध्यक्ष नीरज जाट ने आरोप लगाया है कि पुलिस अधीक्षक (एसपी) और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एडिशनल एसपी) उन्हें उठा लेने और जमीन में गढ़वाने की धमकी दे रहे हैं। जाट का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से धरना देकर मेले में उत्पात मचाने वाले गुंडों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, लेकिन इसके जवाब में उन्हें पुलिस अधिकारियों से ऐसी गंभीर धमकियां मिल रही हैं।1
- सवाई माधोपुर जिला मुख्यालय के सर्किट हाउस में कांग्रेस पार्टी द्वारा आयोजित एक पत्रकार वार्ता में बामनवास विधायक और जिलाध्यक्ष इंदिरा मीणा ने कांग्रेस नेता एवं लोकसभा नेता राहुल गांधी के आह्वान पर केंद्र और राज्य सरकार पर जमकर हमला बोला। इस दौरान विधायक इंदिरा मीणा और कांग्रेस के जिला सह प्रभारी राहुल भाकर ने मीडिया से बातचीत करते हुए सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि देश और प्रदेश के बेरोजगार युवाओं के साथ लगातार अन्याय हो रहा है, और सरकार नीट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं को भी पारदर्शी व निष्पक्ष तरीके से आयोजित करने में विफल रही है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि बार-बार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों ने लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य को संकट में डाल दिया है। प्रेस वार्ता में जिला सह प्रभारी राहुल भाकर ने यह भी कहा कि परीक्षा प्रणाली में लगातार गड़बड़ियां सामने आने से युवाओं का भरोसा टूट रहा है, जिससे कई युवा मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं। कांग्रेस ने मांग की कि सरकार युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बंद कर पारदर्शी भर्ती और परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करे, क्योंकि वह पेपर लीक माफियाओं पर प्रभावी कार्रवाई करने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। वहीं, कांग्रेस जिलाध्यक्ष और बामनवास विधायक इंदिरा मीणा ने केंद्र और राज्य सरकार को महंगाई, बेरोजगारी, कानून व्यवस्था और किसानों के मुद्दों पर हर मोर्चे पर असफल बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए, यह कहते हुए कि जनता अब सरकार की नीतियों से परेशान हो चुकी है और आने वाले समय में लोकतांत्रिक तरीके से इसका जवाब देगी। इंदिरा मीणा ने दोहराया कि पार्टी युवाओं, किसानों, मजदूरों और आम जनता के हितों की लड़ाई लगातार लड़ती रहेगी। शाम को अंबेडकर सर्किल पर आयोजित छात्र संवाद में विधायक इंदिरा मीणा ने युवाओं और छात्रों को आश्वस्त किया कि कांग्रेस पार्टी उनके साथ हर मोड़ पर खड़ी है। उन्होंने "शिक्षित युवा, सशक्त भारत" और "छात्र एकता जिंदाबाद" के नारों के बीच कहा कि अब युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद होना चाहिए। इंदिरा मीणा ने इस बात पर जोर दिया कि पेपर लीक ने लाखों छात्रों का हक छीना है और इसके खिलाफ अब आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। इस छात्र संवाद में कांग्रेस के कई पदाधिकारी, कार्यकर्ता, समर्थक और सैकड़ों छात्र भी मौजूद थे।2
- मध्य प्रदेश के श्योपुर स्थित बल्लू टी स्टॉल पर सोई की तरफ से आते हुए लोनार धाम सरकार गुरुजी से मुलाकात हुई, जिससे उपस्थित भक्तों को अत्यंत प्रसन्नता हुई। गुरुजी के सानिध्य में कुछ समय बिताने का अवसर मिलने पर मन को शांति, प्रेरणा और सकारात्मक ऊर्जा की अनुभूति हुई, यह मानते हुए कि गुरुजनों का आशीर्वाद जीवन में सही दिशा और नई प्रेरणा प्रदान करता है।1