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सवाई माधोपुर जिले के खंडार क्षेत्र में स्थित एक पेट्रोल पंप पर पेट्रोल में बड़े पैमाने पर मिलावट का गंभीर मामला सामने आया है। उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया है कि पेट्रोल में लगभग 50% तक पानी मिला हुआ पाया गया है, जिसके परिणामस्वरूप कई वाहनों में खराबी आने और इंजन में तकनीकी समस्याएँ पैदा होने की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। ग्राहकों ने पेट्रोल भरवाने के बाद अपने वाहनों के बंद होने और इंजन में समस्याएँ आने पर स्वयं जाँच की, जिसके बाद उन्हें पेट्रोल में पानी की मिलावट होने की आशंका हुई। इस पूरे मामले की सूचना संबंधित विभाग को दे दी गई है।
जनहित आवाज न्यूज़
सवाई माधोपुर जिले के खंडार क्षेत्र में स्थित एक पेट्रोल पंप पर पेट्रोल में बड़े पैमाने पर मिलावट का गंभीर मामला सामने आया है। उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया है कि पेट्रोल में लगभग 50% तक पानी मिला हुआ पाया गया है, जिसके परिणामस्वरूप कई वाहनों में खराबी आने और इंजन में तकनीकी समस्याएँ पैदा होने की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। ग्राहकों ने पेट्रोल भरवाने के बाद अपने वाहनों के बंद होने और इंजन में समस्याएँ आने पर स्वयं जाँच की, जिसके बाद उन्हें पेट्रोल में पानी की मिलावट होने की आशंका हुई। इस पूरे मामले की सूचना संबंधित विभाग को दे दी गई है।
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- सवाई माधोपुर के रणथंभौर में वन एवं वन्यजीव संरक्षण को लेकर एक दो दिवसीय CSR कॉन्क्लेव का आयोजन होटल सवाई विलास में किया गया। इस कार्यक्रम में प्रदेशभर के उद्योगपति और वनाधिकारी जुटे, जिसका मुख्य उद्देश्य कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के माध्यम से वन एवं वन्यजीव संरक्षण और स्थानीय समुदायों के विकास को बढ़ावा देना था। कॉन्क्लेव के मुख्य अतिथि वन मंत्री संजय शर्मा रहे, जबकि वन विभाग के एसीएस आनंद कुमार ने इसकी अध्यक्षता की। अरिजीत बनर्जी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद थे। वन मंत्री संजय शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश में वन और वन्यजीव संरक्षण की दिशा में बेहतर कार्य हो रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने देश में पहली बार ऐसी व्यवस्था शुरू की है, जहाँ लोग बिना नर्सरी जाए ऑनलाइन पौधे मंगवा सकते हैं। साथ ही, राजस्थान में पहली बार संभाग स्तर पर वन मेले लगाए गए हैं, जो भविष्य में जिला स्तर पर आयोजित किए जाएंगे। मंत्री ने उद्योगपतियों से अपील करते हुए उनके पिछले सहयोग की सराहना की, जिसमें वन विभाग को फंड, वाहन और संसाधन उपलब्ध कराना तथा जंगल में वन चौकियाँ स्थापित करना शामिल था। उन्होंने विशेष रूप से जंगलों से विस्थापित होने वाले गाँवों की मदद का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि 2022 में वन विभाग ने विस्थापित परिवारों के पैकेज में बढ़ोतरी की थी, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। विस्थापित परिवारों को जो उबड़-खाबड़ ज़मीनें आवंटित की जाती हैं, वे वहाँ जाने से हिचकते हैं। वन मंत्री ने उद्योगपतियों से सीएसआर फंड का उपयोग कर इन उबड़-खाबड़ जमीनों पर विस्थापित गाँवों को गोद लेकर अच्छी सुविधाओं वाली कॉलोनियाँ विकसित करने में सहयोग करने का आह्वान किया। रणथंभौर में बाघों की संख्या पर बात करते हुए वन मंत्री ने कहा कि वर्तमान में रणथंभौर में क्षमता से अधिक बाघ हैं, लेकिन अभी उनके विस्थापन की आवश्यकता कम है। उन्होंने संकेत दिया कि भविष्य में बाघों को रामगढ़ विषधारी और मुकुंदरा जैसे स्थानों पर विस्थापित किया जा सकता है, लेकिन तात्कालिक आवश्यकता नहीं है।1
- मलारना डूंगर उपखंड की ग्राम पंचायत मकसूदनपुरा और श्यामोली में राज्य सरकार के जनकल्याण अभियान के तहत एक ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर की अध्यक्षता मकसूदनपुरा में तहसीलदार रामजीलाल मीणा ने और श्यामोली में विकास अधिकारी नरेंद्र मीणा ने की, जहाँ ग्रामीणों की विभिन्न समस्याओं का तुरंत समाधान किया गया। शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया, जिन्होंने ग्रामीणों को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी, उनकी शिकायतें सुनीं और अनेक मामलों का तुरंत निस्तारण किया। कृषि विभाग ने किसानों को कृषि मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए और उन्हें उन्नत खेती, फसल प्रबंधन तथा विभागीय योजनाओं के बारे में बताया। इसी तरह, राजस्व विभाग ने नामांतरण, सहमति बंटवारे और अन्य राजस्व संबंधी प्रकरणों का मौके पर ही समाधान किया। अन्य विभागों ने भी अपनी-अपनी योजनाओं की जानकारी दी और पात्र लाभार्थियों को उनसे जोड़ने का कार्य किया। शिविर के दौरान, अधिकारियों ने आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों को उनके त्वरित निस्तारण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, जिसमें जनहित से जुड़े मामलों के समाधान पर विशेष जोर दिया गया। एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की सेवाएं उपलब्ध होने से ग्रामीणों ने गहरा संतोष व्यक्त किया। इस अवसर पर स्थानीय मकसूदनपुरा पंचायत प्रशासक उर्मिला देवी, श्यामोली प्रशासक आकांक्षा वर्मा, सहायक विकास अधिकारी गौरी शंकर शर्मा, बिजली विभाग से कमलेश मीणा और शेर सिंह मीणा, पशुपालन विभाग से राजेश गुर्जर (जिन्होंने पशु जीवन बीमा वितरित किए), ऐबरा आयुर्वेदिक वैध लक्ष्मीकांत बंसल, मलारना स्टेशन वैध प्रदीप कुमार, वन विभाग नाका मलारना डूंगर से सुमेर सिंह गुर्जर, जलदाय विभाग से विनोद कुमार, पटवारी नीरज शर्मा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सहित अन्य विभागों के तहसील स्तर के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।1
- श्योपुर से मिली ब्रेकिंग खबर के अनुसार, जिला पंचायत उपाध्यक्ष नीरज जाट ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) सुधीर अग्रवाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। नीरज जाट ने मीडिया को दिए एक बयान में कहा कि पुलिस अधीक्षक ने उन्हें “गड्डे में गाड़ने” की धमकी दी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि न्याय की बात करने पर एक जनप्रतिनिधि के साथ एसपी द्वारा किया गया ऐसा व्यवहार गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।1
- श्योपुर जिले में भारी ओलावृष्टि दर्ज की गई है। इस घटना से संबंधित पूरा वीडियो देखने का आग्रह किया गया है।1
- आप नेता दिलीप राणावत ने पिपल्दा क्षेत्र के किसानपुत्रों के साथ एक बैठक के बाद किसान आंदोलन की घोषणा की है। यह आंदोलन 25 जून को सुबह 11 बजे अम्बेडकर सर्किल इटावा में आयोजित किया जाएगा।1
- गंगापुर सिटी में पांचना बांध से जुड़े मुद्दे पर गुर्जर समाज द्वारा एक विशाल महापंचायत का आयोजन किया जाएगा। यह महापंचायत 25 जून, गुरुवार को हिंगोटिया स्थित भगवान देवनारायण मंदिर में आयोजित होगी।1
- राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने अपने दो दिवसीय कुनो नेशनल उद्यान प्रवास कार्यक्रम के पहले दिन चीता कमांड एवं कंट्रोल सेंटर का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने चीता प्रदर्शनी भी देखी। इस अवसर पर सीसीएफ उत्तम कुमार, कलेक्टर शीला दाहिमा और डीएफओ आर थिरूकुराल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। चीता कमांड एवं कंट्रोल सेंटर परिसर में आयोजित चीता प्रदर्शनी के दौरान राष्ट्रपति को चीता प्रोजेक्ट की अब तक की प्रगति से अवगत कराया गया। जानकारी दी गई कि वर्तमान में भारत में चीतों की कुल संख्या 52 है, जिनमें से 49 चीते कुनो नेशनल पार्क में ही मौजूद हैं, जबकि तीन चीतों को गांधी सागर अभ्यारण, मंदसौर भेजा गया है। राष्ट्रपति द्वारा चीतों के लिए की गई सुविधाओं के बारे में जानकारी मांगने पर बताया गया कि जंगल में हर 2 किलोमीटर पर वाटर पिट बनाए गए हैं।1
- रूपनगर किल गावड़ी से आए एक व्यक्ति की मोटरसाइकिल श्योपुर में पंचर हो गई, जिसके बाद उन्हें मदद की ज़रूरत पड़ी। ऐसे में श्योपुर, मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध बल्लू टी स्टॉल ने आगे आकर उस बाइक सवार की सहायता की और अपनी सेवा भावना का प्रदर्शन किया।1
- गंगापुर सिटी के खंडीप गांव में स्थित धरना स्थल पर किसान महिलाओं ने एक सभा को संबोधित किया। इस संबोधन के दौरान, उन्होंने उपस्थित किसानों को भरोसा दिलाया कि नहरों में पानी अवश्य आएगा।1