दौसा जिले के मंडावर उपखंड क्षेत्र के ग्राम ऊकरूंद में कई दिनों से चल रहे श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का रविवार को श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ भव्य समापन हुआ। कथा के अंतिम दिन श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा, जिससे पूरा गांव धर्ममय वातावरण में रंग गया। कथा के समापन के बाद एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जहाँ हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। इसमें दूर-दराज के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। कथा स्थल पर सुबह से ही श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया था, जिन्होंने कथा वाचक के श्रीमुख से भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, धर्म, भक्ति और मानव कल्याण से जुड़े प्रसंगों को सुनकर स्वयं को भाव-विभोर महसूस किया। कथा के समापन अवसर पर पूरे पंडाल में "जय श्रीकृष्ण" और "राधे-राधे" के जयघोष गूंजते रहे, और श्रद्धालुओं ने कथा के माध्यम से धर्म, संस्कार एवं सदाचार का महत्वपूर्ण संदेश ग्रहण किया। विशाल भंडारे की व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए ग्रामीणों और युवाओं की एक टीम लगातार सेवा कार्य में जुटी रही, जिसमें श्रद्धालुओं के स्वागत, भोजन व्यवस्था, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया। आयोजक काडूराम मीणा ने बताया कि महोत्सव के दौरान प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिसने पूरे क्षेत्र में धार्मिक चेतना और सामाजिक एकता का संदेश दिया, और ग्रामीणों के सहयोग तथा श्रद्धालुओं की आस्था से यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। धार्मिक आयोजनों की यह श्रृंखला अभी जारी रहेगी, क्योंकि 25 एवं 26 जून को ग्राम ऊकरूंद में एक दो दिवसीय विशाल हरिकीर्तन दंगल का आयोजन किया जाएगा। इसमें राजस्थान के विभिन्न जिलों से आने वाली अनेक प्रसिद्ध भजन एवं कीर्तन पार्टियां हिस्सा लेंगी। यह आयोजन पूरी रात चलेगा, जहाँ भक्तिमय भजनों, संकीर्तन और धार्मिक प्रस्तुतियों के माध्यम से श्रद्धालुओं को भक्ति रस की अनुभूति होगी। हरिकीर्तन दंगल को लेकर गांव में विशेष उत्साह का माहौल है और आयोजन समिति द्वारा मंच, प्रकाश व्यवस्था तथा श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था जैसी आवश्यक तैयारियां अंतिम चरण में हैं, जिसके लिए क्षेत्र के श्रद्धालुओं को आमंत्रित किया जा रहा है। गांव के बुजुर्गों का मानना है कि ऐसे धार्मिक आयोजन न केवल आध्यात्मिक चेतना को बढ़ाते हैं, बल्कि सामाजिक समरसता और भाईचारे को भी मजबूत करते हैं। इस अवसर पर रामफूल मीना, जगमोहन जयन, खुशीराम मीना, काडूराम मीना, उमाशंकर मीना, जितेश मीना सहित सैकड़ों ग्रामीण, महिलाएं एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। श्रद्धालुओं ने क्षेत्र की सुख-समृद्धि, खुशहाली और शांति की कामना की, और ऊकरूंद का यह धार्मिक आयोजन क्षेत्र में आस्था, सेवा और सामाजिक एकता का प्रेरणास्रोत बन गया है।
दौसा जिले के मंडावर उपखंड क्षेत्र के ग्राम ऊकरूंद में कई दिनों से चल रहे श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का रविवार को श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ भव्य समापन हुआ। कथा के अंतिम दिन श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा, जिससे पूरा गांव धर्ममय वातावरण में रंग गया। कथा के समापन के बाद एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जहाँ हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। इसमें दूर-दराज के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। कथा स्थल पर सुबह से ही श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया था, जिन्होंने कथा वाचक के श्रीमुख से भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं,
धर्म, भक्ति और मानव कल्याण से जुड़े प्रसंगों को सुनकर स्वयं को भाव-विभोर महसूस किया। कथा के समापन अवसर पर पूरे पंडाल में "जय श्रीकृष्ण" और "राधे-राधे" के जयघोष गूंजते रहे, और श्रद्धालुओं ने कथा के माध्यम से धर्म, संस्कार एवं सदाचार का महत्वपूर्ण संदेश ग्रहण किया। विशाल भंडारे की व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए ग्रामीणों और युवाओं की एक टीम लगातार सेवा कार्य में जुटी रही, जिसमें श्रद्धालुओं के स्वागत, भोजन व्यवस्था, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया। आयोजक काडूराम मीणा ने बताया कि महोत्सव के दौरान प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिसने पूरे क्षेत्र में
धार्मिक चेतना और सामाजिक एकता का संदेश दिया, और ग्रामीणों के सहयोग तथा श्रद्धालुओं की आस्था से यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। धार्मिक आयोजनों की यह श्रृंखला अभी जारी रहेगी, क्योंकि 25 एवं 26 जून को ग्राम ऊकरूंद में एक दो दिवसीय विशाल हरिकीर्तन दंगल का आयोजन किया जाएगा। इसमें राजस्थान के विभिन्न जिलों से आने वाली अनेक प्रसिद्ध भजन एवं कीर्तन पार्टियां हिस्सा लेंगी। यह आयोजन पूरी रात चलेगा, जहाँ भक्तिमय भजनों, संकीर्तन और धार्मिक प्रस्तुतियों के माध्यम से श्रद्धालुओं को भक्ति रस की अनुभूति होगी। हरिकीर्तन दंगल को लेकर गांव में विशेष उत्साह का माहौल है और आयोजन समिति द्वारा मंच, प्रकाश व्यवस्था तथा
श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था जैसी आवश्यक तैयारियां अंतिम चरण में हैं, जिसके लिए क्षेत्र के श्रद्धालुओं को आमंत्रित किया जा रहा है। गांव के बुजुर्गों का मानना है कि ऐसे धार्मिक आयोजन न केवल आध्यात्मिक चेतना को बढ़ाते हैं, बल्कि सामाजिक समरसता और भाईचारे को भी मजबूत करते हैं। इस अवसर पर रामफूल मीना, जगमोहन जयन, खुशीराम मीना, काडूराम मीना, उमाशंकर मीना, जितेश मीना सहित सैकड़ों ग्रामीण, महिलाएं एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। श्रद्धालुओं ने क्षेत्र की सुख-समृद्धि, खुशहाली और शांति की कामना की, और ऊकरूंद का यह धार्मिक आयोजन क्षेत्र में आस्था, सेवा और सामाजिक एकता का प्रेरणास्रोत बन गया है।
- दौसा जिले के मंडावर उपखंड क्षेत्र के ग्राम ऊकरूंद में कई दिनों से चल रहे श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का रविवार को श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ भव्य समापन हुआ। कथा के अंतिम दिन श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा, जिससे पूरा गांव धर्ममय वातावरण में रंग गया। कथा के समापन के बाद एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जहाँ हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। इसमें दूर-दराज के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। कथा स्थल पर सुबह से ही श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया था, जिन्होंने कथा वाचक के श्रीमुख से भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, धर्म, भक्ति और मानव कल्याण से जुड़े प्रसंगों को सुनकर स्वयं को भाव-विभोर महसूस किया। कथा के समापन अवसर पर पूरे पंडाल में "जय श्रीकृष्ण" और "राधे-राधे" के जयघोष गूंजते रहे, और श्रद्धालुओं ने कथा के माध्यम से धर्म, संस्कार एवं सदाचार का महत्वपूर्ण संदेश ग्रहण किया। विशाल भंडारे की व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए ग्रामीणों और युवाओं की एक टीम लगातार सेवा कार्य में जुटी रही, जिसमें श्रद्धालुओं के स्वागत, भोजन व्यवस्था, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया। आयोजक काडूराम मीणा ने बताया कि महोत्सव के दौरान प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिसने पूरे क्षेत्र में धार्मिक चेतना और सामाजिक एकता का संदेश दिया, और ग्रामीणों के सहयोग तथा श्रद्धालुओं की आस्था से यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। धार्मिक आयोजनों की यह श्रृंखला अभी जारी रहेगी, क्योंकि 25 एवं 26 जून को ग्राम ऊकरूंद में एक दो दिवसीय विशाल हरिकीर्तन दंगल का आयोजन किया जाएगा। इसमें राजस्थान के विभिन्न जिलों से आने वाली अनेक प्रसिद्ध भजन एवं कीर्तन पार्टियां हिस्सा लेंगी। यह आयोजन पूरी रात चलेगा, जहाँ भक्तिमय भजनों, संकीर्तन और धार्मिक प्रस्तुतियों के माध्यम से श्रद्धालुओं को भक्ति रस की अनुभूति होगी। हरिकीर्तन दंगल को लेकर गांव में विशेष उत्साह का माहौल है और आयोजन समिति द्वारा मंच, प्रकाश व्यवस्था तथा श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था जैसी आवश्यक तैयारियां अंतिम चरण में हैं, जिसके लिए क्षेत्र के श्रद्धालुओं को आमंत्रित किया जा रहा है। गांव के बुजुर्गों का मानना है कि ऐसे धार्मिक आयोजन न केवल आध्यात्मिक चेतना को बढ़ाते हैं, बल्कि सामाजिक समरसता और भाईचारे को भी मजबूत करते हैं। इस अवसर पर रामफूल मीना, जगमोहन जयन, खुशीराम मीना, काडूराम मीना, उमाशंकर मीना, जितेश मीना सहित सैकड़ों ग्रामीण, महिलाएं एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। श्रद्धालुओं ने क्षेत्र की सुख-समृद्धि, खुशहाली और शांति की कामना की, और ऊकरूंद का यह धार्मिक आयोजन क्षेत्र में आस्था, सेवा और सामाजिक एकता का प्रेरणास्रोत बन गया है।4
- जयपुर शहर के घाट गेट बाजार स्थित नवाब के चौराहे पर मंगलवार शाम मोहर्रम के अवसर पर धार्मिक आस्था और परंपरा का एक भव्य नज़ारा देखने को मिला। ढोल-ताशों की गूंज के बीच अलम निकाले गए, जिन्हें देखने के लिए घाट गेट बाजार में जनसैलाब उमड़ पड़ा और बड़ी संख्या में लोगों ने उनका स्वागत किया। इस आयोजन के दौरान, विभिन्न मोहल्लों के अखाड़ों ने पारंपरिक पट्टेबाजी और अन्य हैरतअंगेज करतबों का शानदार प्रदर्शन किया। युवाओं द्वारा दिखाए गए कौशल और अनुशासन ने उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया, जिससे पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह और भाईचारे का माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही, और रामगंज थाना पुलिस मुस्तैद नजर आई। रामगंज थाना प्रभारी सुभाष यादव अपने पुलिस जाब्ते के साथ पूरी मुस्तैदी से तैनात रहे, वहीं सीएलजी सदस्य और स्थानीय गणमान्य नागरिक भी व्यवस्थाओं में सहयोग करते नजर आए। नवाब के चौराहे पर देर शाम तक ढोल-ताशों की गूंज सुनाई देती रही, और बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं स्थानीय लोग इस धार्मिक आयोजन में शामिल हुए। यह आयोजन शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ, जिसने एक बार फिर जयपुर की गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश की।4
- राजस्थान के अलवर जिले की मालाखेड़ा तहसील में स्थित सारंगपुरा ग्राम पंचायत के सारंगपुरा गाँव में एक हैंडपंप पिछले 6 से 7 महीनों से खराब पड़ा है और उसकी मरम्मत नहीं की गई है।1
- राजस्थान के दौसा जिले में वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना-2026 के अंतर्गत जिले के वरिष्ठ नागरिकों के चयन के लिए बुधवार, 24 जून को जिला कलक्ट्रेट सभागार में कम्प्यूटरीकृत लॉटरी निकाली गई। इस योजना के तहत दौसा जिले के कुल 1302 वरिष्ठ नागरिक विभिन्न धार्मिक स्थलों की तीर्थ यात्रा करेंगे, जिनमें से 1160 यात्रियों को रेल मार्ग से और 142 यात्रियों को हवाई मार्ग से यात्रा की सुविधा मिलेगी। जिला कलक्टर डॉ. सौम्या झा ने बताया कि यह लॉटरी उनकी अध्यक्षता में निकाली गई। उन्होंने जानकारी दी कि राज्य सरकार की बजट घोषणा 2026-27 के अनुसार, पूरे प्रदेश में 56 हजार वरिष्ठ नागरिकों को निःशुल्क तीर्थ यात्रा का लाभ मिलेगा। इनमें से 50 हजार यात्री वातानुकूलित रेल से और 6 हजार यात्री हवाई जहाज से यात्रा करेंगे। इसी क्रम में, दौसा जिले के लिए 1302 यात्रियों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। योजना के तहत, रेल यात्रियों को हरिद्वार-ऋषिकेश-अयोध्या-वाराणसी-सारनाथ, सम्मेदशिखर-पावापुरी-वाराणसी-सारनाथ, मथुरा-वृंदावन-बरसाना-आगरा-अयोध्या, द्वारकापुरी-नागेश्वर-सोमनाथ, तिरूपति-पदमावती, कामाख्या-गुवाहटी, गंगासागर-कोलकता, जगन्नाथपुरी-कोणार्क, रामेश्वरम-मदुरई, वैष्णोदेवी-अमृतसर-वाघा बॉर्डर, गोवा के मंदिर एवं अन्य स्थल चर्च आदि, महाकालेश्वर, उज्जैन-ओमकारेश्वर, त्रयम्बकेश्वर-घृष्णेश्वर-एलोरा, बिहार-शरीफ, पटना साहिब, पटना बिहार और श्रीहजुर साहिब नांदेड़ महाराष्ट्र की यात्रा कराई जाएगी। वहीं, हवाई यात्रा के लिए पशुपतिनाथ, काठमांडू नेपाल का चयन किया गया है। इस अवसर पर जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बिरदी चंद गंगवाल, अतिरिक्त जिला पुलिस अधीक्षक शंकर लाल मीणा, मुख्य जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सीताराम मीणा और देवस्थान विभाग के मुकेश कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।1
- डीग में 24 जून, बुधवार को पंचायत समिति सभागार में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार, दुरुपयोग और मादक पदार्थों की रोकथाम के संबंध में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिला कलेक्टर मयंक मनीष की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में जिला पुलिस अधीक्षक कांबले शरण गोपीनाथ भी मौजूद रहे। बैठक के दौरान अधिकारियों को दवाओं के अवैध क्रय-विक्रय पर प्रभावी नियंत्रण लगाने, मेडिकल स्टोरों की नियमित चेकिंग करने और युवाओं को नशे की गिरफ्त से दूर रखने के लिए दिशा-निर्देश दिए गए। समीक्षा के दौरान बताया गया कि हाल ही में एक निरीक्षण में एक मेडिकल शॉप पर बिना वैध प्रिस्क्रिप्शन और नियमों के विरुद्ध टैबलेट प्रेगाबालिन 300 एमजी पाई गई थी। इस लापरवाही और नियमों के उल्लंघन पर त्वरित संज्ञान लेते हुए संबंधित मेडिकल स्टोर के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की गई है। इस पर जिला कलेक्टर ने संबंधित टीम को निर्देश दिए कि भविष्य में भी ऐसी अवैध और प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री करने वाली दुकानों को चिन्हित कर उनके खिलाफ निरंतर कार्रवाई की जाए। बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि पिछली समीक्षा बैठक के बाद से अब तक क्षेत्र के विभिन्न मेडिकल स्टोरों के 20 से अधिक सघन निरीक्षण हो चुके हैं, जिससे अवैध गतिविधियों में लिप्त तत्वों पर अंकुश लगा है। इस अवसर पर जिला कलेक्टर ने सभी उपस्थित जिला स्तरीय अधिकारियों और कार्मिकों को समाज को नशामुक्त बनाने की शपथ भी दिलवाई। उन्होंने शिक्षा विभाग, कॉलेज शिक्षा, मेडिकल विभाग और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग जैसे विभिन्न विभागों को नशे के विरुद्ध आमजन में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से शपथ, रैली, चित्रकला, निबंध प्रतियोगिता और कार्यशाला जैसे विभिन्न गतिविधियों के नियमित आयोजन के निर्देश दिए। बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर राजकुमार कस्वां, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अखिलेश शर्मा, जिला परिवीक्षा एवं समाज कल्याण अधिकारी कुलदीप सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी मनोज खुराना, सीडीपीओ योगिता शर्मा सहित अन्य विभागों के अधिकारी और पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।4
- धौलपुर के बकालीमाई क्षेत्र में मंगलवार को एक ट्रांसफार्मर में अचानक आग लग जाने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। ट्रांसफार्मर से उठती आग की तेज़ लपटें और घना धुआं देखकर आसपास के लोगों में दहशत फैल गई, जिससे कुछ समय के लिए भय का वातावरण निर्मित हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही तत्काल फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर सफलतापूर्वक काबू पाया। समय रहते आग बुझा दिए जाने से कोई बड़ा हादसा होने से टल गया। इस हादसे में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है, जो एक राहत की बात रही। हालांकि, आग लगने के पीछे के कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है और संबंधित विभाग द्वारा इस मामले की जांच की जा रही है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि फायर ब्रिगेड की तत्परता और त्वरित कार्रवाई के कारण स्थिति को जल्द ही नियंत्रण में कर लिया गया, जिससे लोगों की चिंता कम हुई।1