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राजस्थान के अलवर जिले की मालाखेड़ा तहसील में स्थित सारंगपुरा ग्राम पंचायत के सारंगपुरा गाँव में एक हैंडपंप पिछले 6 से 7 महीनों से खराब पड़ा है और उसकी मरम्मत नहीं की गई है।
Bhagchand
राजस्थान के अलवर जिले की मालाखेड़ा तहसील में स्थित सारंगपुरा ग्राम पंचायत के सारंगपुरा गाँव में एक हैंडपंप पिछले 6 से 7 महीनों से खराब पड़ा है और उसकी मरम्मत नहीं की गई है।
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- राजस्थान के अलवर जिले की मालाखेड़ा तहसील में स्थित सारंगपुरा ग्राम पंचायत के सारंगपुरा गाँव में एक हैंडपंप पिछले 6 से 7 महीनों से खराब पड़ा है और उसकी मरम्मत नहीं की गई है।1
- जयपुर शहर के घाट गेट बाजार स्थित नवाब के चौराहे पर मंगलवार शाम मोहर्रम के अवसर पर धार्मिक आस्था और परंपरा का एक भव्य नज़ारा देखने को मिला। ढोल-ताशों की गूंज के बीच अलम निकाले गए, जिन्हें देखने के लिए घाट गेट बाजार में जनसैलाब उमड़ पड़ा और बड़ी संख्या में लोगों ने उनका स्वागत किया। इस आयोजन के दौरान, विभिन्न मोहल्लों के अखाड़ों ने पारंपरिक पट्टेबाजी और अन्य हैरतअंगेज करतबों का शानदार प्रदर्शन किया। युवाओं द्वारा दिखाए गए कौशल और अनुशासन ने उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया, जिससे पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह और भाईचारे का माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही, और रामगंज थाना पुलिस मुस्तैद नजर आई। रामगंज थाना प्रभारी सुभाष यादव अपने पुलिस जाब्ते के साथ पूरी मुस्तैदी से तैनात रहे, वहीं सीएलजी सदस्य और स्थानीय गणमान्य नागरिक भी व्यवस्थाओं में सहयोग करते नजर आए। नवाब के चौराहे पर देर शाम तक ढोल-ताशों की गूंज सुनाई देती रही, और बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं स्थानीय लोग इस धार्मिक आयोजन में शामिल हुए। यह आयोजन शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ, जिसने एक बार फिर जयपुर की गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश की।4
- दौसा जिले के मंडावर उपखंड क्षेत्र के ग्राम ऊकरूंद में कई दिनों से चल रहे श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का रविवार को श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ भव्य समापन हुआ। कथा के अंतिम दिन श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा, जिससे पूरा गांव धर्ममय वातावरण में रंग गया। कथा के समापन के बाद एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जहाँ हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। इसमें दूर-दराज के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। कथा स्थल पर सुबह से ही श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया था, जिन्होंने कथा वाचक के श्रीमुख से भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, धर्म, भक्ति और मानव कल्याण से जुड़े प्रसंगों को सुनकर स्वयं को भाव-विभोर महसूस किया। कथा के समापन अवसर पर पूरे पंडाल में "जय श्रीकृष्ण" और "राधे-राधे" के जयघोष गूंजते रहे, और श्रद्धालुओं ने कथा के माध्यम से धर्म, संस्कार एवं सदाचार का महत्वपूर्ण संदेश ग्रहण किया। विशाल भंडारे की व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए ग्रामीणों और युवाओं की एक टीम लगातार सेवा कार्य में जुटी रही, जिसमें श्रद्धालुओं के स्वागत, भोजन व्यवस्था, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया। आयोजक काडूराम मीणा ने बताया कि महोत्सव के दौरान प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिसने पूरे क्षेत्र में धार्मिक चेतना और सामाजिक एकता का संदेश दिया, और ग्रामीणों के सहयोग तथा श्रद्धालुओं की आस्था से यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। धार्मिक आयोजनों की यह श्रृंखला अभी जारी रहेगी, क्योंकि 25 एवं 26 जून को ग्राम ऊकरूंद में एक दो दिवसीय विशाल हरिकीर्तन दंगल का आयोजन किया जाएगा। इसमें राजस्थान के विभिन्न जिलों से आने वाली अनेक प्रसिद्ध भजन एवं कीर्तन पार्टियां हिस्सा लेंगी। यह आयोजन पूरी रात चलेगा, जहाँ भक्तिमय भजनों, संकीर्तन और धार्मिक प्रस्तुतियों के माध्यम से श्रद्धालुओं को भक्ति रस की अनुभूति होगी। हरिकीर्तन दंगल को लेकर गांव में विशेष उत्साह का माहौल है और आयोजन समिति द्वारा मंच, प्रकाश व्यवस्था तथा श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था जैसी आवश्यक तैयारियां अंतिम चरण में हैं, जिसके लिए क्षेत्र के श्रद्धालुओं को आमंत्रित किया जा रहा है। गांव के बुजुर्गों का मानना है कि ऐसे धार्मिक आयोजन न केवल आध्यात्मिक चेतना को बढ़ाते हैं, बल्कि सामाजिक समरसता और भाईचारे को भी मजबूत करते हैं। इस अवसर पर रामफूल मीना, जगमोहन जयन, खुशीराम मीना, काडूराम मीना, उमाशंकर मीना, जितेश मीना सहित सैकड़ों ग्रामीण, महिलाएं एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। श्रद्धालुओं ने क्षेत्र की सुख-समृद्धि, खुशहाली और शांति की कामना की, और ऊकरूंद का यह धार्मिक आयोजन क्षेत्र में आस्था, सेवा और सामाजिक एकता का प्रेरणास्रोत बन गया है।4
- विराटनगर क्षेत्र के भोमिया जी की डूंगरीधाम, बीलवाड़ी में इस वर्ष भी वार्षिक धार्मिक कार्यक्रम और विशाल भंडारे का भव्य आयोजन किया गया। हर साल की तरह, यह कार्यक्रम श्री मुरलीदास जी महाराज के पावन सान्निध्य में संपन्न हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। श्रीराम, मुंगेज चेची, जयराम और हंसराज ने बताया कि धाम परिसर सुबह से ही बाबा के जयकारों से गूंज रहा था, जहाँ दूर-दराज से आए भक्तों ने ढोक लगाकर खुशहाली की मन्नतें मांगीं। इस भव्य आयोजन की सबसे खास बात बियावास और बीलवाड़ी गांव के निवासियों का सामूहिक सहयोग रहा। समस्त ग्रामवासियों ने एकजुट होकर सभी व्यवस्थाएं संभालीं, जिससे बाहर से आए हजारों श्रद्धालुओं को आसानी से दर्शन और सुचारू रूप से महाप्रसाद मिल सका। ग्रामीणों के इस सेवा भाव और आपसी भाईचारे की हर तरफ सराहना की जा रही है, जो सामुदायिक भावना की एक अनूठी मिसाल है। श्री मुरलीदास जी महाराज के मार्गदर्शन में आयोजित इस उत्सव में दोपहर को हुए महाभंडारे में भक्तों ने पंगत में बैठकर प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित संतों ने लोक देवता भोमिया जी महाराज की महिमा और सामाजिक समरसता पर विस्तार से प्रकाश डाला। भारी संख्या में उमड़ी भीड़ को देखते हुए ग्रामीण युवाओं द्वारा सुरक्षा और अनुशासन के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। देर शाम तक चले इस सफल भंडारे के समापन पर सभी ग्रामवासियों ने महाराज श्री का आशीर्वाद प्राप्त किया।1
- भिवाड़ी बिलाहेड़ी के रास्ते में पानी भर गया है, जिससे वहां से निकलने का कोई समाधान नहीं मिल पा रहा है।1
- किशनगढ़बास में हुए गैंगरेप मामले को लेकर पीड़ित पक्ष ने एक ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन के माध्यम से पीड़ित पक्ष ने मामले के सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी सुनिश्चित करने और उन्हें समुचित सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है।1
- कोटपूतली-बहरोड़ जिले के बीलवाडी में स्थित भोमिया जी की डूंगरीधाम पर आस्था का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा। विराटनगर क्षेत्र के बियावास स्थित इस धाम पर वार्षिक धार्मिक कार्यक्रम एवं विशाल भंडारे का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। यह कार्यक्रम हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी श्री मुरलीदास जी महाराज के पावन सान्निध्य में संपन्न हुआ, जिसमें भारी संख्या में भक्तगण शामिल हुए।1
- भिवाड़ी में मुख्य रास्ते पर पानी भर गया है, जिसके कारण लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, इस जलभराव की समस्या के समाधान के लिए नगर पालिका परिषद भिवाड़ी की ओर से कोई भी उपाय या हल प्रस्तुत नहीं किया गया है।1