ग्राम खण्डीप में पांचना बांध से कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर चल रही किसान महापंचायत और धरना-प्रदर्शन 19वें दिन भी पूरे जोश और उत्साह के साथ जारी रहा। इस 'किसानों के महाकुंभ' में हजारों की संख्या में पंच-पटेल, किसान, महिलाएं, पुरुष एवं युवा उपस्थित रहे, जिससे जल अधिकार आंदोलन को नई ऊर्जा और मजबूती मिली। आज इस किसान महापंचायत के समर्थन में तहसील नादौती और टोडाभीम क्षेत्र के शेखपुरा, अखाड़ा, किरवाड़ा, सहजनपुर, भोपर, भादरपुर, सोप, कैमा, ल्हावद, तूमापुरा, मिलकसराय और महानन्दपुर ड्योढा सहित अनेक गांवों के पंच-पटेल, किसान, महिला-पुरुष एवं युवा भारी संख्या में धरना स्थल पर पहुंचे। पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति और विधायक रामकेश मीना ने पुष्पवर्षा कर सभी का स्वागत किया और आंदोलन को समर्थन देने के लिए आभार व्यक्त किया। इस दौरान टोंक-सवाई माधोपुर सांसद हरिश्चन्द्र मीना, टोडाभीम विधायक घनश्याम महर, पूर्व विधायक लाखन सिंह मीना और पूर्व मंत्री गोलमा देवी भी आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे। सभी जनप्रतिनिधियों ने किसानों को संबोधित करते हुए उनके संघर्ष को न्यायोचित बताया और आंदोलन को अपना समर्थन देकर किसानों का उत्साहवर्धन किया। पूर्व विधायक लाखन सिंह मीना ने स्पष्ट किया कि जब तक कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पांचना बांध का पानी नहीं छोड़ा जाता, तब तक किसानों के हितों और अधिकारों की रक्षा के लिए हर प्रकार का संघर्ष जारी रहेगा। पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति और विधायक रामकेश मीना ने 24 जून 2026 को समाज के सभी जनप्रतिनिधियों और नेताओं से, चाहे वे किसी भी राजनीतिक दल से जुड़े हों, खण्डीप धरना स्थल पर पहुंचकर किसानों के संघर्ष में भागीदारी निभाने का आह्वान किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि किसानों के अधिकार और न्याय की लड़ाई का मंच है। समिति ने बताया कि 24 जून 2026 को किसान महापंचायत के समर्थन में झारेड़ा, सिंघनिया, श्यामपुर, मूंडरी, लालारामपुरा, गढ़ी पनमेड़ा, फाजीलाबाद, कंवरपुरा और मौसलपुर सहित अनेक गांवों के पंच-पटेल, किसान, युवा, महिलाएं एवं पुरुष सैकड़ों वाहनों के काफिले के साथ खण्डीप पहुंचेंगे। टोडाभीम विधायक घनश्याम महर ने अपने संबोधन में कहा कि संघर्ष समिति के देवीसिंह जी ने सभी समाजों के जनप्रतिनिधियों से 24 जून 2026 को धरना स्थल पर आने का जो आह्वान किया है, यदि वे नहीं आते हैं तो संघर्ष समिति और समाज उन पर कठोर निर्णय लेगा। उन्होंने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार में 'भोलू हलवाई' बैठा है जो जनता की सुध नहीं लेना चाहता और सिर्फ कचौड़ी-समौसे के स्वाद का प्रचार कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों की समस्याओं और कमाण्ड क्षेत्र के अधिकारों की अनदेखी कर रही है। विधायक रामकेश मीना ने कहा कि पूरे राजस्थान के लोग कह रहे हैं कि 70 वर्षों में ऐसा आंदोलन नहीं देखा जिसकी चर्चा दिल्ली तक है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह दो वर्गों को आपस में लड़ाकर राजनीतिक उल्लू सीधा करना चाह रही है, जो नहीं चलेगा। मीना ने सरकार को सब्र की परीक्षा न लेने की चेतावनी देते हुए बताया कि 27 जून तक का अल्टीमेटम दिया गया है और सरकार को नहरों में पानी खोलने का आदेश जारी करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को न हाईकोर्ट के आदेश की चिंता है और न ही जनता की। मीना ने गृहमंत्री के करौली और देवलेन में किसानों से मिलने पर सवाल उठाते हुए कहा कि खण्डीप में बैठे लोग क्या किसान नहीं हैं कि उन्होंने यहां आना उचित नहीं समझा? उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक भी जनहानि होती है तो ये किसान राजस्थान की सरकार को उखाड़ कर फेंक देंगे। सांसद हरिश्चन्द्र मीना ने कहा कि यह मांग किसी वर्ग से नहीं बल्कि सरकार से है और यह माननीय कोर्ट का निर्णय है जिसकी पालना सरकार को करनी चाहिए। उन्होंने विश्वास दिलाया कि इस आंदोलन से अवश्य सफलता मिलेगी और वह किसानों के हर फैसले के साथ हैं, यहां तक कि पांचना पर भी चलने को तैयार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व मंत्री गोलमा देवी जी पांच दिनों से मौजूद हैं लेकिन यह पर्याप्त नहीं है और डॉ. किरोड़ीलाल जी को भी धरना स्थल पर आकर इस अधिकारों की लड़ाई में सहयोग करना चाहिए। सांसद ने सभी नेताओं से इस मंच पर आकर सरकार पर पानी खुलवाने के लिए दबाव बनाने की अपील की।
ग्राम खण्डीप में पांचना बांध से कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर चल रही किसान महापंचायत और धरना-प्रदर्शन 19वें दिन भी पूरे जोश और उत्साह के साथ जारी रहा। इस 'किसानों के महाकुंभ' में हजारों की संख्या में पंच-पटेल, किसान, महिलाएं, पुरुष एवं युवा उपस्थित रहे, जिससे जल अधिकार आंदोलन को नई ऊर्जा और मजबूती मिली। आज इस किसान महापंचायत के समर्थन में तहसील नादौती और टोडाभीम क्षेत्र के शेखपुरा, अखाड़ा, किरवाड़ा, सहजनपुर, भोपर, भादरपुर, सोप, कैमा, ल्हावद, तूमापुरा, मिलकसराय और महानन्दपुर ड्योढा सहित अनेक गांवों के पंच-पटेल, किसान, महिला-पुरुष एवं युवा भारी संख्या में धरना स्थल पर पहुंचे। पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति और विधायक रामकेश मीना ने पुष्पवर्षा कर सभी का स्वागत किया और आंदोलन को समर्थन देने के लिए आभार व्यक्त किया। इस दौरान टोंक-सवाई माधोपुर सांसद हरिश्चन्द्र मीना, टोडाभीम विधायक घनश्याम महर, पूर्व विधायक लाखन सिंह मीना और पूर्व मंत्री गोलमा देवी भी आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे। सभी जनप्रतिनिधियों ने किसानों को संबोधित करते हुए उनके संघर्ष को न्यायोचित बताया और आंदोलन को अपना समर्थन देकर किसानों का उत्साहवर्धन किया। पूर्व विधायक लाखन सिंह मीना ने स्पष्ट किया कि जब तक कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पांचना बांध का पानी नहीं छोड़ा जाता, तब तक किसानों के हितों और अधिकारों की रक्षा के लिए हर प्रकार का संघर्ष जारी रहेगा। पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति और विधायक रामकेश मीना ने 24 जून 2026 को समाज के सभी जनप्रतिनिधियों और नेताओं से, चाहे वे किसी भी राजनीतिक दल से जुड़े हों, खण्डीप धरना स्थल पर पहुंचकर किसानों के संघर्ष में भागीदारी निभाने का आह्वान किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि किसानों के अधिकार और न्याय की लड़ाई का मंच है। समिति ने बताया कि 24 जून 2026 को किसान महापंचायत के समर्थन में झारेड़ा, सिंघनिया, श्यामपुर, मूंडरी, लालारामपुरा, गढ़ी पनमेड़ा, फाजीलाबाद, कंवरपुरा और मौसलपुर सहित अनेक गांवों के पंच-पटेल, किसान, युवा, महिलाएं एवं पुरुष सैकड़ों वाहनों के काफिले के साथ खण्डीप पहुंचेंगे। टोडाभीम विधायक घनश्याम महर ने अपने संबोधन में कहा कि संघर्ष समिति के देवीसिंह जी ने सभी समाजों के जनप्रतिनिधियों से 24 जून 2026 को धरना स्थल पर आने का जो आह्वान किया है, यदि वे नहीं आते हैं तो संघर्ष समिति और समाज उन पर कठोर निर्णय लेगा। उन्होंने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार में 'भोलू हलवाई' बैठा है जो जनता की सुध नहीं लेना चाहता और सिर्फ कचौड़ी-समौसे के स्वाद का प्रचार कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों की समस्याओं और कमाण्ड क्षेत्र के अधिकारों की अनदेखी कर रही है। विधायक रामकेश मीना ने कहा कि पूरे राजस्थान के लोग कह रहे हैं कि 70 वर्षों में ऐसा आंदोलन नहीं देखा जिसकी चर्चा दिल्ली तक है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह दो वर्गों को आपस में लड़ाकर राजनीतिक उल्लू सीधा करना चाह रही है, जो नहीं चलेगा। मीना ने सरकार को सब्र की परीक्षा न लेने की चेतावनी देते हुए बताया कि 27 जून तक का अल्टीमेटम दिया गया है और सरकार को नहरों में पानी खोलने का आदेश जारी करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को न हाईकोर्ट के आदेश की चिंता है और न ही जनता की। मीना ने गृहमंत्री के करौली और देवलेन में किसानों से मिलने पर सवाल उठाते हुए कहा कि खण्डीप में बैठे लोग क्या किसान नहीं हैं कि उन्होंने यहां आना उचित नहीं समझा? उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक भी जनहानि होती है तो ये किसान राजस्थान की सरकार को उखाड़ कर फेंक देंगे। सांसद हरिश्चन्द्र मीना ने कहा कि यह मांग किसी वर्ग से नहीं बल्कि सरकार से है और यह माननीय कोर्ट का निर्णय है जिसकी पालना सरकार को करनी चाहिए। उन्होंने विश्वास दिलाया कि इस आंदोलन से अवश्य सफलता मिलेगी और वह किसानों के हर फैसले के साथ हैं, यहां तक कि पांचना पर भी चलने को तैयार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व मंत्री गोलमा देवी जी पांच दिनों से मौजूद हैं लेकिन यह पर्याप्त नहीं है और डॉ. किरोड़ीलाल जी को भी धरना स्थल पर आकर इस अधिकारों की लड़ाई में सहयोग करना चाहिए। सांसद ने सभी नेताओं से इस मंच पर आकर सरकार पर पानी खुलवाने के लिए दबाव बनाने की अपील की।
- ग्राम खण्डीप में पांचना बांध से कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर चल रही किसान महापंचायत और धरना-प्रदर्शन 19वें दिन भी पूरे जोश और उत्साह के साथ जारी रहा। इस 'किसानों के महाकुंभ' में हजारों की संख्या में पंच-पटेल, किसान, महिलाएं, पुरुष एवं युवा उपस्थित रहे, जिससे जल अधिकार आंदोलन को नई ऊर्जा और मजबूती मिली। आज इस किसान महापंचायत के समर्थन में तहसील नादौती और टोडाभीम क्षेत्र के शेखपुरा, अखाड़ा, किरवाड़ा, सहजनपुर, भोपर, भादरपुर, सोप, कैमा, ल्हावद, तूमापुरा, मिलकसराय और महानन्दपुर ड्योढा सहित अनेक गांवों के पंच-पटेल, किसान, महिला-पुरुष एवं युवा भारी संख्या में धरना स्थल पर पहुंचे। पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति और विधायक रामकेश मीना ने पुष्पवर्षा कर सभी का स्वागत किया और आंदोलन को समर्थन देने के लिए आभार व्यक्त किया। इस दौरान टोंक-सवाई माधोपुर सांसद हरिश्चन्द्र मीना, टोडाभीम विधायक घनश्याम महर, पूर्व विधायक लाखन सिंह मीना और पूर्व मंत्री गोलमा देवी भी आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे। सभी जनप्रतिनिधियों ने किसानों को संबोधित करते हुए उनके संघर्ष को न्यायोचित बताया और आंदोलन को अपना समर्थन देकर किसानों का उत्साहवर्धन किया। पूर्व विधायक लाखन सिंह मीना ने स्पष्ट किया कि जब तक कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पांचना बांध का पानी नहीं छोड़ा जाता, तब तक किसानों के हितों और अधिकारों की रक्षा के लिए हर प्रकार का संघर्ष जारी रहेगा। पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति और विधायक रामकेश मीना ने 24 जून 2026 को समाज के सभी जनप्रतिनिधियों और नेताओं से, चाहे वे किसी भी राजनीतिक दल से जुड़े हों, खण्डीप धरना स्थल पर पहुंचकर किसानों के संघर्ष में भागीदारी निभाने का आह्वान किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि किसानों के अधिकार और न्याय की लड़ाई का मंच है। समिति ने बताया कि 24 जून 2026 को किसान महापंचायत के समर्थन में झारेड़ा, सिंघनिया, श्यामपुर, मूंडरी, लालारामपुरा, गढ़ी पनमेड़ा, फाजीलाबाद, कंवरपुरा और मौसलपुर सहित अनेक गांवों के पंच-पटेल, किसान, युवा, महिलाएं एवं पुरुष सैकड़ों वाहनों के काफिले के साथ खण्डीप पहुंचेंगे। टोडाभीम विधायक घनश्याम महर ने अपने संबोधन में कहा कि संघर्ष समिति के देवीसिंह जी ने सभी समाजों के जनप्रतिनिधियों से 24 जून 2026 को धरना स्थल पर आने का जो आह्वान किया है, यदि वे नहीं आते हैं तो संघर्ष समिति और समाज उन पर कठोर निर्णय लेगा। उन्होंने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार में 'भोलू हलवाई' बैठा है जो जनता की सुध नहीं लेना चाहता और सिर्फ कचौड़ी-समौसे के स्वाद का प्रचार कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों की समस्याओं और कमाण्ड क्षेत्र के अधिकारों की अनदेखी कर रही है। विधायक रामकेश मीना ने कहा कि पूरे राजस्थान के लोग कह रहे हैं कि 70 वर्षों में ऐसा आंदोलन नहीं देखा जिसकी चर्चा दिल्ली तक है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह दो वर्गों को आपस में लड़ाकर राजनीतिक उल्लू सीधा करना चाह रही है, जो नहीं चलेगा। मीना ने सरकार को सब्र की परीक्षा न लेने की चेतावनी देते हुए बताया कि 27 जून तक का अल्टीमेटम दिया गया है और सरकार को नहरों में पानी खोलने का आदेश जारी करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को न हाईकोर्ट के आदेश की चिंता है और न ही जनता की। मीना ने गृहमंत्री के करौली और देवलेन में किसानों से मिलने पर सवाल उठाते हुए कहा कि खण्डीप में बैठे लोग क्या किसान नहीं हैं कि उन्होंने यहां आना उचित नहीं समझा? उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक भी जनहानि होती है तो ये किसान राजस्थान की सरकार को उखाड़ कर फेंक देंगे। सांसद हरिश्चन्द्र मीना ने कहा कि यह मांग किसी वर्ग से नहीं बल्कि सरकार से है और यह माननीय कोर्ट का निर्णय है जिसकी पालना सरकार को करनी चाहिए। उन्होंने विश्वास दिलाया कि इस आंदोलन से अवश्य सफलता मिलेगी और वह किसानों के हर फैसले के साथ हैं, यहां तक कि पांचना पर भी चलने को तैयार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व मंत्री गोलमा देवी जी पांच दिनों से मौजूद हैं लेकिन यह पर्याप्त नहीं है और डॉ. किरोड़ीलाल जी को भी धरना स्थल पर आकर इस अधिकारों की लड़ाई में सहयोग करना चाहिए। सांसद ने सभी नेताओं से इस मंच पर आकर सरकार पर पानी खुलवाने के लिए दबाव बनाने की अपील की।1
- हिंडौन सिटी के मासलपुर स्थित काछीपुरा गांव में आयोजित भागवत कथा के भंडारे के लिए हिंडौन से खरीदा गया 'सोना सिक्का' रिफाइंड तेल नकली निकला है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि 18 जून को हिंडौन की शुभम एंटरप्राइजेज फर्म से करीब ₹3,00,000 में खरीदे गए 100 टिन कनस्तरों में से इस रिफाइंड का उपयोग भोजन बनाने के लिए किया गया। जब हलवाइयों ने पंडितों और घर वालों के लिए भोजन तैयार किया, तो भोजन करने वाले सभी लोगों ने इस रिफाइंड को नकली बताया, जिसके बाद यह मामला सामने आया। काछीपुरा के ग्रामीणों ने नकली रिफाइंड के टिन कनस्तरों से भरी पिकअप के साथ मंगलवार को हिंडौन पहुंचकर मनीराम पार्क के पास स्थित शुभम एंटरप्राइजेज फर्म पर हंगामा किया। ग्रामीणों ने बताया कि टिन कनस्तर पर 'एस ओ एन ए ए' जबकि उसके कवर पर 'एस ओ एन ए' अंकित है। साथ ही, कनस्तर पर 'सिंस 1894' और कवर पर '1884' लिखा होने से उन्हें रिफाइंड के नकली होने का संदेह हुआ। नगर परिषद के नेता प्रतिपक्ष दिनेश चंद सैनी की शिकायत पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम और पुलिस मौके पर पहुंची। खाद्य विभाग करौली के अधिकारी विजय सिंह ने सीएमएचओ के निर्देश पर जांच की, जिसमें पिकअप में रखे 'सोना सिक्का' रिफाइंड के 90 टिन कनस्तरों में गड़बड़ी पाई गई। इनमें से एक कनस्तर को नमूने के तौर पर जब्त कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। अधिकारी विजय सिंह ने बताया कि रिफाइंड में मिलावट की रिपोर्ट मिलने पर नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। इस बीच, नेता प्रतिपक्ष सैनी ने जानकारी दी कि ग्रामीणों के भारी विरोध के बाद शुभम एंटरप्राइजेज फर्म के मालिक ने सभी गड़बड़ टिन कनस्तरों को बदल दिया है। इसके अतिरिक्त, फर्म ने भागवत कथा के भंडारे में ₹1,11,000 का सहयोग भी प्रदान किया है।4
- मलारना डूंगर उपखंड की ग्राम पंचायत मकसूदनपुरा और श्यामोली में राज्य सरकार के जनकल्याण अभियान के तहत एक ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर की अध्यक्षता मकसूदनपुरा में तहसीलदार रामजीलाल मीणा ने और श्यामोली में विकास अधिकारी नरेंद्र मीणा ने की, जहाँ ग्रामीणों की विभिन्न समस्याओं का तुरंत समाधान किया गया। शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया, जिन्होंने ग्रामीणों को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी, उनकी शिकायतें सुनीं और अनेक मामलों का तुरंत निस्तारण किया। कृषि विभाग ने किसानों को कृषि मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए और उन्हें उन्नत खेती, फसल प्रबंधन तथा विभागीय योजनाओं के बारे में बताया। इसी तरह, राजस्व विभाग ने नामांतरण, सहमति बंटवारे और अन्य राजस्व संबंधी प्रकरणों का मौके पर ही समाधान किया। अन्य विभागों ने भी अपनी-अपनी योजनाओं की जानकारी दी और पात्र लाभार्थियों को उनसे जोड़ने का कार्य किया। शिविर के दौरान, अधिकारियों ने आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों को उनके त्वरित निस्तारण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, जिसमें जनहित से जुड़े मामलों के समाधान पर विशेष जोर दिया गया। एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की सेवाएं उपलब्ध होने से ग्रामीणों ने गहरा संतोष व्यक्त किया। इस अवसर पर स्थानीय मकसूदनपुरा पंचायत प्रशासक उर्मिला देवी, श्यामोली प्रशासक आकांक्षा वर्मा, सहायक विकास अधिकारी गौरी शंकर शर्मा, बिजली विभाग से कमलेश मीणा और शेर सिंह मीणा, पशुपालन विभाग से राजेश गुर्जर (जिन्होंने पशु जीवन बीमा वितरित किए), ऐबरा आयुर्वेदिक वैध लक्ष्मीकांत बंसल, मलारना स्टेशन वैध प्रदीप कुमार, वन विभाग नाका मलारना डूंगर से सुमेर सिंह गुर्जर, जलदाय विभाग से विनोद कुमार, पटवारी नीरज शर्मा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सहित अन्य विभागों के तहसील स्तर के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।1
- हिंडौन सिटी का प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह से संवेदनहीन और निष्क्रिय बना हुआ है, जिसके चलते शहर की जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए 'खून के आंसू' रो रही है। नगर परिषद द्वारा आंबेडकर भवन में आयोजित 'जन राहत शिविर' भी महज एक छलावा साबित हो रहे हैं, जहाँ शिकायतों का अंबार लगा है लेकिन समाधान के नाम पर सिर्फ कागजी खानापूर्ति और अधिकारियों द्वारा 'टाइम पास' किया जा रहा है। शहर की विभिन्न कॉलोनियों और मुख्य मार्गों से रोजाना आ रही शिकायतों पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इनमें जगह-जगह 'कचरे के पहाड़' खड़े होना और सफाई विभाग का 'कुंभकर्णी नींद' में होना शामिल है। सीवरेज और पानी निकासी की व्यवस्था ठप पड़ी है, जिससे मामूली बारिश या आम दिनों में भी गंदा पानी सड़कों पर उफन रहा है। इसके अतिरिक्त, कॉलोनियों में स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं और लो-वोल्टेज की समस्या से जनता के बिजली उपकरण खराब हो रहे हैं। सड़कें टूटी हुई हैं और डिवाइडर खस्ताहाल हैं, जिससे रोज हादसे हो रहे हैं, लेकिन सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) 'आंखें मूंदे बैठा' है। प्रशासनिक अराजकता की पराकाष्ठा यह है कि हिंडौन सिटी के एसडीएम का स्थानांतरण (ट्रांसफर) हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद वे रिलीव होकर अपने पद से हट नहीं रहे हैं। इस रवैये के कारण अधिकारियों और कर्मचारियों से जनता के काम करने की उम्मीद नहीं की जा सकती, जिसका परिणाम यह है कि शिविरों में आने वाले 80% लोगों को बिना काम कराए मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। इस स्थिति पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा नेता विष्णु प्रजापत ने कहा कि हिंडौन सिटी का प्रशासन पूरी तरह 'संवेदनहीन' हो चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय अधिकारी 'भजनलाल सरकार की जीरो टॉलरेंस और जन-राहत की मंशा को पलीता लगा रहे हैं' और जनता टूटी सड़कों, सीवरेज के गंदे पानी, बिजली की किल्लत और गंदगी के ढेरों के बीच जीने को मजबूर है। प्रजापत ने चेतावनी दी कि यदि व्यवस्था तुरंत नहीं सुधरी और समस्याओं का मौके पर निस्तारण नहीं हुआ तो 'ईंट से ईंट बजा दी जाएंगी'।2
- करौली जिले के श्यामपुर मूंडरी में नौ गांवों के प्रतिनिधियों ने खंडीप महापंचायत के समर्थन में एक बैठक आयोजित की। इस महत्वपूर्ण बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सभी नौ गांवों के ग्रामीण कल एक साथ मिलकर धरना स्थल की ओर कूच करेंगे।1
- लालसोट में घाटा बालाजी मंदिर के पास खादी भंडार के समीप ढलान पर एक जुगाड़ वाहन मोटरसाइकिल को बचाने के प्रयास में अनियंत्रित होकर पलट गया। इस हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई, लेकिन स्थानीय लोगों की तत्परता से वाहन में सवार सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। गनीमत यह रही कि दुर्घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, हालांकि कुछ लोगों को मामूली चोटें आईं। इस घटना के कारण कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा, जिसे बाद में पुलिस ने सुचारु करवा दिया।1
- गंगापुर सिटी में पांचना बांध से जुड़े मुद्दे पर गुर्जर समाज द्वारा एक विशाल महापंचायत का आयोजन किया जाएगा। यह महापंचायत 25 जून, गुरुवार को हिंगोटिया स्थित भगवान देवनारायण मंदिर में आयोजित होगी।1
- हिन्डौन सिटी में रिफाइंड तेल की बड़े पैमाने पर कालाबाजारी सामने आई है, जहाँ असली मार्का की जगह नकली मार्का 'सोना सिक्का' रिफाइंड तेल धड़ल्ले से बेचा जा रहा है। यह गंभीर स्थिति आमजन के स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा पैदा कर रही है, क्योंकि नकली तेल की बिक्री से जनजीवन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका है।1
- मध्य प्रदेश के श्योपुर स्थित बल्लू टी स्टॉल ने मानवता और भाईचारे का उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया है। हाल ही में, उन्होंने यात्रा के दौरान गुरनावदा से आए प्रेम भाई की मदद की, जिनकी मोटरसाइकिल सफर के बीच में ही पंचर हो गई थी। स्टॉल ने इस अवसर को सेवा के रूप में लिया और एक दूसरे की सहायता करने को सच्ची मानवता की पहचान बताया। बल्लू टी स्टॉल के सदस्यों को प्रेम भाई से मिलकर अत्यंत प्रसन्नता हुई और उन्होंने उनकी सुखद, सुरक्षित और मंगलमय यात्रा के लिए ईश्वर से कामना की। इस दौरान, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि "सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है, और मुसाफिरों की मदद करना सबसे बड़ा पुण्य है।" बल्लू टी स्टॉल ने प्रेम भाई को उनके उज्ज्वल भविष्य और सुरक्षित सफर के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं, यह दोहराते हुए कि वे हमेशा सेवा, सहयोग और भाईचारे के लिए तत्पर रहते हैं।1