संभल में 50 साल पुरानी ऑप्टिकल शॉप के नीचे बेसमेंट की दीवार ढही! संभल में 50 साल पुरानी ऑप्टिकल शॉप के नीचे बेसमेंट की दीवार ढही! अचानक भरभराकर गिरे बेशमेंट में धड़ाम से नीचे गिरे डॉक्टर और मरीज़! मलबे में दबने से ज़ख्मी हुए डॉक्टर और मरीज़! बेसमेंट में कई लोगों के दबे होने की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस! CO कुलदीप कुमार और नगर पालिका के JE सचिन कुमार भी घटनास्थल पर पहुंचे! आसपास के दुकानदारों ने मलबे में दबे डॉक्टर और मरीज को सकुशल बाहर निकाला! गनीमत रही कि हादसे में डॉक्टर और मरीज बच निकले! हादसा तब हुआ जब डॉक्टर वीरेंद्र रस्तोगी अपने मरीज की आंखों का कर रहे थे परीक्षण! हादसे के बाद ऑप्टिकल शॉप को तत्काल कराया गया बंद! CO संभल कुलदीप कुमार बोले, एहतियातन आसपास की दुकानें भी बंद कराई गईं! बताया जा रहा कि चिकित्सक ओर दुकान मालिक के बीच कोर्ट में चल रहा है विवाद! हादसे के बाद प्रशासनिक लापरवाही फिर आई सामने! लगातार हादसों से भी सबक नहीं ले रहा प्रशासन ! सदर कोतवाली से 100 कदम की दूरी का मामला
संभल में 50 साल पुरानी ऑप्टिकल शॉप के नीचे बेसमेंट की दीवार ढही! संभल में 50 साल पुरानी ऑप्टिकल शॉप के नीचे बेसमेंट की दीवार ढही! अचानक भरभराकर गिरे बेशमेंट में धड़ाम से नीचे गिरे डॉक्टर और मरीज़! मलबे में दबने से ज़ख्मी हुए डॉक्टर और
मरीज़! बेसमेंट में कई लोगों के दबे होने की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस! CO कुलदीप कुमार और नगर पालिका के JE सचिन कुमार भी घटनास्थल पर पहुंचे! आसपास के दुकानदारों ने मलबे में दबे डॉक्टर और मरीज को सकुशल बाहर निकाला! गनीमत रही कि
हादसे में डॉक्टर और मरीज बच निकले! हादसा तब हुआ जब डॉक्टर वीरेंद्र रस्तोगी अपने मरीज की आंखों का कर रहे थे परीक्षण! हादसे के बाद ऑप्टिकल शॉप को तत्काल कराया गया बंद! CO संभल कुलदीप कुमार बोले, एहतियातन आसपास की दुकानें भी बंद
कराई गईं! बताया जा रहा कि चिकित्सक ओर दुकान मालिक के बीच कोर्ट में चल रहा है विवाद! हादसे के बाद प्रशासनिक लापरवाही फिर आई सामने! लगातार हादसों से भी सबक नहीं ले रहा प्रशासन ! सदर कोतवाली से 100 कदम की दूरी का मामला
- संभल में 50 साल पुरानी ऑप्टिकल शॉप के नीचे बेसमेंट की दीवार ढही! संभल में 50 साल पुरानी ऑप्टिकल शॉप के नीचे बेसमेंट की दीवार ढही! अचानक भरभराकर गिरे बेशमेंट में धड़ाम से नीचे गिरे डॉक्टर और मरीज़! मलबे में दबने से ज़ख्मी हुए डॉक्टर और मरीज़! बेसमेंट में कई लोगों के दबे होने की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस! CO कुलदीप कुमार और नगर पालिका के JE सचिन कुमार भी घटनास्थल पर पहुंचे! आसपास के दुकानदारों ने मलबे में दबे डॉक्टर और मरीज को सकुशल बाहर निकाला! गनीमत रही कि हादसे में डॉक्टर और मरीज बच निकले! हादसा तब हुआ जब डॉक्टर वीरेंद्र रस्तोगी अपने मरीज की आंखों का कर रहे थे परीक्षण! हादसे के बाद ऑप्टिकल शॉप को तत्काल कराया गया बंद! CO संभल कुलदीप कुमार बोले, एहतियातन आसपास की दुकानें भी बंद कराई गईं! बताया जा रहा कि चिकित्सक ओर दुकान मालिक के बीच कोर्ट में चल रहा है विवाद! हादसे के बाद प्रशासनिक लापरवाही फिर आई सामने! लगातार हादसों से भी सबक नहीं ले रहा प्रशासन ! सदर कोतवाली से 100 कदम की दूरी का मामला4
- सम्भल में खरीफ फसलों की उत्पादकता का आकलन: जिलाधिकारी ने ग्राम भवन और एडीएम ने ग्राम आनंदपुर में की धान की क्रॉप कटिंग ग्राम भवन और आनंदपुर में अधिकारियों ने स्वयं हंसिया चलाकर काटी धान की फसल ग्राम आनंदपुर में 43.30 वर्गमीटर क्षेत्रफल में प्राप्त हुआ 25.800 किलोग्राम धान सम्भल (बहजोई): जिलाधिकारी अंकित खण्डेलवाल के निर्देशन में जनपद सम्भल में खरीफ फसलों की उत्पादकता का सटीक आकलन करने के लिए क्रॉप कटिंग का अभियान तेजी से चलाया जा रहा है। इसी क्रम में आज जिलाधिकारी अंकित खण्डेलवाल और अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) सत्यप्रिय सिंह ने अलग-अलग गांवों में पहुंचकर क्रॉप कटिंग की कार्यवाही का न सिर्फ निरीक्षण किया, बल्कि खेत में उतरकर स्वयं भी धान की फसल काटी। जिलाधिकारी अंकित खण्डेलवाल ने विकासखंड बहजोई के अंतर्गत ग्राम भवन में क्रॉप कटिंग का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने पूरी वैज्ञानिक पद्धति से कराई जा रही कटाई को देखा और किसानों का उत्साह बढ़ाने के लिए खुद भी धान की फसल काटी। दूसरी ओर, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) सत्यप्रिय सिंह ने विकासखंड बहजोई की न्याय पंचायत राजपुर के अंतर्गत ग्राम पंचायत आनंदपुर में क्रॉप कटिंग का निरीक्षण किया। एडीएम ने यहाँ किसान नौशे के खेत (खसरा संख्या 393) में निर्धारित मानकों के अनुसार क्रॉप कटिंग कराई। उन्होंने स्वयं भी फसल की कटाई में हाथ बटाया। ग्राम आनंदपुर में 43.30 वर्गमीटर के निर्धारित क्षेत्रफल में कुल 25.800 किलोग्राम धान की उपज प्राप्त हुई। अपर जिलाधिकारी सत्यप्रिय सिंह ने बताया कि क्रॉप कटिंग की यह कार्यवाही निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार यादृच्छिक (रैंडम) आधार पर चयनित खेतों में की जाती है। इससे प्रति इकाई क्षेत्रफल में प्राप्त उपज का सटीक आकलन कर जनपद की औसत उत्पादकता निर्धारित करने में मदद मिलती है। ये आंकड़े शासन को भेजे जाते हैं, जिससे कृषि योजनाओं और फसल बीमा के निर्धारण में सहायता मिलती है।3
- समाजवादी पार्टी के बागी विधायक राकेश प्रताप सिंह, अभय सिंह, विनोद चतुर्वेदी भाजपा में शामिल, समाजवादी पार्टी के बागी विधायक राकेश प्रताप सिंह, अभय सिंह, विनोद चतुर्वेदी भाजपा में शामिल, पूर्व केंद्रीय मंत्री राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने गौरीगंज में आयोजित कार्यक्रम में सदस्यता ग्रहण कराई,1
- संभल में 26 लाख की अनियमितता पर सवाल, दोबारा जांच में क्लीन चिट?” संभल में 26 लाख की अनियमितता पर सवाल, दोबारा जांच में क्लीन चिट?” संभल की ग्राम पंचायत मवाई ठाकुरान में करीब 26 लाख रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। पहली जांच में अनियमितता पाए जाने की बात कही गई थी, लेकिन आरोप है कि दोबारा जांच में संबंधित लोगों को क्लीन चिट मिल गई। पहली जांच और दूसरी जांच के निष्कर्षों में अंतर क्यों आया? क्या सरकारी धन के खर्च की निष्पक्ष जांच हुई? अब इन सवालों के जवाब ज़रूरी हैं। मामला संभल विकासखंड की ग्राम पंचायत मवाई ठाकुरान का है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, यहां 25 लाख 93 हजार रुपये से अधिक की वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया था। अंत्येष्टि स्थल के निर्माण और उसके भुगतान को लेकर भी सवाल उठे थे। पहली जांच में अनियमितता सामने आने के बाद ग्राम प्रधान के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार प्रतिबंधित किए जाने की कार्यवाही की गई थी। लेकिन अब दोबारा जांच में क्लीन चिट दिए जाने के आरोप ने पूरे मामले को फिर चर्चा में ला दिया है। सवाल यह है कि पहली जांच में जिन बिंदुओं पर आपत्ति उठाई गई थी, क्या दूसरी जांच में उन्हीं बिंदुओं की दोबारा पड़ताल हुई? क्या निर्माण कार्य, भुगतान के अभिलेख और सरकारी धन के इस्तेमाल का भौतिक सत्यापन हुआ? और अगर पहली जांच के निष्कर्षों से दूसरी जांच सहमत नहीं थी, तो उसका आधार क्या रहा? आगे इस मामले में ग्राम प्रधान के साथ पंचायत सचिव और संबंधित अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में स्पष्ट होनी चाहिए। आखिर सरकारी धन के भुगतान की जिम्मेदारी किसकी थी? यदि कोई अनियमितता नहीं हुई, तो जांच रिपोर्ट में उसके ठोस आधार सार्वजनिक होने चाहिए। वहीं, यदि गड़बड़ी हुई थी, तो जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जानी चाहिए। समापन: फिलहाल सबसे बड़ा सवाल पहली और दूसरी जांच के निष्कर्षों को लेकर है। क्या दोबारा जांच में वास्तव में सभी तथ्यों की निष्पक्ष पड़ताल हुई? या अनियमितता के आरोपों को नज़रअंदाज़ किया गया? इन सवालों का जवाब जांच रिपोर्ट और संबंधित अधिकारियों के आधिकारिक पक्ष से ही स्पष्ट होगा।2
- इंजेक्शन लगने के कुछ ही क्षण बाद वृद्ध की मौत, डॉक्टर पर परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप ब्रेकिंग न्यूज़ | सहसवान, बदायूं इंजेक्शन लगने के कुछ ही क्षण बाद वृद्ध की मौत, डॉक्टर पर परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप सहसवान। बदायूं जनपद के सहसवान क्षेत्र के मोहल्ला शहबाजपुर में इंजेक्शन लगने के कुछ ही क्षण बाद एक वृद्ध की मौत का मामला सामने आया है। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। मृतक के परिजनों ने डॉक्टर संजय माहेश्वरी उर्फ बबलू पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों के मुताबिक, इंजेक्शन लगाए जाने के दौरान वृद्ध की हालत बिगड़ गई और सिरिंज निकालने के कुछ ही क्षण बाद उनकी मौत हो गई। वहीं, मोहल्ले के कुछ लोगों ने आरोप लगाया है कि संबंधित डॉक्टर एक ही सिरिंज से कई मरीजों को इंजेक्शन लगाते हैं। स्थानीय लोगों ने यह भी दावा किया कि पहले भी इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। घटना के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि वृद्ध की मौत किन परिस्थितियों में हुई और क्या इलाज के दौरान किसी प्रकार की लापरवाही बरती गई? इन सवालों का जवाब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल, मौत के वास्तविक कारणों और लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। पुलिस की जांच और स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर साफ हो पाएगी।1
- बरेली के रहपुरा में जल्द चमकेगी किस्मत: इंडस्ट्रियल हब बनने की राह साफ, बंद रबर फैक्ट्री के भविष्य पर भी जल्द आएगा बड़ा फैसला- विधायक डॉ. डीसी वर्मा बरेली के रहपुरा में जल्द चमकेगी किस्मत: इंडस्ट्रियल हब बनने की राह साफ, बंद रबर फैक्ट्री के भविष्य पर भी जल्द आएगा बड़ा फैसला- विधायक डॉ. डीसी वर्मा1
- बरेली में दबंगों का तांडव,दलित महिला से मारपीट, 12 दिन बाद भी दर्ज नहीं हुई FIR बरेली। दलित महिला को बुरी तरह पीटा गया घटना के बारह दिन बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं ,बरेली से कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाली खबर सामने आ रही है। अलीगंज थाना क्षेत्र के चुरहा नवदिया गांव में दबंगों की हरकतों से परेशान पीड़ित महिला न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। पीड़िता शीला गौतमी का आरोप है कि गंभीर घटना के 12 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने अब तक आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की है। जमीन पर लकड़ी और मिट्टी हटाने को लेकर विवाद शुरू हुआ था। आरोप है कि जब पीड़ित महिला ने इसका विरोध किया, तो दबंगों ने लाठी, फावड़ा, लोहे की रॉड और चाकू लेकर हमला करने की कोशिश की। इतना ही नहीं, पीड़िता को जातिसूचक शब्द कहे गए, गाली-गलौज की गई और जान से मारने की धमकी दी गई। पीड़िता महिला का आरोप है उसने स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई, तो बौखलाए दबंगों ने पीड़िता के घर पहुंचकर दहशत फैलाने के मकसद से हवाई फायरिंग भी की। आरोप है घटना के समय उसने गैनी चौकी में तहरीर दी थाना अलीगंज में तहरीर दी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई परेशान होकर पीड़िता महिला ने अब क्षेत्राधिकारी आंवला के पास पहुंचकर आरोपियों पर एफआईआर दर्ज करने की गुहार लगाई है। वहीं पुलिस मामले की जांच में जुटी है।1
- मुरादाबाद के भोजपुर क्षेत्र के चांदपुर गांव स्थित ईदगाह मैदान में सालाना जश्ने गौसुल आज़म कॉन्फ्रेंस और जश्ने दस्तारबंदी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देश-विदेश से आए उलमा, मशाइख, खास मेहमान और जायरीन शामिल हुए। इस दौरान मुरादाबाद में जश्ने गौसुल आज़म कॉन्फ्रेंस और दस्तारबंदी मुरादाबाद के भोजपुर क्षेत्र के चांदपुर गांव स्थित ईदगाह मैदान में सालाना जश्ने गौसुल आज़म कॉन्फ्रेंस और जश्ने दस्तारबंदी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देश-विदेश से आए उलमा, मशाइख, खास मेहमान और जायरीन शामिल हुए। इस दौरान समाज सुधार, शिक्षा, नई पीढ़ी की नैतिक और रूहानी ट्रेनिंग तथा आपसी भाईचारे पर जोर दिया गया। मुरादाबाद के भोजपुर क्षेत्र के गांव चांदपुर के ईदगाह मैदान में जामिया मक्किया और खानकाहे कादरिया राहे सुलूक की जानिब से जश्ने गौसुल आज़म कॉन्फ्रेंस का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का आगाज़ कुरआन पाक की तिलावत और नात शरीफ से किया गया। इस मौके पर हजरत अल्लामा सय्यद अमीनुल कादरी ने हजरत सैय्यदना शेख अब्दुल कादिर जिलानी की जिंदगी, शिक्षाओं और धार्मिक सेवाओं पर रोशनी डाली। वक्ताओं ने समाज में सुधार, धार्मिक और आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा देने और नई पीढ़ी की नैतिक व रूहानी ट्रेनिंग पर जोर दिया। कार्यक्रम में जामिया मक्किया के छात्रों की दस्तारबंदी कर उन्हें सम्मानित किया गया। कॉन्फ्रेंस की सरपरस्ती बड़े हुजूर जहीरुल कादरी ने की, जबकि अध्यक्षता अल्लामा ताहिर हुसैन मिस्बाही ने की। इस दौरान कई उलमा और मेहमान मौजूद रहे।3