कवर्धा के पीजी कॉलेज डोम में सहकारिता सप्ताह का समापन एक जिला स्तरीय कृषक संगोष्ठी के साथ हुआ। इस कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि सहकारिता किसानों की समृद्धि का नया आधार बनेगी। उन्होंने सहकारिता के दायरे को धान उपार्जन और बैंकिंग से आगे बढ़ाते हुए दुग्ध उत्पादन, मत्स्य पालन, पशुपालन, कोल्ड स्टोरेज तथा अन्य रोजगारमूलक गतिविधियों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया। इस अवसर पर आठ किसानों को अल्पकालीन कृषि ऋण और मछली कीट वितरित किए गए, वहीं निबंध, प्रश्नोत्तरी और चित्रकला प्रतियोगिताओं की पंद्रह विजेता बालिकाओं को सम्मानित भी किया गया। सांसद संतोष पाण्डेय और विधायक भावना बोहरा ने भी सहकारिता को ग्रामीण विकास और किसानों की आय बढ़ाने का एक प्रभावी माध्यम बताया। उप मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि जिले में सहकारी समितियों की संख्या 90 से बढ़कर 138 हो गई है, जो सहकारिता आंदोलन के विस्तार का स्पष्ट संकेत है।
कवर्धा के पीजी कॉलेज डोम में सहकारिता सप्ताह का समापन एक जिला स्तरीय कृषक संगोष्ठी के साथ हुआ। इस कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि सहकारिता किसानों की समृद्धि का नया आधार बनेगी। उन्होंने सहकारिता के दायरे को धान उपार्जन और बैंकिंग से आगे बढ़ाते हुए दुग्ध
उत्पादन, मत्स्य पालन, पशुपालन, कोल्ड स्टोरेज तथा अन्य रोजगारमूलक गतिविधियों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया। इस अवसर पर आठ किसानों को अल्पकालीन कृषि ऋण और मछली कीट वितरित किए गए, वहीं निबंध, प्रश्नोत्तरी और चित्रकला प्रतियोगिताओं की पंद्रह विजेता बालिकाओं को सम्मानित भी किया गया। सांसद संतोष पाण्डेय और
विधायक भावना बोहरा ने भी सहकारिता को ग्रामीण विकास और किसानों की आय बढ़ाने का एक प्रभावी माध्यम बताया। उप मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि जिले में सहकारी समितियों की संख्या 90 से बढ़कर 138 हो गई है, जो सहकारिता आंदोलन के विस्तार का स्पष्ट संकेत है।
- कवर्धा के पीजी कॉलेज डोम में सहकारिता सप्ताह का समापन एक जिला स्तरीय कृषक संगोष्ठी के साथ हुआ। इस कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि सहकारिता किसानों की समृद्धि का नया आधार बनेगी। उन्होंने सहकारिता के दायरे को धान उपार्जन और बैंकिंग से आगे बढ़ाते हुए दुग्ध उत्पादन, मत्स्य पालन, पशुपालन, कोल्ड स्टोरेज तथा अन्य रोजगारमूलक गतिविधियों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया। इस अवसर पर आठ किसानों को अल्पकालीन कृषि ऋण और मछली कीट वितरित किए गए, वहीं निबंध, प्रश्नोत्तरी और चित्रकला प्रतियोगिताओं की पंद्रह विजेता बालिकाओं को सम्मानित भी किया गया। सांसद संतोष पाण्डेय और विधायक भावना बोहरा ने भी सहकारिता को ग्रामीण विकास और किसानों की आय बढ़ाने का एक प्रभावी माध्यम बताया। उप मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि जिले में सहकारी समितियों की संख्या 90 से बढ़कर 138 हो गई है, जो सहकारिता आंदोलन के विस्तार का स्पष्ट संकेत है।3
- कवर्धा के पीजी कॉलेज डोम में 06 जुलाई 2026 को जिला स्तरीय कृषक संगोष्ठी के साथ सहकारिता सप्ताह का समापन हुआ। भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के पाँच वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 29 जून से 6 जुलाई 2026 तक यह सप्ताह आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि राजनांदगांव लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री संतोष पाण्डेय ने अध्यक्षता की और पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा विशिष्ट अतिथि के तौर पर उपस्थित रहीं। संगोष्ठी का उद्देश्य किसानों को सहकारिता आंदोलन को सशक्त बनाने, आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने और सहकारी संस्थाओं के माध्यम से आर्थिक समृद्धि की ओर बढ़ने का संदेश देना था। इस अवसर पर 08 किसानों को अल्पकालीन कृषि ऋण और मछली कीट प्रदान किया गया, साथ ही निबंध, प्रश्नोत्तरी और चित्रकला प्रतियोगिता में 15 विजेता बालिकाओं को सम्मानित भी किया गया। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने सहकारिता सप्ताह के समापन को एक नए संकल्प और शुरुआत का अवसर बताते हुए कहा कि सहकारिता को केवल पारंपरिक गतिविधियों तक सीमित न रखकर बहुआयामी विकास का मजबूत माध्यम बनाना होगा। उन्होंने सहकारिता का अर्थ एकजुट होकर साझा उद्देश्य के लिए कार्य करना बताया और कहा कि धान उपार्जन व बैंकिंग जैसी व्यवस्थाओं के साथ अब इसे कोल्ड स्टोरेज, दुग्ध उत्पादन, मत्स्य पालन, पशुपालन, गैस एजेंसी संचालन तथा अन्य रोजगारमूलक गतिविधियों तक विस्तारित करने का समय आ गया है, जिससे किसानों और ग्रामीणों की आय बढ़ेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। उन्होंने यह भी बताया कि जिले में पहले 90 सहकारी समितियां थीं, जो अब 40 नई समितियों के गठन के बाद 138 हो गई हैं। उप मुख्यमंत्री ने महान शिक्षाविद् डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के उद्देश्य, यानि समावेशी और संतुलित विकास सुनिश्चित करने, का उल्लेख किया। उन्होंने बस्तर के सहज सहकारिता मॉडल, कबीरधाम के शक्कर कारखाने की सफलता, और गुजरात के बनासकांठा के दुग्ध उत्पादन मॉडल का उदाहरण देते हुए किसानों से सहकारिता को बहुआयामी जनआंदोलन बनाकर नए क्षेत्रों में आगे बढ़ाने का आह्वान किया। राजनांदगांव लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री संतोष पाण्डेय ने सहकारिता को साथ मिलकर कार्य करने और सहयोग की भावना बताया, जिसे भारत के गांवों में प्राचीन काल से जीवंत बताया गया। उन्होंने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के बाद इस क्षेत्र को मिली नई दिशा और गति की सराहना की। पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा ने किसानों की मेहनत को छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा बनाने का श्रेय दिया और कहा कि सहकारिता मंत्रालय के गठन से यह क्षेत्र एक जनभागीदारी आंदोलन के रूप में उभरा है। उन्होंने कहा कि सहकारिता से पशुपालन, मत्स्य पालन जैसी आजीविका आधारित गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि सहकारिता आंदोलन और व्यापक स्वरूप ग्रहण करेगा तथा छत्तीसगढ़ के किसान अपनी पहचान को मजबूत करेंगे। इस कार्यक्रम में गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्री बिसेषर पटेल, कृषक कल्याण परिषद के अध्यक्ष श्री सुरेश चंद्रवंशी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, नगर पालिका अध्यक्ष श्री चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, पुलिस प्राधिकरण सदस्य श्री भगत पटेल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य श्री रामकुमार भट्ट, श्रीमती दीपा पप्पु धुर्वे, डाॅ. बीरेन्द्र साहू, श्री रोशन दुबे, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री विदेशी राम धुर्वे, श्री संतोष पटेल, श्री लोकचंद साहू, श्री विजय पाटिल, कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि और किसान उपस्थित थे।1
- Post by Dilip kumar Yadav3
- मुंगेली जिले के लोरमी में 5 जुलाई 2026 को घर में घुसकर एक महिला और एक नाबालिग से छेड़छाड़ की घटना सामने आई है। दो आरोपियों ने इस वारदात को अंजाम दिया और जब परिजनों ने विरोध किया, तो उनके साथ मारपीट कर मौके से फरार हो गए। इस गंभीर मामले में SSP भोजराम पटेल के निर्देश पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अरविंद राजपूत और लखन राजपूत को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों के खिलाफ BNS और POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है।1
- छत्तीसगढ़ के नकटी गांव से एक बड़ी और दुखद खबर सामने आई है, जहां प्रशासन ने गरीब परिवारों के आशियानों पर बुलडोजर चला दिया है। जानकारी के मुताबिक, नकटी गांव में 'विधायक कॉलोनी' बनाने के उद्देश्य से बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ की गई, जिसमें प्रशासन ने सरकारी जमीन पर बने 85 घरों को 'अवैध कब्जा' बताते हुए ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई के परिणामस्वरूप, आज कई गरीब परिवार खुले आसमान के नीचे आ गए हैं और बेघर हो गए हैं। इस बेदखली की कार्रवाई के बाद पूरे गांव में हड़कंप मच गया है। घर टूटने के बाद इन गरीब परिवारों के दुख का कोई ठिकाना नहीं रहा; महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग अपना सामान समेटे सड़क पर बैठे रोते-बिलखते दिख रहे हैं। पीड़ित परिवारों का कहना है कि वे कई वर्षों से यहां रह रहे थे और उनके छोटे-छोटे बच्चे हैं। उन्होंने अपनी परेशानी बयां करते हुए सवाल किया कि इन बरसात और गर्मी के दिनों में वे आखिर कहां जाएंगे, क्योंकि उनके घरों को बिना किसी ठोस व्यवस्था के उजाड़ दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों में प्रशासन और नेताओं के खिलाफ भारी गुस्सा देखा जा रहा है। ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि क्या बड़े लोगों के लिए कॉलोनी बनाने हेतु गरीब परिवारों को बेघर करना आवश्यक था। प्रशासन की ओर से अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि इन बेघर हुए परिवारों को कहीं और जमीन या घर उपलब्ध कराए जाएंगे या नहीं।1
- कबीरधाम पुलिस ने जिले में अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से होटल, ढाबा एवं रेस्टोरेंटों में आकस्मिक जांच अभियान चलाया। पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेंद्र सिंह (IPS) के निर्देश तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री पुष्पेंद्र बघेल एवं श्री अमित पटेल के मार्गदर्शन में एसडीओपी कवर्धा श्री आशीष शुक्ला के पर्यवेक्षण में यह विशेष अभियान चलाया गया। इस क्रम में, कोतवाली थाना, एएनटीएफ (ANTF) और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने कवर्धा शहर के नवीन बाजार, नया बस स्टैंड और राजनांदगांव बायपास सहित विभिन्न क्षेत्रों में होटलों, ढाबों और रेस्टोरेंटों की सघन जांच की। चेकिंग के दौरान, पुलिस टीम ने कई होटल, ढाबा एवं रेस्टोरेंट संचालकों को ग्राहकों को अवैध रूप से शराब पिलाते हुए पाया। इन संबंधित संचालकों को मौके से हिरासत में लेकर थाना लाया गया और उनके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की गई। अभियान के तहत एक अन्य कार्रवाई में, एक होटल संचालक की स्कूटी की तलाशी के दौरान उसमें प्लेन देशी शराब रखी हुई मिली, जिसे पुलिस ने मौके पर ही जब्त कर लिया। संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध आबकारी अधिनियम के तहत आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। एसडीओपी कवर्धा श्री आशीष शुक्ला ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक स्थानों पर अवैध रूप से शराब परोसने, शराब पिलाने तथा अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के विरुद्ध कबीरधाम पुलिस का यह अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने होटल, ढाबा एवं रेस्टोरेंट संचालकों को नियमों का पालन करने के सख्त निर्देश दिए हैं और चेतावनी दी है कि उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि यदि उन्हें कहीं भी अवैध शराब बिक्री, शराब पिलाने या अन्य आपराधिक गतिविधियों की जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस को सूचित करें, जिसकी पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी। कबीरधाम पुलिस ने यह भी बताया कि जिलेभर में इसी प्रकार के आकस्मिक निरीक्षण एवं विशेष अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेंगे ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लग सके।1
- केसीजी जिले में पिछले एक सप्ताह से लगातार हो रही झमाझम बारिश ने लोगों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत दी है। 6 जुलाई सोमवार दोपहर 12 बजे मिली जानकारी के अनुसार, इस समय पर हुई वर्षा से खेतों में धान की बुवाई का काम तेजी से चल रहा है और किसान बेहद उत्साहित हैं। यह अच्छी बारिश खरीफ की फसलों के लिए काफी फायदेमंद मानी जा रही है। हालांकि, लगातार बारिश के कारण जिले के कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। सलोनी और कातलवाही जैसे कई गांवों की गलियों में पानी भर जाने से लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी बीच, जिले के कई नदी-नाले उफान पर हैं और उनका जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। एक चिंताजनक घटना धनगांव से सामने आई है, जहाँ धान की बुवाई करके लौटते समय एक किसान परिवार उफनती नदी को ट्रैक्टर सहित पार करते हुए दिखाई दिया। हैरान करने वाली बात यह है कि घटनास्थल से लगभग दो किलोमीटर दूर एक सुरक्षित पुल भी मौजूद है। इस परिवार ने शॉर्टकट अपनाने के चक्कर में अपनी जान जोखिम में डाल दी, और तेज बहाव के बीच नदी पार करने की यह हरकत किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती थी। मौसम विभाग ने केसीजी जिले में अगले पाँच दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताई है। इसे देखते हुए, प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे नदी-नालों और पुल-पुलियों पर पानी होने की स्थिति में उन्हें पार न करें, बल्कि सुरक्षित मार्गों का ही उपयोग करें। प्रशासन ने मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने पर भी जोर दिया है। इस लगातार बारिश से जहाँ एक ओर किसानों के लिए नई उम्मीद जगी है, वहीं दूसरी ओर आम लोगों को भी अत्यधिक सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।1