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ढकनी बिगहा गांव में ज़मीनी विवाद को लेकर हुई मारपीट में चार लोग गिरफ्तार मखदुमपुर। थाना क्षेत्र के ढकनी बिगहा गांव में जमीनी विवाद को लेकर दो गुटों में जमकर मारपीट हुई, मारपीट की घटना में अरविंद पासवान एवं कंचन देवी घायल हो गई। दोनों घायलों को ग्रामीणों के सहयोग से रेफरल अस्पताल मखदुमपुर में भर्ती कराया गया जहां चिकित्सकों ने दोनों का इलाज किया है। वही मारपीट की घटना के बाद दोनों पक्षो ने एक दूसरे पर प्राथमिकी दर्ज किया है। वहीं पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षो से दो-दो लोगों को गिरफ्तार किया है। रविवार की शाम मामले की जानकारी देते हुए थाना अध्यक्ष राजेश कुमार ने बताया कि थाना क्षेत्र के ढकनी बिगहा गांव से भूमि विवाद को लेकर मारपीट का मामला सामने आया था जिसमें प्राथमिकी दर्ज करते हुए दोनों पक्षों से दो-दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार लोगों में महेश पासवान, अनिल पासवान, सुजीत पासवान एवं सत्येंद्र पासवान शामिल है। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार सभी लोगों को जेल भेज दिया गया है।

5 hrs ago
user_Ramesh Kumar
Ramesh Kumar
Local News Reporter मखदूमपुर, जहानाबाद, बिहार•
5 hrs ago

ढकनी बिगहा गांव में ज़मीनी विवाद को लेकर हुई मारपीट में चार लोग गिरफ्तार मखदुमपुर। थाना क्षेत्र के ढकनी बिगहा गांव में जमीनी विवाद को लेकर दो गुटों में जमकर मारपीट हुई, मारपीट की घटना में अरविंद पासवान एवं कंचन देवी घायल हो गई। दोनों घायलों को ग्रामीणों के सहयोग से रेफरल अस्पताल मखदुमपुर में भर्ती कराया गया जहां चिकित्सकों ने दोनों का इलाज किया है। वही मारपीट की घटना के बाद दोनों पक्षो ने एक दूसरे पर प्राथमिकी दर्ज किया है। वहीं पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षो से दो-दो लोगों को गिरफ्तार किया है। रविवार की शाम मामले की जानकारी देते हुए थाना अध्यक्ष राजेश कुमार ने बताया कि थाना क्षेत्र के ढकनी बिगहा गांव से भूमि विवाद को लेकर मारपीट का मामला सामने आया था जिसमें प्राथमिकी दर्ज करते हुए दोनों पक्षों से दो-दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार लोगों में महेश पासवान, अनिल पासवान, सुजीत पासवान एवं सत्येंद्र पासवान शामिल है। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार सभी लोगों को जेल भेज दिया गया है।

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  • जहानाबाद में सड़क हादसे में एक बाइक सवार युवक घायल हो गया। घटना कसंई के पास की है। बताया जाता है कि चालीसा मिल्की निवासी नागेश कुमार जहानाबाद से काम कर बाइक से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार ऑटो ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद ऑटो चालक मौके से फरार हो गया। टक्कर लगते ही नागेश कुमार सड़क पर गिरकर घायल हो गए। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों की भीड़ जुट गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत डायल 112 पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घायल युवक को अपने वाहन से इलाज के लिए जहानाबाद सदर अस्पताल पहुंचाया। सदर अस्पताल में नागेश कुमार का इलाज जारी है। वहीं पुलिस फरार ऑटो चालक की पहचान और तलाश में जुट गई है।
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    जहानाबाद में सड़क हादसे में एक बाइक सवार युवक घायल हो गया। घटना कसंई के पास की है। बताया जाता है कि चालीसा मिल्की निवासी नागेश कुमार जहानाबाद से काम कर बाइक से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार ऑटो ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद ऑटो चालक मौके से फरार हो गया। टक्कर लगते ही नागेश कुमार सड़क पर गिरकर घायल हो गए। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों की भीड़ जुट गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत डायल 112 पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घायल युवक को अपने वाहन से इलाज के लिए जहानाबाद सदर अस्पताल पहुंचाया। सदर अस्पताल में नागेश कुमार का इलाज जारी है। वहीं पुलिस फरार ऑटो चालक की पहचान और तलाश में जुट गई है।
    user_Pawan Kumar
    Pawan Kumar
    पत्रकार जहानाबाद, जहानाबाद, बिहार•
    4 hrs ago
  • bike panchar Dukan Aurangabad
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    bike panchar Dukan Aurangabad
    user_Niraj Kumar
    Niraj Kumar
    Video Creator जहानाबाद, जहानाबाद, बिहार•
    14 hrs ago
  • गया शहर के माडनपुर ब्रह्मयोनि सीढ़ी स्थित सावित्री मंदिर के प्रांगण में सावित्री कुंड में मोहल्लेवासी के सहयोग से श्रमदान कर कुंड का उड़ाही सफाई का कार्य किया जा रहा है। यहां पर सालोभर पर्यटक एवं पिंडदानी आते है।
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    गया शहर के माडनपुर ब्रह्मयोनि सीढ़ी स्थित सावित्री मंदिर के प्रांगण में सावित्री कुंड में मोहल्लेवासी के सहयोग से श्रमदान कर कुंड का उड़ाही सफाई का कार्य किया जा रहा है। यहां पर सालोभर पर्यटक एवं पिंडदानी आते है।
    user_Uma Shanker singh
    Uma Shanker singh
    रिपोर्टर Gaya, Bihar•
    7 hrs ago
  • मध्यप्रदेश को देश का हिर्दय कहाँ जहाँ हैँ! लेकिन इसी हिर्दय प्रदेश से एक हिर्दयविदारक तस्वीर सामने आई हैँ! मध्यप्रदेश से आई ईस तस्वीर ने इन दिनों पूरे देश को भीतर तक झकझोर कर रख दिया है। यह कोई साधारण तस्वीर नहीं हैँ बल्कि यह ममता, त्याग और एक माँ के अटूट प्रेम की ऐसी कहानी है जिसे शब्दों में बाँधना आसान नहीं। बताया जा रहा है कि नर्मदा नदी में हुए एक दर्दनाक हादसे के दौरान एक माँ अपने छोटे से मासूम बेटे के साथ पानी में फँस गई। मौत सामने खड़ी थी, सांसें थमने को थी लेकिन उस माँ ने आखिरी पल तक अपने बेटे का साथ नहीं छोड़ा। ईस पुरे तस्वीर में दिल दहला देने वाली बात यह है कि माँ ने लाइफ जैकेट पहन रखी थी। चाहती तो शायद अपनी जान बचा सकती थी, किनारे तक पहुँच सकती थी, अपनी ज़िंदगी को एक और मौका दे सकती थी। लेकिन उस पल में उसने खुद को नहीं, अपने बच्चे को चुना। उसने अपने बेटे को सीने से इस कदर चिपका लिया मानो कह रही हो “तू है तो मैं हूँ और तू नहीं, तो मैं भी नहीं। रेस्क्यू टीम जब मौके पर पहुँची, तो जो दृश्य सामने आया उसने हर किसी की आँखें नम कर दीं। माँ और बेटा दोनों एक ही लाइफ जैकेट में, एक दूसरे से लिपटे हुए थे जैसे मौत भी उनके रिश्ते को अलग नहीं कर पाई। यह सिर्फ एक हादसा नहीं है, बल्कि यह माँ के प्रेम की वो पराकाष्ठा है जहाँ अपनी सांसों से ज्यादा अहम अपने बच्चे की सांसें हो जाती हैं। यह तस्वीर हमें याद दिलाती है कि माँ का दिल कितना विशाल होता है!वो अपने बच्चे के लिए हर दर्द, हर मुश्किल, यहाँ तक कि मौत को भी गले लगा लेती है। आज यह तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल जरूर है, लेकिन इसके पीछे छिपी कहानी हर दिल में एक खालीपन और एक गहरी टीस छोड़ जाती है। आइए अब आपको पुरी खबर को विस्तार से बताते है!लेकिन उससे पहले ईस विडिओ को शेयर कर दीजियेगा!और माँ केलिए दो शब्द कमेंट बॉक्स में जरूर लिखियेगा! मध्यप्रदेश के जबलपुर से आई ईस तस्वीर ने पूरे देश की संवेदनाओं को झकझोर दिया है। यह सिर्फ एक दु:खद दृश्य नहीं, बल्कि हमारी व्यवस्थाओं पर एक मौन लेकिन तीखा सवाल है। बरगी डैम में हुए ईस क्रूज़ हादसे में 9 जिंदगियां बुझ गईं, जबकि 28 लोगों को बचा लिया गया। बचाव दल SDRF, NDRF और पुलिस ने सराहनीय तत्परता दिखाई। लेकिन सवाल यह है कि क्या ऐसी त्रासदियों को होने से पहले रोका नहीं जा सकता था क्या! पर्यटन और मनोरंजन के नाम पर चलने वाली जल परिवहन सेवाओं में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन होना चाहिए था ! पर अक्सर यह कागजों तक सीमित रह जाता है। क्या उस क्रूज़ में यात्रियों की संख्या निर्धारित सीमा के भीतर थी! क्या सभी के लिए पर्याप्त और अलग अलग लाइफ जैकेट उपलब्ध थे ! क्या चालक और स्टाफ प्रशिक्षित थे? क्या मौसम और जल स्तर की स्थिति का आकलन किया गया था! ये वही बुनियादी प्रश्न हैं जिनके जवाब हर हादसे के बाद धुंधले पड़ जाते हैं। इस घटना की सबसे मार्मिक तस्वीर, मां की अंतिम पकड़ दिख रही हैँ जो हमें यह याद दिलाती है कि संकट की घड़ी में इंसान अपनी आखिरी ताकत भी अपनों को बचाने में लगा देता है। लेकिन राज्य और व्यवस्था की जिम्मेदारी है कि ऐसी घड़ी आने ही न दे। हर मौत के बाद मुआवजा और जांच की घोषणाएं होती हैं, पर क्या उनसे व्यवस्था सुधरती है! जरूरत है सख्त और पारदर्शी कार्रवाई की! दोषियों की जवाबदेही तय हो, सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कठोर दंड हो, और सभी जल पर्यटन गतिविधियों के लिए अनिवार्य सुरक्षा ऑडिट लागू किया जाए। स्थानीय प्रशासन को नियमित निरीक्षण, लाइसेंसिंग और आपातकालीन तैयारी की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। यह हादसा केवल एक खबर नहीं है बल्कि यह चेतावनी है। अगर अब भी हमने सबक नहीं लिया, तो ऐसी मार्मिक तस्वीरें बार बार हमारे सामने आती रहेंगी। एक मां ने अपने बच्चे को आखिरी सांस तक नहीं छोड़ा! क्या हमारी व्यवस्था भी अपनी जिम्मेदारी को इतनी ही मजबूती से पकड़ पाएगी?लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं दिखता हैँ! यहां तो सिर्फ दिख रहा हैँ बस माँ की आखिरी पकड़ और सिस्टम की ढीली पकड़!ईस विडिओ से ये सिख मिलती हैँ की लहरें तो शांत हो जाएंगी लेकिन उस मां की ममता और इस हादसे का दर्द हमेशा गूंजता रहेगा बाक़ी ईस विडिओ को देख कर कमेंट बॉक्स में माँ केलिए दो शब्द माँ तुझे सलाम जरूर लिखियेगा, धन्यवाद
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    मध्यप्रदेश को देश का हिर्दय कहाँ जहाँ हैँ! लेकिन इसी हिर्दय प्रदेश से  एक हिर्दयविदारक तस्वीर सामने आई हैँ! मध्यप्रदेश से आई ईस तस्वीर ने इन दिनों पूरे देश को भीतर तक झकझोर कर रख दिया है। यह कोई साधारण तस्वीर नहीं हैँ बल्कि यह ममता, त्याग और एक माँ के अटूट प्रेम की ऐसी कहानी है जिसे शब्दों में बाँधना आसान नहीं। बताया जा रहा है कि नर्मदा नदी में हुए एक दर्दनाक हादसे के दौरान एक माँ अपने छोटे से मासूम बेटे के साथ पानी में फँस गई। मौत सामने खड़ी थी, सांसें थमने को थी लेकिन उस माँ ने आखिरी पल तक अपने बेटे का साथ नहीं छोड़ा। ईस पुरे तस्वीर में दिल दहला देने वाली बात यह है कि माँ ने लाइफ जैकेट पहन रखी थी। चाहती तो शायद अपनी जान बचा सकती थी, किनारे तक पहुँच सकती थी, अपनी ज़िंदगी को एक और मौका दे सकती थी। लेकिन उस पल में उसने खुद को नहीं, अपने बच्चे को चुना। उसने अपने बेटे को सीने से इस कदर चिपका लिया मानो कह रही हो “तू है तो मैं हूँ और तू नहीं, तो मैं भी नहीं। रेस्क्यू टीम जब मौके पर पहुँची, तो जो दृश्य सामने आया उसने हर किसी की आँखें नम कर दीं। माँ और बेटा दोनों एक ही लाइफ जैकेट में, एक दूसरे से लिपटे हुए थे जैसे मौत भी उनके रिश्ते को अलग नहीं कर पाई। यह सिर्फ एक हादसा नहीं है, बल्कि यह माँ के प्रेम की वो पराकाष्ठा है जहाँ अपनी सांसों से ज्यादा अहम अपने बच्चे की सांसें हो जाती हैं। यह तस्वीर हमें याद दिलाती है कि माँ का दिल कितना विशाल होता है!वो अपने बच्चे के लिए हर दर्द, हर मुश्किल, यहाँ तक कि मौत को भी गले लगा लेती है। आज यह तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल जरूर है, लेकिन इसके पीछे छिपी कहानी हर दिल में एक खालीपन और एक गहरी टीस छोड़ जाती है।
आइए अब आपको पुरी खबर को विस्तार से बताते है!लेकिन उससे पहले ईस विडिओ को शेयर कर दीजियेगा!और माँ केलिए दो शब्द कमेंट बॉक्स में जरूर लिखियेगा! मध्यप्रदेश के जबलपुर से आई ईस तस्वीर ने पूरे देश की संवेदनाओं को झकझोर दिया है। यह सिर्फ एक दु:खद दृश्य नहीं, बल्कि हमारी व्यवस्थाओं पर एक मौन लेकिन तीखा सवाल है। बरगी डैम में हुए ईस क्रूज़ हादसे में 9 जिंदगियां बुझ गईं, जबकि 28 लोगों को बचा लिया गया। बचाव दल SDRF, NDRF और पुलिस ने सराहनीय तत्परता दिखाई। लेकिन सवाल यह है कि क्या ऐसी त्रासदियों को होने से पहले रोका नहीं जा सकता था क्या! पर्यटन और मनोरंजन के नाम पर चलने वाली जल परिवहन सेवाओं में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन होना चाहिए था ! पर अक्सर यह कागजों तक सीमित रह जाता है। क्या उस क्रूज़ में यात्रियों की संख्या निर्धारित सीमा के भीतर थी! क्या सभी के लिए पर्याप्त और अलग अलग लाइफ जैकेट उपलब्ध थे ! क्या चालक और स्टाफ प्रशिक्षित थे? क्या मौसम और जल स्तर की स्थिति का आकलन किया गया था!  ये वही बुनियादी प्रश्न हैं जिनके जवाब हर हादसे के बाद धुंधले पड़ जाते हैं। इस घटना की सबसे मार्मिक तस्वीर,  मां की अंतिम पकड़ दिख रही हैँ जो हमें यह याद दिलाती है कि संकट की घड़ी में इंसान अपनी आखिरी ताकत भी अपनों को बचाने में लगा देता है। लेकिन राज्य और व्यवस्था की जिम्मेदारी है कि ऐसी घड़ी आने ही न दे। हर मौत के बाद मुआवजा और जांच की घोषणाएं होती हैं, पर क्या उनसे व्यवस्था सुधरती है!  जरूरत है सख्त और पारदर्शी कार्रवाई की! दोषियों की जवाबदेही तय हो, सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कठोर दंड हो, और सभी जल पर्यटन गतिविधियों के लिए अनिवार्य सुरक्षा ऑडिट लागू किया जाए। स्थानीय प्रशासन को नियमित निरीक्षण, लाइसेंसिंग और आपातकालीन तैयारी की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। यह हादसा केवल एक खबर नहीं है बल्कि यह चेतावनी है। अगर अब भी हमने सबक नहीं लिया, तो ऐसी मार्मिक तस्वीरें बार बार हमारे सामने आती रहेंगी। एक मां ने अपने बच्चे को आखिरी सांस तक नहीं छोड़ा! क्या हमारी व्यवस्था भी अपनी जिम्मेदारी को इतनी ही मजबूती से पकड़ पाएगी?लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं दिखता हैँ! यहां तो सिर्फ दिख रहा हैँ बस माँ की आखिरी पकड़ और सिस्टम की ढीली पकड़!ईस विडिओ से ये सिख मिलती हैँ की लहरें तो शांत हो जाएंगी लेकिन उस मां की ममता और इस हादसे का दर्द हमेशा गूंजता रहेगा बाक़ी ईस विडिओ को देख कर कमेंट बॉक्स में माँ केलिए दो शब्द माँ तुझे सलाम जरूर लिखियेगा, धन्यवाद
    user_हेमन्त कुमार  सिंह
    हेमन्त कुमार सिंह
    जनहित मे समर्पित Wazirganj•
    8 hrs ago
  • मगध क्षेत्र एक बार फिर अपनी ऐतिहासिक पहचान और भाषा को लेकर चर्चा में है। “मगध चेतना मंच” के अध्यक्ष अनिल कुमार सिंह ने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की है कि मगध के समग्र विकास के लिए विशेष योजनाएं बनाई जाएं और प्राचीन भाषा ‘मगही’ को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किया जाए। उनका कहना है कि यह केवल एक भाषा का मुद्दा नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की सांस्कृतिक अस्मिता से जुड़ा विषय है। इतिहास के पन्नों में मगध का नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है। चंद्रगुप्त मौर्य द्वारा स्थापित मौर्य साम्राज्य ने प्रशासन और राजनीति का एक नया आदर्श प्रस्तुत किया, जबकि सम्राट अशोक ने बौद्ध धर्म के प्रचार के जरिए भारत की शांति और संस्कृति का संदेश विश्वभर में फैलाया। यह भूमि प्राचीन काल से ही ज्ञान, शासन और संस्कृति का केंद्र रही है। इसी विरासत को ध्यान में रखते हुए मंच का कहना है कि ‘मगही’ भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि हजारों वर्षों की सांस्कृतिक धरोहर है। वर्तमान में यह भाषा सीमित क्षेत्र तक सिमट गई है, जिसके संरक्षण और संवर्धन की सख्त जरूरत है। अनिल कुमार सिंह के अनुसार, यदि इस भाषा को संवैधानिक मान्यता मिलती है, तो शिक्षा, रोजगार और सांस्कृतिक विकास के नए रास्ते खुलेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल किए जाने से उसके अध्ययन, अनुसंधान और प्रचार-प्रसार को मजबूती मिलती है। ऐसे में ‘मगही’ को मान्यता देना न केवल भाषाई न्याय होगा, बल्कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता को भी सशक्त बनाएगा और मगध को उसका खोया हुआ गौरव दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
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    मगध क्षेत्र एक बार फिर अपनी ऐतिहासिक पहचान और भाषा को लेकर चर्चा में है। “मगध चेतना मंच” के अध्यक्ष अनिल कुमार सिंह ने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की है कि मगध के समग्र विकास के लिए विशेष योजनाएं बनाई जाएं और प्राचीन भाषा ‘मगही’ को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किया जाए। उनका कहना है कि यह केवल एक भाषा का मुद्दा नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की सांस्कृतिक अस्मिता से जुड़ा विषय है।
इतिहास के पन्नों में मगध का नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है। चंद्रगुप्त मौर्य द्वारा स्थापित मौर्य साम्राज्य ने प्रशासन और राजनीति का एक नया आदर्श प्रस्तुत किया, जबकि सम्राट अशोक ने बौद्ध धर्म के प्रचार के जरिए भारत की शांति और संस्कृति का संदेश विश्वभर में फैलाया। यह भूमि प्राचीन काल से ही ज्ञान, शासन और संस्कृति का केंद्र रही है।
इसी विरासत को ध्यान में रखते हुए मंच का कहना है कि ‘मगही’ भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि हजारों वर्षों की सांस्कृतिक धरोहर है। वर्तमान में यह भाषा सीमित क्षेत्र तक सिमट गई है, जिसके संरक्षण और संवर्धन की सख्त जरूरत है। अनिल कुमार सिंह के अनुसार, यदि इस भाषा को संवैधानिक मान्यता मिलती है, तो शिक्षा, रोजगार और सांस्कृतिक विकास के नए रास्ते खुलेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल किए जाने से उसके अध्ययन, अनुसंधान और प्रचार-प्रसार को मजबूती मिलती है। ऐसे में ‘मगही’ को मान्यता देना न केवल भाषाई न्याय होगा, बल्कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता को भी सशक्त बनाएगा और मगध को उसका खोया हुआ गौरव दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
    user_G19 TV मानवाधिकार क्रांति
    G19 TV मानवाधिकार क्रांति
    Local News Reporter Arwal, Bihar•
    8 hrs ago
  • Post by SATISH KUMAR (पत्रकार)
    1
    Post by SATISH KUMAR (पत्रकार)
    user_SATISH KUMAR (पत्रकार)
    SATISH KUMAR (पत्रकार)
    स्थानीय समाचार रिपोर्टर Gaya Town C.D.Block, Bihar•
    9 hrs ago
  • बड़ी खबर बिहार के गया से सामने आ रही है, जहाँ एक सनसनीखेज गोलीबारी की घटना ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया हैबताया जा रहा है कि परैया थाना के एक प्राइवेट ड्राइवर ने कोतवाली थाना के ड्राइवर को गोली मार दी, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना देर रात करीब 3 बजे की है, जब आरोपी ने सिविल लाइन थाना क्षेत्र के कोईरी बारी मोहल्ले में इस वारदात को अंजाम दिया। घायल की पहचान नीरज कुमार के रूप में हुई है, जिन्हें सीने के बाईं ओर गोली लगी। हैरानी की बात यह रही कि घायल अवस्था में भी नीरज कुमार खुद मोटरसाइकिल चलाकर कोतवाली थाना पहुँचे, जहाँ से उन्हें तुरंत इलाज के लिए भेजा गया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें रेफर कर दिया गया। इस पूरे मामले में पुलिस का कहना है कि यह घटना प्रेम प्रसंग से जुड़ी हुई हो सकती है। सिटी एसपी ने प्रारंभिक जांच में इस एंगल की पुष्टि की है। हालांकि, कई सवाल अब भी खड़े हो रहे हैं— क्या इस वारदात में किसी और की भी भूमिका है? क्या यह हमला पहले से सोची-समझी साजिश थी? और सबसे बड़ा सवाल, क्या एक महिला सिपाही को लेकर यह पूरा विवाद हुआ? सूत्रों के मुताबिक, आरोपी परैया थाना से करीब 15 किलोमीटर की दूरी तय कर हथियार के साथ मौके पर पहुँचा, जो इस घटना के पूर्व नियोजित होने की ओर इशारा करता है। वहीं, इस घटना ने पुलिस की रात्रि गश्ती व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर कैसे आरोपी इतनी दूरी तय कर वारदात को अंजाम देता है और किसी को भनक तक नहीं लगती? फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है। आरोपी की तलाश जारी है और जल्द ही इस घटना से जुड़े सभी पहलुओं का खुलासा होने की उम्मीद है। इस घटना ने न केवल इलाके में दहशत का माहौल बना दिया है, बल्कि पुलिस विभाग के अंदर भी कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।।
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    बड़ी खबर बिहार के गया से सामने आ रही है, जहाँ एक सनसनीखेज गोलीबारी की घटना ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया हैबताया जा रहा है कि परैया थाना के एक प्राइवेट ड्राइवर ने कोतवाली थाना के ड्राइवर को गोली मार दी, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना देर रात करीब 3 बजे की है, जब आरोपी ने सिविल लाइन थाना क्षेत्र के कोईरी बारी मोहल्ले में इस वारदात को अंजाम दिया।
घायल की पहचान नीरज कुमार के रूप में हुई है, जिन्हें सीने के बाईं ओर गोली लगी। हैरानी की बात यह रही कि घायल अवस्था में भी नीरज कुमार खुद मोटरसाइकिल चलाकर कोतवाली थाना पहुँचे, जहाँ से उन्हें तुरंत इलाज के लिए भेजा गया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें  रेफर कर दिया गया।
इस पूरे मामले में पुलिस का कहना है कि यह घटना प्रेम प्रसंग से जुड़ी हुई हो सकती है। सिटी एसपी  ने प्रारंभिक जांच में इस एंगल की पुष्टि की है।
हालांकि, कई सवाल अब भी खड़े हो रहे हैं— क्या इस वारदात में किसी और की भी भूमिका है?
क्या यह हमला पहले से सोची-समझी साजिश थी?
और सबसे बड़ा सवाल, क्या एक महिला सिपाही को लेकर यह पूरा विवाद हुआ?
सूत्रों के मुताबिक, आरोपी परैया थाना से करीब 15 किलोमीटर की दूरी तय कर हथियार के साथ मौके पर पहुँचा, जो इस घटना के पूर्व नियोजित होने की ओर इशारा करता है।
वहीं, इस घटना ने पुलिस की रात्रि गश्ती व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर कैसे आरोपी इतनी दूरी तय कर वारदात को अंजाम देता है और किसी को भनक तक नहीं लगती?
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है। आरोपी की तलाश जारी है और जल्द ही इस घटना से जुड़े सभी पहलुओं का खुलासा होने की उम्मीद है।
इस घटना ने न केवल इलाके में दहशत का माहौल बना दिया है, बल्कि पुलिस विभाग के अंदर भी कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।।
    user_Ashutosh kumar
    Ashutosh kumar
    Local News Reporter Lakhibag, Manpur•
    10 hrs ago
  • Post by SATISH KUMAR (पत्रकार)
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    Post by SATISH KUMAR (पत्रकार)
    user_SATISH KUMAR (पत्रकार)
    SATISH KUMAR (पत्रकार)
    स्थानीय समाचार रिपोर्टर Gaya Town C.D.Block, Bihar•
    11 hrs ago
  • रफीगंज प्रखंड अंतर्गत कासमा थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एक गैरजामानती वारंटी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान शशिकांत कुमार (पिता- अभिमन्यु सिंह), ग्राम चिरैला के रूप में हुई है। थानाध्यक्ष अक्षयवर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी, जिसके आधार पर टीम ने छापेमारी कर अभियुक्त को दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए उसे न्यायालय में पेश कर दिया गया।
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    रफीगंज प्रखंड अंतर्गत कासमा थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एक गैरजामानती वारंटी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान शशिकांत कुमार (पिता- अभिमन्यु सिंह), ग्राम चिरैला के रूप में हुई है।
थानाध्यक्ष अक्षयवर सिंह ने  जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी, जिसके आधार पर टीम ने छापेमारी कर अभियुक्त को दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए उसे न्यायालय में पेश कर दिया गया।
    user_Pappu Kumar
    Pappu Kumar
    पत्रकार रफीगंज, औरंगाबाद, बिहार•
    1 hr ago
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