मगही भाषा की समृद्ध विरासत | मगध के इतिहास पर खास बातचीत। मगध क्षेत्र एक बार फिर अपनी ऐतिहासिक पहचान और भाषा को लेकर चर्चा में है। “मगध चेतना मंच” के अध्यक्ष अनिल कुमार सिंह ने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की है कि मगध के समग्र विकास के लिए विशेष योजनाएं बनाई जाएं और प्राचीन भाषा ‘मगही’ को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किया जाए। उनका कहना है कि यह केवल एक भाषा का मुद्दा नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की सांस्कृतिक अस्मिता से जुड़ा विषय है। इतिहास के पन्नों में मगध का नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है। चंद्रगुप्त मौर्य द्वारा स्थापित मौर्य साम्राज्य ने प्रशासन और राजनीति का एक नया आदर्श प्रस्तुत किया, जबकि सम्राट अशोक ने बौद्ध धर्म के प्रचार के जरिए भारत की शांति और संस्कृति का संदेश विश्वभर में फैलाया। यह भूमि प्राचीन काल से ही ज्ञान, शासन और संस्कृति का केंद्र रही है। इसी विरासत को ध्यान में रखते हुए मंच का कहना है कि ‘मगही’ भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि हजारों वर्षों की सांस्कृतिक धरोहर है। वर्तमान में यह भाषा सीमित क्षेत्र तक सिमट गई है, जिसके संरक्षण और संवर्धन की सख्त जरूरत है। अनिल कुमार सिंह के अनुसार, यदि इस भाषा को संवैधानिक मान्यता मिलती है, तो शिक्षा, रोजगार और सांस्कृतिक विकास के नए रास्ते खुलेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल किए जाने से उसके अध्ययन, अनुसंधान और प्रचार-प्रसार को मजबूती मिलती है। ऐसे में ‘मगही’ को मान्यता देना न केवल भाषाई न्याय होगा, बल्कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता को भी सशक्त बनाएगा और मगध को उसका खोया हुआ गौरव दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
मगही भाषा की समृद्ध विरासत | मगध के इतिहास पर खास बातचीत। मगध क्षेत्र एक बार फिर अपनी ऐतिहासिक पहचान और भाषा को लेकर चर्चा में है। “मगध चेतना मंच” के अध्यक्ष अनिल कुमार सिंह ने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की है कि मगध के समग्र विकास के लिए विशेष योजनाएं बनाई जाएं और प्राचीन भाषा ‘मगही’ को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किया जाए। उनका कहना है कि यह केवल एक भाषा का मुद्दा नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की सांस्कृतिक अस्मिता से जुड़ा विषय है। इतिहास के पन्नों में मगध का नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है। चंद्रगुप्त मौर्य द्वारा स्थापित मौर्य साम्राज्य ने प्रशासन और राजनीति का एक नया आदर्श प्रस्तुत किया, जबकि सम्राट अशोक ने बौद्ध धर्म के प्रचार के जरिए भारत की शांति और संस्कृति का संदेश विश्वभर में फैलाया। यह भूमि प्राचीन काल से ही ज्ञान, शासन और संस्कृति का केंद्र रही है। इसी विरासत को ध्यान में रखते हुए मंच का कहना है कि ‘मगही’ भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि हजारों वर्षों की सांस्कृतिक धरोहर है। वर्तमान में यह भाषा सीमित क्षेत्र तक सिमट गई है, जिसके संरक्षण और संवर्धन की सख्त जरूरत है। अनिल कुमार सिंह के अनुसार, यदि इस भाषा को संवैधानिक मान्यता मिलती है, तो शिक्षा, रोजगार और सांस्कृतिक विकास के नए रास्ते खुलेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल किए जाने से उसके अध्ययन, अनुसंधान और प्रचार-प्रसार को मजबूती मिलती है। ऐसे में ‘मगही’ को मान्यता देना न केवल भाषाई न्याय होगा, बल्कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता को भी सशक्त बनाएगा और मगध को उसका खोया हुआ गौरव दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
- मगध क्षेत्र एक बार फिर अपनी ऐतिहासिक पहचान और भाषा को लेकर चर्चा में है। “मगध चेतना मंच” के अध्यक्ष अनिल कुमार सिंह ने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की है कि मगध के समग्र विकास के लिए विशेष योजनाएं बनाई जाएं और प्राचीन भाषा ‘मगही’ को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किया जाए। उनका कहना है कि यह केवल एक भाषा का मुद्दा नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की सांस्कृतिक अस्मिता से जुड़ा विषय है। इतिहास के पन्नों में मगध का नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है। चंद्रगुप्त मौर्य द्वारा स्थापित मौर्य साम्राज्य ने प्रशासन और राजनीति का एक नया आदर्श प्रस्तुत किया, जबकि सम्राट अशोक ने बौद्ध धर्म के प्रचार के जरिए भारत की शांति और संस्कृति का संदेश विश्वभर में फैलाया। यह भूमि प्राचीन काल से ही ज्ञान, शासन और संस्कृति का केंद्र रही है। इसी विरासत को ध्यान में रखते हुए मंच का कहना है कि ‘मगही’ भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि हजारों वर्षों की सांस्कृतिक धरोहर है। वर्तमान में यह भाषा सीमित क्षेत्र तक सिमट गई है, जिसके संरक्षण और संवर्धन की सख्त जरूरत है। अनिल कुमार सिंह के अनुसार, यदि इस भाषा को संवैधानिक मान्यता मिलती है, तो शिक्षा, रोजगार और सांस्कृतिक विकास के नए रास्ते खुलेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल किए जाने से उसके अध्ययन, अनुसंधान और प्रचार-प्रसार को मजबूती मिलती है। ऐसे में ‘मगही’ को मान्यता देना न केवल भाषाई न्याय होगा, बल्कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता को भी सशक्त बनाएगा और मगध को उसका खोया हुआ गौरव दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।1
- नल जल योजना फेल! 😡 वार्ड 11 में अब तक पानी नहीं ग्राम पंचायत माली प्रखण्ड सोनभद्र बंशी सूर्यपर जिला अरवल1
- हसपुरा थाना क्षेत्र के कोइलवां टोले करन बिगहा में बीती रात अज्ञात वाहन की चपेट में आने से 30 वर्षीय युवक की हुई मौत। मृतक की पहचान सोनहथु गांव के आदित्य कुमार के रूप में हुई है1
- Post by Bihar News 241
- अगियाँव बजार थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अमेहता गांव से 10 लीटर महुआ शराब के साथ एक शराब तस्कर को गिरफ्तार किया है। थाना अध्यक्ष ने रविवार की सुबह 8 बजे के करीब बताया कि गुप्त सूचना मिली की रमेश राम के पुत्र हनुमान राम द्वारा शराब बेची जा रही है । सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस टीम ने त्वरित छापेमारी की। छापेमारी के दौरान आरोपी के पास से 10 लीटर महुआ शराब बरामद किया गया। पुलिस को देखते ही आरोपी भागने का प्रयास करने लगा, लेकिन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उसे खदेड़कर पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।1
- आरा। भोजपुर के बिहिया नगर में शनिवार देर रात चोरी के दौरान विरोध करने पर चोरों ने महिला का गर्दन काट दिया। बाल पकड़कर धारदार हथियार से गर्दन के आगे और पीछे के हिस्से पर वार किया है। गर्दन के आगे करीब 9 सेंटीमीटर और पीछे साइड एक-एक इंच की दूरी पर तीनों जगहों पर करीब चार से पांच सेंटीमीटर तक काटा गया है। गर्दन काटकर अलग करने की कोशिश किया गया, लेकिन बेटी के हल्ला करने पर परिवार के सदस्य जाग गया। एक चोर को पकड़ लिया। पीड़िता की पहचान नगर वार्ड-14 निवासी आशीष कुमार वर्मा की पत्नी अनु कुमारी (25) के तौर पर हुई है। घटना बिहिया थाना क्षेत्र की है। खून से लथपथ हालत में महिला को इलाज के लिए प्राइवेट अस्पताल में एडमिट कराया। जहां डॉक्टर विकास की देखरेख में इलाज चल रहा है। हालत काफी नाजुक बनी हुई है।4
- Post by अजय कुमार1
- आरा। शहर के कर्मन टोला स्थित वालिया कॉम्प्लेक्स यूनियन बैंक के ऊपर रविवार को गणपत यूनिवर्सिटीज के तहत संचालित विभिन्न यूनिवर्सिटीज के आरा शाखा का शुभारंभ गणपत यूनिवर्सिटीज के एडमिशन कोऑर्डिनेटर सुधांशु शेखर पाण्डेय, डी कैरियर जोन के डायरेक्टर अमित कुमार, कैरियर जोन के ऑपरेशनल हेड निहाल सिंह के द्वारा वहीं जिला स्कूल के पीछे पुरानी पोस्ट ऑफिस के समीप आइसेक्ट इण्डिया डेवलपमेंट सेंटर का उद्घाटन इस्ट जोन भारत के रिजनल मैनेजर अमृतेश मिश्र, भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेन्द्र तिवारी के द्वारा संयुक्त रुप से फीता काटकर व दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रिजनल मैनेजर ने कहा कि आइसेक्ट इण्डिया 41 साल पुराना संस्थान है जो सरकार के साथ मिलकर पुरे भारत मे स्किल डेवलपमेंट के 28 सेक्टर मे आइसेक्ट इण्डिया ग्रुप का प्रशिक्षण देता है।प्रशिक्षण उपरांत आइसेक्ट के छः यूनिवर्सिटीज के द्वारा दिए गए सर्टिफिकेट की मान्यता सरकारी होता है। इस अवसर पर आइसेक्ट के छः यूनिवर्सिटीज मे चल रहे अलग-अलग कोर्सेज के बारे मे बिस्तार से बताया।वहीं डेमेस्टिक चैनल पार्टनर ए-थ्री इन्टरनेशनल के संस्थापक अमरेन्द्र चौबे ने बताया कि शहर के छात्रों के लिए उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक नया विकल्प सामने आया है। A3 इंटरनेशनल द्वारा “टॉप एजुकेशन” के तहत विभिन्न यूजीसी एप्रोवड (UGC-Approved) विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों के साथ टाई-अप कर कई प्रोफेशनल और डिस्टेंस कोर्सेज में एडमिशन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि हमारे यहां बी-टेक, बीसीए/एमसीए, बीबीए/एमबीए, बी-काॅम/एम-काॅम, बीए/एमए, बी फार्मा, बीएससी नर्सिंग, पॉलिटेक्निक, जीएनएम सहित कई डिग्री एवं डिप्लोमा कोर्स उपलब्ध हैं। इसके अलावा पीजीडीसीए, डीसीए, सीसीसी, सीसीए, सीडब्लुटी जैसे कंप्यूटर कोर्स और डेटा एंट्री, डेस्कटॉप पब्लिशिंग, वेब टेक्नोलॉजी आदि के सर्टिफिकेट प्रोग्राम भी संचालित किए जा रहे हैं।उन्होंने कहा कि अब आरा के बच्चे घर बैठे आरा से ही इण्डिया के टाॅप टेन यूनिवर्सिटीज से विभिन्न कोर्स कर सकते हैं।इसके साथ हीआरा के बच्चों के लिए महत्वपूर्ण भात है कि छोटा से छोटा कोर्स का भी सर्टिफिकेट यूनिवर्सिटीज के द्वारा दी जाती है।खास बात यह है कि संस्थान बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत भी छात्रों को सुविधा प्रदान कर रहा है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को पढ़ाई में सहूलियत मिलेगी। ए-थ्री इंटरनेशनल का दावा है कि वह छात्रों को सही कॉलेज, सही कोर्स और बेहतर भविष्य की दिशा में मार्गदर्शन देने के साथ प्लेसमेंट सपोर्ट भी उपलब्ध कराता है। संस्थान के आरा में दो ब्रांच संचालित हैं - पहली शाखा जिला स्कूल के पीछे, पुराना पोस्ट ऑफिस के पास तथा दूसरी शाखा कर्मन टोला वालिया कॉम्प्लेक्स, यूनियन बैंक के ऊपर स्थित है। इच्छुक छात्र दिए गए उपरोक्त पत्ते पर संपर्क कर अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।2