हवाई हलचल से बढ़ी बेचैनी: धरमजयगढ़ के गांवों में उड़ान गतिविधियों पर संशय धरमजयगढ़ क्षेत्र में इन दिनों लगातार हो रही हेलीकॉप्टर और ड्रोन उड़ानों ने ग्रामीणों को असमंजस और चिंता की स्थिति में ला खड़ा किया है। विशेषकर वे इलाके, जहां कोयला खदान प्रस्तावित हैं—जैसे पुरुँगा, साम्हरसिंघा, तेन्दुमुड़ी, बायसी और दुर्गापुर—वहाँ इस गतिविधि को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि अब तक इन उड़ानों को किसी विशेष कंपनी के सर्वे से जोड़कर कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है, लेकिन पूरे क्षेत्र में हो रही हवाई गतिविधियां विभिन्न कयासों को बल देती नजर आ रही हैं। लगातार हो रही उड़ानों ने लोगों के मन में संशय और अनजाना डर पैदा कर दिया है। इस विषय में स्थानीय स्तर पर स्पष्ट जानकारी का अभाव बना हुआ है। इसी कारण अब इसकी वैधता को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। हवाई उड़ानों से जुड़े नियम DGCA द्वारा निर्धारित किए जाते हैं, और इसके लिए निर्धारित अनुमति प्रक्रिया का पालन करना आवश्यक होता है। ऐसे में यह जानना महत्वपूर्ण हो गया है कि क्या संबंधित एजेंसियों ने आवश्यक वैधानिक अनुमति प्राप्त की है। हालांकि, केवल तकनीकी अनुमति ही पर्याप्त नहीं मानी जाती, खासकर तब जब गतिविधियों का संबंध भूमि, खनन या प्रस्तावित परियोजनाओं से जुड़ा हो। ऐसे मामलों में ग्राम पंचायत अथवा ग्राम सभा की सहमति भी महत्वपूर्ण मानी जाती है, विशेषकर जब यह गतिविधि ग्रामीण आबादी, निजी भूमि या संवेदनशील क्षेत्रों को प्रभावित करती हो। इसी बीच, कई पंचायतों में इस विषय को लेकर चर्चा का दौर जारी है और ग्रामीण उच्च अधिकारियों के समक्ष अपनी बात रखने की तैयारी में हैं। इस संबंध में संबंधित कंपनियों अथवा प्रशासन का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका है, जिससे स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाई है। आने वाले समय में प्रशासन की प्रतिक्रिया के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने की संभावना है।
हवाई हलचल से बढ़ी बेचैनी: धरमजयगढ़ के गांवों में उड़ान गतिविधियों पर संशय धरमजयगढ़ क्षेत्र में इन दिनों लगातार हो रही हेलीकॉप्टर और ड्रोन उड़ानों ने ग्रामीणों को असमंजस और चिंता की स्थिति में ला खड़ा किया है। विशेषकर वे इलाके, जहां कोयला खदान प्रस्तावित हैं—जैसे पुरुँगा, साम्हरसिंघा, तेन्दुमुड़ी, बायसी और दुर्गापुर—वहाँ इस गतिविधि को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि अब तक इन उड़ानों को किसी विशेष कंपनी के सर्वे से जोड़कर कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है, लेकिन पूरे क्षेत्र में हो रही हवाई गतिविधियां विभिन्न कयासों को बल देती नजर आ रही हैं। लगातार हो रही उड़ानों ने लोगों के मन में संशय और अनजाना डर पैदा कर दिया है। इस विषय में स्थानीय स्तर पर स्पष्ट जानकारी का अभाव बना हुआ है। इसी कारण अब इसकी वैधता को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। हवाई उड़ानों से जुड़े नियम DGCA द्वारा निर्धारित किए जाते हैं, और इसके लिए निर्धारित अनुमति प्रक्रिया का पालन करना आवश्यक होता है। ऐसे में यह जानना महत्वपूर्ण हो गया है कि क्या संबंधित एजेंसियों ने आवश्यक वैधानिक अनुमति प्राप्त की है। हालांकि, केवल तकनीकी अनुमति ही पर्याप्त नहीं मानी जाती, खासकर तब जब गतिविधियों का संबंध भूमि, खनन या प्रस्तावित परियोजनाओं से जुड़ा हो। ऐसे मामलों में ग्राम पंचायत अथवा ग्राम सभा की सहमति भी महत्वपूर्ण मानी जाती है, विशेषकर जब यह गतिविधि ग्रामीण आबादी, निजी भूमि या संवेदनशील क्षेत्रों को प्रभावित करती हो। इसी बीच, कई पंचायतों में इस विषय को लेकर चर्चा का दौर जारी है और ग्रामीण उच्च अधिकारियों के समक्ष अपनी बात रखने की तैयारी में हैं। इस संबंध में संबंधित कंपनियों अथवा प्रशासन का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका है, जिससे स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाई है। आने वाले समय में प्रशासन की प्रतिक्रिया के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने की संभावना है।
- कोरबा के दर्री थाना क्षेत्र स्थित पावर सिटी कॉलोनी में एक ही रात में दो घरों में चोरी की वारदात हुई है। चोर ठेकेदार और सीएसईबी के रिटायर्ड कर्मी के मकानों से सोने के बिस्कुट, जेवरात और नकदी सहित लाखों रुपये का सामान लेकर फरार हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।दर्री थाना प्रभारी आशीष सिंह ने बताया कि चोरी की घटना सामने आई है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने मौके पर फॉरेंसिक विशेषज्ञों को भी बुलाया था और घटनाक्रम की जानकारी लेकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।सीएसईबी के रिटायर्ड कर्मी एच. एस. पटेल का परिवार कुछ दिनों पहले रायगढ़ गया हुआ था। घर पर ताला लगा था। उनकी बेटी, जो दर्री क्षेत्र में रहती है, जब किसी काम से पावर सिटी कॉलोनी स्थित घर आई तो उसने ताला टूटा हुआ देखा। उसने तुरंत अपने पिता को इसकी सूचना दी। पटेल अगले दिन कोरबा पहुंचे और चोरी की पुष्टि हुई।1
- Post by OM PRAKASH CHAUHAN1
- Post by SK Kashyapपत्रकार रींवापार1
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- Post by हमर जशपुर1
- हजारों वक्फ जमीनों पर कब्जा उजागर! 5723 मामलों में नोटिस, CBI एंट्री तय छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड ने फैसला किया है कि अब पूरे प्रदेश की वक्फ की संपत्तियों को लेकर सीबीआई जांच का प्रस्ताव प्रदेश सरकार को भेजा जाएगा। रायपुर। छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड ने फैसला किया है कि अब पूरे प्रदेश की वक्फ की संपत्तियों को लेकर सीबीआई जांच का प्रस्ताव प्रदेश सरकार को भेजा जाएगा। पहले महज रायपुर जिले की 500 करोड़ की संपत्तियों पर कब्जे की जांच का प्रस्ताव भेजने का फैसला किया गया था, लेकिन अब फैसला बदल दिया गया है। वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज के मुताबिक प्रदेश भर में वक्फ की 5723 संपत्तियों पर अवैध कब्जा है। इन संपत्तियों की कीमत पांच हजार करोड़ है। इसमें से करीब दो हजार संपत्तियां ऐसी हैं जिन पर किराएदार काबिज हैं, लेकिन किराया नहीं दे रहे हैं। किराए से ही सालाना दो सौ करोड़ मिल सकते हैं, लेकिन इस समय महज पांच लाख मिल रहे हैं। वक्फ के संशोधित कानून के बाद अपने प्रदेश में भी वक्फ बोर्ड ने बीते साल से एक्शन प्रारंभ किया है। प्रदेश भर में वक्फ की संपत्तियों की जांच करके देखा गया है कि कहां पर कौन काबिज है। पूरे प्रदेश में वक्फ की संपत्तियों पर कब्जा करने की जानकारी सामने आई है। बहुत ही संपत्तियों को फर्जी तरीके से बेचे जाने की भी जानकारी मिली है। वक्फ की संपत्तियों को कब्जा मुक्त कराने के लिए लगातार कब्जाधारियों को वक्फ बोर्ड द्वारा नोटिस दिया जा रहा है। वक्फ अध्यक्ष डा. सलीम राज का कहना किसी भी हाल में वक्फ की संपत्ति पर किसी को कब्जा करने नहीं दिया जाएगा। वक्फ की एक-एक जमीन को कब्जा मुक्त कराएंगे। जो भी लोग संपत्ति वक्फ की न होने का दावा कर रहे हैं, वो गलत है। हमने सारे दस्तावेज देखने के बाद ही नोटिस जारी किए हैं। बन रहा है सीबीआई जांच के लिए प्रस्ताव बोर्ड ने पहले रायपुर जिले की 500 करोड़ की संपत्ति की सीबीआई जांच कराने के लिए प्रस्ताव तैयार करने का काम प्रारंभ किया था, लेकिन अब पूरे प्रदेश भर की संपत्ति को लेकर प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। डा. सलीम राज का कहना है कि 5723 संपत्तियों को लेकर प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। इसमें थोड़ा वक्त लगेगा, लेकिन सभी संपत्तियों की जांच कराने का प्रदेश सरकार के पास प्रस्ताव बनाकर भेजा जाएगा। प्रदेश सरकार के माध्यम से केंद्र सरकार के पास प्रस्ताव जाएगा। इसके बाद सीबीआई जांच प्रारंभ होगी। सलीम राज ने कहा-किया है फर्जीवाड़ा इस मामले में वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज का कहना है, रायपुर के दुकानदारों के साथ ही प्रदेश भर से जिनके भी जवाब आए हैं, उन जवाबों से बोर्ड संतुष्ट नहीं है। फर्जीवाड़ा करके जमीन पर कब्जा किया गया है। उन्होंने बताया, जो खुद किराएदार रहे हैं वो भला कैसे किसी को जमीन बेच सकते हैं। पूरी तरह से फर्जीवाड़ा करके वक्फ की संपत्ति को बेचने का काम किया गया है। उन्होंने कहा, प्रदेश में जहां-जहां भी वक्फ की जमीन पर कब्जा है, उसको मुक्त कराया जाएगा।1
- सदर पूरे छत्तीसगढ़ वशी इस रैली में आमंत्रित है1
- कोरबा जिले के बांकी मोंगरा थाना क्षेत्र अंतर्गत बलगी मोड से आगे शराब दुकान के पास तेज रफ्तार हाइवा से बाइक सवार को सीधी टक्कर मार दी,जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान सुमेधा सलिहा भांठा निवासी रामेश्वर दास उम्र लगभग 35 वर्ष के रूप में हुई है। घटना आज रविवार की सुबह लगभग 9 बजे की बताई जा रही है। सूचना मिलते ही परिजन रोते बिलखते मौके पर पहुंचे जहां घटना के आक्रोश में सड़क पर चक्काजाम जाम कर दिया है। इधर स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंची है भीड़ को समझाइस देने का प्रयास किया जा रहा है।1