पहाड़ से सात कोस नीचे प्रखंड कार्यालय पहुंचते हैं, फिर भी नहीं होता काम ग्राम पंचायत उगहनी के भुरकुंडा गांव के वार्ड सदस्य आकिल सिंह खरवार ने जताई नाराजगी, बोले—समय और पैसा खर्च कर आने के बाद भी ग्रामीणों को लौटना पड़ता है खाली हाथ चेनारी, रोहतास। चेनारी प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत उगहनी के ग्राम भुरकुंडा के वार्ड सदस्य आकिल सिंह खरवार ने प्रखंड कार्यालय में ग्रामीणों से जुड़े कार्यों को लेकर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि भुरकुंडा गांव पहाड़ी क्षेत्र में स्थित है और यहां के लोगों को प्रखंड मुख्यालय तक पहुंचने के लिए काफी दूरी तय करनी पड़ती है। इसके बावजूद जब ग्रामीण अपनी समस्याओं और सरकारी कार्यों के समाधान के लिए प्रखंड कार्यालय पहुंचते हैं, तो कई बार उनका काम नहीं हो पाता है। आकिल सिंह खरवार ने कहा कि “हम लोग पहाड़ से करीब सात कोस नीचे प्रखंड के काम के लिए आते हैं। आने-जाने में समय और पैसे दोनों खर्च होते हैं, लेकिन प्रखंड कार्यालय पहुंचने के बाद भी कई बार काम नहीं होता। इससे ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।” उन्होंने कहा कि पहाड़ी एवं दूरदराज के गांवों में रहने वाले लोगों के लिए प्रखंड मुख्यालय तक पहुंचना आसान नहीं है। विशेषकर बुजुर्ग, महिलाएं और जरूरतमंद ग्रामीण सरकारी योजनाओं, प्रमाण-पत्र, पेंशन, आवास, राशन, जमीन से जुड़े कार्यों सहित अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए प्रखंड कार्यालय का चक्कर लगाते हैं। यदि एक ही काम के लिए उन्हें बार-बार प्रखंड मुख्यालय आना पड़े, तो उनकी परेशानी और बढ़ जाती है। वार्ड सदस्य ने प्रशासन से मांग की कि दूरदराज और पहाड़ी इलाकों से आने वाले ग्रामीणों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाए तथा संबंधित विभाग के पदाधिकारियों एवं कर्मियों को समय पर कार्य निष्पादन के लिए निर्देशित किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी ग्रामीणों तक पहुंच सकेगा, जब कार्यालय स्तर पर लोगों के काम समय पर पूरे हों। पहाड़ से सात कोस नीचे प्रखंड कार्यालय पहुंचते हैं, फिर भी नहीं होता काम ग्राम पंचायत उगहनी के भुरकुंडा गांव के वार्ड सदस्य आकिल सिंह खरवार ने जताई नाराजगी, बोले—समय और पैसा खर्च कर आने के बाद भी ग्रामीणों को लौटना पड़ता है खाली हाथ चेनारी, रोहतास। चेनारी प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत उगहनी के ग्राम भुरकुंडा के वार्ड सदस्य आकिल सिंह खरवार ने प्रखंड कार्यालय में ग्रामीणों से जुड़े कार्यों को लेकर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि भुरकुंडा गांव पहाड़ी क्षेत्र में स्थित है और यहां के लोगों को प्रखंड मुख्यालय तक पहुंचने के लिए काफी दूरी तय करनी पड़ती है। इसके बावजूद जब ग्रामीण अपनी समस्याओं और सरकारी कार्यों के समाधान के लिए प्रखंड कार्यालय पहुंचते हैं, तो कई बार उनका काम नहीं हो पाता है। आकिल सिंह खरवार ने कहा कि “हम लोग पहाड़ से करीब सात कोस नीचे प्रखंड के काम के लिए आते हैं। आने-जाने में समय और पैसे दोनों खर्च होते हैं, लेकिन प्रखंड कार्यालय पहुंचने के बाद भी कई बार काम नहीं होता। इससे ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।” उन्होंने कहा कि पहाड़ी एवं दूरदराज के गांवों में रहने वाले लोगों के लिए प्रखंड मुख्यालय तक पहुंचना आसान नहीं है। विशेषकर बुजुर्ग, महिलाएं और जरूरतमंद ग्रामीण सरकारी योजनाओं, प्रमाण-पत्र, पेंशन, आवास, राशन, जमीन से जुड़े कार्यों सहित अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए प्रखंड कार्यालय का चक्कर लगाते हैं। यदि एक ही काम के लिए उन्हें बार-बार प्रखंड मुख्यालय आना पड़े, तो उनकी परेशानी और बढ़ जाती है। वार्ड सदस्य ने प्रशासन से मांग की कि दूरदराज और पहाड़ी इलाकों से आने वाले ग्रामीणों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाए तथा संबंधित विभाग के पदाधिकारियों एवं कर्मियों को समय पर कार्य निष्पादन के लिए निर्देशित किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी ग्रामीणों तक पहुंच सकेगा, जब कार्यालय स्तर पर लोगों के काम समय पर पूरे हों। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है कि वे जनता की समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाएं। इसी उद्देश्य से वे ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर लगातार आवाज उठाते रहेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्र के लोगों के लिए प्रखंड कार्यालय तक आने-जाने में होने वाली कठिनाइयों को देखते हुए प्रशासन को विशेष व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि लोगों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए बार-बार प्रखंड मुख्यालय का चक्कर न लगाना पड़े।
पहाड़ से सात कोस नीचे प्रखंड कार्यालय पहुंचते हैं, फिर भी नहीं होता काम ग्राम पंचायत उगहनी के भुरकुंडा गांव के वार्ड सदस्य आकिल सिंह खरवार ने जताई नाराजगी, बोले—समय और पैसा खर्च कर आने के बाद भी ग्रामीणों को लौटना पड़ता है खाली हाथ चेनारी, रोहतास। चेनारी प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत उगहनी के ग्राम भुरकुंडा के वार्ड सदस्य आकिल सिंह खरवार ने प्रखंड कार्यालय में ग्रामीणों से जुड़े कार्यों को लेकर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि भुरकुंडा गांव पहाड़ी क्षेत्र में स्थित है और यहां के लोगों को प्रखंड मुख्यालय तक पहुंचने के लिए काफी दूरी तय करनी पड़ती है। इसके बावजूद जब ग्रामीण अपनी समस्याओं और सरकारी कार्यों के समाधान के लिए प्रखंड कार्यालय पहुंचते हैं, तो कई बार उनका काम नहीं हो पाता है। आकिल सिंह खरवार ने कहा कि “हम लोग पहाड़ से करीब सात कोस नीचे प्रखंड के काम के लिए आते हैं। आने-जाने में समय और पैसे दोनों खर्च होते हैं, लेकिन प्रखंड कार्यालय पहुंचने के बाद भी कई बार काम नहीं होता। इससे ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।” उन्होंने कहा कि पहाड़ी एवं दूरदराज के गांवों में रहने वाले लोगों के लिए प्रखंड मुख्यालय तक पहुंचना आसान नहीं है। विशेषकर बुजुर्ग, महिलाएं और जरूरतमंद ग्रामीण सरकारी योजनाओं, प्रमाण-पत्र, पेंशन, आवास, राशन, जमीन से जुड़े कार्यों सहित अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए प्रखंड कार्यालय का चक्कर लगाते हैं। यदि एक ही काम के लिए उन्हें बार-बार प्रखंड मुख्यालय आना पड़े, तो उनकी परेशानी और बढ़ जाती है। वार्ड सदस्य ने प्रशासन से मांग की कि दूरदराज और पहाड़ी इलाकों से आने वाले ग्रामीणों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाए तथा संबंधित विभाग के पदाधिकारियों एवं कर्मियों को समय पर कार्य निष्पादन के लिए निर्देशित किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी ग्रामीणों तक पहुंच सकेगा, जब कार्यालय स्तर पर लोगों के काम समय पर पूरे हों। पहाड़ से सात कोस नीचे प्रखंड कार्यालय पहुंचते हैं, फिर भी नहीं होता काम ग्राम पंचायत उगहनी के भुरकुंडा गांव के वार्ड सदस्य आकिल सिंह खरवार ने जताई नाराजगी, बोले—समय और पैसा खर्च कर आने के बाद भी ग्रामीणों को लौटना पड़ता है खाली हाथ चेनारी, रोहतास। चेनारी प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत उगहनी के ग्राम भुरकुंडा के वार्ड सदस्य आकिल सिंह खरवार ने प्रखंड कार्यालय में ग्रामीणों से जुड़े कार्यों को लेकर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि भुरकुंडा गांव पहाड़ी क्षेत्र में स्थित है और यहां के लोगों को प्रखंड मुख्यालय तक पहुंचने के लिए काफी दूरी तय करनी पड़ती है। इसके बावजूद जब ग्रामीण अपनी समस्याओं और सरकारी कार्यों के समाधान के लिए प्रखंड कार्यालय पहुंचते हैं, तो कई बार उनका काम नहीं हो पाता है। आकिल सिंह खरवार ने कहा कि “हम लोग पहाड़ से करीब सात कोस नीचे प्रखंड के काम के लिए आते हैं। आने-जाने में समय और पैसे दोनों खर्च होते हैं, लेकिन प्रखंड कार्यालय पहुंचने के बाद भी कई बार काम नहीं होता। इससे ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।” उन्होंने कहा कि पहाड़ी एवं दूरदराज के गांवों में रहने वाले लोगों के लिए प्रखंड मुख्यालय तक पहुंचना आसान नहीं है। विशेषकर बुजुर्ग, महिलाएं और जरूरतमंद ग्रामीण सरकारी योजनाओं, प्रमाण-पत्र, पेंशन, आवास, राशन, जमीन से जुड़े कार्यों सहित अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए प्रखंड कार्यालय का चक्कर लगाते हैं। यदि एक ही काम के लिए उन्हें बार-बार प्रखंड मुख्यालय आना पड़े, तो उनकी परेशानी और बढ़ जाती है। वार्ड सदस्य ने प्रशासन से मांग की कि दूरदराज और पहाड़ी इलाकों से आने वाले ग्रामीणों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाए तथा संबंधित विभाग के पदाधिकारियों एवं कर्मियों को समय पर कार्य निष्पादन के लिए निर्देशित किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी ग्रामीणों तक पहुंच सकेगा, जब कार्यालय स्तर पर लोगों के काम समय पर पूरे हों। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है कि वे जनता की समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाएं। इसी उद्देश्य से वे ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर लगातार आवाज उठाते रहेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्र के लोगों के लिए प्रखंड कार्यालय तक आने-जाने में होने वाली कठिनाइयों को देखते हुए प्रशासन को विशेष व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि लोगों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए बार-बार प्रखंड मुख्यालय का चक्कर न लगाना पड़े।
- पहाड़ से सात कोस नीचे प्रखंड कार्यालय पहुंचते हैं, फिर भी नहीं होता काम ग्राम पंचायत उगहनी के भुरकुंडा गांव के वार्ड सदस्य आकिल सिंह खरवार ने जताई नाराजगी, बोले—समय और पैसा खर्च कर आने के बाद भी ग्रामीणों को लौटना पड़ता है खाली हाथ चेनारी, रोहतास। चेनारी प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत उगहनी के ग्राम भुरकुंडा के वार्ड सदस्य आकिल सिंह खरवार ने प्रखंड कार्यालय में ग्रामीणों से जुड़े कार्यों को लेकर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि भुरकुंडा गांव पहाड़ी क्षेत्र में स्थित है और यहां के लोगों को प्रखंड मुख्यालय तक पहुंचने के लिए काफी दूरी तय करनी पड़ती है। इसके बावजूद जब ग्रामीण अपनी समस्याओं और सरकारी कार्यों के समाधान के लिए प्रखंड कार्यालय पहुंचते हैं, तो कई बार उनका काम नहीं हो पाता है। आकिल सिंह खरवार ने कहा कि “हम लोग पहाड़ से करीब सात कोस नीचे प्रखंड के काम के लिए आते हैं। आने-जाने में समय और पैसे दोनों खर्च होते हैं, लेकिन प्रखंड कार्यालय पहुंचने के बाद भी कई बार काम नहीं होता। इससे ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।” उन्होंने कहा कि पहाड़ी एवं दूरदराज के गांवों में रहने वाले लोगों के लिए प्रखंड मुख्यालय तक पहुंचना आसान नहीं है। विशेषकर बुजुर्ग, महिलाएं और जरूरतमंद ग्रामीण सरकारी योजनाओं, प्रमाण-पत्र, पेंशन, आवास, राशन, जमीन से जुड़े कार्यों सहित अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए प्रखंड कार्यालय का चक्कर लगाते हैं। यदि एक ही काम के लिए उन्हें बार-बार प्रखंड मुख्यालय आना पड़े, तो उनकी परेशानी और बढ़ जाती है। वार्ड सदस्य ने प्रशासन से मांग की कि दूरदराज और पहाड़ी इलाकों से आने वाले ग्रामीणों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाए तथा संबंधित विभाग के पदाधिकारियों एवं कर्मियों को समय पर कार्य निष्पादन के लिए निर्देशित किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी ग्रामीणों तक पहुंच सकेगा, जब कार्यालय स्तर पर लोगों के काम समय पर पूरे हों। पहाड़ से सात कोस नीचे प्रखंड कार्यालय पहुंचते हैं, फिर भी नहीं होता काम ग्राम पंचायत उगहनी के भुरकुंडा गांव के वार्ड सदस्य आकिल सिंह खरवार ने जताई नाराजगी, बोले—समय और पैसा खर्च कर आने के बाद भी ग्रामीणों को लौटना पड़ता है खाली हाथ चेनारी, रोहतास। चेनारी प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत उगहनी के ग्राम भुरकुंडा के वार्ड सदस्य आकिल सिंह खरवार ने प्रखंड कार्यालय में ग्रामीणों से जुड़े कार्यों को लेकर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि भुरकुंडा गांव पहाड़ी क्षेत्र में स्थित है और यहां के लोगों को प्रखंड मुख्यालय तक पहुंचने के लिए काफी दूरी तय करनी पड़ती है। इसके बावजूद जब ग्रामीण अपनी समस्याओं और सरकारी कार्यों के समाधान के लिए प्रखंड कार्यालय पहुंचते हैं, तो कई बार उनका काम नहीं हो पाता है। आकिल सिंह खरवार ने कहा कि “हम लोग पहाड़ से करीब सात कोस नीचे प्रखंड के काम के लिए आते हैं। आने-जाने में समय और पैसे दोनों खर्च होते हैं, लेकिन प्रखंड कार्यालय पहुंचने के बाद भी कई बार काम नहीं होता। इससे ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।” उन्होंने कहा कि पहाड़ी एवं दूरदराज के गांवों में रहने वाले लोगों के लिए प्रखंड मुख्यालय तक पहुंचना आसान नहीं है। विशेषकर बुजुर्ग, महिलाएं और जरूरतमंद ग्रामीण सरकारी योजनाओं, प्रमाण-पत्र, पेंशन, आवास, राशन, जमीन से जुड़े कार्यों सहित अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए प्रखंड कार्यालय का चक्कर लगाते हैं। यदि एक ही काम के लिए उन्हें बार-बार प्रखंड मुख्यालय आना पड़े, तो उनकी परेशानी और बढ़ जाती है। वार्ड सदस्य ने प्रशासन से मांग की कि दूरदराज और पहाड़ी इलाकों से आने वाले ग्रामीणों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाए तथा संबंधित विभाग के पदाधिकारियों एवं कर्मियों को समय पर कार्य निष्पादन के लिए निर्देशित किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी ग्रामीणों तक पहुंच सकेगा, जब कार्यालय स्तर पर लोगों के काम समय पर पूरे हों। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है कि वे जनता की समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाएं। इसी उद्देश्य से वे ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर लगातार आवाज उठाते रहेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्र के लोगों के लिए प्रखंड कार्यालय तक आने-जाने में होने वाली कठिनाइयों को देखते हुए प्रशासन को विशेष व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि लोगों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए बार-बार प्रखंड मुख्यालय का चक्कर न लगाना पड़े।1
- रोहतास अज्ञात बाइक सवार अपराधियों ने एक शिक्षक को रास्ते में रोक पिटाई कर 2 मोबाइल लेकर हुए फरार रोहतास जिला अंतर्गत अकोदी गोला थाना क्षेत्र के 8 सितंबर 2026 को ग्राम डुमरिया कपड़ी के बीच में दो अज्ञात बाइक सवार अपराधियों ने कार्यरत शिक्षक को ड्यूटी जाने के क्रम में बीच रास्ते में रोक कर शिक्षक के साथ मारपीट का अंजाम देते हुए शिक्षक का 02 मोबाइल फोन लेकर फरार होगा वहीं पुलिस पूरे मामले के जांच में टूट गई है और जख्मी शिक्षक को को इलाज के लिए सदर हॉस्पिटल सासाराम लाया गया1
- कुदरा में नदी पार करने के दौरान हादसा, 17 वर्षीय युवक की डूबने से मौत, दूसरे को ग्रामीणों ने बचाया कुदरा:-लगातार बारिश से दुर्गावती और कर्मनाशा नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि अगर नदी पर लाल कपड़े से घेराव या बांस-बल्ला लगाकर रास्ता बंद किया गया होता तो हादसा टल सकता था, इसे लेकर प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं। वियो जिले के कुदरा थाना क्षेत्र में नदी पार करने के दौरान हुए हादसे में 17 वर्षीय युवक की डूबने से मौत हो गई, जबकि दूसरे युवक को ग्रामीणों ने बचा लिया। घटना के बाद रामपुर गांव में मातम पसरा है। जानकारी के अनुसार रामपुर निवासी विनोद साह का पुत्र विवेक कुमार (17) और राम एकबाल का पुत्र गोलू कुदरा बाजार से खरीदारी कर घर लौट रहे थे। कुदरा से रामपुर जाने वाले रास्ते में श्रमदान से बनी पुलिया पार करने के दौरान दोनों गहरे पानी में चले गए। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए बचाव शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद विवेक का शव बरामद किया गया, वहीं गोलू को सुरक्षित बाहर निकाल कर अस्पताल में भर्ती कराया गया। इधर परिजनो में शोक की लहर दौड़ गई. सरकार से मुआवजे की राशि की मांग की.1
- शिक्षा • विकास • उज्ज्वल भविष्य *शुभारंभ समारोह* माननीय मंत्री मो• जमा खान साहब,अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय का करेंगे शुभारंभ 📅 दिनांक: 10 सितंबर 2026 📌 दिन: गुरुवार ⏰ समय: दोपहर 2 बजे 📍 स्थान: अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय, नौघरा, चैनपुर, कैमूर1
- विवाहिता महिला की पति ने अपने पत्नी पर लगाया गंभीर आरोप कहा अपना पति नहीं मानती है ढंग से नहीं रहती घर में1
- सूटिंग किया गया भवनाथपुर परसोडीह में देखिए किस तरीका से गढ़वा जिला केतार ब्लॉक अंर्तगत ग्राम परसोडीह में अब सूटिंग किया जा रहा है धनजय लाल यादव1
- रोहतास: राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष और दिनारा विधायक आलोक कुमार सिंह ने अवैध बूचड़खानों को लेकर बड़ा बयान दिया है। विधायक ने साफ कहा है कि उनके रहते इलाके में किसी भी हाल में गौ हत्या नहीं होने दी जाएगी। पत्रकारों से बातचीत के दौरान विधायक आलोक कुमार सिंह ने कहा कि इलाके में अवैध रूप से संचालित सभी बूचड़खानों को हर हाल में बंद करना होगा। उन्होंने कहा कि गाय को वे माता मानते हैं और गौ हत्या किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विधायक के मुताबिक, वैध बूचड़खाने के लिए भी बाकायदा कानूनी प्रक्रिया और पशु चिकित्सक की रिपोर्ट जरूरी है, लेकिन कई जगह गाइडलाइन का पालन नहीं हो रहा। बिक्रमगंज के बूचड़खाने का मामला विधानसभा में उठाने की बात भी उन्होंने कही। विधायक ने बताया कि इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से भी बातचीत हुई है और मुख्यमंत्री की भी इस मामले में सहमति है।1
- *वाराणसी: सिगरा पुलिस ने नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले आरोपी को किया गिरफ्तार* *वाराणसी।* सिगरा पुलिस ने नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर BHU में प्रोफेसर असिस्टेंट की नौकरी लगवाने के नाम पर 6 लाख रुपये ठगने का आरोप है। पीड़ित की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने खुद को प्रभावशाली व्यक्ति बताकर BHU में नौकरी दिलाने का झांसा दिया था और 6 लाख रुपये ऐंठ लिए थे।1