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सूटिंग किया गया भवनाथपुर परसोडीह में देखिए किस तरीका से गढ़वा जिला केतार ब्लॉक अंर्तगत ग्राम परसोडीह में अब सूटिंग किया जा रहा है धनजय लाल यादव

9 hrs ago
user_झारखंड सिर्फ सच न्यूज
झारखंड सिर्फ सच न्यूज
झारखंड मीडिया कांडी, गढ़वा, झारखंड•
9 hrs ago

सूटिंग किया गया भवनाथपुर परसोडीह में देखिए किस तरीका से गढ़वा जिला केतार ब्लॉक अंर्तगत ग्राम परसोडीह में अब सूटिंग किया जा रहा है धनजय लाल यादव

More news from झारखंड and nearby areas
  • सूटिंग किया गया भवनाथपुर परसोडीह में देखिए किस तरीका से गढ़वा जिला केतार ब्लॉक अंर्तगत ग्राम परसोडीह में अब सूटिंग किया जा रहा है धनजय लाल यादव
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    सूटिंग किया गया भवनाथपुर परसोडीह में देखिए किस तरीका से
गढ़वा जिला केतार ब्लॉक अंर्तगत ग्राम परसोडीह में अब सूटिंग किया जा रहा है धनजय लाल यादव
    user_झारखंड सिर्फ सच न्यूज
    झारखंड सिर्फ सच न्यूज
    झारखंड मीडिया कांडी, गढ़वा, झारखंड•
    9 hrs ago
  • गढ़वा जिला बॉक्सिंग संघ का एनुअल मीटिंग संपन्न गणेशा बॉक्सिंग एकेडमी में नए पदाधिकारियों का हुआ चयन
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    गढ़वा जिला बॉक्सिंग संघ का एनुअल मीटिंग संपन्न 
गणेशा बॉक्सिंग एकेडमी में नए पदाधिकारियों का हुआ चयन
    user_Shital vishwakarma
    Shital vishwakarma
    पत्रकार बिश्नुनपुर, गढवा•
    2 hrs ago
  • आप्राधि की 3 द्ववाई लातम, जुतम और पिटाई , नहीं होगी दवाई तो आप्राधलोग बढ़ता जाई l यह मामला गुजरात के भावनगर का है, जो सितंबर 2026 की शुरुआत में सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रहा। [1] वहां काजल बारैया नाम की एक महिला की सरेआम बस स्टैंड पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। इस वारदात के आरोपी फैजल (उर्फ खटकी) को जब पुलिस क्राइम सीन री-क्रिएशन (घटनास्थल की जांच) के लिए लेकर पहुंची, तब वहां उसकी पुलिस हिरासत में कथित पिटाई का वीडियो सामने आया। [1, 2, 3] सोशल मीडिया पर वायरल दावों के अनुसार, पुलिस ने उसे जीप से बांधकर करीब 5 से 10 मिनट में 100 से ज्यादा डंडे मारे थे। हालांकि, डंडे मारने की सटीक संख्या की कोई आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन इस घटना का वीडियो इंटरनेट पर काफी वायरल हुआ। [1, 2, 3] क्या आप इस मामले से जुड़ी कानूनी कार्रवाई या ताजा अपडेट के बारे में कुछ और जानना चाहते हैं? जीप से बांधकर लाठियों से ताबड़तोड़ पीटा... गुजरात पुलिस ने फैजल को क्यों ... 7 Sept 2026 — कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि करीब 5 मिनट में 100 से ज्यादा डंडे लगाए गए, हालांकि इस संख्या की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। दरअसल, 3 सितंबर को भावनगर ST... गुजरात के भावनगर में लिव-इन पार्टनर काजल बारैया की हत्या के आरोपी फैसल ... 6 Sept 2026 — रिपोर्ट्स में दावा है कि आरोपी को रस्सी से बांधकर डंडों से पीटा गया और करीब 10 मिनट में उसे 107 बार डंडे मारे गए। हालांकि, इस दावे की अभी स्वतंत्र रूप से पुष्टि... गुजरात के भावनगर में हत्या के आरोपी पैजल लखानी की पुलिस पिटाई का ... 🚨 गुजरात से बड़ी खबर: हत्या के आरोपी की पुलिस हिरासत में पिटाई का वीडियो वायरल भावनगर: काजल बेन हत्या मामले में आरोपी फैजल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से ... भारतको गुजरातस्थित भावनगरमा एक महिलाको हत्या आरोपमा पक्राउ परेका ... जिसको भी इस पर दया आए. कमेंट बॉक्स में इसके कारनामों की सीसीटीवी फुटेज देख लेना. इस आरोपी का नाम फैजल खान है इसने गुजरात के भावनगर बस स्टैंड पर हिंदू युवती काजल...
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    आप्राधि की 3 द्ववाई लातम, जुतम और पिटाई , नहीं होगी दवाई तो आप्राधलोग बढ़ता जाई l
यह मामला गुजरात के भावनगर का है, जो सितंबर 2026 की शुरुआत में सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रहा। [1]
वहां काजल बारैया नाम की एक महिला की सरेआम बस स्टैंड पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। इस वारदात के आरोपी फैजल (उर्फ खटकी) को जब पुलिस क्राइम सीन री-क्रिएशन (घटनास्थल की जांच) के लिए लेकर पहुंची, तब वहां उसकी पुलिस हिरासत में कथित पिटाई का वीडियो सामने आया। [1, 2, 3]
सोशल मीडिया पर वायरल दावों के अनुसार, पुलिस ने उसे जीप से बांधकर करीब 5 से 10 मिनट में 100 से ज्यादा डंडे मारे थे। हालांकि, डंडे मारने की सटीक संख्या की कोई आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन इस घटना का वीडियो इंटरनेट पर काफी वायरल हुआ। [1, 2, 3]
क्या आप इस मामले से जुड़ी कानूनी कार्रवाई या ताजा अपडेट के बारे में कुछ और जानना चाहते हैं?
जीप से बांधकर लाठियों से ताबड़तोड़ पीटा... गुजरात पुलिस ने फैजल को क्यों ...
7 Sept 2026 — कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि करीब 5 मिनट में 100 से ज्यादा डंडे लगाए गए, हालांकि इस संख्या की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। दरअसल, 3 सितंबर को भावनगर ST...
गुजरात के भावनगर में लिव-इन पार्टनर काजल बारैया की हत्या के आरोपी फैसल ...
6 Sept 2026 — रिपोर्ट्स में दावा है कि आरोपी को रस्सी से बांधकर डंडों से पीटा गया और करीब 10 मिनट में उसे 107 बार डंडे मारे गए। हालांकि, इस दावे की अभी स्वतंत्र रूप से पुष्टि...
गुजरात के भावनगर में हत्या के आरोपी पैजल लखानी की पुलिस पिटाई का ...
🚨 गुजरात से बड़ी खबर: हत्या के आरोपी की पुलिस हिरासत में पिटाई का वीडियो वायरल भावनगर: काजल बेन हत्या मामले में आरोपी फैजल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से ...
भारतको गुजरातस्थित भावनगरमा एक महिलाको हत्या आरोपमा पक्राउ परेका ...
जिसको भी इस पर दया आए. कमेंट बॉक्स में इसके कारनामों की सीसीटीवी फुटेज देख लेना. इस आरोपी का नाम फैजल खान है इसने गुजरात के भावनगर बस स्टैंड पर हिंदू युवती काजल...
    user_Ramashankar sharma
    Ramashankar sharma
    Communications central गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    2 hrs ago
  • संसदी में साइकिल ले आए, विधायकी में भी ले आएंगे। उतर प्रदेश संसदी में साइकिल ले आए, विधायकी में भी ले आएंगे। उतर प्रदेश
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    संसदी में साइकिल ले आए, विधायकी में भी ले आएंगे।  उतर प्रदेश 
संसदी में साइकिल ले आए, विधायकी में भी ले आएंगे।     उतर प्रदेश
    user_Active line News
    Active line News
    Court reporter गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    11 hrs ago
  • पहाड़ से सात कोस नीचे प्रखंड कार्यालय पहुंचते हैं, फिर भी नहीं होता काम ग्राम पंचायत उगहनी के भुरकुंडा गांव के वार्ड सदस्य आकिल सिंह खरवार ने जताई नाराजगी, बोले—समय और पैसा खर्च कर आने के बाद भी ग्रामीणों को लौटना पड़ता है खाली हाथ चेनारी, रोहतास। चेनारी प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत उगहनी के ग्राम भुरकुंडा के वार्ड सदस्य आकिल सिंह खरवार ने प्रखंड कार्यालय में ग्रामीणों से जुड़े कार्यों को लेकर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि भुरकुंडा गांव पहाड़ी क्षेत्र में स्थित है और यहां के लोगों को प्रखंड मुख्यालय तक पहुंचने के लिए काफी दूरी तय करनी पड़ती है। इसके बावजूद जब ग्रामीण अपनी समस्याओं और सरकारी कार्यों के समाधान के लिए प्रखंड कार्यालय पहुंचते हैं, तो कई बार उनका काम नहीं हो पाता है। आकिल सिंह खरवार ने कहा कि “हम लोग पहाड़ से करीब सात कोस नीचे प्रखंड के काम के लिए आते हैं। आने-जाने में समय और पैसे दोनों खर्च होते हैं, लेकिन प्रखंड कार्यालय पहुंचने के बाद भी कई बार काम नहीं होता। इससे ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।” उन्होंने कहा कि पहाड़ी एवं दूरदराज के गांवों में रहने वाले लोगों के लिए प्रखंड मुख्यालय तक पहुंचना आसान नहीं है। विशेषकर बुजुर्ग, महिलाएं और जरूरतमंद ग्रामीण सरकारी योजनाओं, प्रमाण-पत्र, पेंशन, आवास, राशन, जमीन से जुड़े कार्यों सहित अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए प्रखंड कार्यालय का चक्कर लगाते हैं। यदि एक ही काम के लिए उन्हें बार-बार प्रखंड मुख्यालय आना पड़े, तो उनकी परेशानी और बढ़ जाती है। वार्ड सदस्य ने प्रशासन से मांग की कि दूरदराज और पहाड़ी इलाकों से आने वाले ग्रामीणों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाए तथा संबंधित विभाग के पदाधिकारियों एवं कर्मियों को समय पर कार्य निष्पादन के लिए निर्देशित किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी ग्रामीणों तक पहुंच सकेगा, जब कार्यालय स्तर पर लोगों के काम समय पर पूरे हों। पहाड़ से सात कोस नीचे प्रखंड कार्यालय पहुंचते हैं, फिर भी नहीं होता काम ग्राम पंचायत उगहनी के भुरकुंडा गांव के वार्ड सदस्य आकिल सिंह खरवार ने जताई नाराजगी, बोले—समय और पैसा खर्च कर आने के बाद भी ग्रामीणों को लौटना पड़ता है खाली हाथ चेनारी, रोहतास। चेनारी प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत उगहनी के ग्राम भुरकुंडा के वार्ड सदस्य आकिल सिंह खरवार ने प्रखंड कार्यालय में ग्रामीणों से जुड़े कार्यों को लेकर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि भुरकुंडा गांव पहाड़ी क्षेत्र में स्थित है और यहां के लोगों को प्रखंड मुख्यालय तक पहुंचने के लिए काफी दूरी तय करनी पड़ती है। इसके बावजूद जब ग्रामीण अपनी समस्याओं और सरकारी कार्यों के समाधान के लिए प्रखंड कार्यालय पहुंचते हैं, तो कई बार उनका काम नहीं हो पाता है। आकिल सिंह खरवार ने कहा कि “हम लोग पहाड़ से करीब सात कोस नीचे प्रखंड के काम के लिए आते हैं। आने-जाने में समय और पैसे दोनों खर्च होते हैं, लेकिन प्रखंड कार्यालय पहुंचने के बाद भी कई बार काम नहीं होता। इससे ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।” उन्होंने कहा कि पहाड़ी एवं दूरदराज के गांवों में रहने वाले लोगों के लिए प्रखंड मुख्यालय तक पहुंचना आसान नहीं है। विशेषकर बुजुर्ग, महिलाएं और जरूरतमंद ग्रामीण सरकारी योजनाओं, प्रमाण-पत्र, पेंशन, आवास, राशन, जमीन से जुड़े कार्यों सहित अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए प्रखंड कार्यालय का चक्कर लगाते हैं। यदि एक ही काम के लिए उन्हें बार-बार प्रखंड मुख्यालय आना पड़े, तो उनकी परेशानी और बढ़ जाती है। वार्ड सदस्य ने प्रशासन से मांग की कि दूरदराज और पहाड़ी इलाकों से आने वाले ग्रामीणों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाए तथा संबंधित विभाग के पदाधिकारियों एवं कर्मियों को समय पर कार्य निष्पादन के लिए निर्देशित किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी ग्रामीणों तक पहुंच सकेगा, जब कार्यालय स्तर पर लोगों के काम समय पर पूरे हों। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है कि वे जनता की समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाएं। इसी उद्देश्य से वे ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर लगातार आवाज उठाते रहेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्र के लोगों के लिए प्रखंड कार्यालय तक आने-जाने में होने वाली कठिनाइयों को देखते हुए प्रशासन को विशेष व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि लोगों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए बार-बार प्रखंड मुख्यालय का चक्कर न लगाना पड़े।
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    पहाड़ से सात कोस नीचे प्रखंड कार्यालय पहुंचते हैं, फिर भी नहीं होता काम
ग्राम पंचायत उगहनी के भुरकुंडा गांव के वार्ड सदस्य आकिल सिंह खरवार ने जताई नाराजगी, बोले—समय और पैसा खर्च कर आने के बाद भी ग्रामीणों को लौटना पड़ता है खाली हाथ
चेनारी, रोहतास। चेनारी प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत उगहनी के ग्राम भुरकुंडा के वार्ड सदस्य आकिल सिंह खरवार ने प्रखंड कार्यालय में ग्रामीणों से जुड़े कार्यों को लेकर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि भुरकुंडा गांव पहाड़ी क्षेत्र में स्थित है और यहां के लोगों को प्रखंड मुख्यालय तक पहुंचने के लिए काफी दूरी तय करनी पड़ती है। इसके बावजूद जब ग्रामीण अपनी समस्याओं और सरकारी कार्यों के समाधान के लिए प्रखंड कार्यालय पहुंचते हैं, तो कई बार उनका काम नहीं हो पाता है।
आकिल सिंह खरवार ने कहा कि “हम लोग पहाड़ से करीब सात कोस नीचे प्रखंड के काम के लिए आते हैं। आने-जाने में समय और पैसे दोनों खर्च होते हैं, लेकिन प्रखंड कार्यालय पहुंचने के बाद भी कई बार काम नहीं होता। इससे ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।”
उन्होंने कहा कि पहाड़ी एवं दूरदराज के गांवों में रहने वाले लोगों के लिए प्रखंड मुख्यालय तक पहुंचना आसान नहीं है। विशेषकर बुजुर्ग, महिलाएं और जरूरतमंद ग्रामीण सरकारी योजनाओं, प्रमाण-पत्र, पेंशन, आवास, राशन, जमीन से जुड़े कार्यों सहित अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए प्रखंड कार्यालय का चक्कर लगाते हैं। यदि एक ही काम के लिए उन्हें बार-बार प्रखंड मुख्यालय आना पड़े, तो उनकी परेशानी और बढ़ जाती है।
वार्ड सदस्य ने प्रशासन से मांग की कि दूरदराज और पहाड़ी इलाकों से आने वाले ग्रामीणों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाए तथा संबंधित विभाग के पदाधिकारियों एवं कर्मियों को समय पर कार्य निष्पादन के लिए निर्देशित किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी ग्रामीणों तक पहुंच सकेगा, जब कार्यालय स्तर पर लोगों के काम समय पर पूरे हों।

पहाड़ से सात कोस नीचे प्रखंड कार्यालय पहुंचते हैं, फिर भी नहीं होता काम
ग्राम पंचायत उगहनी के भुरकुंडा गांव के वार्ड सदस्य आकिल सिंह खरवार ने जताई नाराजगी, बोले—समय और पैसा खर्च कर आने के बाद भी ग्रामीणों को लौटना पड़ता है खाली हाथ
चेनारी, रोहतास। चेनारी प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत उगहनी के ग्राम भुरकुंडा के वार्ड सदस्य आकिल सिंह खरवार ने प्रखंड कार्यालय में ग्रामीणों से जुड़े कार्यों को लेकर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि भुरकुंडा गांव पहाड़ी क्षेत्र में स्थित है और यहां के लोगों को प्रखंड मुख्यालय तक पहुंचने के लिए काफी दूरी तय करनी पड़ती है। इसके बावजूद जब ग्रामीण अपनी समस्याओं और सरकारी कार्यों के समाधान के लिए प्रखंड कार्यालय पहुंचते हैं, तो कई बार उनका काम नहीं हो पाता है।
आकिल सिंह खरवार ने कहा कि “हम लोग पहाड़ से करीब सात कोस नीचे प्रखंड के काम के लिए आते हैं। आने-जाने में समय और पैसे दोनों खर्च होते हैं, लेकिन प्रखंड कार्यालय पहुंचने के बाद भी कई बार काम नहीं होता। इससे ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।”
उन्होंने कहा कि पहाड़ी एवं दूरदराज के गांवों में रहने वाले लोगों के लिए प्रखंड मुख्यालय तक पहुंचना आसान नहीं है। विशेषकर बुजुर्ग, महिलाएं और जरूरतमंद ग्रामीण सरकारी योजनाओं, प्रमाण-पत्र, पेंशन, आवास, राशन, जमीन से जुड़े कार्यों सहित अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए प्रखंड कार्यालय का चक्कर लगाते हैं। यदि एक ही काम के लिए उन्हें बार-बार प्रखंड मुख्यालय आना पड़े, तो उनकी परेशानी और बढ़ जाती है।
वार्ड सदस्य ने प्रशासन से मांग की कि दूरदराज और पहाड़ी इलाकों से आने वाले ग्रामीणों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाए तथा संबंधित विभाग के पदाधिकारियों एवं कर्मियों को समय पर कार्य निष्पादन के लिए निर्देशित किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी ग्रामीणों तक पहुंच सकेगा, जब कार्यालय स्तर पर लोगों के काम समय पर पूरे हों।
उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है कि वे जनता की समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाएं। इसी उद्देश्य से वे ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर लगातार आवाज उठाते रहेंगे।
ग्रामीणों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्र के लोगों के लिए प्रखंड कार्यालय तक आने-जाने में होने वाली कठिनाइयों को देखते हुए प्रशासन को विशेष व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि लोगों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए बार-बार प्रखंड मुख्यालय का चक्कर न लगाना पड़े।
    user_राष्ट्र नमन प्रेस
    राष्ट्र नमन प्रेस
    Local Politician चेनारी, रोहतास, बिहार•
    2 hrs ago
  • अकराहा मंदिर से उरांव टोला तक दो किमी कच्ची सड़क की मुखिया ने निजी खर्च से कराई मरम्मत *ग्रामीणों ने कहा- आजादी के बाद से नहीं हुआ सड़क का निर्माण, आवागमन में होती थी परेशानी* किशुनपुर। किशुनपुर पंचायत के अकराहा गांव में अकरहा मंदिर से उरांव टोला तक करीब दो किलोमीटर लंबी कच्ची सड़क की मरम्मत पंचायत की मुखिया सुमन गुप्ता ने निजी खर्च से मिट्टी-मोरम डालकर कराई। सड़क की स्थिति खराब रहने के कारण ग्रामीणों को आवागमन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। खासकर बारिश के दिनों में सड़क की स्थिति और भी बदतर हो जाती थी। ग्रामीणों ने बताया कि आजादी के बाद से अब तक इस सड़क का निर्माण नहीं कराया गया है। लंबे समय से सड़क के निर्माण की मांग की जा रही थी। कर्मा पूजा को देखते हुए ग्रामीणों ने सड़क की तत्काल मरम्मत कराने के लिए पंचायत की मुखिया सुमन गुप्ता से आग्रह किया था। ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए मुखिया ने अपने निजी खर्च से सड़क पर मिट्टी-मोरम डालकर आवागमन योग्य बनाने का काम शुरू कराया। मुखिया सुमन गुप्ता ने बताया कि कई वर्षों से सड़क की स्थिति खराब है। कर्मा पूजा को लेकर ग्रामीणों ने सड़क की मरम्मत कराने का आग्रह किया था। इसके बाद उन्होंने निजी खर्च से मिट्टी-मोरम डालकर सड़क को दुरुस्त कराने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि सड़क की लंबाई करीब दो किलोमीटर है, इसलिए इतनी लंबी सड़क का निर्माण निजी फंड से कराना संभव नहीं है। उनका प्रयास रहेगा कि आने वाले समय में संबंधित विभाग एवं सरकारी स्तर पर पहल कर इस सड़क को पक्की सड़क में तब्दील कराया जाए। सड़क की मरम्मत शुरू होने से ग्रामीणों में खुशी है। ग्रामीणों ने मुखिया के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि लंबे समय से सड़क की समस्या से जूझ रहे लोगों को फिलहाल काफी राहत मिलेगी। इस मौके पर संगीता देवी, झरो देवी, कविता देवी, समरी देवी, कुलेश उरांव, लालबिहारी उरांव, योगेश्वर उरांव, श्याम उरांव, बीफन उरांव, कालेश्वर उरांव सहित कई ग्रामीण मौजूद थे।
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    अकराहा मंदिर से उरांव टोला तक दो किमी कच्ची सड़क की मुखिया ने निजी खर्च से कराई मरम्मत
*ग्रामीणों ने कहा- आजादी के बाद से नहीं हुआ सड़क का निर्माण, आवागमन में होती थी परेशानी*
किशुनपुर। किशुनपुर पंचायत के अकराहा गांव में अकरहा मंदिर से उरांव टोला तक करीब दो किलोमीटर लंबी कच्ची सड़क की मरम्मत पंचायत की मुखिया सुमन गुप्ता ने निजी खर्च से मिट्टी-मोरम डालकर कराई। सड़क की स्थिति खराब रहने के कारण ग्रामीणों को आवागमन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। खासकर बारिश के दिनों में सड़क की स्थिति और भी बदतर हो जाती थी।
ग्रामीणों ने बताया कि आजादी के बाद से अब तक इस सड़क का निर्माण नहीं कराया गया है। लंबे समय से सड़क के निर्माण की मांग की जा रही थी। कर्मा पूजा को देखते हुए ग्रामीणों ने सड़क की तत्काल मरम्मत कराने के लिए पंचायत की मुखिया सुमन गुप्ता से आग्रह किया था। ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए मुखिया ने अपने निजी खर्च से सड़क पर मिट्टी-मोरम डालकर आवागमन योग्य बनाने का काम शुरू कराया।
मुखिया सुमन गुप्ता ने बताया कि कई वर्षों से सड़क की स्थिति खराब है। कर्मा पूजा को लेकर ग्रामीणों ने सड़क की मरम्मत कराने का आग्रह किया था। इसके बाद उन्होंने निजी खर्च से मिट्टी-मोरम डालकर सड़क को दुरुस्त कराने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि सड़क की लंबाई करीब दो किलोमीटर है, इसलिए इतनी लंबी सड़क का निर्माण निजी फंड से कराना संभव नहीं है। उनका प्रयास रहेगा कि आने वाले समय में संबंधित विभाग एवं सरकारी स्तर पर पहल कर इस सड़क को पक्की सड़क में तब्दील कराया जाए।
सड़क की मरम्मत शुरू होने से ग्रामीणों में खुशी है। ग्रामीणों ने मुखिया के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि लंबे समय से सड़क की समस्या से जूझ रहे लोगों को फिलहाल काफी राहत मिलेगी।
इस मौके पर संगीता देवी, झरो देवी, कविता देवी, समरी देवी, कुलेश उरांव, लालबिहारी उरांव, योगेश्वर उरांव, श्याम उरांव, बीफन उरांव, कालेश्वर उरांव सहित कई ग्रामीण मौजूद थे।
    user_Ramashish Kumar Mo:-6202682271
    Ramashish Kumar Mo:-6202682271
    पाटन, पलामू, झारखंड•
    57 min ago
  • दूधवल पंचायत में एसआईआर मतदाता पुनरीक्षण कैंप वीडीयो के उपस्थित में आयोजित रंका प्रखंड के दूधवल पंचायत में मंगलवार को एसआईआर मतदाता पुनरीक्षण कार्य को लेकर विशेष कैंप का आयोजन किया गया। कैंप का आयोजन सुबह 11 बजे से खबर दिखे जाने चार बजे तक कार्य किया जा रहा था , जिसमें पंचायत क्षेत्र के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे और अपने मतदाता संबंधी दस्तावेजों एवं एसआईआर फॉर्म में आवश्यक सुधार कराया। कैंप के दौरान प्रखंड विकास पदाधिकारी शुभम बेला टोपनो एवं प्रखंड कर्मियों की टीम ने बारी-बारी से ग्रामीणों के एसआईआर मतदाता पुनरीक्षण कार्य का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने ग्रामीणों को फॉर्म भरने, आवश्यक जानकारी दर्ज करने तथा किसी प्रकार की त्रुटि होने पर उसमें सुधार कराने के संबंध में जानकारी दी। मौके पर दूधवल पंचायत के मुखिया इजहार अंसारी वन अध्यक्ष नसीर अंसारी भी उपस्थित रहे। उन्होंने कैंप में पहुंचने वाले ग्रामीणों की समस्याओं को समझते हुए आवश्यक सहयोग किया। कैंप में हजारों की संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति देखी गई। ग्रामीणों ने अपने-अपने एसआईआर फॉर्म की जांच कराई तथा नाम, पता एवं अन्य आवश्यक विवरणों में सुधार का कार्य करवाया। बीडीओ शुभम बेला टोपनो ने प्रखंड कर्मियों को निर्देश दिया कि मतदाता पुनरीक्षण कार्य में किसी भी ग्रामीण को परेशानी नहीं हो और सभी योग्य मतदाताओं के फॉर्म की सही तरीके से जांच एवं सुधार सुनिश्चित किया जाए। कैंप के आयोजन से ग्रामीणों को एक ही स्थान पर मतदाता संबंधी कार्य कराने की सुविधा मिली।
    1
    दूधवल पंचायत में एसआईआर मतदाता पुनरीक्षण  कैंप वीडीयो के उपस्थित में आयोजित 



रंका प्रखंड के दूधवल पंचायत में मंगलवार को एसआईआर मतदाता पुनरीक्षण कार्य को लेकर विशेष कैंप का आयोजन किया गया। कैंप का आयोजन सुबह 11 बजे से खबर दिखे जाने चार बजे तक कार्य किया जा रहा था , जिसमें पंचायत क्षेत्र के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे और अपने मतदाता संबंधी दस्तावेजों एवं एसआईआर फॉर्म में आवश्यक सुधार कराया।
कैंप के दौरान प्रखंड विकास पदाधिकारी शुभम बेला टोपनो एवं प्रखंड कर्मियों की टीम ने बारी-बारी से ग्रामीणों के एसआईआर मतदाता पुनरीक्षण कार्य का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने ग्रामीणों को फॉर्म भरने, आवश्यक जानकारी दर्ज करने तथा किसी प्रकार की त्रुटि होने पर उसमें सुधार कराने के संबंध में जानकारी दी।
मौके पर दूधवल पंचायत के मुखिया इजहार अंसारी वन अध्यक्ष नसीर अंसारी भी उपस्थित रहे। उन्होंने कैंप में पहुंचने वाले ग्रामीणों की समस्याओं को समझते हुए आवश्यक सहयोग किया। कैंप में हजारों की संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति देखी गई। ग्रामीणों ने अपने-अपने एसआईआर फॉर्म की जांच कराई तथा नाम, पता एवं अन्य आवश्यक विवरणों में सुधार का कार्य करवाया।
बीडीओ शुभम बेला टोपनो ने प्रखंड कर्मियों को निर्देश दिया कि मतदाता पुनरीक्षण कार्य में किसी भी ग्रामीण को परेशानी नहीं हो और सभी योग्य मतदाताओं के फॉर्म की सही तरीके से जांच एवं सुधार सुनिश्चित किया जाए। कैंप के आयोजन से ग्रामीणों को एक ही स्थान पर मतदाता संबंधी कार्य कराने की सुविधा मिली।
    user_Sunil singh
    Sunil singh
    रंका, गढ़वा, झारखंड•
    5 hrs ago
  • झारखंड में बिजली बिल में हेराफेरी कर, विभाग की ओर से अवैध कमाई का जरिया का खुलासा हुआ l महिला का लाई और पंखा का बिजली बिल एक माह का बिनजी विभाग से 18000 रुपये का भुगतान के लिए भेजा गया l महिला ने करजा कर बिल को जमा कर दिया l दूसरी बार आगले माह का 26000 रुपये का बिल, बिजली बीभाग भेज दिया l महिला का गुस्सा फूटा गाव वालो के साथ पाहुची बिजली विभाग आगे जो हुआ वीडियो में देखे भरष्ट पदाधिकारी की करतूत l
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    झारखंड में बिजली बिल में हेराफेरी कर, विभाग की ओर से अवैध कमाई का जरिया का खुलासा हुआ l
महिला का लाई और पंखा का बिजली बिल एक माह का बिनजी विभाग से 18000 रुपये का भुगतान के लिए भेजा गया l महिला ने करजा कर बिल को जमा कर दिया l दूसरी बार आगले माह का 26000 रुपये का बिल, बिजली बीभाग भेज दिया l महिला का गुस्सा
फूटा गाव वालो के साथ पाहुची बिजली विभाग आगे जो हुआ वीडियो में देखे  भरष्ट पदाधिकारी की करतूत l
    user_Ramashankar sharma
    Ramashankar sharma
    Communications central गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    9 hrs ago
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