ये इकंदर सिकंदर सब दो कौड़ी के हैं, मैंने राम की चरण पादुका का शासन देखा - कवि मुकेश मोलवा टामटिया आहड़ा में हनुमान जयंती के पावन पर्व पर हनुमान मित्र मंडल टामटिया आहड़ा द्वारा आयोजित और उजास परिवार, ठीकरिया द्वारा संयोजित विराट कवि सम्मेलन में वागड़-इन्दौर के कवियों ने अपनी प्रस्तुतियों से ग्रामीणों को आन्दोलित करने के साथ ही चिन्तन करने पर विवश कर दिया। कार्यक्रम शुरू होने से पूर्व जब सभी कवियों ने पांडाल में प्रवेश किया तो हनुमान मित्र मंडल टामटिया के सभी सदस्यों ने कतारबद्ध खड़े होकर के कवियों का अभिवादन और पुष्प वृष्टि द्वारा कवियों का स्वागत किया। शास्त्रीय गायक एवं प्रधानाचार्य वीरेंद्र सिंह राव ने राग मालकोस पर आधारित सरस्वती वन्दना एवं हनुमान स्तुति प्रस्तुत की। इंदौर से आए अग्नि धर्मा कवि मुकेश मोलवा ने मैं सरयू का तट कविता से जब ‘मैंने पदचिन्हो पर जाते लक्ष्मण देखा,भाई के विरह मे व्यग्र शत्रुघ्न देखा, लौट कर फिर अवध आया ही नहीं , भरत सा विराट सन्यासी मन देखा, ये इकंदर सिकंदर सब दो कौड़ी के हैं, मैंने राम की चरण पादुका का शासन देखा।’ पंक्तियां पढ़ी तो समूचे पांडाल के श्रोताओं ने खड़े होकर तालिया की गड़गड़ाहट से अभिनंदन किया। जीजीटीयु कुलगीत रचयिता कवि हरीश आचार्य ने अपने प्रस्तुतीकरण के दौरान ‘कोई काम ऐसा क्यूँ करें शर्मिंदा रहें हम, हो बात वतनपरस्ती की,संजीदा रहें हम’ के साथ ‘अपने घर को घर करने में हुए विफल हम, दिलों में घर कर जाने वाले, वो लोग और थे।’ प्रस्तुत की। महाराणा प्रताप को आदरांजलि के रूप में ‘इक नई पहचान मिली प्रताप के प्रताप से, आन बान और शान मिली प्रताप के प्रताप से, ख़ुदग़र्ज़ी ख़ुद कह उठी क्या ख़ूब है रौशन ज़मीर, ख़ुद्दारी परवान चढ़ी प्रताप के प्रताप से’ प्रस्तुत की तो क्षत्रिय समाज ने अभिनंदन किया। वागडी के कर्णप्रिय गीतकार कवि महेश देव नंदौड़ ने ‘सालता रे जु रे आमने आम सालता रेजु रे...’, ‘जोगी किम थयं सीजे मोगी कीम थयं...’, ‘मनक तारी काया ने हम्बार...’ प्रस्तुत किया तो समस्त श्रोतागण झूम उठे। मधुर गीतकार तारेश दवे ने ‘डूबती नाव से जब पुकारूंगा मैं, मुझको विश्वास है, राम आ जाएंगे।’ और भंवर गर्ग ‘मधुकर’ ने ‘सीधे-सादे सच्चों पर, भोले-भाले बच्चों पर, रखते आशीष सदा, मेरे हनुमान जी... प्रस्तुत कर हनुमान जी के प्रति श्रद्धा प्रकट की। हथाई-डूंगरपुर निवासी छन्दज्ञ के प्रेमी ने ‘इतिहास चीरकर रख देती, इकलौतती हाड़ी की गाथां क्यों नहीं कही तुमने हमसे, जौहर वाली पदमण माता’ और राष्ट्रीय कवि मंच संचालक विपुल ‘विद्रोही’ ने ‘मेरा सुख तेरे दुःख का सामान हो रहा है, जलन की आग में हृदय श्मशान हो रहा है, मैं बेचता हूं चूड़िया, तो कंगाल हो गया, वो बेचकर कफ़न भी, धनवान हो रहा है।’ प्रस्तुत की। मंच संचालन राष्ट्रीय कवि एवं मंचसंचालक विपुल ‘विद्रोही’ ने किया। हनुमान मित्र मण्डल टामटिया के प्रवीण सिंह, चन्द्रपाल सिंह, दिनेशचन्द्र भोई, रमेश चन्द्र कलाल, देवेन्द्र पंचाल, हितेन्द्र सिंह, केसरी सिंह, पंकज गायरी, राजेन्द्र सिंह, चिराग सिसोदिया, देवेन्द्र पाल सिंह, पुष्पेन्द्र सिंह, मनोज सुथार और गांव के कृष्णपाल सिंह, हरीशचन्द्र सिंह, नवल सिंह, लाल सिंह, सरपंच अमरेंग कटारा, महादेव पंचाल, अंबालाल गायरी, कालूराम भोई, नरेन्द्र सुथार, हितेष कलाल, अशोक मेहता, कुंदनजी पंचाल, सुरेन्द्र सिंह, हनुमान सिंह, भवानी सिंह ने अतिथियों और कवियों का स्वागत अभिनंदन किया। कार्यक्रम में जय गिरिराज सिंह, हरेंद्र सिंह, नागेंद्र सिंह सहित जिले की क्षत्रिय समाज से जुड़े कईं सम्मानित सदस्य उपस्थितरहे। कार्यक्रम के दौरान गर्ग समाज बांसवाड़ा के वरिष्ठ गंगाराम गर्ग (सेनावासा), विट्ठल गर्ग (कोहाला), बलवंत गर्ग (देवदा), राजेंद्र गर्ग (बखतपुरा), विजय गर्ग (ठीकरिया) का ग्रामीणों की ओर से स्वागत किया गया। इस अवसर पर राजस्थान गर्ग समाज के प्रदेश अध्यक्ष रणछोड़ गर्ग का कवियों द्वारा अभिनंदन किया गया। कवियों और ग्रामवासियों की ओर से की टामटिया हनुमान मंदिर के पुजारी पं. जगदीश गर्ग (ठीकरिया) का पुष्पमाला पहनाकर और उपरणा ओढ़ाकर अभिनंदन किया गया।
ये इकंदर सिकंदर सब दो कौड़ी के हैं, मैंने राम की चरण पादुका का शासन देखा - कवि मुकेश मोलवा टामटिया आहड़ा में हनुमान जयंती के पावन पर्व पर हनुमान मित्र मंडल टामटिया आहड़ा द्वारा आयोजित और उजास परिवार, ठीकरिया द्वारा संयोजित विराट कवि सम्मेलन में वागड़-इन्दौर के कवियों ने अपनी प्रस्तुतियों से ग्रामीणों को आन्दोलित करने के साथ ही चिन्तन करने पर विवश कर दिया। कार्यक्रम शुरू होने से पूर्व जब सभी कवियों ने पांडाल में प्रवेश किया तो हनुमान मित्र मंडल टामटिया के सभी सदस्यों ने कतारबद्ध खड़े होकर के कवियों का अभिवादन और पुष्प वृष्टि द्वारा कवियों का स्वागत किया। शास्त्रीय गायक एवं प्रधानाचार्य वीरेंद्र सिंह राव ने राग मालकोस पर आधारित सरस्वती वन्दना एवं हनुमान स्तुति प्रस्तुत की। इंदौर से आए अग्नि धर्मा कवि मुकेश मोलवा ने मैं सरयू का तट कविता से जब ‘मैंने पदचिन्हो पर जाते लक्ष्मण देखा,भाई के विरह मे व्यग्र शत्रुघ्न देखा, लौट कर फिर अवध आया ही
नहीं , भरत सा विराट सन्यासी मन देखा, ये इकंदर सिकंदर सब दो कौड़ी के हैं, मैंने राम की चरण पादुका का शासन देखा।’ पंक्तियां पढ़ी तो समूचे पांडाल के श्रोताओं ने खड़े होकर तालिया की गड़गड़ाहट से अभिनंदन किया। जीजीटीयु कुलगीत रचयिता कवि हरीश आचार्य ने अपने प्रस्तुतीकरण के दौरान ‘कोई काम ऐसा क्यूँ करें शर्मिंदा रहें हम, हो बात वतनपरस्ती की,संजीदा रहें हम’ के साथ ‘अपने घर को घर करने में हुए विफल हम, दिलों में घर कर जाने वाले, वो लोग और थे।’ प्रस्तुत की। महाराणा प्रताप को आदरांजलि के रूप में ‘इक नई पहचान मिली प्रताप के प्रताप से, आन बान और शान मिली प्रताप के प्रताप से, ख़ुदग़र्ज़ी ख़ुद कह उठी क्या ख़ूब है रौशन ज़मीर, ख़ुद्दारी परवान चढ़ी प्रताप के प्रताप से’ प्रस्तुत की तो क्षत्रिय समाज ने अभिनंदन किया। वागडी के कर्णप्रिय गीतकार कवि महेश देव नंदौड़ ने ‘सालता रे जु रे आमने आम सालता रेजु रे...’,
‘जोगी किम थयं सीजे मोगी कीम थयं...’, ‘मनक तारी काया ने हम्बार...’ प्रस्तुत किया तो समस्त श्रोतागण झूम उठे। मधुर गीतकार तारेश दवे ने ‘डूबती नाव से जब पुकारूंगा मैं, मुझको विश्वास है, राम आ जाएंगे।’ और भंवर गर्ग ‘मधुकर’ ने ‘सीधे-सादे सच्चों पर, भोले-भाले बच्चों पर, रखते आशीष सदा, मेरे हनुमान जी... प्रस्तुत कर हनुमान जी के प्रति श्रद्धा प्रकट की। हथाई-डूंगरपुर निवासी छन्दज्ञ के प्रेमी ने ‘इतिहास चीरकर रख देती, इकलौतती हाड़ी की गाथां क्यों नहीं कही तुमने हमसे, जौहर वाली पदमण माता’ और राष्ट्रीय कवि मंच संचालक विपुल ‘विद्रोही’ ने ‘मेरा सुख तेरे दुःख का सामान हो रहा है, जलन की आग में हृदय श्मशान हो रहा है, मैं बेचता हूं चूड़िया, तो कंगाल हो गया, वो बेचकर कफ़न भी, धनवान हो रहा है।’ प्रस्तुत की। मंच संचालन राष्ट्रीय कवि एवं मंचसंचालक विपुल ‘विद्रोही’ ने किया। हनुमान मित्र मण्डल टामटिया के प्रवीण सिंह, चन्द्रपाल सिंह, दिनेशचन्द्र भोई, रमेश चन्द्र कलाल, देवेन्द्र पंचाल,
हितेन्द्र सिंह, केसरी सिंह, पंकज गायरी, राजेन्द्र सिंह, चिराग सिसोदिया, देवेन्द्र पाल सिंह, पुष्पेन्द्र सिंह, मनोज सुथार और गांव के कृष्णपाल सिंह, हरीशचन्द्र सिंह, नवल सिंह, लाल सिंह, सरपंच अमरेंग कटारा, महादेव पंचाल, अंबालाल गायरी, कालूराम भोई, नरेन्द्र सुथार, हितेष कलाल, अशोक मेहता, कुंदनजी पंचाल, सुरेन्द्र सिंह, हनुमान सिंह, भवानी सिंह ने अतिथियों और कवियों का स्वागत अभिनंदन किया। कार्यक्रम में जय गिरिराज सिंह, हरेंद्र सिंह, नागेंद्र सिंह सहित जिले की क्षत्रिय समाज से जुड़े कईं सम्मानित सदस्य उपस्थितरहे। कार्यक्रम के दौरान गर्ग समाज बांसवाड़ा के वरिष्ठ गंगाराम गर्ग (सेनावासा), विट्ठल गर्ग (कोहाला), बलवंत गर्ग (देवदा), राजेंद्र गर्ग (बखतपुरा), विजय गर्ग (ठीकरिया) का ग्रामीणों की ओर से स्वागत किया गया। इस अवसर पर राजस्थान गर्ग समाज के प्रदेश अध्यक्ष रणछोड़ गर्ग का कवियों द्वारा अभिनंदन किया गया। कवियों और ग्रामवासियों की ओर से की टामटिया हनुमान मंदिर के पुजारी पं. जगदीश गर्ग (ठीकरिया) का पुष्पमाला पहनाकर और उपरणा ओढ़ाकर अभिनंदन किया गया।
- कुशलगढ़ नगर में गोवंश की सेवा को समर्पित आदित्य गौ सेवा समिति एक बार फिर मानवता और संवेदनशीलता की मिसाल बनी। बिना किसी सरकारी सहायता के संचालित इस गौशाला के कार्यकर्ता निरंतर समर्पण भाव से सेवा कार्य में जुटे हैं। जानकारी अनुसार केदारनाथ मंदिर के पीछे स्थित मैदान में एक गौमाता ने प्रसव के दौरान बछड़े को जन्म दिया। खुले मैदान में असहाय स्थिति में पड़ी गाय और नवजात बछड़े की सूचना मिलते ही समिति के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और दोनों को सुरक्षित रखने की व्यवस्था की। समिति के अध्यक्ष भावेश राठौर अपने साथियों के साथ रात करीब 8 बजे घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने स्वयं बछड़े को उठाकर बड़ी सावधानी से गाय को गौशाला पहुंचाया, जहां दोनों की देखभाल शुरू की गई। यह दृश्य उपस्थित लोगों के लिए भावुक कर देने वाला रहा। अध्यक्ष भावेश राठौर ने कहा कि गोवंश हमारी संस्कृति और आस्था का प्रतीक है, उनकी सेवा करना हमारा नैतिक कर्तव्य है। उन्होंने बताया कि समिति के कार्यकर्ता हर परिस्थिति में सेवा के लिए तत्पर रहते हैं। घटना ने नगर में एक गंभीर समस्या भी उजागर की है, जहां कई पशुपालक अपने गोवंश को खुले में छोड़ देते हैं, विशेषकर जब वे दुधारू नहीं रहते। इससे गोवंश को कष्ट और सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ता है। समिति ने प्रशासन से लापरवाह पशुपालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और गोवंश संरक्षण की ठोस व्यवस्था की मांग की है। साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि वे गोवंश के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझें और उन्हें बेसहारा न छोड़ें। ऐसे में आदित्य गौ सेवा समिति जैसे सेवाभावी संगठन समाज में मानवता और करुणा का संदेश देते हुए उम्मीद की किरण बनकर सामने आ रहे हैं।1
- जय गुरु देव आश्रम उज्जैन 🙏🙏6
- Post by Bapulal Ahari1
- *कुशलगढ़ में हनुमान जन्मोत्सव पर निकली भव्य शोभायात्रा: नगर हुआ भक्तिमय उमंग और उत्साह से माईई राम भक्त हनुमान जी की जयंती राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़: में हनुमान जन्मोत्सव का पर्व बड़े हर्षोल्लास और धूमधाम से मनाया गया। एक विशाल शोभायात्रा निकाली गई। यह शोभायात्रा दशामाता मंदिर से शुरू होकर बावलियां खाल हनुमान मंदिर पर समाप्त हुई।शोभायात्रा नईआबादी, पुलिस चौकी, गणपति मंदिर, नीलकंठ महादेव, गादिया गली, रतलाम रोड, गांधी चौक, नहेरूमार्ग से गुजरी। पूरे नगर में 'जय श्री राम' और 'जय हनुमान' के उद्घोष गूंज उठे। नगर के प्रमुख चौराहों और मार्गों को केसरिया ध्वजों और फूलों से भव्य रूप से सजाया गया था। यात्रा में भगवान राम मनमोहक झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। स्थानीय महारुद्र व्यायामशाला कुशलगढ़ अखाड़ों के युवाओं ने अपनी लाठी-काठी और साहसिक करतबों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। बैंड-बाजों की मधुर धुन पर श्रद्धालु थिरकते नजर आए और भजनों की धुन ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। जगह-जगह नगर वासियों और व्यापार मंडलों द्वारा पुष्प वर्षा कर शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया गया।व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। शोभायात्रा के मार्ग पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे ताकि श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो। शोभायात्रा के समापन पर विशाल भंडारों का आयोजन किया गया, जहाँ श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।इस शोभायात्रा में सैकड़ों भक्तजन मौजूद थे।4
- साइबर ठगों के खिलाफ राजस्थान पुलिस का बड़ा एक्शन, “ऑपरेशन म्यूल हंटर” में 12 आरोपी गिरफ्तार डूंगरपुर जिले में साइबर ठगी के खिलाफ पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन म्यूल हंटर” के तहत बड़ी कार्रवाई सामने आई है… पुलिस ने 12 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है, वहीं 1 नाबालिग को निरुद्ध किया गया है… गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से एक थार एसयूवी कार, 25 मोबाइल फोन, 50 फर्जी सिम कार्ड, 2 डेबिट कार्ड और 10 हजार रुपये नकद जब्त किए गए हैं… जानकारी के अनुसार ये ठग बेहद शातिर तरीके से सुनसान इलाकों—जैसे जंगल, खंडहर, खेतों के मचान और डेम के टापुओं को अपना ठिकाना बनाकर देशभर के लोगों को निशाना बना रहे थे… पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि आसपुर थाना क्षेत्र के सोम कमला आंबा गांव के पास डेम के टापू पर कुछ युवक साइबर ठगी कर रहे हैं… जिस पर पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने दबिश देकर सभी आरोपियों को मौके से धर दबोचा… जांच में सामने आया कि आरोपी फर्जी एस्कॉर्ट सर्विस के नाम पर Locanto, Skokka जैसी वेबसाइट्स पर फर्जी विज्ञापन डालते थे… इसके बाद व्हाट्सएप, टेलीग्राम, इंस्टाग्राम और फेसबुक के जरिए अश्लील फोटो भेजकर लोगों को झांसे में लेते थे… और एडवांस पेमेंट के नाम पर फर्जी खातों में पैसे ट्रांसफर करवाकर ठगी को अंजाम देते थे… पूछताछ में यह भी सामने आया है कि ये युवक मौज-मस्ती और शौक पूरे करने के लिए साइबर अपराध कर रहे थे… इतना ही नहीं, इनके साथ जुड़े नाबालिग भी इस ठगी के गुर सीख रहे थे… अब तक 11 नाबालिगों को भी अलग-अलग मामलों में निरुद्ध किया जा चुका है… पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार आईपीएस के निर्देशन में और साइबर सेल की निगरानी में यह पूरी कार्रवाई की गई… वहीं “ऑपरेशन साइबर हंट” के तहत जिले में अब तक 20 मामलों में 111 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है… पुलिस का कहना है कि इस मामले में आगे और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं… फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है और साइबर ठगी के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने की तैयारी में जुटी हुई है…1
- Post by Pavan kumar Pargi1
- Post by Baba1
- टामटिया आहड़ा में हनुमान जयंती के पावन पर्व पर हनुमान मित्र मंडल टामटिया आहड़ा द्वारा आयोजित और उजास परिवार, ठीकरिया द्वारा संयोजित विराट कवि सम्मेलन में वागड़-इन्दौर के कवियों ने अपनी प्रस्तुतियों से ग्रामीणों को आन्दोलित करने के साथ ही चिन्तन करने पर विवश कर दिया। कार्यक्रम शुरू होने से पूर्व जब सभी कवियों ने पांडाल में प्रवेश किया तो हनुमान मित्र मंडल टामटिया के सभी सदस्यों ने कतारबद्ध खड़े होकर के कवियों का अभिवादन और पुष्प वृष्टि द्वारा कवियों का स्वागत किया। शास्त्रीय गायक एवं प्रधानाचार्य वीरेंद्र सिंह राव ने राग मालकोस पर आधारित सरस्वती वन्दना एवं हनुमान स्तुति प्रस्तुत की। इंदौर से आए अग्नि धर्मा कवि मुकेश मोलवा ने मैं सरयू का तट कविता से जब ‘मैंने पदचिन्हो पर जाते लक्ष्मण देखा,भाई के विरह मे व्यग्र शत्रुघ्न देखा, लौट कर फिर अवध आया ही नहीं , भरत सा विराट सन्यासी मन देखा, ये इकंदर सिकंदर सब दो कौड़ी के हैं, मैंने राम की चरण पादुका का शासन देखा।’ पंक्तियां पढ़ी तो समूचे पांडाल के श्रोताओं ने खड़े होकर तालिया की गड़गड़ाहट से अभिनंदन किया। जीजीटीयु कुलगीत रचयिता कवि हरीश आचार्य ने अपने प्रस्तुतीकरण के दौरान ‘कोई काम ऐसा क्यूँ करें शर्मिंदा रहें हम, हो बात वतनपरस्ती की,संजीदा रहें हम’ के साथ ‘अपने घर को घर करने में हुए विफल हम, दिलों में घर कर जाने वाले, वो लोग और थे।’ प्रस्तुत की। महाराणा प्रताप को आदरांजलि के रूप में ‘इक नई पहचान मिली प्रताप के प्रताप से, आन बान और शान मिली प्रताप के प्रताप से, ख़ुदग़र्ज़ी ख़ुद कह उठी क्या ख़ूब है रौशन ज़मीर, ख़ुद्दारी परवान चढ़ी प्रताप के प्रताप से’ प्रस्तुत की तो क्षत्रिय समाज ने अभिनंदन किया। वागडी के कर्णप्रिय गीतकार कवि महेश देव नंदौड़ ने ‘सालता रे जु रे आमने आम सालता रेजु रे...’, ‘जोगी किम थयं सीजे मोगी कीम थयं...’, ‘मनक तारी काया ने हम्बार...’ प्रस्तुत किया तो समस्त श्रोतागण झूम उठे। मधुर गीतकार तारेश दवे ने ‘डूबती नाव से जब पुकारूंगा मैं, मुझको विश्वास है, राम आ जाएंगे।’ और भंवर गर्ग ‘मधुकर’ ने ‘सीधे-सादे सच्चों पर, भोले-भाले बच्चों पर, रखते आशीष सदा, मेरे हनुमान जी... प्रस्तुत कर हनुमान जी के प्रति श्रद्धा प्रकट की। हथाई-डूंगरपुर निवासी छन्दज्ञ के प्रेमी ने ‘इतिहास चीरकर रख देती, इकलौतती हाड़ी की गाथां क्यों नहीं कही तुमने हमसे, जौहर वाली पदमण माता’ और राष्ट्रीय कवि मंच संचालक विपुल ‘विद्रोही’ ने ‘मेरा सुख तेरे दुःख का सामान हो रहा है, जलन की आग में हृदय श्मशान हो रहा है, मैं बेचता हूं चूड़िया, तो कंगाल हो गया, वो बेचकर कफ़न भी, धनवान हो रहा है।’ प्रस्तुत की। मंच संचालन राष्ट्रीय कवि एवं मंचसंचालक विपुल ‘विद्रोही’ ने किया। हनुमान मित्र मण्डल टामटिया के प्रवीण सिंह, चन्द्रपाल सिंह, दिनेशचन्द्र भोई, रमेश चन्द्र कलाल, देवेन्द्र पंचाल, हितेन्द्र सिंह, केसरी सिंह, पंकज गायरी, राजेन्द्र सिंह, चिराग सिसोदिया, देवेन्द्र पाल सिंह, पुष्पेन्द्र सिंह, मनोज सुथार और गांव के कृष्णपाल सिंह, हरीशचन्द्र सिंह, नवल सिंह, लाल सिंह, सरपंच अमरेंग कटारा, महादेव पंचाल, अंबालाल गायरी, कालूराम भोई, नरेन्द्र सुथार, हितेष कलाल, अशोक मेहता, कुंदनजी पंचाल, सुरेन्द्र सिंह, हनुमान सिंह, भवानी सिंह ने अतिथियों और कवियों का स्वागत अभिनंदन किया। कार्यक्रम में जय गिरिराज सिंह, हरेंद्र सिंह, नागेंद्र सिंह सहित जिले की क्षत्रिय समाज से जुड़े कईं सम्मानित सदस्य उपस्थितरहे। कार्यक्रम के दौरान गर्ग समाज बांसवाड़ा के वरिष्ठ गंगाराम गर्ग (सेनावासा), विट्ठल गर्ग (कोहाला), बलवंत गर्ग (देवदा), राजेंद्र गर्ग (बखतपुरा), विजय गर्ग (ठीकरिया) का ग्रामीणों की ओर से स्वागत किया गया। इस अवसर पर राजस्थान गर्ग समाज के प्रदेश अध्यक्ष रणछोड़ गर्ग का कवियों द्वारा अभिनंदन किया गया। कवियों और ग्रामवासियों की ओर से की टामटिया हनुमान मंदिर के पुजारी पं. जगदीश गर्ग (ठीकरिया) का पुष्पमाला पहनाकर और उपरणा ओढ़ाकर अभिनंदन किया गया।4