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गुरु गोविन्द महाराज ने 1913 में जो लडाई लडी थी वो education को लेके ओर किसान को लेकर लड़ी थी मानगढ़ धाम पे लेकिन आज ऐसा नहीं हो रहा है आदिवासी भाईयों किसान भाइयों
Pavan kumar Pargi
गुरु गोविन्द महाराज ने 1913 में जो लडाई लडी थी वो education को लेके ओर किसान को लेकर लड़ी थी मानगढ़ धाम पे लेकिन आज ऐसा नहीं हो रहा है आदिवासी भाईयों किसान भाइयों
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- सीमलवाड़ा। डूंगरपुर जिले के नव नियुक्त जिला कलक्टर देशल दान आज चौरासी विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर रहे… जहां उन्होंने सीमलवाड़ा उपखंड कार्यालय का निरीक्षण कर प्रशासनिक व्यवस्थाओं का जायजा लिया… साथ ही अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए। डूंगरपुर जिले के जिला कलक्टर देशल दान ने शुक्रवार को सीमलवाड़ा उपखंड कार्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उपखंड अधिकारी विवेक गुर्जर, तहसीलदार अशोक शाह, डिप्टी मदनलाल विश्नोई और विकास अधिकारी ललित पंड्या सहित अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। निरीक्षण के दौरान जिला कलक्टर ने कानून व्यवस्था, विभागीय कार्यों और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं का लाभ आमजन तक समय पर और पारदर्शिता के साथ पहुंचे। जिला कलक्टर ने नव पदस्थापन के बाद सभी अधिकारियों से परिचय भी लिया और क्षेत्र की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति की जानकारी प्राप्त की। इस दौरान झोथरी तहसीलदार नितेश पंचोली, विकास अधिकारी दौलत राम मीणा, नायब तहसीलदार राजेश मीणा और भूमल चौहान सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। दौरे के दौरान लिखी बड़ी गांव के ग्रामीणों ने जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए चरागाह भूमि से जुड़े मामले में अनियमितताओं की शिकायत की। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वर्ष 2004 में तत्कालीन सचिव द्वारा अपने परिवार के नाम पट्टे जारी कर दिए गए थे, जबकि संबंधित व्यक्ति गांव के निवासी नहीं हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला कलक्टर देशल दान ने उपखंड अधिकारी और विकास अधिकारी को जांच कर शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। जिला कलक्टर के इस दौरे से प्रशासनिक व्यवस्थाओं में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है… फिलहाल देखना होगा कि ग्रामीणों की शिकायत पर क्या कार्रवाई होती है… बाइट : विवेक गुर्जर, उपखंड अधिकारी सीमलवाड़ा1
- धंबोला। हनुमान जयंती के पावन अवसर पर धंबोला कस्बा गुरुवार को पूर्णतः भक्तिरस में सराबोर नजर आया। श्री पंचदेव मंदिर संस्थान के सान्निध्य में श्री हनुमानजी का जन्मोत्सव श्रद्धा, उल्लास और भक्ति भाव के साथ धूमधाम से मनाया गया। दिनभर चले धार्मिक आयोजनों में नगरवासियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 8:30 बजे मंदिर परिसर में ध्वजा परिवर्तन से हुआ, जिसे आस्था और समर्पण का प्रतीक माना जाता है। इसके उपरांत संध्या 4:00 बजे सुंदरकाण्ड पाठ का आयोजन किया गया, जिसमें भक्तों ने सामूहिक रूप से हनुमानजी की स्तुति कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। सांय 6:00 बजे गाजे-बाजे के साथ श्री हनुमानजी की भव्य पालकी यात्रा नगर भ्रमण हेतु निकाली गई। यात्रा के दौरान भक्तजन डीजे की धुन पर भजन-कीर्तन करते हुए पूरे उत्साह के साथ शामिल हुए। पूरे नगर में जयकारों और भक्ति संगीत की गूंज सुनाई दी। यात्रा के समापन के पश्चात मंदिर प्रांगण में महाआरती का आयोजन हुआ तथा श्रद्धालुओं को प्रसादी वितरित की गई। विशेष आकर्षण के रूप में एक हनुमान भक्त द्वारा 25 किलो शक्कर से निर्मित मोदक प्रसाद (बूंदी लड्डू) का भोग अर्पित किया गया, जिसने सभी का ध्यान आकर्षित किया। इस भव्य आयोजन को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल रहा और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता ने कार्यक्रम को सफल एवं यादगार बना दिया।4
- आधुनिक दौर में जहां शादियों में लग्जरी कारों और बड़ी बारातों का चलन बढ़ गया है, वहीं क्षेत्र के बिलडी गांव में एक अनोखी और परंपरागत अंदाज में बारात निकालकर लोगों का ध्यान आकर्षित किया गया। बिलडी निवासी दीपक मुनिया पुत्र पुनिया मुनिया अपनी शादी के लिए ऊंटों की सवारी पर बारात लेकर निकले तो इसे देखने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। गांव में पहली बार इतने बड़े स्तर पर ऊंटों की सवारी के साथ बारात निकाली गई, जो पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई। दीपक मुनिया अपनी दुल्हन कल्पना गरासिया पुत्री अशोक गरासिया को ब्याहने के लिए करीब एक दर्जन से अधिक ऊंटों पर सवार होकर बारात लेकर निकले। लगभग 500 से अधिक बाराती इस अनोखी बारात में शामिल हुए। बारात बिलडी गांव से रवाना होकर सात से आठ किलोमीटर की दूरी तय करते हुए गरासिया बिलडी पहुंची। रास्ते भर ग्रामीणों ने इस अनूठी बारात को देखने के लिए सड़कों के किनारे खड़े होकर स्वागत किया। दुल्हन की तरह सजे ऊंट बने आकर्षण का केंद्र— बारात में शामिल सभी ऊंटों को दुल्हन की तरह रंग-बिरंगे कपड़ों, घंटियों और आकर्षक सजावट से सजाया गया था। ऊंटों की सजी-धजी सवारी लोगों के लिए खास आकर्षण का केंद्र रही। दूल्हा और उसके परिजन भी कुछ ऊंटों पर सवार होकर बारात में शामिल हुए, जबकि कई बाराती ऊंटों के साथ चलते हुए नाचते-गाते शादी स्थल तक पहुंचे। इस अनूठे नजारे को देखने के लिए आसपास के गांवों से भी लोग पहुंच गए। परंपरा को बढ़ावा देने की पहल— दूल्हे के पिता पुनिया मुनिया पुत्र दिता मुनिया ने बताया कि इससे पहले गत वर्ष भी उनके भतीजे की शादी में ऊंटों की सवारी से बारात निकाली गई थी। इस बार अपने पुत्र दीपक की शादी में भी इसी परंपरा को आगे बढ़ाया गया है। उनका कहना है कि यदि समाज में इस प्रकार की परंपरा को बढ़ावा मिलेगा तो रेगिस्तान के इस महत्वपूर्ण पशु के पालन-पोषण को भी प्रोत्साहन मिलेगा। वाहनों की भीड़ से बेहतर परंपरागत तरीका— पुनिया मुनिया ने बताया कि आजकल एक बारात में दर्जनों कार, बोलेरो, बस और अन्य वाहनों का उपयोग होता है, जिससे खर्च भी अधिक होता है और भीड़भाड़ भी बढ़ती है। पहले जहां एक बारात में सौ से अधिक वाहन निकलते थे और लाखों रुपए खर्च हो जाते थे, वहीं ऊंटों की सवारी से कम खर्च में पारंपरिक और यादगार आयोजन किया जा सकता है। इस बारात में सात से आठ किलोमीटर तक बाराती ऊंटों के साथ नाचते-गाते चलते रहे, जिससे पूरे माहौल में उत्साह और उल्लास का अनोखा रंग देखने को मिला। दूल्हा व परिजन पहुंचे विवाह मंडप तक— दूल्हा व उसके परिजन अनीता मुनिया, अनिता गरासिया, निकीता पुत्री दामाद सुनिल बारीया, निशा पुत्री दामाद सुनिल भाई, आस्था खातु भाई, मोहन भाई, नरसिंह भाई, कानु भाई, प्रकाश, दिनेश, भुरजी भाई, कलु भाई, मातु भाई, लखमा वडखिया, लकसी, भारत वडखिया, गिरूं, सवजी, कार्तिक, प्रभु, राकेश पुत्र बहादुर वडखिया, पुनमचंद वडखिया, दुदा पुत्र जागींड, तेरसिंह सोहन, लालु, हुरमल, पंकज, रकमा, नकजी, कानसेंग पुत्र दला वयडा परिवार, सरपंच शंकरलाल, कालु, साहील, संजय जखोडीया परिवार समेत कुछ ऊंटों पर सवार होकर तो कुछ ऊंटों के साथ चलती लोरी में बैठकर विवाह मंडप तक पहुंचे।1
- कुशलगढ़ जिला बांसवाड़ा राजस्थान रिपोर्टर धर्मेन्द्र कुमार सोनी की क़लम से,, (धिक्कार है इंसान, नहीं पाल सकते गौ माता व मुक बधिर पशुओं को तो गौ शाला में क्यों नहीं करते गौ माता व मुक बधिर पशुओं को दान!) एक और हमारे हिन्दू धर्म में गौ माता को राष्ट माता का दर्जा व गौ हत्या व गौ माता की रक्षा करने का दम तो सीना तानकर करते हैं वहीं वैदो पुराणों ग्रंथों में गौ माता को बड़े ही सम्मान के साथ पुजा जाता है गौ माता में 33कोटी देवी देवताओं का निवास भी होता है पुरे भारत वर्ष में गौ सेवको व गौ शालाओं की कमी नहीं है सरकार व दान दाता खुले मन से दान देते हैं ताकी हमारी गौ माता स्वच्छ व स्वास्थ्य रहें लेकिन दुर्भाग्य की बात है राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ नगर में कचरा संग्रह करने की जगह पर हमारी गौ माता प्लास्टिक तथा गंदगी खां कर अपने पेट की भुख मिटाने को विवश हे वहीं चाहे नगरपालिका हो या गौ सेवक या दानदाता,या उपखंड प्रसासन हो या राजनीतिक दलों के उंचे पदो पर बैठे जनप्रतिनिधि सब के सब जान कर क्यु अंजान बने बैठे हुएं क्यों है !हम आज कुशलगढ़ नगर पर अपनी क़लम से सभी को अवगत कराने का एक अहम् प्रयास कर रहे हैं हमने जब कुशलगढ़ में बने कचरा संग्रह की और रुख किया तो ज़हां पंचायत समिति विद्या का मंदिर भगवान भोलेनाथ यानी नागनाथ मंदिर बाबा रामदेव का मंदिर महश्री वाल्मीकि का आश्रय वहीं कुशलगढ़ से थांदला मार्ग पर उप खंड अधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक, तहसीलदार,व सार्वजनिक निर्माण विभाग का रेस्ट हाउस,व रामगढ़ बस स्टैंड भी हे ज़हां सरकार व नगरपालिका ने पुरे नगर का सुखा तथा गिला कचरा उठाकर गांव बाहर कचरे का निस्तारण करना चाहिए ताकि नगर के आसपास गंदगी ना फेले व स्वच्छ सन्देश की रेंकिंग में कुशलगढ़ का नाम रोशन हो,मगर जब सभी जिम्मेदार लोगों ने कचरा संग्रह में गौ माता व मुक बधिर पशुओं को इस तरह खुला छोड़ रखा है ताकी कुशलगढ़ के घरों का गंदा कचरा इन मुक बधिरों के मुह का निवाला बन कर, उन्हें बिमारी तथा मवैशियो की मौत का कारण बने इतना ही नहीं कचरा संग्रह केन्द्र पर फाटक तक नहीं ताकी मुक बधिर पशु गंदगी में विचरण ना करें वहीं कुशलगढ़ नगर में गौ रक्षकों की कमी नहीं लैकिन शहीद भगतसिंह बस स्टैंड पर बनी पिने के पानी की प्याऊ के समीप डाली गई कचरे की गंदगी से गौ माता अपनी भुख मिटाने को विवश क्यों है इतना ही नहीं कुशलगढ़ में हिरन नदी के किनारों पर भी नगर की गंदगी सभी जिम्मेदारों के मुंह को चिढ़ाती नजर क्यों आती है भारत के प्रधानमंत्री भी स्वच्छ भारत मीशन का संदेश व नारा दे कर अरबों रुपए खर्च कर गंदगी से निजात पाने के लिए कुबेर के खजाने से धन भी उपलब्ध कराते हैं फिर भी कुशलगढ़ में कचरा संग्रह क्यु प्रदुषण मुक्त नहीं हो रहा है क्या हम सब सिर्फ मिडीया की सुर्खियों में रहने का दिखावा क्यों करने पर तुले हुए हैं!यदी वास्तव में कुशलगढ़ नगर को स्वस्थ और स्वच्छ बनाना है तो सभी अपना अहम दायित्व समझ कर कचरा संग्रह पर फाटक व गंदगी को पशु अपना आहार ना बनाएं व हमारा कुशलगढ़ एक नई मिसाल कायम करे देखना यह होगा कि क्या कुशलगढ़ नगर में कचरा संग्रह का सही से निस्तारण कब होगा कब हमारी गौ माता, गंदगी को अपना आहार नहीं बनाएगी यह तो वक्त ही बताएगा?4
- राजस्थान ब्रेकिंग न्यूज़ ताज भविष्यवाणी। भूतपूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की किस्मत का सितारा अब बदलने वाला है। राज्यसभा में भारतीय जनता पार्टी की प्रत्याशी बनेगी उसके बाद केंद्रीय मंत्री बनेगी। भजनलाल मंत्री मंडल में भी चार-पांच विधायक राजे के बनेंगे मंत्री। संगठन में भी काफी तवज्जो दी गई है मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के कार्यकर्ताओं को। जन्मदिन पर प्रधानमंत्री से मुलाकात करने के बाद राजें अपना स्वभाव बदला है। वह मुख्यमंत्री आवास में भी जाने लगी है। और कार्यकर्ताओं के बीच में भी जाकर उनकी समस्याओ निदान कर रही है।1
- Post by Rahul Meda1
- कुशलगढ़ जिला बांसवाड़ा राजस्थान रिपोर्टर धर्मेन्द्र कुमार सोनी (छोटी सरवा में श्रद्धा भक्ति और आस्था के साथ मनाई हनुमान जयंती संगीत मय सुंदर काण्ड व प्रसादी वितरण हुआ संपन्न) मंगल को जन्मे मंगल ही करते श्री राम भक्त हनुमान जी हां राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ पावर हाउस में हनुमान जयंती पर हनुमान मंदिर पर भव्य सिंगार किया गया वहीं खेड़ा धरती घाटा क्षेत्र के गांव छोटी सरवा में हनुमान जयंती पर हनुमान मंदिर पर रंग रोगन बाबा का आक्रशक चोला चढ़ाया समाजसेवी देवेन्द्र कुमार जोशी ने बताया कि हनुमान जयंती पर संगित मय सुंदर काण्ड का आयोजन रखा गया,व प्रसादी वितरण का कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें छोटी सरवा के हनुमान भक्तो ने बड चढ़ हनुमान जयंती के पवित्र मोके पर शामिल हों कर हनुमान जयंती को श्रद्धा भक्ति और आस्था के साथ मनाया3
- ,, हनुमान जयंती पर कोटा के लोकप्रिय एसडीम ऐ क सिंधल की अदालत में सद्भावना के दो जोड़े हिंदू मुस्लिम दंपति ने अपनी जीवन यात्रा चलाने के लिए शादी की प्रशासनिक मंजूरी ली और वह जीवन के बंधन में बंध गए। राजस्थान ब्रेकिंग न्यूज़ चैनल हेड रमेश गांधी ने सबसे पहले उन्हें बधाई दी। और उनके सफल जीवन की परमात्मा से कामना की।1
- 🚩 संकट मोचन सिद्ध हनुमान जी महाराज की जय 🚩 इस शुभ अवसर पर हनुमान जयंती के दिन विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 15,000 श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण कर धर्मलाभ प्राप्त किया। इस पुण्य कार्य में सभी भक्तों का सहयोग एवं सेवा भाव अत्यंत सराहनीय रहा। जय श्री राम! जय बजरंगबली! 🙏1