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जिला कलक्टर देशल दान का चौरासी क्षेत्र दौरा, सीमलवाड़ा उपखंड कार्यालय का निरीक्षण, ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं सीमलवाड़ा। डूंगरपुर जिले के नव नियुक्त जिला कलक्टर देशल दान आज चौरासी विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर रहे… जहां उन्होंने सीमलवाड़ा उपखंड कार्यालय का निरीक्षण कर प्रशासनिक व्यवस्थाओं का जायजा लिया… साथ ही अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए। डूंगरपुर जिले के जिला कलक्टर देशल दान ने शुक्रवार को सीमलवाड़ा उपखंड कार्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उपखंड अधिकारी विवेक गुर्जर, तहसीलदार अशोक शाह, डिप्टी मदनलाल विश्नोई और विकास अधिकारी ललित पंड्या सहित अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। निरीक्षण के दौरान जिला कलक्टर ने कानून व्यवस्था, विभागीय कार्यों और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं का लाभ आमजन तक समय पर और पारदर्शिता के साथ पहुंचे। जिला कलक्टर ने नव पदस्थापन के बाद सभी अधिकारियों से परिचय भी लिया और क्षेत्र की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति की जानकारी प्राप्त की। इस दौरान झोथरी तहसीलदार नितेश पंचोली, विकास अधिकारी दौलत राम मीणा, नायब तहसीलदार राजेश मीणा और भूमल चौहान सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। दौरे के दौरान लिखी बड़ी गांव के ग्रामीणों ने जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए चरागाह भूमि से जुड़े मामले में अनियमितताओं की शिकायत की। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वर्ष 2004 में तत्कालीन सचिव द्वारा अपने परिवार के नाम पट्टे जारी कर दिए गए थे, जबकि संबंधित व्यक्ति गांव के निवासी नहीं हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला कलक्टर देशल दान ने उपखंड अधिकारी और विकास अधिकारी को जांच कर शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। जिला कलक्टर के इस दौरे से प्रशासनिक व्यवस्थाओं में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है… फिलहाल देखना होगा कि ग्रामीणों की शिकायत पर क्या कार्रवाई होती है… बाइट : विवेक गुर्जर, उपखंड अधिकारी सीमलवाड़ा

3 hrs ago
user_Gunwant kalal
Gunwant kalal
Local News Reporter सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
3 hrs ago

जिला कलक्टर देशल दान का चौरासी क्षेत्र दौरा, सीमलवाड़ा उपखंड कार्यालय का निरीक्षण, ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं सीमलवाड़ा। डूंगरपुर जिले के नव नियुक्त जिला कलक्टर देशल दान आज चौरासी विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर रहे… जहां उन्होंने सीमलवाड़ा उपखंड कार्यालय का निरीक्षण कर प्रशासनिक व्यवस्थाओं का जायजा लिया… साथ ही अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए। डूंगरपुर जिले के जिला कलक्टर देशल दान ने शुक्रवार को सीमलवाड़ा उपखंड कार्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उपखंड अधिकारी विवेक गुर्जर, तहसीलदार अशोक शाह, डिप्टी मदनलाल विश्नोई और विकास अधिकारी ललित पंड्या सहित अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। निरीक्षण के दौरान जिला कलक्टर ने कानून व्यवस्था, विभागीय कार्यों और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं का लाभ आमजन तक समय पर और पारदर्शिता के साथ पहुंचे। जिला कलक्टर ने नव पदस्थापन के बाद सभी अधिकारियों से परिचय भी लिया और क्षेत्र की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति की जानकारी प्राप्त की। इस दौरान झोथरी तहसीलदार नितेश पंचोली, विकास अधिकारी दौलत राम मीणा, नायब तहसीलदार राजेश मीणा और भूमल चौहान सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। दौरे के दौरान लिखी बड़ी गांव के ग्रामीणों ने जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए चरागाह भूमि से जुड़े मामले में अनियमितताओं की शिकायत की। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वर्ष 2004 में तत्कालीन सचिव द्वारा अपने परिवार के नाम पट्टे जारी कर दिए गए थे, जबकि संबंधित व्यक्ति गांव के निवासी नहीं हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला कलक्टर देशल दान ने उपखंड अधिकारी और विकास अधिकारी को जांच कर शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। जिला कलक्टर के इस दौरे से प्रशासनिक व्यवस्थाओं में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है… फिलहाल देखना होगा कि ग्रामीणों की शिकायत पर क्या कार्रवाई होती है… बाइट : विवेक गुर्जर, उपखंड अधिकारी सीमलवाड़ा

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  • सीमलवाड़ा। डूंगरपुर जिले के चौरासी थाना क्षेत्र के वासुवा गाँव में एक युवक ने मवेशी घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली | युवक अहमदाबाद में मजदूरी करता था और दो दिन पहले ही घर आया था | आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है | पुलिस मामले की जाँच में जुटी है | डूंगरपुर जिले के चौरासी थाने के एएसआई दिनेश मीणा ने बताया कि वासुआ निवासी प्रताप मनात ने रिपोर्ट दी है | रिपोर्ट में बताया कि उसका 22 वर्षीय बेटा सुखदेव मनात अहमदाबाद में मजदूरी करता है | दो दिन पहले ही वह घर आया था | आज सुबह सुखदेव घर पर ही था | वह महुए बीनने के लिए घर से निकला था | वही सुखदेव की माँ रसोई में खाना बना रही थी | इस दौरान मवेशी घर में सुखदेव ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली | घटना की सुचना पर मौके पर लोगो की भीड़ जमा हो गई | वही पुलिस भी मौके पर पहुंची| पुलिस ने शव को फंदे उतरवाकर डूंगरपुर जिला अस्पताल की मोर्चरी पहुँचाया | जहा पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौप दिया है | फिलहाल आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है | पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है | बाईट- दिनेश मीणा एएसआई चौरासी थाना डूंगरपुर
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    सीमलवाड़ा। डूंगरपुर जिले के चौरासी थाना क्षेत्र के वासुवा गाँव में एक युवक ने मवेशी घर  में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली | युवक अहमदाबाद में मजदूरी करता था और दो दिन पहले ही घर आया था | आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है | पुलिस मामले की जाँच में जुटी है |
डूंगरपुर जिले के चौरासी थाने के एएसआई दिनेश मीणा ने बताया कि वासुआ निवासी प्रताप मनात ने रिपोर्ट दी है | रिपोर्ट में बताया कि उसका 22 वर्षीय बेटा सुखदेव मनात अहमदाबाद में मजदूरी करता है | दो दिन पहले ही वह घर आया था | आज सुबह सुखदेव घर पर ही था | वह महुए बीनने के लिए घर से निकला था | वही सुखदेव की माँ रसोई में खाना बना रही थी | इस दौरान मवेशी घर में सुखदेव ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली | घटना की सुचना पर मौके पर लोगो की भीड़ जमा हो गई | वही पुलिस भी मौके पर पहुंची| पुलिस ने शव को फंदे उतरवाकर डूंगरपुर जिला अस्पताल की मोर्चरी पहुँचाया | जहा पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौप दिया है | फिलहाल आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है | पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है |
बाईट- दिनेश मीणा एएसआई चौरासी थाना डूंगरपुर
    user_Gunwant kalal
    Gunwant kalal
    Local News Reporter सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    21 min ago
  • धंबोला। हनुमान जयंती के पावन अवसर पर धंबोला कस्बा गुरुवार को पूर्णतः भक्तिरस में सराबोर नजर आया। श्री पंचदेव मंदिर संस्थान के सान्निध्य में श्री हनुमानजी का जन्मोत्सव श्रद्धा, उल्लास और भक्ति भाव के साथ धूमधाम से मनाया गया। दिनभर चले धार्मिक आयोजनों में नगरवासियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 8:30 बजे मंदिर परिसर में ध्वजा परिवर्तन से हुआ, जिसे आस्था और समर्पण का प्रतीक माना जाता है। इसके उपरांत संध्या 4:00 बजे सुंदरकाण्ड पाठ का आयोजन किया गया, जिसमें भक्तों ने सामूहिक रूप से हनुमानजी की स्तुति कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। सांय 6:00 बजे गाजे-बाजे के साथ श्री हनुमानजी की भव्य पालकी यात्रा नगर भ्रमण हेतु निकाली गई। यात्रा के दौरान भक्तजन डीजे की धुन पर भजन-कीर्तन करते हुए पूरे उत्साह के साथ शामिल हुए। पूरे नगर में जयकारों और भक्ति संगीत की गूंज सुनाई दी। यात्रा के समापन के पश्चात मंदिर प्रांगण में महाआरती का आयोजन हुआ तथा श्रद्धालुओं को प्रसादी वितरित की गई। विशेष आकर्षण के रूप में एक हनुमान भक्त द्वारा 25 किलो शक्कर से निर्मित मोदक प्रसाद (बूंदी लड्डू) का भोग अर्पित किया गया, जिसने सभी का ध्यान आकर्षित किया। इस भव्य आयोजन को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल रहा और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता ने कार्यक्रम को सफल एवं यादगार बना दिया।
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    धंबोला। हनुमान जयंती के पावन अवसर पर धंबोला कस्बा गुरुवार को पूर्णतः भक्तिरस में सराबोर नजर आया। श्री पंचदेव मंदिर संस्थान के सान्निध्य में श्री हनुमानजी का जन्मोत्सव श्रद्धा, उल्लास और भक्ति भाव के साथ धूमधाम से मनाया गया। दिनभर चले धार्मिक आयोजनों में नगरवासियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 8:30 बजे मंदिर परिसर में ध्वजा परिवर्तन से हुआ, जिसे आस्था और समर्पण का प्रतीक माना जाता है। इसके उपरांत संध्या 4:00 बजे सुंदरकाण्ड पाठ का आयोजन किया गया, जिसमें भक्तों ने सामूहिक रूप से हनुमानजी की स्तुति कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। सांय 6:00 बजे गाजे-बाजे के साथ श्री हनुमानजी की भव्य पालकी यात्रा नगर भ्रमण हेतु निकाली गई। यात्रा के दौरान भक्तजन डीजे की धुन पर भजन-कीर्तन करते हुए पूरे उत्साह के साथ शामिल हुए। पूरे नगर में जयकारों और भक्ति संगीत की गूंज सुनाई दी। यात्रा के समापन के पश्चात मंदिर प्रांगण में महाआरती का आयोजन हुआ तथा श्रद्धालुओं को प्रसादी वितरित की गई। विशेष आकर्षण के रूप में एक हनुमान भक्त द्वारा 25 किलो शक्कर से निर्मित मोदक प्रसाद (बूंदी लड्डू) का भोग अर्पित किया गया, जिसने सभी का ध्यान आकर्षित किया। इस भव्य आयोजन को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल रहा और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता ने कार्यक्रम को सफल एवं यादगार बना दिया।
    user_मुकेश कुमार आर. पंड्या
    मुकेश कुमार आर. पंड्या
    Local News Reporter सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    14 hrs ago
  • डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा उपखंड के खड़गदा गांव में हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर इस बार आस्था के साथ-साथ आदिवासी संस्कृति की अनूठी छटा भी देखने को मिली। क्षेत्रपाल खड़गदा मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक वेशभूषा, लोक नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया। इस विशेष आयोजन में जिला परिषद सदस्य अशोक कुमार रोत ने अपनी टीम के साथ मिलकर आदिवासी परंपराओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। अशोक कुमार रोत, जो डूंगर सारण क्षेत्र के निवासी हैं, लंबे समय से आदिवासी संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए कार्य कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में तैयार की गई टीम विभिन्न आयोजनों में पारंपरिक रीति-रिवाज, पहनावा और लोक कला को प्रदर्शित कर नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का प्रयास कर रही है। हनुमान जन्मोत्सव के मौके पर खड़गदा में प्रस्तुत यह सांस्कृतिक झलक न केवल स्थानीय लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी, बल्कि यह संदेश भी दिया कि आधुनिकता के दौर में भी अपनी संस्कृति और परंपराओं को सहेज कर रखना कितना महत्वपूर्ण है। इस दौरान अशोक कुमार रोत से बातचीत में उन्होंने बताया कि उनका मुख्य उद्देश्य आदिवासी संस्कृति को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना और उसे जीवित बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को अपनी पहचान से जोड़ते हैं और सांस्कृतिक धरोहर को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं। कुल मिलाकर, खड़गदा में हनुमान जन्मोत्सव का यह आयोजन आस्था और संस्कृति का अद्भुत संगम बनकर उभरा, जहां धार्मिक उत्साह के साथ-साथ आदिवासी परंपराओं की जीवंत प्रस्तुति ने हर किसी को प्रभावित किया।
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    डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा उपखंड के खड़गदा गांव में हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर इस बार आस्था के साथ-साथ आदिवासी संस्कृति की अनूठी छटा भी देखने को मिली। क्षेत्रपाल खड़गदा मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक वेशभूषा, लोक नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया। इस विशेष आयोजन में जिला परिषद सदस्य अशोक कुमार रोत ने अपनी टीम के साथ मिलकर आदिवासी परंपराओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया।
अशोक कुमार रोत, जो डूंगर सारण क्षेत्र के निवासी हैं, लंबे समय से आदिवासी संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए कार्य कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में तैयार की गई टीम विभिन्न आयोजनों में पारंपरिक रीति-रिवाज, पहनावा और लोक कला को प्रदर्शित कर नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का प्रयास कर रही है।
हनुमान जन्मोत्सव के मौके पर खड़गदा में प्रस्तुत यह सांस्कृतिक झलक न केवल स्थानीय लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी, बल्कि यह संदेश भी दिया कि आधुनिकता के दौर में भी अपनी संस्कृति और परंपराओं को सहेज कर रखना कितना महत्वपूर्ण है।
इस दौरान अशोक कुमार रोत से बातचीत में उन्होंने बताया कि उनका मुख्य उद्देश्य आदिवासी संस्कृति को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना और उसे जीवित बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को अपनी पहचान से जोड़ते हैं और सांस्कृतिक धरोहर को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
कुल मिलाकर, खड़गदा में हनुमान जन्मोत्सव का यह आयोजन आस्था और संस्कृति का अद्भुत संगम बनकर उभरा, जहां धार्मिक उत्साह के साथ-साथ आदिवासी परंपराओं की जीवंत प्रस्तुति ने हर किसी को प्रभावित किया।
    user_Sagwara live news
    Sagwara live news
    Local News Reporter सागवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    21 hrs ago
  • Post by Pavan kumar Pargi
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    Post by Pavan kumar Pargi
    user_Pavan kumar Pargi
    Pavan kumar Pargi
    Voice of people आनंदपुरी, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    55 min ago
  • राजस्थान ब्रेकिंग न्यूज़ ताज भविष्यवाणी। भूतपूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की किस्मत का सितारा अब बदलने वाला है। राज्यसभा में भारतीय जनता पार्टी की प्रत्याशी बनेगी उसके बाद केंद्रीय मंत्री बनेगी। भजनलाल मंत्री मंडल में भी चार-पांच विधायक राजे के बनेंगे मंत्री। संगठन में भी काफी तवज्जो दी गई है मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के कार्यकर्ताओं को। जन्मदिन पर प्रधानमंत्री से मुलाकात करने के बाद राजें अपना स्वभाव बदला है। वह मुख्यमंत्री आवास में भी जाने लगी है। और कार्यकर्ताओं के बीच में भी जाकर उनकी समस्याओ निदान कर रही है।
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    राजस्थान ब्रेकिंग न्यूज़ ताज भविष्यवाणी। 
भूतपूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की किस्मत का सितारा अब बदलने वाला है। राज्यसभा में भारतीय जनता पार्टी की प्रत्याशी बनेगी उसके बाद केंद्रीय मंत्री बनेगी। भजनलाल मंत्री मंडल में भी चार-पांच विधायक राजे
के बनेंगे मंत्री।
संगठन में भी काफी तवज्जो दी गई है मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के कार्यकर्ताओं को। 
जन्मदिन पर प्रधानमंत्री से मुलाकात करने के बाद राजें अपना स्वभाव बदला है। वह मुख्यमंत्री आवास में भी जाने लगी है। और कार्यकर्ताओं के बीच में भी जाकर उनकी समस्याओ  निदान कर रही है।
    user_Ramesh Gandhi
    Ramesh Gandhi
    Acupuncture school डौडा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    1 hr ago
  • Post by Bapulal Ahari
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    Post by Bapulal Ahari
    user_Bapulal Ahari
    Bapulal Ahari
    Electrician गढ़ी, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    19 hrs ago
  • आधुनिक दौर में जहां शादियों में लग्जरी कारों और बड़ी बारातों का चलन बढ़ गया है, वहीं क्षेत्र के बिलडी गांव में एक अनोखी और परंपरागत अंदाज में बारात निकालकर लोगों का ध्यान आकर्षित किया गया। बिलडी निवासी दीपक मुनिया पुत्र पुनिया मुनिया अपनी शादी के लिए ऊंटों की सवारी पर बारात लेकर निकले तो इसे देखने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। गांव में पहली बार इतने बड़े स्तर पर ऊंटों की सवारी के साथ बारात निकाली गई, जो पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई। दीपक मुनिया अपनी दुल्हन कल्पना गरासिया पुत्री अशोक गरासिया को ब्याहने के लिए करीब एक दर्जन से अधिक ऊंटों पर सवार होकर बारात लेकर निकले। लगभग 500 से अधिक बाराती इस अनोखी बारात में शामिल हुए। बारात बिलडी गांव से रवाना होकर सात से आठ किलोमीटर की दूरी तय करते हुए गरासिया बिलडी पहुंची। रास्ते भर ग्रामीणों ने इस अनूठी बारात को देखने के लिए सड़कों के किनारे खड़े होकर स्वागत किया। दुल्हन की तरह सजे ऊंट बने आकर्षण का केंद्र— बारात में शामिल सभी ऊंटों को दुल्हन की तरह रंग-बिरंगे कपड़ों, घंटियों और आकर्षक सजावट से सजाया गया था। ऊंटों की सजी-धजी सवारी लोगों के लिए खास आकर्षण का केंद्र रही। दूल्हा और उसके परिजन भी कुछ ऊंटों पर सवार होकर बारात में शामिल हुए, जबकि कई बाराती ऊंटों के साथ चलते हुए नाचते-गाते शादी स्थल तक पहुंचे। इस अनूठे नजारे को देखने के लिए आसपास के गांवों से भी लोग पहुंच गए। परंपरा को बढ़ावा देने की पहल— दूल्हे के पिता पुनिया मुनिया पुत्र दिता मुनिया ने बताया कि इससे पहले गत वर्ष भी उनके भतीजे की शादी में ऊंटों की सवारी से बारात निकाली गई थी। इस बार अपने पुत्र दीपक की शादी में भी इसी परंपरा को आगे बढ़ाया गया है। उनका कहना है कि यदि समाज में इस प्रकार की परंपरा को बढ़ावा मिलेगा तो रेगिस्तान के इस महत्वपूर्ण पशु के पालन-पोषण को भी प्रोत्साहन मिलेगा। वाहनों की भीड़ से बेहतर परंपरागत तरीका— पुनिया मुनिया ने बताया कि आजकल एक बारात में दर्जनों कार, बोलेरो, बस और अन्य वाहनों का उपयोग होता है, जिससे खर्च भी अधिक होता है और भीड़भाड़ भी बढ़ती है। पहले जहां एक बारात में सौ से अधिक वाहन निकलते थे और लाखों रुपए खर्च हो जाते थे, वहीं ऊंटों की सवारी से कम खर्च में पारंपरिक और यादगार आयोजन किया जा सकता है। इस बारात में सात से आठ किलोमीटर तक बाराती ऊंटों के साथ नाचते-गाते चलते रहे, जिससे पूरे माहौल में उत्साह और उल्लास का अनोखा रंग देखने को मिला। दूल्हा व परिजन पहुंचे विवाह मंडप तक— दूल्हा व उसके परिजन अनीता मुनिया, अनिता गरासिया, निकीता पुत्री दामाद सुनिल बारीया, निशा पुत्री दामाद सुनिल भाई, आस्था खातु भाई, मोहन भाई, नरसिंह भाई, कानु भाई, प्रकाश, दिनेश, भुरजी भाई, कलु भाई, मातु भाई, लखमा वडखिया, लकसी, भारत वडखिया, गिरूं, सवजी, कार्तिक, प्रभु, राकेश पुत्र बहादुर वडखिया, पुनमचंद वडखिया, दुदा पुत्र जागींड, तेरसिंह सोहन, लालु, हुरमल, पंकज, रकमा, नकजी, कानसेंग पुत्र दला वयडा परिवार, सरपंच शंकरलाल, कालु, साहील, संजय जखोडीया परिवार समेत कुछ ऊंटों पर सवार होकर तो कुछ ऊंटों के साथ चलती लोरी में बैठकर विवाह मंडप तक पहुंचे।
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    आधुनिक दौर में जहां शादियों में लग्जरी कारों और बड़ी बारातों का चलन बढ़ गया है, वहीं क्षेत्र के बिलडी गांव में एक अनोखी और परंपरागत अंदाज में बारात निकालकर लोगों का ध्यान आकर्षित किया गया। बिलडी निवासी दीपक मुनिया पुत्र पुनिया मुनिया अपनी शादी के लिए ऊंटों की सवारी पर बारात लेकर निकले तो इसे देखने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। गांव में पहली बार इतने बड़े स्तर पर ऊंटों की सवारी के साथ बारात निकाली गई, जो पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई।
दीपक मुनिया अपनी दुल्हन कल्पना गरासिया पुत्री अशोक गरासिया को ब्याहने के लिए करीब एक दर्जन से अधिक ऊंटों पर सवार होकर बारात लेकर निकले। लगभग 500 से अधिक बाराती इस अनोखी बारात में शामिल हुए। बारात बिलडी गांव से रवाना होकर सात से आठ किलोमीटर की दूरी तय करते हुए गरासिया बिलडी पहुंची। रास्ते भर ग्रामीणों ने इस अनूठी बारात को देखने के लिए सड़कों के किनारे खड़े होकर स्वागत किया।
दुल्हन की तरह सजे ऊंट बने आकर्षण का केंद्र—
बारात में शामिल सभी ऊंटों को दुल्हन की तरह रंग-बिरंगे कपड़ों, घंटियों और आकर्षक सजावट से सजाया गया था। ऊंटों की सजी-धजी सवारी लोगों के लिए खास आकर्षण का केंद्र रही। दूल्हा और उसके परिजन भी कुछ ऊंटों पर सवार होकर बारात में शामिल हुए, जबकि कई बाराती ऊंटों के साथ चलते हुए नाचते-गाते शादी स्थल तक पहुंचे। इस अनूठे नजारे को देखने के लिए आसपास के गांवों से भी लोग पहुंच गए।
परंपरा को बढ़ावा देने की पहल—
दूल्हे के पिता पुनिया मुनिया पुत्र दिता मुनिया ने बताया कि इससे पहले गत वर्ष भी उनके भतीजे की शादी में ऊंटों की सवारी से बारात निकाली गई थी। इस बार अपने पुत्र दीपक की शादी में भी इसी परंपरा को आगे बढ़ाया गया है। उनका कहना है कि यदि समाज में इस प्रकार की परंपरा को बढ़ावा मिलेगा तो रेगिस्तान के इस महत्वपूर्ण पशु के पालन-पोषण को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
वाहनों की भीड़ से बेहतर परंपरागत तरीका—
पुनिया मुनिया ने बताया कि आजकल एक बारात में दर्जनों कार, बोलेरो, बस और अन्य वाहनों का उपयोग होता है, जिससे खर्च भी अधिक होता है और भीड़भाड़ भी बढ़ती है। पहले जहां एक बारात में सौ से अधिक वाहन निकलते थे और लाखों रुपए खर्च हो जाते थे, वहीं ऊंटों की सवारी से कम खर्च में पारंपरिक और यादगार आयोजन किया जा सकता है। इस बारात में सात से आठ किलोमीटर तक बाराती ऊंटों के साथ नाचते-गाते चलते रहे, जिससे पूरे माहौल में उत्साह और उल्लास का अनोखा रंग देखने को मिला।
दूल्हा व परिजन पहुंचे विवाह मंडप तक—
दूल्हा व उसके परिजन अनीता मुनिया, अनिता गरासिया, निकीता पुत्री दामाद सुनिल बारीया, निशा पुत्री दामाद सुनिल भाई, आस्था खातु भाई, मोहन भाई, नरसिंह भाई, कानु भाई, प्रकाश, दिनेश, भुरजी भाई, कलु भाई, मातु भाई, लखमा वडखिया, लकसी, भारत वडखिया, गिरूं, सवजी, कार्तिक, प्रभु, राकेश पुत्र बहादुर वडखिया, पुनमचंद वडखिया, दुदा पुत्र जागींड, तेरसिंह सोहन, लालु, हुरमल, पंकज, रकमा, नकजी, कानसेंग पुत्र दला वयडा परिवार, सरपंच शंकरलाल, कालु, साहील, संजय जखोडीया परिवार समेत कुछ ऊंटों पर सवार होकर तो कुछ ऊंटों के साथ चलती लोरी में बैठकर विवाह मंडप तक पहुंचे।
    user_गाण्डीव न्यूज नेटवर्क
    गाण्डीव न्यूज नेटवर्क
    बांसवाड़ा, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • सीमलवाड़ा। डूंगरपुर जिले के नव नियुक्त जिला कलक्टर देशल दान आज चौरासी विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर रहे… जहां उन्होंने सीमलवाड़ा उपखंड कार्यालय का निरीक्षण कर प्रशासनिक व्यवस्थाओं का जायजा लिया… साथ ही अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए। डूंगरपुर जिले के जिला कलक्टर देशल दान ने शुक्रवार को सीमलवाड़ा उपखंड कार्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उपखंड अधिकारी विवेक गुर्जर, तहसीलदार अशोक शाह, डिप्टी मदनलाल विश्नोई और विकास अधिकारी ललित पंड्या सहित अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। निरीक्षण के दौरान जिला कलक्टर ने कानून व्यवस्था, विभागीय कार्यों और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं का लाभ आमजन तक समय पर और पारदर्शिता के साथ पहुंचे। जिला कलक्टर ने नव पदस्थापन के बाद सभी अधिकारियों से परिचय भी लिया और क्षेत्र की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति की जानकारी प्राप्त की। इस दौरान झोथरी तहसीलदार नितेश पंचोली, विकास अधिकारी दौलत राम मीणा, नायब तहसीलदार राजेश मीणा और भूमल चौहान सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। दौरे के दौरान लिखी बड़ी गांव के ग्रामीणों ने जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए चरागाह भूमि से जुड़े मामले में अनियमितताओं की शिकायत की। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वर्ष 2004 में तत्कालीन सचिव द्वारा अपने परिवार के नाम पट्टे जारी कर दिए गए थे, जबकि संबंधित व्यक्ति गांव के निवासी नहीं हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला कलक्टर देशल दान ने उपखंड अधिकारी और विकास अधिकारी को जांच कर शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। जिला कलक्टर के इस दौरे से प्रशासनिक व्यवस्थाओं में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है… फिलहाल देखना होगा कि ग्रामीणों की शिकायत पर क्या कार्रवाई होती है… बाइट : विवेक गुर्जर, उपखंड अधिकारी सीमलवाड़ा
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    सीमलवाड़ा। डूंगरपुर जिले के नव नियुक्त जिला कलक्टर देशल दान आज चौरासी विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर रहे… जहां उन्होंने सीमलवाड़ा उपखंड कार्यालय का निरीक्षण कर प्रशासनिक व्यवस्थाओं का जायजा लिया… साथ ही अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए।
डूंगरपुर जिले के जिला कलक्टर देशल दान ने शुक्रवार को सीमलवाड़ा उपखंड कार्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उपखंड अधिकारी विवेक गुर्जर, तहसीलदार अशोक शाह, डिप्टी मदनलाल विश्नोई और विकास अधिकारी ललित पंड्या सहित अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।
निरीक्षण के दौरान जिला कलक्टर ने कानून व्यवस्था, विभागीय कार्यों और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं का लाभ आमजन तक समय पर और पारदर्शिता के साथ पहुंचे।
जिला कलक्टर ने नव पदस्थापन के बाद सभी अधिकारियों से परिचय भी लिया और क्षेत्र की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति की जानकारी प्राप्त की। इस दौरान झोथरी तहसीलदार नितेश पंचोली, विकास अधिकारी दौलत राम मीणा, नायब तहसीलदार राजेश मीणा और भूमल चौहान सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
दौरे के दौरान लिखी बड़ी गांव के ग्रामीणों ने जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए चरागाह भूमि से जुड़े मामले में अनियमितताओं की शिकायत की। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वर्ष 2004 में तत्कालीन सचिव द्वारा अपने परिवार के नाम पट्टे जारी कर दिए गए थे, जबकि संबंधित व्यक्ति गांव के निवासी नहीं हैं।
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला कलक्टर देशल दान ने उपखंड अधिकारी और विकास अधिकारी को जांच कर शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
जिला कलक्टर के इस दौरे से प्रशासनिक व्यवस्थाओं में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है… फिलहाल देखना होगा कि ग्रामीणों की शिकायत पर क्या कार्रवाई होती है…
बाइट : विवेक गुर्जर, उपखंड अधिकारी सीमलवाड़ा
    user_Gunwant kalal
    Gunwant kalal
    Local News Reporter सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    3 hrs ago
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