logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

यहां स्थित मामा-भांजा मंदिर में श्री आदिनाथ जी को मामा तथा श्री चंद्रप्रभु जी को भांजे के रूप में मान्यता दी जाती है। इसी कारण यह मंदिर श्रद्धालुओं के बीच मामा-भांजा मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है। 🚨 ब्रेकिंग न्यूज | विशेष रिपोर्ट 🚨 🌿 धरती में दवा उकेरा गया…! 🛕 देवरी से 8 किमी दूर है प्रसिद्ध अतिशय क्षेत्र शांतिधाम बीनाबारह देवरी से करीब 8 किलोमीटर दूर स्थित प्रसिद्ध जैन अतिशय क्षेत्र शांतिधाम बीनाबारह केवल धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि जैनाचार्य समाधिस्थ आचार्य श्री विद्यासागर जी की तपोभूमि के रूप में भी अपनी विशेष पहचान रखता है। 🔴 लाल पत्थरों से निर्मित विशाल जिनालय में मूलनायक भगवान शांतिनाथ जी विराजमान हैं। 🛕 धरती के तल में आज भी मौजूद प्राचीन मंदिर इस क्षेत्र का सबसे बड़ा आकर्षण है धरती के तल में स्थित प्राचीन मंदिर, जहां भगवान जी की प्राचीन प्रतिमाएं विराजमान हैं। मंदिर के भीतर आज भी दो फीट से अधिक जल भरा रहने की बात श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का विषय है। सामने प्राचीन मान स्तंभ और कुआं इस क्षेत्र की ऐतिहासिक एवं धार्मिक विरासत को और विशेष बनाते हैं। 👨‍👦 मामा-भांजा मंदिर भी खास पहचान यहां स्थित मामा-भांजा मंदिर में श्री आदिनाथ जी को मामा तथा श्री चंद्रप्रभु जी को भांजे के रूप में मान्यता दी जाती है। इसी कारण यह मंदिर श्रद्धालुओं के बीच मामा-भांजा मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है। 🌾 सेवा और साधना का संगम शांतिधाम परिसर में 🔹 हथकरघा केंद्र 🔹 शांतिधारा 🔹 दयोदय गौशाला जैसी गतिविधियां भी संचालित हैं। और जब यह पूरा क्षेत्र सुखचेन नदी के किनारे स्थित हो, तो नाम में छिपा शांति और सुखचेन का भाव भी यहां की प्राकृतिक अनुभूति से जुड़ता दिखाई देता है। 📍 शांतिधाम बीनाबारह — आस्था, इतिहास, तप और प्रकृति का अनोखा संगम। 📸 GAG News | विशेष रिपोर्ट GAG news संपादक गौसेवक अखलेश गौरझामर 📱 संपर्क सूत्र: वाट्सएप एवं कॉल 7415358805 👉 हमारे सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से जुड़े 👉 खबरें प्रकाशित हेतु भेजें

8 hrs ago
user_Akhlesh jain Reportar
Akhlesh jain Reportar
Salesperson देवरी, सागर, मध्य प्रदेश•
8 hrs ago

यहां स्थित मामा-भांजा मंदिर में श्री आदिनाथ जी को मामा तथा श्री चंद्रप्रभु जी को भांजे के रूप में मान्यता दी जाती है। इसी कारण यह मंदिर श्रद्धालुओं के बीच मामा-भांजा मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है। 🚨 ब्रेकिंग न्यूज | विशेष रिपोर्ट 🚨 🌿 धरती में दवा उकेरा गया…! 🛕 देवरी से 8 किमी दूर है प्रसिद्ध अतिशय क्षेत्र शांतिधाम बीनाबारह देवरी से करीब 8 किलोमीटर दूर स्थित प्रसिद्ध जैन अतिशय क्षेत्र शांतिधाम बीनाबारह केवल धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि जैनाचार्य समाधिस्थ आचार्य श्री विद्यासागर जी की तपोभूमि के रूप में भी अपनी विशेष पहचान रखता है। 🔴 लाल पत्थरों से निर्मित विशाल

जिनालय में मूलनायक भगवान शांतिनाथ जी विराजमान हैं। 🛕 धरती के तल में आज भी मौजूद प्राचीन मंदिर इस क्षेत्र का सबसे बड़ा आकर्षण है धरती के तल में स्थित प्राचीन मंदिर, जहां भगवान जी की प्राचीन प्रतिमाएं विराजमान हैं। मंदिर के भीतर आज भी दो फीट से अधिक जल भरा रहने की बात श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का विषय है। सामने प्राचीन मान स्तंभ और कुआं इस क्षेत्र की ऐतिहासिक एवं धार्मिक विरासत को और विशेष बनाते हैं। 👨‍👦 मामा-भांजा मंदिर भी खास पहचान यहां स्थित मामा-भांजा मंदिर में श्री आदिनाथ जी को मामा तथा श्री चंद्रप्रभु जी को भांजे के रूप में मान्यता

दी जाती है। इसी कारण यह मंदिर श्रद्धालुओं के बीच मामा-भांजा मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है। 🌾 सेवा और साधना का संगम शांतिधाम परिसर में 🔹 हथकरघा केंद्र 🔹 शांतिधारा 🔹 दयोदय गौशाला जैसी गतिविधियां भी संचालित हैं। और जब यह पूरा क्षेत्र सुखचेन नदी के किनारे स्थित हो, तो नाम में छिपा शांति और सुखचेन का भाव भी यहां की प्राकृतिक अनुभूति से जुड़ता दिखाई देता है। 📍 शांतिधाम बीनाबारह — आस्था, इतिहास, तप और प्रकृति का अनोखा संगम। 📸 GAG News | विशेष रिपोर्ट GAG news संपादक गौसेवक अखलेश गौरझामर 📱 संपर्क सूत्र: वाट्सएप एवं कॉल 7415358805 👉 हमारे सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से जुड़े 👉 खबरें प्रकाशित हेतु भेजें

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • यहां स्थित मामा-भांजा मंदिर में श्री आदिनाथ जी को मामा तथा श्री चंद्रप्रभु जी को भांजे के रूप में मान्यता दी जाती है। इसी कारण यह मंदिर श्रद्धालुओं के बीच मामा-भांजा मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है। 🚨 ब्रेकिंग न्यूज | विशेष रिपोर्ट 🚨 🌿 धरती में दवा उकेरा गया…! 🛕 देवरी से 8 किमी दूर है प्रसिद्ध अतिशय क्षेत्र शांतिधाम बीनाबारह देवरी से करीब 8 किलोमीटर दूर स्थित प्रसिद्ध जैन अतिशय क्षेत्र शांतिधाम बीनाबारह केवल धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि जैनाचार्य समाधिस्थ आचार्य श्री विद्यासागर जी की तपोभूमि के रूप में भी अपनी विशेष पहचान रखता है। 🔴 लाल पत्थरों से निर्मित विशाल जिनालय में मूलनायक भगवान शांतिनाथ जी विराजमान हैं। 🛕 धरती के तल में आज भी मौजूद प्राचीन मंदिर इस क्षेत्र का सबसे बड़ा आकर्षण है धरती के तल में स्थित प्राचीन मंदिर, जहां भगवान जी की प्राचीन प्रतिमाएं विराजमान हैं। मंदिर के भीतर आज भी दो फीट से अधिक जल भरा रहने की बात श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का विषय है। सामने प्राचीन मान स्तंभ और कुआं इस क्षेत्र की ऐतिहासिक एवं धार्मिक विरासत को और विशेष बनाते हैं। 👨‍👦 मामा-भांजा मंदिर भी खास पहचान यहां स्थित मामा-भांजा मंदिर में श्री आदिनाथ जी को मामा तथा श्री चंद्रप्रभु जी को भांजे के रूप में मान्यता दी जाती है। इसी कारण यह मंदिर श्रद्धालुओं के बीच मामा-भांजा मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है। 🌾 सेवा और साधना का संगम शांतिधाम परिसर में 🔹 हथकरघा केंद्र 🔹 शांतिधारा 🔹 दयोदय गौशाला जैसी गतिविधियां भी संचालित हैं। और जब यह पूरा क्षेत्र सुखचेन नदी के किनारे स्थित हो, तो नाम में छिपा शांति और सुखचेन का भाव भी यहां की प्राकृतिक अनुभूति से जुड़ता दिखाई देता है। 📍 शांतिधाम बीनाबारह — आस्था, इतिहास, तप और प्रकृति का अनोखा संगम। 📸 GAG News | विशेष रिपोर्ट GAG news संपादक गौसेवक अखलेश गौरझामर 📱 संपर्क सूत्र: वाट्सएप एवं कॉल 7415358805 👉 हमारे सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से जुड़े 👉 खबरें प्रकाशित हेतु भेजें
    3
    यहां स्थित मामा-भांजा मंदिर में श्री आदिनाथ जी को मामा तथा श्री चंद्रप्रभु जी को भांजे के रूप में मान्यता दी जाती है। इसी कारण यह मंदिर श्रद्धालुओं के बीच मामा-भांजा मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है।

🚨 ब्रेकिंग न्यूज | विशेष रिपोर्ट 🚨
🌿 धरती में दवा उकेरा गया…!
🛕 देवरी से 8 किमी दूर है प्रसिद्ध अतिशय क्षेत्र शांतिधाम बीनाबारह
देवरी से करीब 8 किलोमीटर दूर स्थित प्रसिद्ध जैन अतिशय क्षेत्र शांतिधाम बीनाबारह केवल धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि जैनाचार्य समाधिस्थ आचार्य श्री विद्यासागर जी की तपोभूमि के रूप में भी अपनी विशेष पहचान रखता है।
🔴 लाल पत्थरों से निर्मित विशाल जिनालय में मूलनायक भगवान शांतिनाथ जी विराजमान हैं।
🛕 धरती के तल में आज भी मौजूद प्राचीन मंदिर
इस क्षेत्र का सबसे बड़ा आकर्षण है धरती के तल में स्थित प्राचीन मंदिर, जहां भगवान जी की प्राचीन प्रतिमाएं विराजमान हैं। मंदिर के भीतर आज भी दो फीट से अधिक जल भरा रहने की बात श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का विषय है।
सामने प्राचीन मान स्तंभ और कुआं इस क्षेत्र की ऐतिहासिक एवं धार्मिक विरासत को और विशेष बनाते हैं।
👨‍👦 मामा-भांजा मंदिर भी खास पहचान
यहां स्थित मामा-भांजा मंदिर में श्री आदिनाथ जी को मामा तथा श्री चंद्रप्रभु जी को भांजे के रूप में मान्यता दी जाती है। इसी कारण यह मंदिर श्रद्धालुओं के बीच मामा-भांजा मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है।
🌾 सेवा और साधना का संगम
शांतिधाम परिसर में
🔹 हथकरघा केंद्र
🔹 शांतिधारा
🔹 दयोदय गौशाला
जैसी गतिविधियां भी संचालित हैं।
और जब यह पूरा क्षेत्र सुखचेन नदी के किनारे स्थित हो, तो नाम में छिपा शांति और सुखचेन का भाव भी यहां की प्राकृतिक अनुभूति से जुड़ता दिखाई देता है।
📍 शांतिधाम बीनाबारह — आस्था, इतिहास, तप और प्रकृति का अनोखा संगम।
📸 GAG News | विशेष रिपोर्ट
GAG news संपादक गौसेवक अखलेश गौरझामर
📱 संपर्क सूत्र: वाट्सएप एवं कॉल 7415358805
👉 हमारे सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से जुड़े
👉 खबरें प्रकाशित हेतु भेजें
    user_Akhlesh jain Reportar
    Akhlesh jain Reportar
    Salesperson देवरी, सागर, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • Tendukheda___डोलोमाइट_खदान_पर_प्रशासन_की_जांच...........
    1
    Tendukheda___डोलोमाइट_खदान_पर_प्रशासन_की_जांच...........
    user_Dharmendra sahu
    Dharmendra sahu
    Photographer तेंदूखेड़ा, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • सागर पुलिस का बहुत-बहुत धन्यवाद क्रिमिनलों के साथ ऐसा ही करना चाहिए बताओ मनीष लोधी और उसके साथियों का हुआ हाफ एनकाउंटर
    2
    सागर पुलिस का बहुत-बहुत धन्यवाद क्रिमिनलों के साथ ऐसा ही करना चाहिए बताओ 
मनीष लोधी और उसके साथियों का हुआ हाफ एनकाउंटर
    user_ग्रामीण क्षेत्र की खबर
    ग्रामीण क्षेत्र की खबर
    Video Creator रहली, सागर, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • बेटियों ने निभाया पुत्र का फर्ज पिता को दी मुखाग्नि सिंगाजी समाचार रामकिशन कुशवाहा
    1
    बेटियों ने निभाया पुत्र का फर्ज पिता को दी मुखाग्नि सिंगाजी समाचार रामकिशन कुशवाहा
    user_Ramkishan Kuswaha
    Ramkishan Kuswaha
    Farmer तेंदूखेड़ा, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • नर्मदा गणेश मंडल ब्रह्मांड घाट बरमान नर्मदे हर जिंदगी भर
    1
    नर्मदा गणेश मंडल ब्रह्मांड घाट बरमान नर्मदे हर जिंदगी भर
    user_शंभू दयाल सेन
    शंभू दयाल सेन
    Narsimhapur, Narsinghpur•
    1 hr ago
  • प्रदीप शर्मा करेली एसीएन भारत समाचार 9977447750 ​नरसिंहपुर जिले की ग्राम पंचायत धवई अंतर्गत लमन्न्या टोला में लंबे समय से बदहाल सड़क की समस्या को लेकर ग्रामीणों और स्कूली छात्रों ने मोर्चा खोला है। ग्रामीणों व विद्यार्थियों ने एकजुट होकर कलेक्टर के नाम आवेदन सौंपा और सड़क की जल्द मरम्मत कराने की मांग की।
    1
    प्रदीप शर्मा करेली एसीएन भारत समाचार 9977447750

​नरसिंहपुर जिले की ग्राम पंचायत धवई अंतर्गत लमन्न्या टोला में लंबे समय से बदहाल सड़क की समस्या को लेकर ग्रामीणों और स्कूली छात्रों ने मोर्चा खोला है। ग्रामीणों व विद्यार्थियों ने एकजुट होकर कलेक्टर के नाम आवेदन सौंपा और सड़क की जल्द मरम्मत कराने की मांग की।
    user_प्रदीप शर्मा करेली
    प्रदीप शर्मा करेली
    Electrician करेली, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • Post by News Chandra Shekher Sonu
    1
    Post by News Chandra Shekher Sonu
    user_News Chandra Shekher Sonu
    News Chandra Shekher Sonu
    नरसिंहपुर, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • दशकों पुरानी परंपरा के साथ निकला ढोल ग्यारस का विमान श्री जानकी रमण जी ने बारात के साथ किया नौका विहार, श्रद्धालुओं में दिखा उत्साह गौरझामर सागर जिले की धर्मनगरी गौरझामर में दशकों पुरानी धार्मिक परंपरा के तहत ढोल ग्यारस का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर भगवान श्री जानकी रमण जी का विमान बारात के साथ जल विहार के लिए निकला। विमान के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और पूरे मार्ग में भक्ति का माहौल बना रहा। शोभायात्रा में सबसे आगे ढोल-नगाड़े, श्रीराम धुन मंडली और घंटा वादक चल रहे थे। इसके पीछे चंवर डुलाते सेवक तथा विमान में विराजमान श्री जानकी रमण जी की प्रतिमा आकर्षण का केंद्र रही। महिलाओं का समूह भजन-कीर्तन करते हुए चल रहा था, वहीं सैकड़ों श्रद्धालुओं ने विमान के साथ यात्रा की। विमान श्री खेरापति मंदिर, श्री राधाकृष्ण मंदिर होते हुए जल विहार के लिए गुगवारा घाट पहुंचा। यहां पुरानी परंपरा के अनुसार भगवान श्री जानकी रमण जी का जल विहार कराया गया। इसके बाद विमान बड़ा गुगवारा स्थित श्रीराम मंदिर पहुंचा, जिसे परंपरा के अनुसार भगवान का ससुराल माना जाता है। यहां भगवान का एक दिन विश्राम रहेगा और भंडारे का आयोजन किया जाएगा। परंपरा के अनुसार अगले दिन विमान बड़ा गुगवारा से हाता एवं मुख्य मार्ग होते हुए गौरझामर के विभिन्न मोहल्लों से निकलेगा और बड़े जैन मंदिर के मार्ग से श्री जानकी रमण मंदिर, शाला मोहल्ला पहुंचेगा। विमान के स्वागत को लेकर नगर में भी विशेष उत्साह नजर आया। श्रद्धालुओं ने अपने घरों के सामने रंगोली सजाई, लीपाई की तथा कलश और दीपक रखकर भगवान की आरती उतारी। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं की आस्था और उमंग देखते ही बनी।
    2
    दशकों पुरानी परंपरा के साथ निकला ढोल ग्यारस का विमान
श्री जानकी रमण जी ने बारात के साथ किया नौका विहार, श्रद्धालुओं में दिखा उत्साह
गौरझामर
सागर जिले की धर्मनगरी गौरझामर में दशकों पुरानी धार्मिक परंपरा के तहत ढोल ग्यारस का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर भगवान श्री जानकी रमण जी का विमान बारात के साथ जल विहार के लिए निकला। विमान के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और पूरे मार्ग में भक्ति का माहौल बना रहा।
शोभायात्रा में सबसे आगे ढोल-नगाड़े, श्रीराम धुन मंडली और घंटा वादक चल रहे थे। इसके पीछे चंवर डुलाते सेवक तथा विमान में विराजमान श्री जानकी रमण जी की प्रतिमा आकर्षण का केंद्र रही। महिलाओं का समूह भजन-कीर्तन करते हुए चल रहा था, वहीं सैकड़ों श्रद्धालुओं ने विमान के साथ यात्रा की।
विमान श्री खेरापति मंदिर, श्री राधाकृष्ण मंदिर होते हुए जल विहार के लिए गुगवारा घाट पहुंचा। यहां पुरानी परंपरा के अनुसार भगवान श्री जानकी रमण जी का जल विहार कराया गया। इसके बाद विमान बड़ा गुगवारा स्थित श्रीराम मंदिर पहुंचा, जिसे परंपरा के अनुसार भगवान का ससुराल माना जाता है। यहां भगवान का एक दिन विश्राम रहेगा और भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
परंपरा के अनुसार अगले दिन विमान बड़ा गुगवारा से हाता एवं मुख्य मार्ग होते हुए गौरझामर के विभिन्न मोहल्लों से निकलेगा और बड़े जैन मंदिर के मार्ग से श्री जानकी रमण मंदिर, शाला मोहल्ला पहुंचेगा।
विमान के स्वागत को लेकर नगर में भी विशेष उत्साह नजर आया। श्रद्धालुओं ने अपने घरों के सामने रंगोली सजाई, लीपाई की तथा कलश और दीपक रखकर भगवान की आरती उतारी। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं की आस्था और उमंग देखते ही बनी।
    user_Akhlesh jain Reportar
    Akhlesh jain Reportar
    Salesperson देवरी, सागर, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.