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इमाम हुसैन की सवारी 'दुलदुल' के जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदमन्दों का हुजूम उमड़ पड़ा। इस दौरान जुलूस में इमाम हुसैन के प्रति गहरी आस्था और श्रद्धा का प्रदर्शन देखा गया।
इंडिया न्यूज यूपी एक्सप्रेस
इमाम हुसैन की सवारी 'दुलदुल' के जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदमन्दों का हुजूम उमड़ पड़ा। इस दौरान जुलूस में इमाम हुसैन के प्रति गहरी आस्था और श्रद्धा का प्रदर्शन देखा गया।
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- इमाम हुसैन की सवारी 'दुलदुल' के जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदमन्दों का हुजूम उमड़ पड़ा। इस दौरान जुलूस में इमाम हुसैन के प्रति गहरी आस्था और श्रद्धा का प्रदर्शन देखा गया।1
- सोशल मीडिया पर हुआ प्यार, हमबिस्तर होने के बाद अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी; युवती ने पुलिस से लगाई न्याय की गुहार #महोबा। सोशल मीडिया पर शुरू हुई दोस्ती एक युवती के लिए मुसीबत बन गई। चरखारी थाना क्षेत्र की एक युवती ने पुलिस को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि सोशल मीडिया के माध्यम से हुई पहचान के बाद एक युवक ने उसे प्रेमजाल में फंसाया और शादी व घूमाने-फिराने का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाए। अब युवक कथित तौर पर उसकी निजी तस्वीरें और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर परेशान कर रहा है। पीड़िता के अनुसार, आरोपी युवक से उसकी पहचान मोबाइल फोन के जरिए हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और युवक ने विश्वास में लेकर उसे अपने साथ ले गया। युवती का आरोप है कि इसी दौरान उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए गए। बाद में जब उसने आरोपी से दूरी बनानी शुरू की तो वह निजी फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देने लगा। युवती ने बताया कि लगातार मिल रही धमकियों और मानसिक उत्पीड़न से परेशान होकर उसने अपना मोबाइल फोन तक तोड़ दिया तथा पूरे मामले की जानकारी अपने परिजनों को दी। इसके बाद उसने चरखारी थाने में लिखित शिकायत देकर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पीड़िता ने पुलिस से न्याय दिलाने और आरोपी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने की गुहार लगाई है। वहीं, पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। आरोपों की सत्यता की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।1
- हमीरपुर जिले के सरीला विकासखंड की बरहरा ग्राम पंचायत में पिछले 15 वर्षों में कराए गए विकास कार्यों को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान के कार्यकाल के दौरान बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का दावा करते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद गांव की हालत बदहाल बनी हुई है, जो विकास के दावों की पोल खोलता है। ग्रामीणों के अनुसार, नाली का निर्माण हुए महज 6 महीने ही बीते थे कि वह टूटकर ध्वस्त हो गई, वहीं सीसी रोड जगह-जगह से उखड़ चुकी है। टूटी सड़कें और कीचड़युक्त गलियां लोगों के आवागमन में बड़ी बाधा हैं, खासकर बरसात के मौसम में स्थिति और खराब हो जाती है। विशेष रूप से, तालाब के सुंदरीकरण का काम केवल कागजों पर हुआ है, जबकि मौके पर उसकी हालत जस की तस है। गौशाला के निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवाल उठे हैं, जहां पशुओं के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। स्वच्छ भारत मिशन के तहत सफाई कर्मचारी कभी गांव नहीं आता, लेकिन फिर भी भुगतान हो रहा है, और कीटनाशक छिड़काव किए बिना ही बिल पास कर भुगतान लेने का आरोप भी लगाया गया है। इस मामले में खंड विकास अधिकारी ने कहा है कि ग्रामीणों की शिकायतें उन्हें मिली हैं और इसकी जांच कराई जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि यदि लिखित शिकायत मिलती है तो बिंदुवार जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, क्योंकि विकास कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है, उनका आरोप है कि 15 साल के कार्यकाल में करोड़ों का बजट आया, लेकिन धरातल पर कोई विकास नहीं दिखता। वे पंचायत में पारदर्शिता की कमी और कार्यों की गुणवत्ता की जांच न होने पर सवाल उठा रहे हैं। ग्रामीणों ने स्पष्ट शब्दों में कहा, "15 साल में प्रधान जी ने सिर्फ कागजों पर विकास किया। नाली 6 महीने नहीं चली, सड़कें टूटी पड़ी हैं। सफाई कर्मचारी का चेहरा तक नहीं देखा। हम डीएम से जांच की मांग करते हैं।" फिलहाल, बरहरा पंचायत में लगे इन आरोपों की सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी। हालांकि, ग्रामीणों की इन शिकायतों ने विकास कार्यों की गुणवत्ता और स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं।1
- भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश इकाई ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों का खंडन करते हुए इन आरोपों को भ्रम पैदा करने वाला एक षडयंत्र करार दिया है। पार्टी ने जोर देकर कहा कि प्रदेश की जनता कांग्रेस के इस षडयंत्र को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेगी। बीजेपी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को एक लोकप्रिय नेता बताया जो प्रदेश को विकसित राज्य बनाने की दिशा में दिन-रात काम कर रहे हैं। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस के आरोपों को पूरी तरह से गलत और असत्य बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा 2023 में दाखिल नामांकन के अनुसार उनके पास 17 एकड़ जमीन थी, जो 2026 में भी उतनी ही है। उनकी पत्नी सीमा यादव के नाम पर दर्ज 12.29 एकड़ जमीन में भी 2026 तक कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। खंडेलवाल ने यह भी बताया कि आरोपों में उल्लिखित सिद्धि विनायक कंपनी, जिसके पास 2023 में 68 एकड़ जमीन थी, जून में घटकर 65 एकड़ रह गई; मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 2017 में ही इसके डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे दिया था। खंडेलवाल ने आगे बताया कि मुख्यमंत्री के बेटे वैभव के पास भी 2023 से पहले जो 16 एकड़ जमीन थी, उसमें डॉ. मोहन यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद कोई बदलाव नहीं आया। ये सभी जमीनें मास्टर प्लान लागू होने से पहले की थीं। उनकी बहू शालिनी यादव द्वारा 10 एकड़ की कृषि भूमि खरीदी गई थी, जो मास्टर प्लान एरिया के बाहर की है। उन्होंने आरोपों में जिन रिश्तेदारों का जिक्र किया गया है, उन्हें भी पूरी तरह गलत बताया, क्योंकि मुख्यमंत्री और उनके परिवार का उनसे कोई लेना-देना नहीं है और उन रिश्तेदारों का अपना स्वतंत्र अस्तित्व है। खंडेलवाल ने यह भी सूचित किया कि रिश्तेदारों पर लगाए गए आरोपों में दिए गए तथ्य भी गलत हैं और वे भी अपनी बात रखेंगे तथा कार्रवाई करेंगे। प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल ने कांग्रेस पर पिछड़े वर्ग के मुख्यमंत्रियों को लगातार निशाना बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब-जब प्रदेश को पिछड़े वर्ग का मुख्यमंत्री मिला है, चाहे वह उमा भारती हों, शिवराज सिंह चौहान हों, या डॉ. मोहन यादव हों, कांग्रेस ने हमेशा उनके खिलाफ षडयंत्र करके उन्हें कमजोर करने का प्रयास किया है। उन्होंने पूरी विनम्रता और सख्ती के साथ कांग्रेस के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि कांग्रेसी मुख्यमंत्री को उनके विकास कार्यों में पीछे नहीं कर सके, इसलिए इस तरह का षडयंत्र रच रहे हैं, जिसे प्रदेश की जनता कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।1
- छतरपुर जिले के गौरिहार थाना क्षेत्र के मनूरिया गांव के एक दलित युवक ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुँचकर गांव के कुछ लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। युवक का कहना है कि उसे फोन पर गाली-गलौज, अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए जान से मारने की धमकी दी गई है। पीड़ित युवक ने यह भी बताया कि पहले शिकायत दर्ज कराने के बावजूद उसे न्याय नहीं मिला, जिसके बाद उसने एसपी से मामले में कार्रवाई की मांग की है। इस मामले में जिन लोगों पर आरोप लगे हैं, उनकी स्थानीय भाजपा नेताओं और जनप्रतिनिधियों के साथ तस्वीरें भी इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई हैं। ये आरोप शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए हैं और मामले की जांच तथा कार्रवाई पुलिस द्वारा की जानी है।1
- छतरपुर में आगामी त्योहारों के मद्देनजर शहर में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट दिखाई दिया। इसी क्रम में, आज 24 जून को शाम करीब 6:00 बजे शहर के विभिन्न इलाकों में पुलिस बल द्वारा एक पैदल मार्च निकाला गया। इस मार्च में शहर के तीनों थानों के थाना प्रभारियों और महिला थाना प्रभारी सहित पुलिसकर्मी शामिल थे। पुलिस टीम ने नए मोहल्ले से लेकर महल रोड, चौक बाजार, फब्बारा चौक और बस स्टैंड क्षेत्र तक भ्रमण किया। इस दौरान, पुलिस अधिकारियों ने आमजन से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की। साथ ही, पुलिस ने शहर के संवेदनशील स्थानों का भी निरीक्षण किया और नागरिकों को उनकी सुरक्षा का पूर्ण भरोसा दिलाया।1
- छतरपुर के नन्ही मड़िया गांव के ग्रामीण आजादी के अमृत काल में भी सड़क जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित हैं। प्रशासन की अनदेखी के कारण, गांव को अपने अस्तित्व के 78 साल बाद भी महज 2 किलोमीटर लंबी सड़क का इंतजार है। इस अभाव के चलते, हर बारिश में नन्ही मड़िया टापू में तब्दील हो जाता है, जिससे गांव का संपर्क पूरी तरह कट जाता है। सड़क न होने के कारण ग्रामीणों की जिंदगी संकट में है। गर्भवती महिलाओं और स्कूली बच्चों को सबसे अधिक मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन महज दो किलोमीटर सड़क नहीं बना सका है, जो विकास के दावों की पोल खोलता है। यह सड़क उनके लिए नसीब का सवाल बन गई है। इस गंभीर समस्या को लेकर सरपंच-सचिव से निराश ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने कलेक्टर जनसुनवाई में 'सड़क दो, सुविधा दो' के नारों के साथ न्याय की गुहार लगाई। बच्चों ने भी सड़क निर्माण की मांग में अपनी आवाज उठाई। ग्रामीणों का गुस्सा फूटा और उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द सड़क बनाने की बड़ी मांग की है, ताकि उनकी दशकों पुरानी परेशानी खत्म हो सके।1
- महोबा के थाना श्रीनगर पुलिस ने 23 जून को हुई एक लूट की घटना का मात्र 12 घंटे के भीतर सफलतापूर्वक पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इन आरोपियों के कब्जे से लूटी गई ₹55,200 की नकदी, अवैध तमंचे, कारतूस और वारदात में इस्तेमाल की गई बुलेट मोटरसाइकिल भी बरामद की है। पुलिस के अनुसार, 23 जून 2026 को ग्राम बरा रोड पर स्थित एक देशी शराब ठेके के मुंशी शैलेंद्र कुमार को बाइक सवार बदमाशों ने जान से मारने की धमकी देकर रुपयों से भरा बैग लूट लिया था। इस संबंध में थाना श्रीनगर में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। पुलिस अधीक्षक शशांक सिंह के निर्देश पर गठित एक संयुक्त टीम ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई की। टीम ने बरा-तिगैला से चंडीपुरा-सिजहरी मार्ग पर स्थित निर्माणाधीन पुल के पास घेराबंदी की। इस दौरान बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग की, जिसके जवाब में हुई कार्रवाई में दो आरोपी घायल हो गए और सभी चारों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में 21 वर्षीय प्रदीप यादव निवासी मिरतला, कोतवाली नगर, महोबा (जो घायल है); 22 वर्षीय गोलू कुमार निवासी मुहम्मदाबाद, फर्रुखाबाद (वर्तमान पता रोहिणी, नई दिल्ली) (जो घायल है); 19 वर्षीय विकास राजपूत उर्फ कल्लू निवासी ग्राम बरा, थाना श्रीनगर, महोबा; और 20 वर्षीय आयुष नौपाने निवासी कपिलवस्तु, नेपाल (वर्तमान पता रोहिणी, नई दिल्ली) शामिल हैं। पुलिस ने लूटी गई ₹55,200 नकद राशि के साथ-साथ पीड़ित का आधार कार्ड और पैन कार्ड, देशी शराब ठेके से संबंधित हिसाब-किताब के दस्तावेज, दो अवैध .315 बोर के तमंचे, दो जिंदा कारतूस, दो खोखा कारतूस और घटना में प्रयुक्त बुलेट मोटरसाइकिल बरामद की है। पूछताछ के दौरान, आरोपियों ने लूट की वारदात को स्वीकार कर लिया और बताया कि वे लूटी गई रकम का बंटवारा करने के लिए इकट्ठा हुए थे, तभी पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। पुलिस अब इन आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है।1